अनूपपुर जिले के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग के खिलाफ पूर्व विंध्य विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अनिल कुमार गुप्ता ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को ज्ञापन सौंपकर इस गंभीर जनसुरक्षा के मुद्दे पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की है। श्री गुप्ता ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में होने वाली बड़ी सड़क दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, जैतहरी-अनूपपुर मार्ग, चचाई-अनूपपुर मार्ग और कोतमा-अनूपपुर मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों भारी मालवाहक वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात बुरी तरह बाधित होता है और रात के समय हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने विशेष रूप से आरोप लगाया कि जैतहरी स्थित एम.बी. पावर प्लांट से फ्लाई ऐश (राखड़) परिवहन में लगे सैकड़ों वाहन दुर्गादास चौक से लेकर अनूपपुर के तिपान नदी क्षेत्र तक सड़क किनारे लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इस दौरान उन्होंने हाल ही में एनएच-43 पर हुई उस दर्दनाक दुर्घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के एक ही परिवार के चार सदस्यों की सड़क किनारे खड़े भारी वाहन से टकराने के कारण मौत हो गई थी। अनिल गुप्ता ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कुछ दिनों तक अभियान चलाना और फिर शांत बैठ जाना प्रशासनिक लापरवाही और जनहित के प्रति उदासीनता का परिचायक है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य मार्गों पर अवैध रूप से पार्क होने वाले भारी वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर नियमित जांच की जाए और दोषी वाहन मालिकों तथा चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। इस संबंध में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने पुलिस महानिदेशक भोपाल और पुलिस महानिरीक्षक शहडोल जोन को भी प्रतिलिपि प्रेषित की है और स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा का यह विषय किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि सीधे तौर पर जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ा है।
अनूपपुर जिले के प्रमुख राष्ट्रीय और राज्य मार्गों पर भारी वाहनों की अवैध पार्किंग के खिलाफ पूर्व विंध्य विकास प्राधिकरण उपाध्यक्ष और भाजपा नेता अनिल कुमार गुप्ता ने मोर्चा खोल दिया है। उन्होंने कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक अनूपपुर को ज्ञापन सौंपकर इस गंभीर जनसुरक्षा के मुद्दे पर तत्काल प्रभाव से कार्रवाई करने की मांग की है। श्री गुप्ता ने कड़ी चेतावनी दी है कि यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए, तो भविष्य में होने वाली बड़ी सड़क दुर्घटनाओं की जिम्मेदारी सीधे तौर पर संबंधित प्रशासनिक अधिकारियों की होगी। सौंपे गए ज्ञापन के अनुसार, जैतहरी-अनूपपुर मार्ग, चचाई-अनूपपुर मार्ग और कोतमा-अनूपपुर मुख्य मार्ग पर प्रतिदिन सैकड़ों भारी मालवाहक वाहन सड़क किनारे खड़े कर दिए जाते हैं, जिससे यातायात बुरी तरह बाधित होता है और रात के समय हादसों का खतरा कई गुना बढ़ जाता है। उन्होंने विशेष रूप से आरोप लगाया कि जैतहरी स्थित एम.बी. पावर प्लांट से फ्लाई ऐश (राखड़) परिवहन में लगे सैकड़ों वाहन दुर्गादास चौक से लेकर अनूपपुर के तिपान नदी क्षेत्र तक सड़क किनारे लंबे समय तक खड़े रहते हैं, जिससे आम लोगों की जान जोखिम में पड़ रही है। इस दौरान उन्होंने हाल ही में एनएच-43 पर हुई उस दर्दनाक दुर्घटना का भी उल्लेख किया, जिसमें पुष्पराजगढ़ क्षेत्र के एक ही परिवार के चार सदस्यों की सड़क किनारे खड़े भारी वाहन से टकराने के कारण मौत हो गई थी। अनिल गुप्ता ने प्रशासन की कार्यप्रणाली पर कड़ा प्रहार करते हुए कहा कि किसी बड़ी दुर्घटना के बाद कुछ दिनों तक अभियान चलाना और फिर शांत बैठ जाना प्रशासनिक लापरवाही और जनहित के प्रति उदासीनता का परिचायक है। उन्होंने मांग की है कि मुख्य मार्गों पर अवैध रूप से पार्क होने वाले भारी वाहनों के खिलाफ विशेष अभियान चलाकर नियमित जांच की जाए और दोषी वाहन मालिकों तथा चालकों पर सख्त कानूनी कार्रवाई हो। इस संबंध में शीघ्र हस्तक्षेप की मांग करते हुए उन्होंने पुलिस महानिदेशक भोपाल और पुलिस महानिरीक्षक शहडोल जोन को भी प्रतिलिपि प्रेषित की है और स्पष्ट किया कि सड़क सुरक्षा का यह विषय किसी राजनीतिक दल का नहीं बल्कि सीधे तौर पर जनजीवन की सुरक्षा से जुड़ा है।
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- ये 2023 का मुद्दा है साथियो आज तक इसमें काम नहीं हुवा साथियो1
- मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर के खड़गवां में प्रदेश कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष दीपक बैज के निर्देशानुसार भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार विरोध प्रदर्शन किया गया। इस कार्यक्रम के दौरान कांग्रेस नेताओं और कार्यकर्ताओं ने केंद्रीय एवं राज्य की विभिन्न जांच एजेंसियों के कथित दुरुपयोग और कांग्रेस के वरिष्ठ नेताओं को प्रताड़ित किए जाने के विरोध में प्रधानमंत्री और मुख्यमंत्री का पुतला दहन किया। कार्यक्रम को संबोधित करते हुए जिला कांग्रेस कमेटी के अध्यक्ष अशोक श्रीवास्तव ने भाजपा सरकार पर लोकतांत्रिक संस्थाओं के राजनीतिक दुरुपयोग का आरोप लगाया। उन्होंने स्पष्ट किया कि विपक्ष की आवाज को दबाने और लोकतंत्र को कमजोर करने के प्रयासों का पार्टी सड़क से सदन तक पुरजोर विरोध करेगी। ब्लॉक कांग्रेस कमेटी खड़गवां के अध्यक्ष युधिष्ठिर कमरों ने कहा कि कांग्रेस कार्यकर्ता संविधान और लोकतांत्रिक मूल्यों की रक्षा के लिए प्रतिबद्ध हैं और जनहित के मुद्दों पर संघर्ष जारी रहेगा। वहीं, जिला सचिव शाहिद महमूद ने जांच एजेंसियों की निष्पक्षता को लोकतंत्र की आधारशिला बताते हुए उनके कथित राजनीतिक उपयोग पर चिंता व्यक्त की। इस प्रदर्शन में जिला और ब्लॉक कांग्रेस कमेटी के अलावा युवा कांग्रेस, एनएसयूआई, महिला कांग्रेस, सेवादल, किसान कांग्रेस, पिछड़ा वर्ग विभाग, अनुसूचित जाति विभाग, अनुसूचित जनजाति विभाग और अल्पसंख्यक विभाग के बड़ी संख्या में पदाधिकारी व कार्यकर्ता शामिल हुए। कार्यकर्ताओं ने भाजपा सरकार के खिलाफ नारेबाजी की और लोकतंत्र व संविधान की रक्षा का संकल्प दोहराया।3
- अनूपपुर के वेकटनगर और कदमसरा के बीच मुख्य मार्ग पर बना पुल अपनी बदहाली के कारण बेहद खतरनाक मार्ग में तब्दील हो चुका है। पुल की सतह पर गहरे और चौड़े गड्ढे खाई का रूप ले चुके हैं और जगह-जगह दरारें उभर आई हैं। स्थानीय लोगों का कहना है कि वेकटनगर और कदमसरा के बीच आवागमन की इस प्रमुख कड़ी से रोजाना हजारों दोपहिया, चारपहिया और भारी वाहन गुजरते हैं, लेकिन सालों से पुल की मरम्मत के लिए कोई ठोस कदम नहीं उठाया गया है। भारी वाहनों की आवाजाही और बारिश के पानी के कारण ये गड्ढे और भी गहरे हो गए हैं, जिससे यहां से गुजरने वाले लोगों की जान हर पल जोखिम में रहती है। मुख्य मार्ग होने की वजह से वाहनों की रफ्तार तेज रहती है और अचानक पुल पर गहरे गड्ढे सामने आने से लगातार हादसे हो रहे हैं। बीते साल राजेंद्रग्राम के दो युवक मोटरसाइकिल से पैजा जा रहे थे, तभी पुल के इसी गड्ढे में बाइक जंप करने से वे नीचे गिर गए और सिर पर गंभीर चोट लगने के कारण दोनों की जान चली गई। वर्तमान में भी वाहन चालक अचानक ब्रेक लगाते हैं, जिससे पीछे आने वाले वाहनों का संतुलन बिगड़ जाता है और दुर्घटना का खतरा लगातार बना रहता है। ग्रामीणों के अनुसार, यह मार्ग केवल गांवों को ही नहीं जोड़ता, बल्कि स्कूल, अस्पताल, बाजार, आधिकारिक क्षेत्रों के साथ-साथ मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ को जोड़ने वाला मुख्य मार्ग भी है। स्थानीय व्यापारी लक्ष्मण दूबे और क्षेत्र के लोगों ने बताया कि इस वर्षों पुराने पुल की हालत बेहद जर्जर है और इसमें से लोहे के सरिये बाहर निकल आए हैं। विभागीय अधिकारियों और जिला प्रशासन से बार-बार पुल की मरम्मत कराने की मांग की गई है, लेकिन शासन और प्रशासन की अनदेखी के चलते आज तक इस स्थिति में कोई सुधार नहीं हुआ है। लोगों ने मांग की है कि प्रशासन इस गंभीर समस्या का संज्ञान लेकर जल्द से जल्द ब्रिज का मरम्मत कार्य शुरू करवाए ताकि रोजाना सफर करने वाले लोगों को राहत मिल सके।1
- शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1