उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में यमुना और केन नदी के संगम पर नहाने गए चिल्ला थाने में तैनात वर्ष 2019 बैच के कांस्टेबल अनुराग भदौरिया की डूबने से मौत हो गई। बिना सूचना दिए नहाने गए कांस्टेबल के लापता होने की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल उनकी तलाश शुरू की गई। कांस्टेबल अनुराग भदौरिया काफी देर तक नदी से बाहर नहीं आए, जिसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया गया और सीओ सदर सौरभ सिंह के नेतृत्व में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। नदी किनारे कांस्टेबल के कपड़े, अन्य सामान और बाइक की चाबी बरामद हुई। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार कांस्टेबल का शव बरामद कर लिया गया। शव बरामद होने के बाद अधिकारियों ने कांस्टेबल के परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव का डॉक्टरी परीक्षण कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और पुलिस साथी कांस्टेबल को अंतिम विदाई देगी। मृत कांस्टेबल अनुराग भदौरिया मूल रूप से जनपद महाराजपुर के सरसौल थाना अंतर्गत के रहने वाले थे। उनकी शादी डेढ़ वर्ष पूर्व सन 2024 में हुई थी, और वह अपने पीछे एक नवविवाहिता पत्नी और छह साल के मासूम बच्चे को बेसहारा छोड़ गए हैं।
उत्तर प्रदेश के बांदा जिले में यमुना और केन नदी के संगम पर नहाने गए चिल्ला थाने में तैनात वर्ष 2019 बैच के कांस्टेबल अनुराग भदौरिया की डूबने से मौत हो गई। बिना सूचना दिए नहाने गए कांस्टेबल के लापता होने की खबर मिलते ही पुलिस विभाग में हड़कंप मच गया और तत्काल उनकी तलाश
शुरू की गई। कांस्टेबल अनुराग भदौरिया काफी देर तक नदी से बाहर नहीं आए, जिसके बाद सूचना मिलने पर पुलिस टीम तुरंत मौके पर पहुंची। स्थानीय गोताखोरों की मदद से तलाश अभियान शुरू किया गया और सीओ सदर सौरभ सिंह के नेतृत्व में लगातार सर्च ऑपरेशन चलाया जा रहा था। नदी किनारे कांस्टेबल के कपड़े, अन्य
सामान और बाइक की चाबी बरामद हुई। घंटों की कड़ी मशक्कत के बाद आखिरकार कांस्टेबल का शव बरामद कर लिया गया। शव बरामद होने के बाद अधिकारियों ने कांस्टेबल के परिजनों को सूचना दी। पुलिस ने शव का डॉक्टरी परीक्षण कराकर आगे की कार्रवाई शुरू कर दी है, जिसके तहत शव का पोस्टमार्टम कराया जाएगा और
पुलिस साथी कांस्टेबल को अंतिम विदाई देगी। मृत कांस्टेबल अनुराग भदौरिया मूल रूप से जनपद महाराजपुर के सरसौल थाना अंतर्गत के रहने वाले थे। उनकी शादी डेढ़ वर्ष पूर्व सन 2024 में हुई थी, और वह अपने पीछे एक नवविवाहिता पत्नी और छह साल के मासूम बच्चे को बेसहारा छोड़ गए हैं।
- अयोध्या के वकीलों ने राम मंदिर चढ़ावा चोरी के आरोपियों का मुकदमा लड़ने से इनकार कर दिया है। अयोध्या बार एसोसिएशन ने स्पष्ट रूप से यह फैसला किया है कि आस्था से जुड़े इस संवेदनशील मामले में वे आरोपियों का साथ नहीं देंगे। अधिवक्ताओं ने अपने इस निर्णय के पीछे तर्क दिया है कि मंदिर की मर्यादा और करोड़ों श्रद्धालुओं की भावना उनके लिए सर्वोपरि है। बार एसोसिएशन ने यह भी ऐलान किया है कि यदि चंपत राय, अनिल मिश्रा और गोपाल राव तीन दिन के भीतर अयोध्या छोड़कर नहीं जाते या उन्हें जेल नहीं भेजा जाता, तो पूरा अयोध्या जाम कर दिया जाएगा। वकीलों ने चेतावनी दी है कि चंदा चोरों का केस कोई भी अधिवक्ता नहीं लड़ेगा, और यदि कोई वकील ऐसा करने का प्रयास करता है, तो उस पर ₹5 लाख का जुर्माना लगाया जाएगा।1
- लखनऊ के गोमती नगर इलाके में बदमाशों ने पहले फायरिंग कर दहशत फैलाई और एक युवक को गोली मारकर मौके से फरार हो गए। इस घटना के बाद, जब पुलिस अपने 'एक्शन मोड' में आई, तो फरार हुए ये बदमाश एक अधिवक्ता को साथ लेकर वीडियोग्राफी के साथ थाने पर सरेंडर करने पहुँच गए।1
- लखनऊ के गोमतीनगर थाना क्षेत्र में पत्रकारपुरम चौराहे पर रविवार शाम एक चाय की दुकान पर हुई मारपीट के बाद फायरिंग करने वाले आरोपियों पर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। घटना के तुरंत बाद पुलिस ने एक आरोपी को मौके से हिरासत में ले लिया था, जिसके बाद अन्य फरार आरोपियों की तलाश में कई टीमें लगातार ताबड़तोड़ दबिश दे रही थीं। यह विवाद पत्रकारपुरम चौराहे पर स्थित मनीष ईटिंग प्वाइंट चाय की दुकान पर दो गुटों के बीच शुरू हुआ था। विवाद बढ़ने पर कुछ आरोपी दोबारा बाइक से वहां पहुंचे और उन्होंने फायरिंग कर दी, जिसके बाद वे फरार हो गए थे। इस घटना से पूरे इलाके में दहशत फैल गई थी। पुलिस की बढ़ती सख्ती और संभावित एनकाउंटर के डर से घबराकर कुछ आरोपी खुद गोमतीनगर थाने पहुंच गए और उन्होंने आत्मसमर्पण कर दिया। पुलिस ने बताया कि इस मामले में अभी भी कुछ अन्य आरोपी फरार हैं, जिनकी तलाश में छापेमारी लगातार जारी है ताकि उन्हें गिरफ्तार किया जा सके।1
- लखनऊ की सुशांत गोल्फ सिटी थाना पुलिस और साइबर सेल की संयुक्त टीम ने एक बड़े अंतरराष्ट्रीय साइबर ठगी गिरोह का पर्दाफाश करते हुए चार आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस के अनुसार, ये आरोपी फर्जी कंपनियों और बैंक खातों का उपयोग कर साइबर ठगी की गई रकम का लेनदेन करते थे और इस प्रकार कमीशन कमाते थे। पुलिस ने इस कार्रवाई के दौरान आरोपियों के पास से 79 चेकबुक, 77 एटीएम कार्ड, 29 सिम कार्ड, 15 एंड्रॉयड मोबाइल, 14 कीपैड मोबाइल, 3 लैपटॉप, 6 पीओएस मशीन और विभिन्न फर्जी कंपनियों से जुड़े दस्तावेज भारी मात्रा में बरामद किए हैं। फिलहाल, पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच में जुटी है ताकि यह पता लगाया जा सके कि इस गिरोह के तार किन-किन राज्यों और अन्य देशों तक फैले हुए हैं। गिरफ्तार किए गए आरोपियों के खिलाफ सुसंगत धाराओं में मुकदमा दर्ज कर आगे की वैधानिक कार्रवाई की जा रही है।1
- राष्ट्रीय लोक मोर्चा ने घोषणा की है कि वह जन-कल्याणकारी नीतियों को आम जनता तक पहुँचाएगा। यह जानकारी ए के वाजपेयी ने दी।1
- राजधानी लखनऊ के हजरतगंज स्थित कैफ़े कॉफी डे (CCD) के पास ट्रैफिक व्यवस्था गंभीर सवालों के घेरे में है। डीसीपी ट्रैफिक ने हजरतगंज चौराहे को जाम मुक्त बनाने के लिए बैरिकेडिंग सहित कई प्रभावी कदम उठाए थे, लेकिन जमीनी स्तर पर उनकी इन कोशिशों पर पानी फिरता नजर आ रहा है। CCD के ठीक पास वाहन लगातार गलत दिशा (रॉन्ग साइड) से गुजर रहे हैं। हैरानी की बात यह है कि मौके पर ऐसे वाहनों को रोकने या उन पर कार्रवाई करने के लिए कोई भी यातायात कर्मी मौजूद नहीं होता। स्थानीय लोगों ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि इस लापरवाही के कारण दुर्घटनाओं का खतरा बना रहता है और इससे पूरी ट्रैफिक व्यवस्था प्रभावित होती है। प्रशासन से अपेक्षा की गई है कि हजरतगंज स्थित CCD के पास गलत दिशा में चलने वाले वाहनों पर तत्काल और प्रभावी कार्रवाई की जाए ताकि यातायात व्यवस्था को सुदृढ़ बनाया जा सके और डीसीपी ट्रैफिक के निर्देशों का पालन सुनिश्चित हो। यदि चौराहों पर तैनात कर्मी अपनी जिम्मेदारी का ठीक से निर्वहन नहीं करते हैं, तो जाम मुक्त और सुरक्षित यातायात का लक्ष्य अधूरा ही रहेगा।1
- लखनऊ के हजरतगंज इलाके में नगर निगम के जोन-1 ने एक अतिक्रमण हटाओ अभियान चलाया है। इस कार्रवाई के दौरान हजरतगंज कोतवाली और फायर स्टेशन के ठीक सामने सड़क पर खड़े वाहनों और अन्य सभी प्रकार के अतिक्रमण को हटाया गया। नगर निगम ने बताया कि यह अतिक्रमण यातायात को बुरी तरह प्रभावित कर रहा था, जिससे आम लोगों को परेशानी हो रही थी। इसके साथ ही, आपातकालीन स्थितियों में फायर ब्रिगेड को आवागमन में भी गंभीर बाधाओं का सामना करना पड़ रहा था। अभियान सफलतापूर्वक संपन्न होने के बाद, संबंधित लोगों को भविष्य में दोबारा अतिक्रमण न करने की सख्त चेतावनी दी गई है।1
- लखनऊ के विकास नगर में महावीर इंटर कॉलेज स्कूल के पास स्थित एक जूते-चप्पल की दुकान में भीषण आग लग गई है। इस घटना की जानकारी मिलते ही पुलिस और फायर ब्रिगेड की टीम तुरंत मौके पर पहुँच गई है और आवश्यक कार्यवाही कर रही है।1