सुल्तानपुर में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन के किनारे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ सड़क किनारे पड़े मिलने के मामले में जिलाधिकारी ने कार्रवाई की है। इस प्रकरण में लम्हुआ के प्रभारी रजिस्ट्रार कानूनगो शैलेंद्र सिंह को जिलाधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया है, और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला आज सुबह तहसील लम्हुआ क्षेत्र के दियरा रोड पर झाड़ियों में लम्हुआ तहसील के प्रपत्रों का एक बंडल मिलने के बाद सामने आया। जांच टीम ने पाया कि कुछ दस्तावेज़ 2018 के आरसी प्रपत्र और कुछ फॉर्म-6 थे, जो 2018 के ही हैं। ये सभी प्रपत्र पुरानी तहसील स्थित एक कमरे में ताला लगाकर सुरक्षित रखे गए थे, जिसे तोड़कर इन दस्तावेज़ों को वहां से निकालकर खेत में डंप किया गया था। जिन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ताला तोड़ा गया और दस्तावेज़ डंप किए गए, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने यह कार्रवाई की। एडीएम ई, सीओ लम्हुआ और एसडीएम लम्हुआ की एक टीम इस प्रकरण की जांच पड़ताल कर रही थी। सड़क किनारे डंप किए गए सभी प्रपत्रों को सुरक्षित कर वापस तहसील लाया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ शरारती तत्व इन प्रपत्रों को 'एसआईआर' से जोड़कर गलत जानकारी फैला रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है। प्रशासन ऐसे शरारती तत्वों की पहचान कर उन पर भी गलत सूचना फैलाने के लिए कार्रवाई कर रहा है।
सुल्तानपुर में लखनऊ-वाराणसी फोरलेन के किनारे महत्वपूर्ण सरकारी दस्तावेज़ सड़क किनारे पड़े मिलने के मामले में जिलाधिकारी ने कार्रवाई की है। इस प्रकरण में लम्हुआ के प्रभारी रजिस्ट्रार कानूनगो शैलेंद्र सिंह को जिलाधिकारी द्वारा निलंबित कर दिया गया है, और अज्ञात व्यक्तियों के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराई गई है। यह मामला आज सुबह तहसील लम्हुआ क्षेत्र के दियरा रोड पर झाड़ियों में लम्हुआ तहसील के प्रपत्रों का एक बंडल मिलने के बाद सामने आया। जांच टीम ने पाया कि कुछ दस्तावेज़ 2018 के आरसी प्रपत्र और कुछ फॉर्म-6 थे, जो 2018 के ही हैं। ये सभी प्रपत्र पुरानी तहसील स्थित एक कमरे में ताला लगाकर सुरक्षित रखे गए थे, जिसे तोड़कर इन दस्तावेज़ों को वहां से निकालकर खेत में डंप किया गया था। जिन अज्ञात व्यक्तियों द्वारा ताला तोड़ा गया और दस्तावेज़ डंप किए गए, उनके खिलाफ एफआईआर दर्ज करा दी गई है। जिलाधिकारी इंद्रजीत सिंह को सौंपी गई जांच रिपोर्ट के आधार पर उन्होंने यह कार्रवाई की। एडीएम ई, सीओ लम्हुआ और एसडीएम लम्हुआ की एक टीम इस प्रकरण की जांच पड़ताल कर रही थी। सड़क किनारे डंप किए गए सभी प्रपत्रों को सुरक्षित कर वापस तहसील लाया गया है। रिपोर्ट में यह भी बताया गया है कि कुछ शरारती तत्व इन प्रपत्रों को 'एसआईआर' से जोड़कर गलत जानकारी फैला रहे हैं, जो बिल्कुल गलत है। प्रशासन ऐसे शरारती तत्वों की पहचान कर उन पर भी गलत सूचना फैलाने के लिए कार्रवाई कर रहा है।
- मऊ स्थित जिला एवं सत्र न्यायालय परिसर में एक महिला पानी की टंकी पर चढ़ गई। शुरुआती स्थानीय रिपोर्टों के अनुसार, महिला का आरोप था कि उसे अपने मामले में न्याय नहीं मिल रहा था, जिसके विरोध में उसने यह कदम उठाया। इस घटना के बाद पूरे न्यायालय परिसर में अफरा-तफरी मच गई। सूचना मिलने पर पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तुरंत मौके पर पहुंचे और काफी देर तक महिला को समझाने-बुझाने का प्रयास जारी रहा। कुछ स्थानीय वीडियो और रिपोर्टों में यह भी बताया गया है कि यह मामला चालान और जमीन विवाद से संबंधित हो सकता है। हालांकि, प्रशासन की ओर से इस संबंध में अभी तक कोई विस्तृत आधिकारिक जानकारी स्पष्ट रूप से जारी नहीं की गई है।1
- जौनपुर के जलालपुर थाना क्षेत्र के पराऊगंज बाजार में इलाज के दौरान 5 वर्षीय ओम विश्वकर्मा की मौत के बाद एक बड़ा हंगामा खड़ा हो गया है। परिजनों ने शिवम क्लिनिक पर गंभीर आरोप लगाए हैं, उनका कहना है कि गलत इंजेक्शन लगाए जाने के कारण ही ओम की मौत हुई है। इस घटना से आक्रोशित होकर, मृतक बच्चे के परिजनों ने शिवम क्लिनिक के सामने शव रखकर विरोध प्रदर्शन किया। वे इस मामले में न्याय की मांग कर रहे हैं और क्लिनिक पर लापरवाही का आरोप लगा रहे हैं। सूचना मिलने पर, पुलिस ने मौके पर पहुँचकर स्थिति को संभाला। फिलहाल, पुलिस इस पूरे मामले की गंभीरता से जांच में जुटी है।1
- उत्तर प्रदेश के अंबेडकर नगर जिले के अकबरपुर में एक प्रार्थी की जमीन पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। आरोप है कि इस गंभीर मामले में आला अधिकारी पूरी तरह से मौन साधे हुए हैं, जिस कारण प्रार्थी को न्याय नहीं मिल पा रहा है।1
- एक बुजुर्ग व्यक्ति पर हुए हमले के मामले में कानूनी कार्रवाई की गई है। इस घटना के संबंध में पाँच अज्ञात लोगों के खिलाफ प्राथमिकी (एफआईआर) दर्ज की गई है।1
- मध्य प्रदेश के ग्वालियर से दो बच्चियां लापता हो गई हैं, जिनकी आखिरी जानकारी भी ग्वालियर से ही मिली थी। इन लापता बच्चियों की माताओं को कोई भी मदद नहीं मिल रही है। इस स्थिति में, सभी हिंदुओं से एक वीडियो के माध्यम से भावुक अपील की गई है। इस जानकारी और वीडियो को मध्य प्रदेश के साथ-साथ पूरे भारत में अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया गया है, ताकि लापता बच्चियों को ढूंढने में सहायता मिल सके।1
- बिहार के शाहपुर क्षेत्र में एक युवक ने भरत तिवारी को न्याय दिलाने की मांग को लेकर उनके घर के सामने आमरण अनशन शुरू कर दिया है। अनशन पर बैठे युवक का आरोप है कि इस मामले में अब तक उचित कार्रवाई नहीं की गई है, जिसके कारण उसे यह कदम उठाने के लिए मजबूर होना पड़ा है। अनशन स्थल पर स्थानीय लोगों की भारी भीड़ उमड़ रही है, जिसमें कई सामाजिक कार्यकर्ता और ग्रामीण युवक के समर्थन में सामने आए हैं। प्रदर्शनकारी युवक ने स्पष्ट किया है कि जब तक संबंधित मामले में निष्पक्ष जांच और दोषियों के खिलाफ कार्रवाई नहीं होती, तब तक उसका अनशन जारी रहेगा। मौके पर मौजूद पत्रकारों से बातचीत में युवक ने अपनी मांगों को विस्तार से रखा और प्रशासन से तुरंत हस्तक्षेप की अपील की। इस बीच, क्षेत्र में यह मुद्दा गरमाया हुआ है और स्थानीय प्रशासन ने भले ही कोई आधिकारिक बयान जारी न किया हो, लेकिन अनशन और बढ़ते जनसमर्थन को देखते हुए उसकी पूरी नजर घटनाक्रम पर बनी हुई है। ग्रामीणों का मानना है कि न्याय की मांग को लेकर शुरू हुआ यह आंदोलन आने वाले दिनों में और व्यापक रूप ले सकता है, यदि संबंधित पक्षों द्वारा समय रहते उचित कदम नहीं उठाए गए।1
- प्रतापगढ़ के बाबा बेलखरनाथ धाम क्षेत्र के जयसिंगढ़ गांव की निवासी श्रेयांशी ने अपनी मेहनत और लगन से सफलता का परचम लहराया है। एक शिक्षामित्र की बेटी श्रेयांशी ने बिना किसी कोचिंग के, केवल स्वाध्याय के बल पर बिहार में एक अधिकारी का पद हासिल किया है।1
- आज दिनांक 22.06.2026 को बल्दीराय थाना क्षेत्र के ग्राम बरासिन में गोमती नदी के किनारे एक व्यक्ति के फांसी लगाने की सूचना प्राप्त हुई, जिसके तुरंत बाद पुलिस टीम मौके पर पहुंची। आसपास के लोगों से पूछताछ और अन्य माध्यमों से उस व्यक्ति की पहचान कोतवाली नगर निवासी अय्यूब अली के रूप में हुई। मृतक के भाई ने मौके पर पहुँचकर बताया कि उनके भाई, जो मृतक हैं, वह मानसिक रूप से परेशान थे। पुलिस द्वारा पंचायतनामा की कार्रवाई की जा रही है और शव को पोस्टमार्टम के लिए भेजा जा रहा है। मौके पर शांति व्यवस्था कायम है और अग्रिम विधिक कार्रवाई प्रचलित है। इस मामले के संबंध में क्षेत्राधिकारी बल्दीराय श्री आशुतोष कुमार ने भी एक बयान दिया है।1
- राजधानी लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र में यूपीपीसीएस भवन के पीछे स्थित एक निजी कोचिंग सेंटर में अचानक भीषण आग लग गई, जिससे इलाके में अफरा-तफरी मच गई और छात्र-छात्राओं में भगदड़ जैसी स्थिति उत्पन्न हो गई। प्रारंभिक जानकारी के अनुसार, कई छात्र समय रहते सुरक्षित बाहर निकलने में कामयाब रहे, लेकिन कुछ छात्रों के कोचिंग सेंटर के अंदर फंसे होने की आशंका जताई जा रही है। आग लगने की सूचना मिलते ही दमकल विभाग और पुलिस की टीमें तत्काल मौके पर पहुंचीं और राहत एवं बचाव अभियान तेजी से शुरू कर दिया। प्रत्यक्षदर्शियों ने बताया कि आग बहुत तेजी से फैली, जिसके कारण पूरा कोचिंग सेंटर धुएं से भर गया और इससे छात्रों को बाहर निकलने में काफी परेशानी का सामना करना पड़ा। प्रशासन लगातार स्थिति पर नजर बनाए हुए है। फिलहाल, आग लगने के स्पष्ट कारणों का अभी तक पता नहीं चल सका है। राहत और बचाव अभियान लगातार जारी है, और अधिकारियों ने आम जनता से अपील की है कि वे किसी भी तरह की अफवाहों पर ध्यान न दें।1