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अयोध्या पुलिस प्रशासन को गुमराह करके किसान नेता विकास वर्मा अपने साथियों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने युवाओं के समर्थन में आयोजित धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सत्ता में बैठे नेताओं को सीधे चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि जो रण में हार मान ले वह वीर नहीं है और जो प्यास न बुझा सके वह नीर नहीं है। उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए आगाह किया कि कुर्सी पर बैठे नेता किसी भ्रम में न रहें, क्योंकि सत्ता किसी के बाप की जागीर नहीं है।

17 hrs ago
user_Varun kumar
Varun kumar
Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
17 hrs ago

अयोध्या पुलिस प्रशासन को गुमराह करके किसान नेता विकास वर्मा अपने साथियों के साथ दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंच गए हैं। वहां उन्होंने युवाओं के समर्थन में आयोजित धरना-प्रदर्शन में हिस्सा लिया और जोरदार प्रदर्शन किया। इस दौरान उन्होंने नरेंद्र मोदी और धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। सत्ता में बैठे नेताओं को सीधे चुनौती देते हुए उन्होंने कहा कि जो रण में हार मान ले वह वीर नहीं है और जो प्यास न बुझा सके वह नीर नहीं है। उन्होंने कड़े तेवर दिखाते हुए आगाह किया कि कुर्सी पर बैठे नेता किसी भ्रम में न रहें, क्योंकि सत्ता किसी के बाप की जागीर नहीं है।

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  • अयोध्या जिले के रुदौली स्थित भेलसर चौराहे पर हल्की बरसात के बाद एनएच-27 की दोनों सर्विस रोड पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, जिससे यह हाईवे किसी टापू या 'मिनी समंदर' में तब्दील हो गया है। बिना हेलमेट चलने वालों का चालान काटने वाले जिम्मेदार विभाग और प्रशासन से जनता तीखा सवाल पूछ रही है कि क्या सड़क की इस जानलेवा दुर्दशा को झेलने के लिए ही लोग टोल टैक्स भरते हैं? हल्की सी बारिश होते ही पूरी सर्विस रोड तालाब और स्विमिंग पूल जैसी नजर आने लगती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है। इस बदहाली का मुख्य कारण सड़क किनारे बने नालों का आज तक अधूरा पड़े रहना है। निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सीधे सड़क पर जमा हो जाता है। इस जलभराव के चलते दोपहिया वाहन चालक पानी के बीच से धीरे-धीरे निकलने को मजबूर हैं, वहीं चारपहिया वाहन चालक पानी की गहराई का अंदाजा लगाते हुए किसी तरह रास्ता पार कर रहे हैं। सबसे बुरा हाल पैदल चलने वालों का है, जिन्हें जूते-चप्पल हाथ में लेकर गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन एनएचएआई (NHAI) और प्रशासन कई बार शिकायतें मिलने के बाद भी केवल कोरा आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है। अधूरे पड़े नालों का निर्माण आज तक पूरा नहीं कराया गया। नाराज स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अधूरे नालों का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था हो, सर्विस रोड से पानी निकालने के लिए पंपिंग की व्यवस्था की जाए और बरसात से पहले नियमित सफाई अभियान चलाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासनिक दावों की पोल खोलती इस व्यवस्था को नहीं सुधारा गया, तो यह जलभराव किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।
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    अयोध्या जिले के रुदौली स्थित भेलसर चौराहे पर हल्की बरसात के बाद एनएच-27 की दोनों सर्विस रोड पूरी तरह से जलमग्न हो गई हैं, जिससे यह हाईवे किसी टापू या 'मिनी समंदर' में तब्दील हो गया है। बिना हेलमेट चलने वालों का चालान काटने वाले जिम्मेदार विभाग और प्रशासन से जनता तीखा सवाल पूछ रही है कि क्या सड़क की इस जानलेवा दुर्दशा को झेलने के लिए ही लोग टोल टैक्स भरते हैं? हल्की सी बारिश होते ही पूरी सर्विस रोड तालाब और स्विमिंग पूल जैसी नजर आने लगती है, जिससे राहगीरों और वाहन चालकों को जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।

इस बदहाली का मुख्य कारण सड़क किनारे बने नालों का आज तक अधूरा पड़े रहना है। निकासी की व्यवस्था न होने से बारिश का पानी सीधे सड़क पर जमा हो जाता है। इस जलभराव के चलते दोपहिया वाहन चालक पानी के बीच से धीरे-धीरे निकलने को मजबूर हैं, वहीं चारपहिया वाहन चालक पानी की गहराई का अंदाजा लगाते हुए किसी तरह रास्ता पार कर रहे हैं। सबसे बुरा हाल पैदल चलने वालों का है, जिन्हें जूते-चप्पल हाथ में लेकर गंदे पानी से होकर गुजरना पड़ रहा है। स्थानीय व्यापारियों का भी कहना है कि जलभराव के कारण ग्राहक दुकानों तक नहीं पहुंच पा रहे हैं, जिससे उनका कारोबार बुरी तरह प्रभावित हो रहा है।

क्षेत्रीय नागरिकों का आरोप है कि हर वर्ष बरसात में यही स्थिति बनती है, लेकिन एनएचएआई (NHAI) और प्रशासन कई बार शिकायतें मिलने के बाद भी केवल कोरा आश्वासन देकर चुप बैठ जाता है। अधूरे पड़े नालों का निर्माण आज तक पूरा नहीं कराया गया। नाराज स्थानीय लोगों ने मांग की है कि अधूरे नालों का निर्माण तत्काल पूरा कराया जाए, जल निकासी की स्थायी व्यवस्था हो, सर्विस रोड से पानी निकालने के लिए पंपिंग की व्यवस्था की जाए और बरसात से पहले नियमित सफाई अभियान चलाया जाए। लोगों का कहना है कि यदि समय रहते प्रशासनिक दावों की पोल खोलती इस व्यवस्था को नहीं सुधारा गया, तो यह जलभराव किसी बड़े हादसे की वजह बन सकता है।
    user_Patrkar Anoop kumar
    Patrkar Anoop kumar
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • अयोध्या निवासी और भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के अध्यक्ष विकास वर्मा ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर युवा प्रदर्शन और संसद मार्च में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके द्वारा चलाए जा रहे आमरण-अनशन का पुरजोर समर्थन किया और देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की। विकास वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। इसके कारण देश के छात्रों और नौजवानों का परिश्रम, धन और समय पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। नौकरियां न मिलने की वजह से देश का युवा हताश है और लगातार आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए। उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके इस अड़ियल रुख के कारण देश के नौजवानों में भारी आक्रोश है। विकास वर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत सरकार के इशारे पर दिल्ली सरकार अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक, छात्रों और नौजवानों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और गाली-गलौज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बर्बरतापूर्ण रवैये का आने वाले समय में बहुत मजबूती से जवाब दिया जाएगा।
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    अयोध्या निवासी और भारतीय किसान यूनियन युवा मोर्चा के अध्यक्ष विकास वर्मा ने अपने सैकड़ों साथियों के साथ नई दिल्ली के जंतर-मंतर पहुंचकर युवा प्रदर्शन और संसद मार्च में भाग लिया। इस दौरान उन्होंने प्रसिद्ध वैज्ञानिक व सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक और अभिजीत दीपके द्वारा चलाए जा रहे आमरण-अनशन का पुरजोर समर्थन किया और देश के शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग की।

विकास वर्मा ने सरकार पर तीखा हमला बोलते हुए कहा कि मंत्रियों और अधिकारियों की लापरवाही या मिलीभगत से लगातार पेपर लीक हो रहे हैं। इसके कारण देश के छात्रों और नौजवानों का परिश्रम, धन और समय पूरी तरह बर्बाद हो रहा है। नौकरियां न मिलने की वजह से देश का युवा हताश है और लगातार आत्महत्या कर रहा है। उन्होंने मांग की कि जिम्मेदार अधिकारियों और मंत्रियों को अपनी जिम्मेदारी स्वीकार करते हुए नैतिकता के आधार पर तुरंत अपने पदों से इस्तीफा दे देना चाहिए।

उन्होंने देश के शिक्षा मंत्री पर अपने कर्तव्यों का निर्वहन न करने का आरोप लगाया और कहा कि उनके इस अड़ियल रुख के कारण देश के नौजवानों में भारी आक्रोश है। विकास वर्मा ने गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि भारत सरकार के इशारे पर दिल्ली सरकार अनशन पर बैठे सोनम वांगचुक, छात्रों और नौजवानों के साथ धक्का-मुक्की, मारपीट और गाली-गलौज कर रही है। उन्होंने चेतावनी दी कि इस बर्बरतापूर्ण रवैये का आने वाले समय में बहुत मजबूती से जवाब दिया जाएगा।
    user_अयोध्या वार्ता
    अयोध्या वार्ता
    Photographer फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • नई दिल्ली में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और विभिन्न मांगों को लेकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं, जिनमें सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET से जुड़े आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल है। मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल की बात को सुना और उनका ज्ञापन प्राप्त किया। सौरव दास के मुताबिक, जेपी नड्डा ने इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है, हालांकि फिलहाल इस संबंध में कोई ठोस निर्णय या आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं CJP ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी इन प्रमुख मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
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    नई दिल्ली में CJP के प्रवक्ता सौरव दास ने केंद्रीय मंत्री और भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष जेपी नड्डा से मुलाकात की और विभिन्न मांगों को लेकर उन्हें एक ज्ञापन सौंपा। इस मुलाकात के दौरान प्रतिनिधिमंडल ने तीन प्रमुख मांगें उठाईं, जिनमें सोनम वांगचुक की रिहाई, केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा और NEET से जुड़े आत्महत्या करने वाले छात्रों के परिवारों को ₹1 करोड़ की आर्थिक सहायता देने की मांग शामिल है।

मुलाकात के दौरान जेपी नड्डा ने प्रतिनिधिमंडल की बात को सुना और उनका ज्ञापन प्राप्त किया। सौरव दास के मुताबिक, जेपी नड्डा ने इन मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया है, हालांकि फिलहाल इस संबंध में कोई ठोस निर्णय या आधिकारिक घोषणा नहीं की गई है। वहीं CJP ने साफ कर दिया है कि जब तक उनकी इन प्रमुख मांगों पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं होती है, तब तक उनका आंदोलन लगातार जारी रहेगा।
    user_Nation 7 TV
    Nation 7 TV
    Local News Reporter फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • निर्मोही अखाड़ा विवाद के बीच कोर्ट द्वारा एसआईटी (SIT) का पुनर्गठन किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के साथ-साथ अनिल मिश्रा, चंपत राय और गोपाल जी से जुड़े इन सभी मामलों पर महंत दिनेन्द्र दास ने अपनी बात रखी है और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
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    निर्मोही अखाड़ा विवाद के बीच कोर्ट द्वारा एसआईटी (SIT) का पुनर्गठन किया गया है। इस पूरे घटनाक्रम के साथ-साथ अनिल मिश्रा, चंपत राय और गोपाल जी से जुड़े इन सभी मामलों पर महंत दिनेन्द्र दास ने अपनी बात रखी है और अपनी प्रतिक्रिया व्यक्त की है।
    user_आपकी ताकत अयोध्या
    आपकी ताकत अयोध्या
    Local News Reporter Faizabad, Ayodhya•
    9 hrs ago
  • अयोध्या के सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर कोतवाल मनोज शर्मा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रेषित कर युवाओं के हित में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की। ज्ञापन में देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक द्वारा उठाए गए मुद्दों और उनके साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी व जवाबदेह बनाने और पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून बनाने का आग्रह किया गया है। प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी, अयोध्या के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता अनिल कुमार प्रजापति ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने और असहमति के स्वरों को कुचलने का आरोप लगाया। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में यू.के. द्विवेदी, राजीव पाठक, शारजाह मास्टर, गायत्री मिश्रा, सुनील मौर्य, रघुनाथ प्रताप, मनोज दुबे, अखिलेश गौतम, चंद्र प्रकाश, साक्षी पासवान, शिवानी, सुनीता, गुड़िया राइन, दिलीप वर्मा और रामजी वर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
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    अयोध्या के सिविल लाइन स्थित गांधी पार्क में विभिन्न सामाजिक और राजनीतिक कार्यकर्ताओं ने जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे शिक्षाविद् सोनम वांगचुक के समर्थन में प्रदर्शन किया। प्रदर्शनकारियों ने नगर कोतवाल मनोज शर्मा के माध्यम से महामहिम राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन प्रेषित कर युवाओं के हित में शीघ्र कार्रवाई करने की मांग की।

ज्ञापन में देश के युवाओं के भविष्य, शिक्षा व्यवस्था, पेपर लीक और बेरोजगारी जैसी गंभीर समस्याओं को लेकर गहरी चिंता व्यक्त की गई है। कार्यकर्ताओं ने सोनम वांगचुक द्वारा उठाए गए मुद्दों और उनके साथ हुई पुलिस कार्रवाई की निष्पक्ष जांच की मांग की है। साथ ही, लोकतांत्रिक तरीके से अपनी बात रखने के संवैधानिक अधिकार की रक्षा, शिक्षा व्यवस्था को पारदर्शी व जवाबदेह बनाने और पेपर लीक रोकने के लिए कठोर कानून बनाने का आग्रह किया गया है।

प्रदर्शन के दौरान आम आदमी पार्टी, अयोध्या के जिलाध्यक्ष एवं अधिवक्ता अनिल कुमार प्रजापति ने शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान से नैतिक जिम्मेदारी लेते हुए इस्तीफे की मांग की। उन्होंने केंद्र सरकार पर युवाओं की आवाज दबाने और असहमति के स्वरों को कुचलने का आरोप लगाया। इस शांतिपूर्ण प्रदर्शन में यू.के. द्विवेदी, राजीव पाठक, शारजाह मास्टर, गायत्री मिश्रा, सुनील मौर्य, रघुनाथ प्रताप, मनोज दुबे, अखिलेश गौतम, चंद्र प्रकाश, साक्षी पासवान, शिवानी, सुनीता, गुड़िया राइन, दिलीप वर्मा और रामजी वर्मा सहित अनेक कार्यकर्ता उपस्थित रहे।
    user_Dharmendra Chaurasia
    Dharmendra Chaurasia
    फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • रामनगरी अयोध्या में एक बैठक के बाद पत्रकारों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बीच हुई कथित बातचीत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बैठक समाप्त होने के बाद जब पत्रकारों ने एक सामान्य सवाल पूछा कि "आज की बैठक में क्या रहा?", तो इस पर चंपत राय ने कथित तौर पर कहा, "आज की बैठक में ऐसी कोई बात नहीं रही जो आपकी बुद्धि में आ सके... जाओ, जाओ, भागो यहां से।" इस कथित अपमानजनक टिप्पणी के बाद पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसके साथ ही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सम्मान पर भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या मीडिया के साथ इस तरह का व्यवहार और भाषा उचित है? लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछना मीडिया का संवैधानिक दायित्व है, और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों से संवाद की मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है। यह मामला अब अयोध्या की सियासत और स्थानीय चर्चाओं में गरमाया हुआ है। जहां कई लोग इसे सीधे तौर पर मीडिया के मान-सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। यह कथित बयान लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इस मामले में चंपत राय का पक्ष सामने आने पर उसे भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाना चाहिए।
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    रामनगरी अयोध्या में एक बैठक के बाद पत्रकारों और श्रीराम जन्मभूमि तीर्थ क्षेत्र ट्रस्ट के महासचिव चंपत राय के बीच हुई कथित बातचीत को लेकर नया विवाद खड़ा हो गया है। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, बैठक समाप्त होने के बाद जब पत्रकारों ने एक सामान्य सवाल पूछा कि "आज की बैठक में क्या रहा?", तो इस पर चंपत राय ने कथित तौर पर कहा, "आज की बैठक में ऐसी कोई बात नहीं रही जो आपकी बुद्धि में आ सके... जाओ, जाओ, भागो यहां से।"

इस कथित अपमानजनक टिप्पणी के बाद पत्रकारों में भारी नाराजगी देखी जा रही है। इसके साथ ही लोकतंत्र के चौथे स्तंभ के सम्मान पर भी सवाल उठने लगे हैं कि क्या मीडिया के साथ इस तरह का व्यवहार और भाषा उचित है? लोकतांत्रिक व्यवस्था में जनहित के मुद्दों पर सवाल पूछना मीडिया का संवैधानिक दायित्व है, और सार्वजनिक पदों पर बैठे लोगों से संवाद की मर्यादा बनाए रखने की अपेक्षा की जाती है।

यह मामला अब अयोध्या की सियासत और स्थानीय चर्चाओं में गरमाया हुआ है। जहां कई लोग इसे सीधे तौर पर मीडिया के मान-सम्मान से जोड़कर देख रहे हैं, वहीं कुछ लोग इस पूरे घटनाक्रम पर संबंधित पक्ष की आधिकारिक प्रतिक्रिया का इंतजार करने की बात कह रहे हैं। यह कथित बयान लोकतांत्रिक संवाद की मर्यादा पर भी गंभीर प्रश्न खड़े करता है। इस मामले में चंपत राय का पक्ष सामने आने पर उसे भी समान प्रमुखता के साथ प्रकाशित किया जाना चाहिए।
    user_Sarveshpandey
    Sarveshpandey
    Faizabad, Ayodhya•
    16 hrs ago
  • नई दिल्ली में संसद भवन के करीब प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से मुस्तैद और कड़ा कर दिया गया है। इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इसके साथ ही, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में निगरानी को भी बढ़ा दिया गया है।
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    नई दिल्ली में संसद भवन के करीब प्रदर्शनकारियों के पहुंचने के बाद सुरक्षा व्यवस्था को पूरी तरह से मुस्तैद और कड़ा कर दिया गया है। इस संवेदनशील स्थिति को देखते हुए मौके पर पुलिस और अर्धसैनिक बलों की अतिरिक्त तैनाती की गई है। इसके साथ ही, सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए प्रशासन द्वारा पूरे क्षेत्र में निगरानी को भी बढ़ा दिया गया है।
    user_Arvind Tiwari patrakar
    Arvind Tiwari patrakar
    Media and information sciences faculty फैजाबाद, अयोध्या, उत्तर प्रदेश•
    11 hrs ago
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