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झारखंड में किसानों के मुद्दों को लेकर भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। पार्टी ने सरकार पर चुनाव में किए गए वादों से मुकरने और किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। पाकुड़ में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 मई को प्रखंड कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
Md Kajirul Shaikh
झारखंड में किसानों के मुद्दों को लेकर भाजपा ने हेमंत सोरेन सरकार के खिलाफ बड़ा आंदोलन छेड़ने का ऐलान किया है। पार्टी ने सरकार पर चुनाव में किए गए वादों से मुकरने और किसान विरोधी नीतियां अपनाने का आरोप लगाया। पाकुड़ में हुई बैठक में निर्णय लिया गया कि 20 मई को प्रखंड कार्यालय पर विशाल धरना-प्रदर्शन किया जाएगा।
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- गोड्डा जिले के एक गांव में मोनी कुमारी ने अपने ही देवर दिलखुश कुमार से शादी कर ली है। यह घटना गांव में चर्चा का विषय बनी हुई है, क्योंकि मोनी कुमारी की पहली शादी कुछ ही दिन पहले हुई थी। मूल पाठ के अनुसार, महिला ने प्यार और इश्क के 'बुखार' में आकर 'सारी मर्यादाओं का उल्लंघन' किया। इस शादी के बाद गांव में तरह-तरह की चर्चाएं हो रही हैं।1
- झारखंड के साहिबगंज जिले में मदन शाही रोड से बारिश से ठीक पहले का एक वीडियो सामने आया है। यह वीडियो बारिश की आशंका के बीच सड़क की मौजूदा स्थिति को दर्शाता है। वीडियो में दिखाए गए हालात को देखकर लोग अपनी चिंता और हैरानी व्यक्त कर रहे हैं, खासकर बारिश के बाद की संभावित चुनौतियों को लेकर।1
- स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार ने PMCH के प्रिंसिपल पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा है कि उन्होंने मंत्री के कई फोन कॉल का जवाब नहीं दिया। मंत्री ने बताया कि उनके निरीक्षण के दौरान PMCH के प्रिंसिपल अपनी ड्यूटी से अनुपस्थित पाए गए। उन्होंने फोन के माध्यम से प्रिंसिपल से कई बार संपर्क करने की कोशिश की, लेकिन उनका कॉल नहीं उठाया गया। मंत्री निशांत कुमार ने यह भी स्पष्ट किया कि प्रिंसिपल किसी अन्य अधिकारी को अपना प्रभार सौंपे बिना ही गैरहाजिर थे। इस स्थिति पर कड़ा रुख अपनाते हुए, स्वास्थ्य मंत्री ने घोषणा की है कि प्रिंसिपल के खिलाफ आवश्यक कार्रवाई की जाएगी।1
- दुमका जिले के धोबना हरिण बहाल पंचायत के पहाड़पुर गाँव में सरकार ने तीन जलमीनार तो लगा दिए हैं, पर उनमें पानी कब आएगा, इसका किसी को नहीं पता। इसके बावजूद, ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए अब भी चापानल पर ही निर्भर रहना पड़ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि ये जलमीनार सिर्फ दिखावे के लिए खड़े हैं, जिससे वे पीने के पानी के लिए बेबस महसूस कर रहे हैं।1
- बांका पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई करते हुए गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर नशे के कारोबार से जुड़े दो युवकों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने इन आरोपियों के पास से 9 पुड़िया ब्राउन शुगर भी बरामद की है। पुलिस की इस कार्रवाई के बाद से इलाके में हड़कंप मच गया है, और विभाग ने स्पष्ट किया है कि नशे के कारोबार से जुड़े लोगों पर उनकी कड़ी नजर बनी हुई है तथा आगे भी ऐसी कार्रवाई जारी रहेगी।1
- भागलपुर जिले के पीरपैंती प्रखंड की प्यालपुर पंचायत में इटवा और हरशो गांवों को जोड़ने वाली मुख्य सड़क पर बन रहे पुल के निर्माण कार्य को लेकर ग्रामीणों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। स्थानीय लोगों में इस निर्माणाधीन पुल के संबंध में गहरा असंतोष है, और #justice के माध्यम से न्याय की मांग उठाई जा रही है। इस पोस्ट में मेहरमा प्रखंड और महागामा का भी उल्लेख है, जहाँ चंदन कुमार पांडे, मुरारी पासवान और जिला परिषद उम्मीदवार विकास चंदन पाण्डेय के रूप में राहुल गोस्वामी का जिक्र किया गया है।1
- आज स्वास्थ्य मंत्री निशांत कुमार PMCH अस्पताल का औचक निरीक्षण करने पहुंचे। उनके इस अचानक दौरे से अस्पताल के सुपरिटेंडेंट, डॉक्टर और नर्स, सभी की हालत खराब हो गई। मंत्री के पहुँचते ही PMCH में ऐसी भागम भाग मच गई कि कोई स्ट्रेचर लेकर दौड़ने लगा तो कोई दवाई लेकर भागता हुआ दिखाई दिया।1
- झारखंड के दुमका जिले स्थित पहाड़पुर गडा टोला में बुनियादी सुविधाओं का घोर अभाव है, जिसकी दयनीय स्थिति को देखकर लोग 21वीं सदी में होने पर सवाल उठा रहे हैं। इस गाँव तक पहुँचने के लिए पक्की सड़क तक नहीं है, जिसके कारण बीमार पड़ने पर मरीजों को खटिया पर टाँगकर ही मुख्य मार्ग तक ले जाना पड़ता है। यह स्थिति क्षेत्र में गंभीर स्वास्थ्य संकट और विकास की जमीनी हकीकत को दर्शाती है। ग्रामीणों का कहना है कि सरकार और नेता केवल चुनाव के दौरान वोट मांगने आते हैं, लेकिन चुनाव खत्म होने के बाद किसी ने भी गाँव की सुध नहीं ली। वे आक्रोशित होकर सवाल उठाते हैं कि क्या उनका जीवन सुरक्षित नहीं है और इस व्यवस्था में आखिर कब सुधार होगा।1
- हिंदी में एक मुहावरे के रूप में प्रयोग होने वाला वाक्यांश 'मौत का खिलाड़ी', ऐसे व्यक्ति के लिए इस्तेमाल किया जाता है जो बेहद खतरनाक काम करने से नहीं घबराता। यह ऐसे साहसी व्यक्ति का वर्णन करता है जो जोखिम भरे हालात का हिम्मत के साथ सामना करता है और जान की परवाह किए बिना स्टंट करता है या चुनौतियों को स्वीकार करता है। उदाहरण के तौर पर, कोई व्यक्ति जो ऊँचे पहाड़ों पर बिना किसी डर के चढ़ जाता है, उसे सचमुच 'मौत का खिलाड़ी' कहा जा सकता है।1