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फायरिंग और हत्या के प्रयास के मामले में दो फरार आरोपी गिरफ्तार मुरैना। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास एवं फायरिंग के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को उत्तमपुरा से पकड़ा। मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों को पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार 29 जुलाई 2026 की रात करीब 11:40 बजे फरियादी गुनी टैगोर निवासी नेक्सिया गली, उत्तमपुरा मुरैना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि करण वाल्मीकि एवं उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज कर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। इस घटना में अनिल कुमार टैगोर गंभीर रूप से घायल हो गया था। शिकायत पर स्टेशन रोड थाने में मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने घटना स्थल के आसपास निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार प्रयासों के बाद 9 अगस्त को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने प्रकरण में वांछित मुख्य आरोपी मनोज वाल्मीकि और धीरू वाल्मीकि को उत्तमपुरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 भी बढ़ाई गई है। पुलिस ने कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय बैरैया सहित पुलिस टीम की भूमिका को सराहनीय बताया है।

5 hrs ago
user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
5 hrs ago

फायरिंग और हत्या के प्रयास के मामले में दो फरार आरोपी गिरफ्तार मुरैना। स्टेशन रोड थाना पुलिस ने हत्या के प्रयास एवं फायरिंग के मामले में फरार चल रहे दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने आरोपियों को उत्तमपुरा से पकड़ा। मामले में शामिल दो अन्य आरोपियों को पुलिस पूर्व में ही गिरफ्तार कर चुकी है। पुलिस के अनुसार 29 जुलाई 2026 की रात करीब 11:40 बजे फरियादी गुनी टैगोर निवासी नेक्सिया गली, उत्तमपुरा मुरैना ने रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि करण वाल्मीकि एवं उसके साथियों ने उसके साथ मारपीट, गाली-गलौज कर जान से मारने की नीयत से फायरिंग की। इस घटना में अनिल कुमार टैगोर गंभीर रूप से घायल हो गया था। शिकायत पर स्टेशन रोड थाने

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में मामला दर्ज कर विवेचना में लिया गया था। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक धर्मराज मीना के निर्देश पर फरार आरोपियों की तलाश और गिरफ्तारी के लिए थाना स्तर पर टीम गठित की गई थी। पुलिस टीम ने घटना स्थल के आसपास निगरानी और मुखबिर तंत्र को सक्रिय किया। लगातार प्रयासों के बाद 9 अगस्त को मुखबिर से मिली सूचना के आधार पर स्टेशन रोड थाना पुलिस ने प्रकरण में वांछित मुख्य आरोपी मनोज वाल्मीकि और धीरू वाल्मीकि को उत्तमपुरा से गिरफ्तार कर लिया। आरोपियों के खिलाफ आर्म्स एक्ट की धारा 25 और 27 भी बढ़ाई गई है। पुलिस ने कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक संजय बैरैया सहित पुलिस टीम की भूमिका को सराहनीय बताया है।

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  • सौरों से गंगाजल लेकर पोरसा पहुंचे सैकड़ों कांवड़िए, आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर भोलेनाथ को अर्पित करेंगे पवित्र जल हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा पोरसा, श्रद्धा और आस्था के साथ कांवड़ यात्रा पूरी कर लौटे शिवभक्त पोरसा,,,,,,,,,श्रावण माह के दूसरे सोमवार को लेकर शहर पोरसा और आसपास के क्षेत्र में भगवान शिव की भक्ति का माहौल बना हुआ है। सैकड़ों कांवड़िए दूर-दराज से पवित्र गंगाजल लेकर पोरसा पहुंचे हैं। शिवभक्त सोमवार की सुबह अपने-अपने मनचाहे एवं चिन्हित भोले बाबा के मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से गंगाजल अर्पित करेंगे और भगवान शिव से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगेंगे। पोरसा के कई दर्जन कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेने के लिए गुरुवार शाम करीब 5 बजे सौरों के लिए रवाना हुए थे। कांवड़िए देर रात करीब 2 बजे सौरों पहुंचे। शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजे पवित्र गंगाजल से कांवड़ भरकर शिवभक्त वापस पोरसा के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा करते हुए सौरों से शिकोहाबाद, बटेश्वर तथा उत्तर प्रदेश के नगरा घाट सहित विभिन्न मार्गों से होकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। रविवार दोपहर कांवड़िए पोरसा पहुंच गए। यात्रा के दौरान शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रास्ते भर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "जय भोलेनाथ" के जयघोष गूंजते रहे। कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान के बजाय भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति का भाव दिखाई दिया। इन शिवभक्तों ने पूरी की कांवड़ यात्रा पोरसा के कांवड़ियों में सोनू बंसल, रमन गर्ग, दीपू बंसल, सैंकी गुप्ता, मनोज नामदेव, भागीरथ, दिलीप, आकाश गोयल, आशीष गुप्ता, मोनू गुप्ता, विराट राजपूत, वरुण सिंह सहित अन्य शिवभक्त शामिल रहे। सभी कांवड़िए सोमवार को अपने-अपने चिन्हित महादेव मंदिरों में पहुंचकर पवित्र गंगाजल अर्पित करेंगे। कांवड़ लाने की परंपरा में छिपा है गहरा आध्यात्मिक संदेश हिंदू धार्मिक परंपरा में कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति समर्पण, श्रद्धा और तपस्या का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र नदी से जल लेकर उसे कांवड़ में धारण करते हैं और पैदल यात्रा कर अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। इस पूरी यात्रा का उद्देश्य केवल जल चढ़ाना नहीं, बल्कि शरीर, मन और वाणी को संयमित रखते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण प्रकट करना भी है। मान्यता है कि जिस पवित्र जल को श्रद्धालु आस्था के साथ लाते हैं, उसे शिवलिंग पर अर्पित करना भगवान शिव की आराधना का विशेष स्वरूप है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु कठिन रास्तों, मौसम और शारीरिक थकान का सामना करते हुए भी अपनी आस्था को बनाए रखते हैं। यही कठिनाई इस यात्रा को तपस्या और साधना का स्वरूप प्रदान करती है। कांवड़ को पवित्रता और नियमों के साथ लाना माना जाता है महत्वपूर्ण कांवड़ यात्रा में पवित्रता और अनुशासन का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु गंगाजल भरने से लेकर उसे भोलेनाथ को अर्पित करने तक कांवड़ की शुचिता बनाए रखने का प्रयास करते हैं। कांवड़ को जमीन पर रखने से बचना, जल को अपवित्र न होने देना, यात्रा के दौरान संयम रखना और भगवान शिव का स्मरण करते हुए यात्रा करना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है। कांवड़ यात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि संयम, सेवा, त्याग और श्रद्धा का संदेश भी देती है। शिवभक्त रास्ते में एक-दूसरे की सहायता करते हुए आगे बढ़ते हैं। यही भावना भगवान शिव के प्रति भक्ति के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करती है। भोलेनाथ को गंगाजल चढ़ाने का क्या है महत्व? श्रावण मास में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने की परंपरा अत्यंत प्राचीन और श्रद्धा से जुड़ी हुई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर गंगा के अवतरण को संभव बनाया था। इसी कारण गंगा जल को भगवान शिव की पूजा में विशेष पवित्र माना जाता है। श्रावण सोमवार के दिन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया जलाभिषेक मन को शांति प्रदान करता है तथा भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। हालांकि धार्मिक फल की प्राप्ति आस्था और मान्यता का विषय है, लेकिन इस परंपरा का मूल संदेश भक्ति, विनम्रता और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण है। आज सुबह मंदिरों में होगा जलाभिषेक श्रावण के दूसरे सोमवार की सुबह पोरसा के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। कांवड़िए अपनी-अपनी कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। जलाभिषेक के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से शिवालय गूंज उठेंगे। कांवड़ियों के लिए यह यात्रा केवल कई किलोमीटर की दूरी तय करने का अवसर नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था को समर्पित करने वाली एक आध्यात्मिक यात्रा है। सौरों से पवित्र गंगाजल लेकर पोरसा तक पहुंचे इन शिवभक्तों की यात्रा ने एक बार फिर क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति, सेवा और सनातन परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की है। हर-हर महादेव। बोल बम बम
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    सौरों से गंगाजल लेकर पोरसा पहुंचे सैकड़ों कांवड़िए, आज श्रावण के दूसरे सोमवार पर भोलेनाथ को अर्पित करेंगे पवित्र जल

हर-हर महादेव के जयघोष से गूंजा पोरसा, श्रद्धा और आस्था के साथ कांवड़ यात्रा पूरी कर लौटे शिवभक्त
पोरसा,,,,,,,,,श्रावण माह के दूसरे सोमवार को लेकर शहर पोरसा और आसपास के क्षेत्र में भगवान शिव की भक्ति का माहौल बना हुआ है। सैकड़ों कांवड़िए दूर-दराज से पवित्र गंगाजल लेकर पोरसा पहुंचे हैं। शिवभक्त सोमवार की सुबह अपने-अपने मनचाहे एवं चिन्हित भोले बाबा के मंदिरों में पहुंचकर विधि-विधान से गंगाजल अर्पित करेंगे और भगवान शिव से सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली तथा मनोकामनाओं की पूर्ति का आशीर्वाद मांगेंगे।
पोरसा के कई दर्जन कांवड़िए पवित्र गंगाजल लेने के लिए गुरुवार शाम करीब 5 बजे सौरों के लिए रवाना हुए थे। कांवड़िए देर रात करीब 2 बजे सौरों पहुंचे। शुक्रवार दोपहर लगभग 1 बजे पवित्र गंगाजल से कांवड़ भरकर शिवभक्त वापस पोरसा के लिए रवाना हुए। श्रद्धालुओं ने पैदल यात्रा करते हुए सौरों से शिकोहाबाद, बटेश्वर तथा उत्तर प्रदेश के नगरा घाट सहित विभिन्न मार्गों से होकर अपनी कांवड़ यात्रा पूरी की। रविवार दोपहर कांवड़िए पोरसा पहुंच गए।
यात्रा के दौरान शिवभक्तों में जबरदस्त उत्साह देखने को मिला। रास्ते भर "हर-हर महादेव", "बोल बम" और "जय भोलेनाथ" के जयघोष गूंजते रहे। कठिन यात्रा के बावजूद श्रद्धालुओं के चेहरे पर थकान के बजाय भगवान शिव के प्रति आस्था और भक्ति का भाव दिखाई दिया।
इन शिवभक्तों ने पूरी की कांवड़ यात्रा
पोरसा के कांवड़ियों में सोनू बंसल, रमन गर्ग, दीपू बंसल, सैंकी गुप्ता, मनोज नामदेव, भागीरथ, दिलीप, आकाश गोयल, आशीष गुप्ता, मोनू गुप्ता, विराट राजपूत, वरुण सिंह सहित अन्य शिवभक्त शामिल रहे। सभी कांवड़िए सोमवार को अपने-अपने चिन्हित महादेव मंदिरों में पहुंचकर पवित्र गंगाजल अर्पित करेंगे।
कांवड़ लाने की परंपरा में छिपा है गहरा आध्यात्मिक संदेश
हिंदू धार्मिक परंपरा में कांवड़ यात्रा भगवान शिव के प्रति समर्पण, श्रद्धा और तपस्या का प्रतीक मानी जाती है। श्रद्धालु पवित्र नदी से जल लेकर उसे कांवड़ में धारण करते हैं और पैदल यात्रा कर अपने आराध्य भगवान शिव को अर्पित करते हैं। इस पूरी यात्रा का उद्देश्य केवल जल चढ़ाना नहीं, बल्कि शरीर, मन और वाणी को संयमित रखते हुए भगवान शिव के प्रति अपनी श्रद्धा और समर्पण प्रकट करना भी है।
मान्यता है कि जिस पवित्र जल को श्रद्धालु आस्था के साथ लाते हैं, उसे शिवलिंग पर अर्पित करना भगवान शिव की आराधना का विशेष स्वरूप है। कांवड़ यात्रा के दौरान श्रद्धालु कठिन रास्तों, मौसम और शारीरिक थकान का सामना करते हुए भी अपनी आस्था को बनाए रखते हैं। यही कठिनाई इस यात्रा को तपस्या और साधना का स्वरूप प्रदान करती है।
कांवड़ को पवित्रता और नियमों के साथ लाना माना जाता है महत्वपूर्ण
कांवड़ यात्रा में पवित्रता और अनुशासन का विशेष महत्व माना जाता है। श्रद्धालु गंगाजल भरने से लेकर उसे भोलेनाथ को अर्पित करने तक कांवड़ की शुचिता बनाए रखने का प्रयास करते हैं। कांवड़ को जमीन पर रखने से बचना, जल को अपवित्र न होने देना, यात्रा के दौरान संयम रखना और भगवान शिव का स्मरण करते हुए यात्रा करना धार्मिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जाता है।
कांवड़ यात्रा केवल व्यक्तिगत आस्था की यात्रा नहीं, बल्कि संयम, सेवा, त्याग और श्रद्धा का संदेश भी देती है। शिवभक्त रास्ते में एक-दूसरे की सहायता करते हुए आगे बढ़ते हैं। यही भावना भगवान शिव के प्रति भक्ति के साथ सामाजिक एकता और भाईचारे को भी मजबूत करती है।
भोलेनाथ को गंगाजल चढ़ाने का क्या है महत्व?
श्रावण मास में भगवान शिव को गंगाजल अर्पित करने की परंपरा अत्यंत प्राचीन और श्रद्धा से जुड़ी हुई है। धार्मिक मान्यता के अनुसार भगवान शिव ने मां गंगा को अपनी जटाओं में धारण कर पृथ्वी पर गंगा के अवतरण को संभव बनाया था। इसी कारण गंगा जल को भगवान शिव की पूजा में विशेष पवित्र माना जाता है।
श्रावण सोमवार के दिन शिवलिंग पर गंगाजल अर्पित कर श्रद्धालु भगवान शिव का अभिषेक करते हैं। भक्तों का विश्वास है कि श्रद्धा और विधि-विधान से किया गया जलाभिषेक मन को शांति प्रदान करता है तथा भगवान शिव की कृपा प्राप्त होती है। हालांकि धार्मिक फल की प्राप्ति आस्था और मान्यता का विषय है, लेकिन इस परंपरा का मूल संदेश भक्ति, विनम्रता और भगवान के प्रति पूर्ण समर्पण है।
आज सुबह मंदिरों में होगा जलाभिषेक
श्रावण के दूसरे सोमवार की सुबह पोरसा के विभिन्न शिव मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ने की संभावना है। कांवड़िए अपनी-अपनी कांवड़ लेकर मंदिर पहुंचेंगे और भगवान भोलेनाथ का गंगाजल से अभिषेक करेंगे। जलाभिषेक के दौरान हर-हर महादेव और बोल बम के जयघोष से शिवालय गूंज उठेंगे।
कांवड़ियों के लिए यह यात्रा केवल कई किलोमीटर की दूरी तय करने का अवसर नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति अपनी आस्था को समर्पित करने वाली एक आध्यात्मिक यात्रा है। सौरों से पवित्र गंगाजल लेकर पोरसा तक पहुंचे इन शिवभक्तों की यात्रा ने एक बार फिर क्षेत्र में श्रद्धा, भक्ति, सेवा और सनातन परंपरा की जीवंत तस्वीर प्रस्तुत की है।
हर-हर महादेव। बोल बम बम
    user_Mahaveer Jain
    Mahaveer Jain
    Mechanic पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • एसपी ने अंबाह अनुभाग के थाना प्रभारियों की ली समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश अंबाह। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना ने रविवार को अंबाह अनुभाग के थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। एसडीओपी अंबाह कार्यालय में आयोजित बैठक में अंबाह, पोरसा, नगरा एवं महुआ थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई। बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की थाना-वार समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर शिकायतकर्ताओं को संतुष्टिपूर्ण एवं तथ्यात्मक निराकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अनावश्यक रूप से शिकायतों को लंबित नहीं रखने पर भी जोर दिया। एसपी ने लंबित अपराध, विवेचनाओं एवं अन्य प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए। अपराधों की रोकथाम के लिए थाना क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग और प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाए रखने को कहा। उन्होंने आदतन एवं सक्रिय अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने और आगामी आयोजनों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया। बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार संचालित जनविश्वास अभियान के तहत कार्रवाई, फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निराकरण, थाना स्तर पर जनसुनवाई को प्रभावी बनाने, अपराध की सूचना पर तत्काल कार्रवाई, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार तथा पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय एवं विश्वास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया। पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध की प्रवृत्तियों और स्थानीय समस्याओं का नियमित विश्लेषण कर प्रभावी एवं परिणामपरक पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, अपराध नियंत्रण और आमजन की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
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    एसपी ने अंबाह अनुभाग के थाना प्रभारियों की ली समीक्षा बैठक, लंबित मामलों के शीघ्र निराकरण के निर्देश
अंबाह। पुलिस अधीक्षक मुरैना धर्मराज मीना ने रविवार को अंबाह अनुभाग के थाना प्रभारियों की समीक्षा बैठक ली। एसडीओपी अंबाह कार्यालय में आयोजित बैठक में अंबाह, पोरसा, नगरा एवं महुआ थाना क्षेत्रों की कानून-व्यवस्था, अपराध नियंत्रण और पुलिसिंग की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की गई।
बैठक के दौरान सीएम हेल्पलाइन में लंबित शिकायतों की थाना-वार समीक्षा करते हुए पुलिस अधीक्षक ने शिकायतों का गंभीरता एवं संवेदनशीलता के साथ परीक्षण कर शिकायतकर्ताओं को संतुष्टिपूर्ण एवं तथ्यात्मक निराकरण उपलब्ध कराने के निर्देश दिए। उन्होंने अनावश्यक रूप से शिकायतों को लंबित नहीं रखने पर भी जोर दिया।
एसपी ने लंबित अपराध, विवेचनाओं एवं अन्य प्रकरणों की समीक्षा करते हुए प्राथमिकता के आधार पर उनका समयबद्ध और गुणवत्तापूर्ण निराकरण सुनिश्चित करने के निर्देश थाना प्रभारियों को दिए। अपराधों की रोकथाम के लिए थाना क्षेत्रों में लगातार पेट्रोलिंग और प्रभावी निगरानी व्यवस्था बनाए रखने को कहा।
उन्होंने आदतन एवं सक्रिय अपराधियों तथा असामाजिक तत्वों के खिलाफ नियमानुसार प्रभावी कार्रवाई करने के निर्देश दिए। संवेदनशील क्षेत्रों में पुलिस की सक्रिय मौजूदगी बनाए रखने और आगामी आयोजनों एवं परिस्थितियों को ध्यान में रखते हुए आवश्यक सुरक्षा व्यवस्था सुनिश्चित करने को भी कहा गया।
बैठक में मुख्यमंत्री के निर्देशानुसार संचालित जनविश्वास अभियान के तहत कार्रवाई, फरियादियों की शिकायतों का त्वरित निराकरण, थाना स्तर पर जनसुनवाई को प्रभावी बनाने, अपराध की सूचना पर तत्काल कार्रवाई, विवेचना की गुणवत्ता में सुधार तथा पुलिस और आमजन के बीच बेहतर समन्वय एवं विश्वास बनाए रखने पर विशेष जोर दिया गया।
पुलिस अधीक्षक ने थाना प्रभारियों से अपने-अपने क्षेत्रों में अपराध की प्रवृत्तियों और स्थानीय समस्याओं का नियमित विश्लेषण कर प्रभावी एवं परिणामपरक पुलिसिंग सुनिश्चित करने को कहा। साथ ही लंबित प्रकरणों के शीघ्र निराकरण, अपराध नियंत्रण और आमजन की समस्याओं के समाधान को सर्वोच्च प्राथमिकता देने के निर्देश दिए।
    user_नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    नीरज धर्मवीर पचौरी पत्रकार
    Advertising agency पोरसा, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • शहीद की स्मारक पर कावड़ियों के लिए लगा भंडारा, आस्था के साथ दिखी राष्ट्रभक्ति रुअर/अम्बाह। सावन माह के पावन अवसर पर रुअर नहर के किनारे स्थित अमर शहीद हवलदार विवेक सिंह तोमर ‘शौर्य चक्र’ की स्मारक पर समस्त ग्रामवासियों की ओर से शिवभक्त कावड़ियों के लिए भंडारे एवं प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। भंडारे में गांव के श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई और कावड़ियों को भोजन एवं प्रसादी वितरित कर उनकी सेवा की। सावन माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति में कावड़ लेकर विभिन्न स्थानों से गुजर रहे शिवभक्तों के लिए ग्रामीणों ने सेवा भाव से भंडारे की व्यवस्था की। शहीद की स्मारक पर आयोजित इस भंडारे में धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने कहा कि कावड़ियों की सेवा करना पुण्य का कार्य है और इसे शहीद की स्मारक पर आयोजित करना उनके लिए विशेष गौरव का विषय है। इस अवसर पर ग्रामीणों ने अमर शहीद हवलदार विवेक सिंह तोमर ‘शौर्य चक्र’ के देश के प्रति बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों का कहना है कि शहीद की स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं, बल्कि युवाओं और समाज के लिए राष्ट्रप्रेम, त्याग एवं सेवा की प्रेरणा का केंद्र है। ग्रामवासियों ने बताया कि धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक सेवा और शहीदों के सम्मान की परंपरा समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करती है। भंडारे के आयोजन से ‘सेवा भी, श्रद्धा भी और शहीदों का सम्मान भी’ का संदेश दिया गया। ग्रामीणों की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
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    शहीद की स्मारक पर कावड़ियों के लिए लगा भंडारा, आस्था के साथ दिखी राष्ट्रभक्ति
रुअर/अम्बाह। 
सावन माह के पावन अवसर पर रुअर नहर के किनारे स्थित अमर शहीद हवलदार विवेक सिंह तोमर ‘शौर्य चक्र’ की स्मारक पर समस्त ग्रामवासियों की ओर से शिवभक्त कावड़ियों के लिए भंडारे एवं प्रसादी वितरण का आयोजन किया गया। भंडारे में गांव के श्रद्धालुओं, समाजसेवियों एवं ग्रामीणों ने बढ़-चढ़कर सहभागिता निभाई और कावड़ियों को भोजन एवं प्रसादी वितरित कर उनकी सेवा की।
सावन माह में भगवान भोलेनाथ की भक्ति में कावड़ लेकर विभिन्न स्थानों से गुजर रहे शिवभक्तों के लिए ग्रामीणों ने सेवा भाव से भंडारे की व्यवस्था की। शहीद की स्मारक पर आयोजित इस भंडारे में धार्मिक आस्था के साथ राष्ट्रभक्ति की भावना भी देखने को मिली। ग्रामीणों ने कहा कि कावड़ियों की सेवा करना पुण्य का कार्य है और इसे शहीद की स्मारक पर आयोजित करना उनके लिए विशेष गौरव का विषय है।
इस अवसर पर ग्रामीणों ने अमर शहीद हवलदार विवेक सिंह तोमर ‘शौर्य चक्र’ के देश के प्रति बलिदान को याद करते हुए उन्हें श्रद्धांजलि अर्पित की। ग्रामीणों का कहना है कि शहीद की स्मारक केवल स्मृति स्थल नहीं, बल्कि युवाओं और समाज के लिए राष्ट्रप्रेम, त्याग एवं सेवा की प्रेरणा का केंद्र है।
ग्रामवासियों ने बताया कि धार्मिक आयोजनों के साथ सामाजिक सेवा और शहीदों के सम्मान की परंपरा समाज में आपसी भाईचारे को मजबूत करती है। भंडारे के आयोजन से ‘सेवा भी, श्रद्धा भी और शहीदों का सम्मान भी’ का संदेश दिया गया। ग्रामीणों की इस पहल की क्षेत्र में सराहना की जा रही है।
    user_पत्रकार-धर्मेन्द्र सिंह तोमर
    पत्रकार-धर्मेन्द्र सिंह तोमर
    Voice of people अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • गांव में तलब न होने के कारण गांव की गलियों में पानी भरने की समस्या श्रीमान प्रधान जी और sdm महोदय जी हमारे गांव की समस्या का निवारण करें
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    गांव में तलब न होने के कारण गांव की गलियों में पानी भरने की समस्या
श्रीमान प्रधान जी और sdm महोदय जी हमारे गांव की समस्या का निवारण करें
    user_Bijendra
    Bijendra
    बाह, आगरा, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • जिगनी के पास बारिश के बाद सड़क पर फैली गिट्टी और कीचड़, निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल फ्लावर बाईपास पर दलदल में तब्दील हुआ रास्ता, राहगीरों की बढ़ी परेशानी ☝️👇 जिगनी के पास बारिश के बाद सड़क पर फैली गिट्टी और कीचड़, निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल 🙏संवाददाता : लालमनमोती सिंह तोमर दैनिक शौर्य टाईम्स | मध्य भारत एक्सप्रेस मुरैना-अंबाह🙏 अंबाह। मुरैना से अंबाह की ओर आने वाले फ्लावर बाईपास मार्ग पर इन दिनों बारिश के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिगनी के पास बाईपास निर्माण के दौरान निर्माण कंपनी द्वारा डाली गई गिट्टी और मिट्टी बारिश के पानी के कारण दलदल में तब्दील होती नजर आ रही है। सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ चार पहिया वाहनों को भी निकलने में परेशानी हो रही है। स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास निर्माण के लिए जिस स्थान पर गिट्टी डाली गई है, वहां लगातार बारिश होने के बावजूद सड़क की स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। बारिश के बाद गिट्टी के नीचे पानी भर जाने से रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल गया है। ऐसे में वाहन चालकों को मजबूरी में इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है। -दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही - बताया जा रहा है कि बाईपास निर्माण कार्य में लगी गाड़ियां दिन-रात इस मार्ग से गुजर रही हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण बारिश से कमजोर हुई सड़क और अधिक खराब होती जा रही है। कई जगह गिट्टी धंसने तथा रास्ते पर कीचड़ जमा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है। स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब बारिश के मौसम में निर्माणाधीन मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी है, तो निर्माण कंपनी द्वारा सड़क को सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है? -टोल वसूली को लेकर भी उठ रहे सवाल - स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि इस मार्ग के उपयोग को लेकर वाहन चालकों से किसी प्रकार का टोल अथवा शुल्क लिया जा रहा है, तो उसके बदले सड़क की स्थिति और यातायात सुविधाओं को लेकर जिम्मेदारी किसकी है? नागरिकों का कहना है कि आमजन से शुल्क लेने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलना भी जरूरी है। हालांकि टोल वसूली से संबंधित वास्तविक स्थिति और संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि शासन-प्रशासन अथवा संबंधित विभाग से होना आवश्यक है। -बारिश में मरम्मत की जरूरत - लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम को देखते हुए निर्माण कंपनी को संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में गिट्टी, मुरम अथवा अन्य उपयुक्त सामग्री डालकर तत्काल मार्ग को दुरुस्त करना चाहिए, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। खासकर जिगनी के पास जिस स्थान पर दलदल जैसी स्थिति बनी हुई है, वहां तत्काल सुधार कार्य किए जाने की आवश्यकता है। -आमजन के नुकसान का जिम्मेदार कौन? - सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि इस खराब रास्ते के कारण किसी वाहन चालक का वाहन क्षतिग्रस्त होता है या कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? बारिश के मौसम में निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करना निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी मानी जाती है। स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति देखी जाए। साथ ही निर्माण कंपनी को निर्देशित किया जाए कि बारिश के दौरान मार्ग को आवागमन योग्य रखने के लिए तत्काल आवश्यक सामग्री डालकर मरम्मत कराई जाए तथा भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर भी उचित व्यवस्था की जाए। अब देखना यह है कि आमजन की परेशानी को देखते हुए संबंधित विभाग और निर्माण कंपनी कब तक इस समस्या का समाधान करते हैं क्या ।
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    जिगनी के पास बारिश के बाद सड़क पर फैली गिट्टी और कीचड़, निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
फ्लावर बाईपास पर दलदल में तब्दील हुआ रास्ता, राहगीरों की बढ़ी परेशानी
☝️👇
जिगनी के पास बारिश के बाद सड़क पर फैली गिट्टी और कीचड़, निर्माण कंपनी की कार्यप्रणाली पर उठे सवाल
🙏संवाददाता : लालमनमोती सिंह तोमर
दैनिक शौर्य टाईम्स | मध्य भारत एक्सप्रेस
मुरैना-अंबाह🙏
अंबाह। मुरैना से अंबाह की ओर आने वाले फ्लावर बाईपास मार्ग पर इन दिनों बारिश के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को भारी परेशानी का सामना करना पड़ रहा है। जिगनी के पास बाईपास निर्माण के दौरान निर्माण कंपनी द्वारा डाली गई गिट्टी और मिट्टी बारिश के पानी के कारण दलदल में तब्दील होती नजर आ रही है। सड़क की स्थिति ऐसी हो गई है कि दोपहिया वाहन चालकों के साथ-साथ चार पहिया वाहनों को भी निकलने में परेशानी हो रही है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि बाईपास निर्माण के लिए जिस स्थान पर गिट्टी डाली गई है, वहां लगातार बारिश होने के बावजूद सड़क की स्थिति सुधारने के लिए पर्याप्त इंतजाम नहीं किए जा रहे हैं। बारिश के बाद गिट्टी के नीचे पानी भर जाने से रास्ता कीचड़ और दलदल में बदल गया है। ऐसे में वाहन चालकों को मजबूरी में इसी रास्ते से होकर गुजरना पड़ रहा है।
-दिन-रात भारी वाहनों की आवाजाही -
बताया जा रहा है कि बाईपास निर्माण कार्य में लगी गाड़ियां दिन-रात इस मार्ग से गुजर रही हैं। भारी वाहनों की लगातार आवाजाही के कारण बारिश से कमजोर हुई सड़क और अधिक खराब होती जा रही है। कई जगह गिट्टी धंसने तथा रास्ते पर कीचड़ जमा होने से आवागमन प्रभावित हो रहा है।
स्थानीय लोगों का सवाल है कि जब बारिश के मौसम में निर्माणाधीन मार्ग पर भारी वाहनों की आवाजाही जारी है, तो निर्माण कंपनी द्वारा सड़क को सुरक्षित और आवागमन योग्य बनाए रखने के लिए पर्याप्त व्यवस्था क्यों नहीं की जा रही है?
-टोल वसूली को लेकर भी उठ रहे सवाल -
स्थानीय नागरिकों का यह भी कहना है कि यदि इस मार्ग के उपयोग को लेकर वाहन चालकों से किसी प्रकार का टोल अथवा शुल्क लिया जा रहा है, तो उसके बदले सड़क की स्थिति और यातायात सुविधाओं को लेकर जिम्मेदारी किसकी है? नागरिकों का कहना है कि आमजन से शुल्क लेने के साथ-साथ उन्हें सुरक्षित और सुगम आवागमन की सुविधा मिलना भी जरूरी है।
हालांकि टोल वसूली से संबंधित वास्तविक स्थिति और संबंधित एजेंसी की जिम्मेदारी की आधिकारिक पुष्टि शासन-प्रशासन अथवा संबंधित विभाग से होना आवश्यक है।
-बारिश में मरम्मत की जरूरत -
लोगों का कहना है कि बारिश के मौसम को देखते हुए निर्माण कंपनी को संवेदनशील स्थानों पर पर्याप्त मात्रा में गिट्टी, मुरम अथवा अन्य उपयुक्त सामग्री डालकर तत्काल मार्ग को दुरुस्त करना चाहिए, ताकि वाहन चालकों को परेशानी न हो। खासकर जिगनी के पास जिस स्थान पर दलदल जैसी स्थिति बनी हुई है, वहां तत्काल सुधार कार्य किए जाने की आवश्यकता है।
-आमजन के नुकसान का जिम्मेदार कौन? -
सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि इस खराब रास्ते के कारण किसी वाहन चालक का वाहन क्षतिग्रस्त होता है या कोई दुर्घटना होती है, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी होगी? बारिश के मौसम में निर्माणाधीन सड़क पर सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम करना निर्माण एजेंसी और संबंधित विभाग की जिम्मेदारी मानी जाती है।
स्थानीय नागरिकों ने शासन-प्रशासन और संबंधित विभाग से मांग की है कि मौके का निरीक्षण कर सड़क की वास्तविक स्थिति देखी जाए। साथ ही निर्माण कंपनी को निर्देशित किया जाए कि बारिश के दौरान मार्ग को आवागमन योग्य रखने के लिए तत्काल आवश्यक सामग्री डालकर मरम्मत कराई जाए तथा भारी वाहनों की आवाजाही को लेकर भी उचित व्यवस्था की जाए।
अब देखना यह है कि आमजन की परेशानी को देखते हुए संबंधित विभाग और निर्माण कंपनी कब तक इस समस्या का समाधान करते हैं क्या ।
    user_Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    Patrkar Lalmanmoti Singh tomar
    अंबाह, मुरैना, मध्य प्रदेश•
    36 min ago
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