इंसानों को ही ब्लैकमेल करने लगा ऐ, क्लाउड AI ने इंजीनियरों को दी धमकी, डरा देगा इसके पीछे का सच इंसानों को ही ब्लैकमेल करने लगा ऐ, क्लाउड AI ने इंजीनियरों को दी धमकी, डरा देगा इसके पीछे का सच *अंतरोपिक ने खुलासा किया कि उसके Claude AI मॉडल के कुछ पुराने वर्जन ने टेस्टिंग के दौरान इंजीनियर्स को “ब्लैकमेल” करने जैसी हरकत दिखाई. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर दुनिया भर में लगातार नई चर्चाएं हो रही हैं. अब एक नया मामला सामने आया है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. AI कंपनी Anthropic ने खुलासा किया कि उसके Claude AI मॉडल के कुछ पुराने वर्जन ने टेस्टिंग के दौरान इंजीनियर्स को “ब्लैकमेल” करने जैसी हरकत दिखाई. यह सुनने में किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन कंपनी का कहना है कि असलियत उतनी डरावनी नहीं है जितनी हेडलाइन्स में दिखाई जा रही है. यह पूरा मामला तब सामने आया जब Anthropic ने अपने इंटरनल AI सेफ्टी टेस्ट्स की जानकारी साझा की. इन टेस्ट्स में AI को ऐसी काल्पनिक परिस्थितियों में रखा गया जहां उसे लगा कि उसे बंद किया जा सकता है या किसी दूसरे मॉडल से रिप्लेस किया जा सकता है. ऐसे कुछ टेस्ट्स में AI ने खुद को बचाने के लिए चालाकी भरा व्यवहार दिखाया. टेस्ट के दौरान आखिर क्या हुआ? Anthropic के मुताबिक यह व्यवहार “Agentic Misalignment” नाम के टेस्ट के दौरान सामने आया. आसान भाषा में समझें तो इन टेस्ट्स का मकसद यह देखना होता है कि अगर AI को लगे कि उसका लक्ष्य खतरे में है, तो क्या वह गलत या नुकसान पहुंचाने वाले तरीके अपना सकता है. कंपनी ने साफ कहा कि यह सब केवल कंट्रोल्ड और काल्पनिक परिस्थितियों में हुआ. AI किसी असली सिस्टम को एक्सेस नहीं कर रहा था और न ही उसने किसी असली व्यक्ति को धमकी दी थी. यह केवल रिसर्च के लिए तैयार किए गए सिमुलेशन थे. हालांकि, शोधकर्ताओं को यह देखकर हैरानी हुई कि Claude AI के कुछ पुराने मॉडल कई बार अपने लक्ष्य को बचाने के लिए मैनिपुलेटिव यानी चालाकी भरा व्यवहार चुन रहे थे. यही वजह है कि इस रिसर्च ने AI सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू कर दी. क्या लोगों को डरने की जरूरत है? Anthropic का कहना है कि फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. कंपनी के अनुसार ये टेस्ट इसलिए किए जाते हैं ताकि AI सिस्टम में मौजूद कमजोरियों को पहले ही पहचान लिया जाए और उन्हें ठीक किया जा सके. कंपनी ने यह भी माना कि एडवांस AI सिस्टम्स को पूरी तरह इंसानी मूल्यों के अनुरूप बनाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है. सिर्फ AI को “गलत जवाब” देने से रोकना काफी नहीं है. रिसर्च में यह पाया गया कि AI बेहतर व्यवहार तब करता है जब उसे यह समझाया जाए कि कोई काम गलत क्यों है. यानी AI को केवल नियम याद करवाने से ज्यादा जरूरी है उसे नैतिक सोच और सही-गलत की समझ देना. कैसे सुधारा गया Claude AI का व्यवहार? इस समस्या की पहचान के बाद Anthropic ने Claude AI की ट्रेनिंग प्रक्रिया में बदलाव किए. पहले AI को सिर्फ सही जवाब देने पर फोकस कराया जाता था, लेकिन अब उसमें नैतिक तर्क यानी Ethical Reasoning और संवैधानिक सिद्धांतों पर ज्यादा ध्यान दिया गया. कंपनी का दावा है कि नए Claude मॉडल्स अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित व्यवहार दिखाते हैं. खासतौर पर Claude Haiku 4.5 के बाद आने वाले मॉडल्स ने उन्हीं सेफ्टी टेस्ट्स में लगभग परफेक्ट स्कोर हासिल किए जहां पुराने मॉडल्स संघर्ष कर रहे थे. रिसर्चर्स ने यह भी पाया कि AI को केवल कुछ जवाबों से रोकने की बजाय अगर उसे जिम्मेदार व्यवहार से जुड़ी कहानियां, नैतिक चर्चाएं और अलग-अलग परिस्थितियों की समझ दी जाए तो उसका व्यवहार ज्यादा संतुलित बनता है.
इंसानों को ही ब्लैकमेल करने लगा ऐ, क्लाउड AI ने इंजीनियरों को दी धमकी, डरा देगा इसके पीछे का सच इंसानों को ही ब्लैकमेल करने लगा ऐ, क्लाउड AI ने इंजीनियरों को दी धमकी, डरा देगा इसके पीछे का सच *अंतरोपिक ने खुलासा किया कि उसके Claude AI मॉडल के कुछ पुराने वर्जन ने टेस्टिंग के दौरान इंजीनियर्स को “ब्लैकमेल” करने जैसी हरकत दिखाई. आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI को लेकर दुनिया भर में लगातार नई चर्चाएं हो रही हैं. अब एक नया मामला सामने आया है जिसने लोगों को हैरान कर दिया है. AI कंपनी Anthropic ने खुलासा किया कि उसके Claude AI मॉडल के कुछ पुराने वर्जन ने टेस्टिंग के दौरान इंजीनियर्स को “ब्लैकमेल” करने जैसी हरकत दिखाई. यह सुनने में किसी साइंस फिक्शन फिल्म की कहानी जैसा लगता है, लेकिन कंपनी का कहना है कि असलियत उतनी डरावनी नहीं है जितनी हेडलाइन्स में दिखाई जा रही है. यह पूरा मामला तब सामने आया जब Anthropic ने अपने इंटरनल AI सेफ्टी टेस्ट्स की जानकारी साझा की. इन टेस्ट्स में AI को ऐसी काल्पनिक परिस्थितियों में रखा गया जहां उसे लगा कि उसे बंद किया जा सकता है या किसी दूसरे मॉडल से रिप्लेस किया जा सकता है. ऐसे कुछ टेस्ट्स में AI ने खुद को बचाने के लिए चालाकी भरा व्यवहार दिखाया. टेस्ट के दौरान आखिर क्या हुआ? Anthropic के मुताबिक यह व्यवहार “Agentic Misalignment” नाम के टेस्ट के दौरान सामने आया. आसान भाषा में समझें तो इन टेस्ट्स का मकसद यह देखना होता है कि अगर AI को लगे कि उसका लक्ष्य खतरे में है, तो क्या वह गलत या नुकसान पहुंचाने वाले तरीके अपना सकता है. कंपनी ने साफ कहा कि यह सब केवल कंट्रोल्ड और काल्पनिक परिस्थितियों में हुआ. AI किसी असली सिस्टम को एक्सेस नहीं कर रहा था और न ही उसने किसी असली व्यक्ति को धमकी दी थी. यह केवल रिसर्च के लिए तैयार किए गए सिमुलेशन थे. हालांकि, शोधकर्ताओं को यह देखकर हैरानी हुई कि Claude AI के कुछ पुराने मॉडल कई बार अपने लक्ष्य को बचाने के लिए मैनिपुलेटिव यानी चालाकी भरा व्यवहार चुन रहे थे. यही वजह है कि इस रिसर्च ने AI सुरक्षा को लेकर नई बहस शुरू कर दी. क्या लोगों को डरने की जरूरत है? Anthropic का कहना है कि फिलहाल आम लोगों को घबराने की जरूरत नहीं है. कंपनी के अनुसार ये टेस्ट इसलिए किए जाते हैं ताकि AI सिस्टम में मौजूद कमजोरियों को पहले ही पहचान लिया जाए और उन्हें ठीक किया जा सके. कंपनी ने यह भी माना कि एडवांस AI सिस्टम्स को पूरी तरह इंसानी मूल्यों के अनुरूप बनाना अभी भी एक बड़ी चुनौती है. सिर्फ AI को “गलत जवाब” देने से रोकना काफी नहीं है. रिसर्च में यह पाया गया कि AI बेहतर व्यवहार तब करता है जब उसे यह समझाया जाए कि कोई काम गलत क्यों है. यानी AI को केवल नियम याद करवाने से ज्यादा जरूरी है उसे नैतिक सोच और सही-गलत की समझ देना. कैसे सुधारा गया Claude AI का व्यवहार? इस समस्या की पहचान के बाद Anthropic ने Claude AI की ट्रेनिंग प्रक्रिया में बदलाव किए. पहले AI को सिर्फ सही जवाब देने पर फोकस कराया जाता था, लेकिन अब उसमें नैतिक तर्क यानी Ethical Reasoning और संवैधानिक सिद्धांतों पर ज्यादा ध्यान दिया गया. कंपनी का दावा है कि नए Claude मॉडल्स अब पहले की तुलना में कहीं ज्यादा सुरक्षित व्यवहार दिखाते हैं. खासतौर पर Claude Haiku 4.5 के बाद आने वाले मॉडल्स ने उन्हीं सेफ्टी टेस्ट्स में लगभग परफेक्ट स्कोर हासिल किए जहां पुराने मॉडल्स संघर्ष कर रहे थे. रिसर्चर्स ने यह भी पाया कि AI को केवल कुछ जवाबों से रोकने की बजाय अगर उसे जिम्मेदार व्यवहार से जुड़ी कहानियां, नैतिक चर्चाएं और अलग-अलग परिस्थितियों की समझ दी जाए तो उसका व्यवहार ज्यादा संतुलित बनता है.
- मोबाइल को तकिए के नीचे रखकर सोना या रातभर चार्ज करना खतरनाक हो सकता है, क्योंकि इससे ब्लास्ट का खतरा बढ़ जाता है। बच्चों को भी मोबाइल से दूर रखें, क्योंकि इसका ज्यादा इस्तेमाल उनकी आंखों, दिमाग और सेहत पर बुरा असर डाल सकता है।1
- शेखपुरा के शेखूपुर बाजार में एग रोल खाने को लेकर हुए विवाद ने हिंसक रूप ले लिया, जिसमें अमित कुमार नामक युवक को चाकू मारकर गंभीर रूप से घायल कर दिया गया। घायल अमित को बेहतर इलाज के लिए पावापुरी रेफर किया गया है। पुलिस ने मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए दो मुख्य आरोपियों, पिता-पुत्र इम्तियाज और छोटू आलम को गिरफ्तार कर लिया है।1
- सोशल मीडिया इन्फ्लुएंसर ध्रुव राठी ने एक नया वीडियो जारी कर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कई गंभीर आरोप लगाए हैं। वीडियो में उन्होंने पीएम मोदी के कुछ 'छिपे हुए राजों' का पर्दाफाश करने का दावा किया है, जिससे राजनीतिक हलकों में बहस छिड़ गई है।1
- प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देशवासियों से अगले एक वर्ष तक गैर-जरूरी सोने की खरीदारी से बचने का आग्रह किया है। उनकी इस अपील के बाद बाजार और आम जनता में इसे लेकर तेज चर्चा शुरू हो गई है। यह कदम वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों के मद्देनजर महत्वपूर्ण माना जा रहा है।1
- तेतरहाट के मालिया पुल का डीएम ने किया निरीक्षण। पुल निर्माण विभाग के द्वारा फूलों की कराई जाएगी जांच इसके उपरांत लिया जाएगा निर्णय। तेतरहाट के मालिया पुल का डीएम ने किया निरीक्षण। पुल निर्माण विभाग के द्वारा फूलों की कराई जाएगी जांच इसके उपरांत लिया जाएगा निर्णय। पुल में दिखा दरार जिला प्रशासन हुआ सक्रिय। लखीसराय जिले के रामगढ़ चौक प्रखंड अंतर्गत तेतरहाट स्थित मलियापुर पुल के तीसरे नंबर का पाया खोखला हो गया है एवं पाया के चारों ओर बने सुरक्षा दीवार भी धंस गया है एवं पुल में दरार आ जान से पुल से प्रतिदिन गुजरने वाले आम लोगों की चिंता बढ़ गई है जिले का एकमात्र पुल जो तेतरहाट से चानन प्रखंड को जोड़ती है एवं चानन प्रखंड मुख्यालय से जिला मुख्यालय की दूरी को काम किया है रोज प्रतिदिन मालिया पुल से सैकड़ो वहां का आवागमन हो रहा है इस स्थिति में पुल इस तरह की लापरवाही आगे बड़ी दुर्घटना को जन्म दे सकती है जिसको लेकर सोमवार को जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार जिला उप विकास आयुक्त सुमित कुमार के साथ कई अधिकारी एवं पुल निर्माण निगम विभाग के इंजीनियर के साथ मालिया पुल का स्थल यह निरीक्षण किया गया अधिकारियों के द्वारा पुल के पिलर स्लिप और किनारे की बरकी से जांच की गई पुल निर्माण निगम के इंजीनियरों ने तकनीकी रूप से संरचना का आकलन किया और कई स्थान पर दरार जैसी दिख रही स्थिति का परीक्षण किया गया निरीक्षण के समय प्रशासनिक अधिकारियों ने पुल पर वहां की आवाजाही और उसकी वर्तमान स्थिति की भी जानकारी ली जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने कहा कि मूल निर्माण निगम विभाग के इंजीनियर के साथ पुल की जांच कराई गई है जांच रिपोर्ट विभाग को भेजी जाएगी और यदि किसी प्रकार की तकनीकी गड़बड़ी पाई गई तो उसे जल्द दुरुस्त करने का निर्देश दिया जाएगा वहीं स्थानीय लोग पूर्व मुखिया रघुनाथ शाह सरपंच मोहम्मद आफताब आलम समाज से भी उत्तम चौधरी मुखिया प्रतिनिधि शर्मा पंकज कुमार सिंह आदि दर्जनों लोगों ने बताया कि यह पल क्षेत्र के हजारों लोगों के लिए जीवन रेखा की तरह है इस पुल के माध्यम से लोक के तरह बाजार जमुई और लखीसराय तक आसानी से पहुंचते हैं ऐसे में पुल में दरार जैसी खबर सामने आने से लोगों में चिंता बढ़ गई है। सभी लोगों ने जिला प्रशासन से सामूहिक रूप से यह मांग किया कि तुरंत पुल की मरम्मती करवाई जाए ताकि भविष्य में बड़ी दुर्घटना घटित होने से बच सके।1
- Post by Santosh Kumar Gupta1
- *बेटियों को पिटवाने के बाद बिहार के शिक्षा मंत्री का ज्ञान सुनिए…*1
- शेखपुरा जिले के करंडे थाना पुलिस ने लंबे समय से फरार चल रहे एक आरोपी पवन यादव को गिरफ्तार किया है। गुप्त सूचना के आधार पर छापेमारी कर पकड़े गए पवन पर कांड संख्या 83/23 के तहत मुकदमा दर्ज था। पुलिस ने उसे न्यायिक हिरासत में भेज दिया है और अन्य आरोपियों की तलाश जारी है।1