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बांदा नरैनी क्षेत्र के अंतर्गत बेल्हरका में हो रहा जमकर अवैध खनन प्रशासन पूरी तरह से मौन आखिर किसकी सह पर हो रहा अवैध खनन? क्यों नहीं हो रहीं कार्यवाई? बांदा नरैनी क्षेत्र के अंतर्गत बेल्हरका में हो रहा जमकर अवैध खनन प्रशासन पूरी तरह से मौन आखिर किसकी सह पर हो रहा अवैध खनन? क्यों नहीं हो रहीं कार्यवाई?

4 hrs ago
user_Surash Sahu
Surash Sahu
बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
4 hrs ago
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बांदा नरैनी क्षेत्र के अंतर्गत बेल्हरका में हो रहा जमकर अवैध खनन प्रशासन पूरी तरह से मौन आखिर किसकी सह पर हो रहा अवैध खनन? क्यों नहीं हो रहीं कार्यवाई? बांदा नरैनी क्षेत्र के अंतर्गत बेल्हरका में हो रहा जमकर अवैध खनन प्रशासन पूरी तरह से मौन आखिर किसकी सह पर हो रहा अवैध खनन? क्यों नहीं हो रहीं कार्यवाई?

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  • #Apkiawajdigital ​झाँसी/बाँदा | लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार और महिला अस्मिता से खिलवाड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाँदा में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मियों द्वारा महिला पत्रकार सहित तीन पत्रकारों के साथ की गई अभद्रता ने अब तूल पकड़ लिया है। स्थानीय स्तर पर जांच के नाम पर 'क्लीन चिट' की लीपापोती के बाद, अब झाँसी में शुरू हुई जांच ने शासन-प्रशासन के गलियारों में खलबली मचा दी है। ​आधी रात को वर्दी की धौंस: मोबाइल छीना, मर्यादा तार-तार की ​घटना 22/23 मार्च 2026 की काली रात की है, जब फर्ज की राह पर निकले पत्रकारों को खाकी की हनक का सामना करना पड़ा। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने न केवल महिला पत्रकार और उनके साथियों के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि महिला पत्रकार का हाथ पकड़कर मोबाइल छीन लिया और उसे मेज पर पटक दिया। ​हैरान करने वाली बात यह है कि: * पत्रकारों के साथ अमर्यादित और अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया। ​महिला पत्रकार की गरिमा को ठेस पहुँचाते हुए उनके चरित्र पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं। ​पत्रकारिता की स्वतंत्रता को कुचलने का सीधा प्रयास किया गया। ​जांच या रस्म अदायगी ? स्थानीय स्तर पर 'क्लीन चिट' का संदिग्ध खेल ​पीड़ितों ने 23 मार्च की सुबह ही बाँदा आरपीएफ इंस्पेक्टर सुरुचि द्विवेदी को लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। इसके बाद जांच महोबा आरपीएफ को सौंपी गई, जहाँ से आरोपियों को 'क्लीन चिट' थमा दी गई। यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी तंत्र अपने कर्मियों के गुनाहों पर पर्दा डालने का माध्यम बन गया है? ​झाँसी में गूंजी न्याय की आवाज: सीओ सलीम खान ने दर्ज किए बयान ​स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने के बाद पीड़ितों ने उच्चाधिकारियों का द्वार खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए झाँसी जीआरपी सीओ सलीम खान ने कमान संभाली। 15 अप्रैल 2026 को पीड़ित पत्रकार रूपा गोयल (ब्यूरो, तेजस टुडे), ललित कुमार (उम्मीद ऑफ पब्लिक) और नीरज निगम (संस्कार उजाला) के बयान दर्ज किए गए। ​"दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।" — सलीम खान, सीओ, जीआरपी झाँसी ​पत्रकार जगत में आक्रोश, शासन की चुप्पी पर सवाल ​इस मामले में झाँसी के वरिष्ठ पत्रकारों—अरविंद भार्गव, अंसार, नवीन, रामकुमार साहू और मुकेश तिवारी—ने एकजुट होकर पीड़ितों का समर्थन किया है। पत्रकार जगत का कहना है कि यदि 'समाज के रक्षक' ही रक्षक की भूमिका छोड़कर भक्षक बन जाएंगे, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है। ​मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं: ​सीसीटीवी फुटेज: क्या 22/23 मार्च की रात की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित है या उसे 'तकनीकी खराबी' बताकर गायब कर दिया गया? ​महोबा जांच की साख: जिस जांच में सीधे तौर पर क्लीन चिट दी गई, उसका आधार क्या था? ​महिला सुरक्षा: क्या वर्दीधारियों को महिला पत्रकार की गरिमा से खिलवाड़ करने की छूट है? ​निष्कर्ष: अब सबकी निगाहें झाँसी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने वालों को सजा मिलेगी या एक बार फिर सरकारी रसूख के आगे सच दम तोड़ देगा? यह मामला केवल तीन पत्रकारों का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और महिला सम्मान की लड़ाई बन चुका है।
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    #Apkiawajdigital
​झाँसी/बाँदा | लोकतंत्र के चौथे स्तंभ पर प्रहार और महिला अस्मिता से खिलवाड़ का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। बाँदा में रेलवे सुरक्षा बल (RPF) के कर्मियों द्वारा महिला पत्रकार सहित तीन पत्रकारों के साथ की गई अभद्रता ने अब तूल पकड़ लिया है। स्थानीय स्तर पर जांच के नाम पर 'क्लीन चिट' की लीपापोती के बाद, अब झाँसी में शुरू हुई जांच ने शासन-प्रशासन के गलियारों में खलबली मचा दी है।
​आधी रात को वर्दी की धौंस: मोबाइल छीना, मर्यादा तार-तार की
​घटना 22/23 मार्च 2026 की काली रात की है, जब फर्ज की राह पर निकले पत्रकारों को खाकी की हनक का सामना करना पड़ा। आरोप है कि ड्यूटी पर तैनात आरपीएफ कर्मियों ने न केवल महिला पत्रकार और उनके साथियों के साथ धक्का-मुक्की की, बल्कि महिला पत्रकार का हाथ पकड़कर मोबाइल छीन लिया और उसे मेज पर पटक दिया।
​हैरान करने वाली बात यह है कि: * पत्रकारों के साथ अमर्यादित और अश्लील भाषा का प्रयोग किया गया।
​महिला पत्रकार की गरिमा को ठेस पहुँचाते हुए उनके चरित्र पर आपत्तिजनक टिप्पणियां की गईं।
​पत्रकारिता की स्वतंत्रता को कुचलने का सीधा प्रयास किया गया।
​जांच या रस्म अदायगी ? स्थानीय स्तर पर 'क्लीन चिट' का संदिग्ध खेल
​पीड़ितों ने 23 मार्च की सुबह ही बाँदा आरपीएफ इंस्पेक्टर सुरुचि द्विवेदी को लिखित शिकायत सौंपी थी, लेकिन आरोप है कि कार्रवाई के बजाय मामले को रफा-दफा करने की कोशिश की गई। इसके बाद जांच महोबा आरपीएफ को सौंपी गई, जहाँ से आरोपियों को 'क्लीन चिट' थमा दी गई। यह सवाल उठता है कि क्या सरकारी तंत्र अपने कर्मियों के गुनाहों पर पर्दा डालने का माध्यम बन गया है?
​झाँसी में गूंजी न्याय की आवाज: सीओ सलीम खान ने दर्ज किए बयान
​स्थानीय स्तर पर न्याय न मिलने के बाद पीड़ितों ने उच्चाधिकारियों का द्वार खटखटाया। मामले की गंभीरता को देखते हुए झाँसी जीआरपी सीओ सलीम खान ने कमान संभाली। 15 अप्रैल 2026 को पीड़ित पत्रकार रूपा गोयल (ब्यूरो, तेजस टुडे), ललित कुमार (उम्मीद ऑफ पब्लिक) और नीरज निगम (संस्कार उजाला) के बयान दर्ज किए गए।
​"दोषी कोई भी हो, बख्शा नहीं जाएगा। जांच पूरी तरह निष्पक्ष होगी और तथ्यों के आधार पर सख्त कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।"
— सलीम खान, सीओ, जीआरपी झाँसी
​पत्रकार जगत में आक्रोश, शासन की चुप्पी पर सवाल
​इस मामले में झाँसी के वरिष्ठ पत्रकारों—अरविंद भार्गव, अंसार, नवीन, रामकुमार साहू और मुकेश तिवारी—ने एकजुट होकर पीड़ितों का समर्थन किया है। पत्रकार जगत का कहना है कि यदि 'समाज के रक्षक' ही रक्षक की भूमिका छोड़कर भक्षक बन जाएंगे, तो आम जनता की सुरक्षा भगवान भरोसे है।
​मुख्य सवाल जो जवाब मांगते हैं:
​सीसीटीवी फुटेज: क्या 22/23 मार्च की रात की सीसीटीवी रिकॉर्डिंग सुरक्षित है या उसे 'तकनीकी खराबी' बताकर गायब कर दिया गया?
​महोबा जांच की साख: जिस जांच में सीधे तौर पर क्लीन चिट दी गई, उसका आधार क्या था?
​महिला सुरक्षा: क्या वर्दीधारियों को महिला पत्रकार की गरिमा से खिलवाड़ करने की छूट है?
​निष्कर्ष: अब सबकी निगाहें झाँसी की जांच रिपोर्ट पर टिकी हैं। क्या लोकतंत्र के चौथे स्तंभ को कुचलने वालों को सजा मिलेगी या एक बार फिर सरकारी रसूख के आगे सच दम तोड़ देगा? यह मामला केवल तीन पत्रकारों का नहीं, बल्कि अभिव्यक्ति की आजादी और महिला सम्मान की लड़ाई बन चुका है।
    user_ApkiAwajDigital
    ApkiAwajDigital
    Local News Reporter बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    5 hrs ago
  • राम-राम भाइयों और बहनों, मैं शाहपुर सानी का रहने वाला हूँ। मैं एक नया क्रिएटर हूँ और आप सबके लिए अच्छे वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा हूँ। मेरा और मेरी फेसबुक आईडी का नाम 'मंजू यादव' है। ​मेरी आप सबसे विनती है कि कृपया मुझे सपोर्ट करें, मुझे फॉलो करें और मेरे वीडियो जाकर ज़रूर देखें। दोस्तों, वीडियो को लाइक और शेयर करने से किसी का पैसा नहीं लगता, लेकिन इससे मुझे बहुत हिम्मत मिलेगी। हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए और सबका भला सोचना चाहिए। जो भी मेरे इस वीडियो को लाइक और शेयर करेगा, भगवान उसका भला करेगा। थैंक यू, धन्यवाद!"
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    राम-राम भाइयों और बहनों, मैं शाहपुर सानी का रहने वाला हूँ। मैं एक नया क्रिएटर हूँ और आप सबके लिए अच्छे वीडियो बनाने की कोशिश कर रहा हूँ। मेरा और मेरी फेसबुक आईडी का नाम 'मंजू यादव' है।
​मेरी आप सबसे विनती है कि कृपया मुझे सपोर्ट करें, मुझे फॉलो करें और मेरे वीडियो जाकर ज़रूर देखें। दोस्तों, वीडियो को लाइक और शेयर करने से किसी का पैसा नहीं लगता, लेकिन इससे मुझे बहुत हिम्मत मिलेगी। हमें एक-दूसरे की मदद करनी चाहिए और सबका भला सोचना चाहिए। जो भी मेरे इस वीडियो को लाइक और शेयर करेगा, भगवान उसका भला करेगा। थैंक यू, धन्यवाद!"
    user_Daroga ji Yadav
    Daroga ji Yadav
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    9 hrs ago
  • बिजली उपभोक्ताओं के रिचार्ज के बाद भी बैलेंस कटने व बिल माइनस में जाने के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन, नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन।
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    बिजली उपभोक्ताओं के रिचार्ज के बाद भी बैलेंस कटने व बिल माइनस में जाने के विरोध में जिलाधिकारी कार्यालय के सामने किया प्रदर्शन, नगर मजिस्ट्रेट को सौंपा ज्ञापन।
    user_Surash Sahu
    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    15 hrs ago
  • गांव में मची भगदड़, लोग जान बचाकर भागे! दो पक्षों की पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप… पत्थरबाजी से शुरू हुआ विवाद गोलियों तक पहुंच गया। वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल… पुलिस एक्शन में—आरोपियों की पहचान, FIR दर्ज, गिरफ्तारी जारी। बरसाना में तनाव, हालात पर पुलिस की नजर!
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    गांव में मची भगदड़, लोग जान बचाकर भागे!
दो पक्षों की पुरानी रंजिश ने लिया हिंसक रूप…
पत्थरबाजी से शुरू हुआ विवाद गोलियों तक पहुंच गया।
वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल…
पुलिस एक्शन में—आरोपियों की पहचान, FIR दर्ज, गिरफ्तारी जारी।
बरसाना में तनाव, हालात पर पुलिस की नजर!
    user_Shivam
    Shivam
    Photographer बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    22 hrs ago
  • हमीरपुर कुरारा। थाना क्षेत्र मे 35 वर्षीय विकलांग युवक ने बुधवार की शाम करीब 7 बजे अपने घर मे साफी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली। माँ ने बताया की वो खेतो मे सीला बीनने गयी थी वही ज़ब शाम को घर पहुंची तो फंदे पर लटक रहा था। एक साल पूर्व सड़क दुर्घटना मे वो गंभीर रूप से घायल हो गया था और पैर से विकलांग हो गया था जिससे इलाज मे काफ़ी पैसा खर्च हुआ था जो कर्ज लेकर इलाज कराया था। इन्ही सब कारणों से परेशान युवक ने आत्महत्या कर ली। पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतार कर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। मृतक तीन भाइयो मे दूसरे नंबर का था और अविवाहित था
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    हमीरपुर
कुरारा। थाना क्षेत्र मे 35 वर्षीय विकलांग युवक ने बुधवार की शाम करीब 7 बजे अपने घर मे साफी के फंदे से लटककर आत्महत्या कर ली।
माँ ने बताया की वो खेतो मे सीला बीनने गयी थी वही ज़ब शाम को घर पहुंची तो फंदे पर लटक रहा था।
एक साल पूर्व सड़क दुर्घटना मे वो गंभीर रूप से घायल हो गया था और पैर से विकलांग हो गया था जिससे इलाज मे काफ़ी पैसा खर्च हुआ था जो कर्ज लेकर इलाज कराया था। इन्ही सब कारणों से परेशान युवक ने आत्महत्या कर ली।
पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को नीचे उतार कर पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है।
मृतक तीन भाइयो मे दूसरे नंबर का था और अविवाहित था
    user_अनवर हुसैन
    अनवर हुसैन
    Teacher मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    3 hrs ago
  • पीएम मित्र योजना के तहत देश में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य रोजगार बढ़ाना और उद्योग को मजबूत करना है।
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    पीएम मित्र योजना के तहत देश में आधुनिक टेक्सटाइल पार्क विकसित किए जा रहे हैं। इस योजना का उद्देश्य रोजगार बढ़ाना और उद्योग को मजबूत करना है।
    user_Dilip Kumar Bharti
    Dilip Kumar Bharti
    Local News Reporter नरैनी, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    7 hrs ago
  • हमीरपुर। स्मार्ट विद्युत मीटरों से परेशान महिलाओं ने सुमेरपुर पावर हाउस पहुंचकर जमकर हंगामा किया। उपखंड अधिकारी (SDO) के न मिलने पर नाराज महिलाओं ने अवर अभियंता (JE) का घेराव कर विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिससे काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा। कस्बे के वार्ड नंबर छह की महिलाएं अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण को संबोधित प्रार्थना पत्र देने पहुंची थीं। उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से गरीब और मजदूर वर्ग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। रोज कमाने-खाने वाले परिवार समय पर रिचार्ज नहीं करा पाते, जिससे बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली कट जाती है और उन्हें अंधेरे में रहना पड़ता है। महिलाओं ने मांग की कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त कर पोस्टपेड प्रणाली लागू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अवर अभियंता ने उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया और मीटरों को पोस्टपेड में बदलवाने की बात कही, जिसके बाद महिलाएं शांत होकर वापस लौट गईं।
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    हमीरपुर। स्मार्ट विद्युत मीटरों से परेशान महिलाओं ने सुमेरपुर पावर हाउस पहुंचकर जमकर हंगामा किया। 
उपखंड अधिकारी (SDO) के न मिलने पर नाराज महिलाओं ने अवर अभियंता (JE) का घेराव कर विभाग के खिलाफ जोरदार नारेबाजी की, जिससे काफी देर तक माहौल तनावपूर्ण बना रहा।
कस्बे के वार्ड नंबर छह की महिलाएं अधिशासी अभियंता विद्युत वितरण को संबोधित प्रार्थना पत्र देने पहुंची थीं। 
उनका आरोप है कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से गरीब और मजदूर वर्ग को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। 
रोज कमाने-खाने वाले परिवार समय पर रिचार्ज नहीं करा पाते, जिससे बैलेंस खत्म होते ही तुरंत बिजली कट जाती है और उन्हें अंधेरे में रहना पड़ता है।
महिलाओं ने मांग की कि स्मार्ट मीटर व्यवस्था को समाप्त कर पोस्टपेड प्रणाली लागू की जाए, ताकि लोगों को राहत मिल सके। काफी देर तक चले हंगामे के बाद अवर अभियंता ने उनकी समस्याओं के समाधान का आश्वासन दिया
और मीटरों को पोस्टपेड में बदलवाने की बात कही, जिसके बाद महिलाएं शांत होकर वापस लौट गईं।
    user_ISLAM
    ISLAM
    Local News Reporter मौदहा, हमीरपुर, उत्तर प्रदेश•
    12 hrs ago
  • साड़ी खण्ड एक की खनन माफिया ने निजी भूमि पर बनाया अवैध रास्ता पीड़ित ने डीएम सहित मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार दबंग पंकज चतुर्वेदी किसानों को दे रहा फर्जी मुकदमे में फसाने की धमकी बांदा। पैलानी तहसील क्षेत्र के साड़ी खण्ड एक की खदान के संचालक की दबंगई इस कदर हावी है कि किसान की निजी भूमि पर जबरन रास्ता बनाकर बालू का अवैध परिवहन धडल्ले से किया जा रहा है। पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी, आयुक्त, उपजिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है। सीएम को भेज पत्र में अलोना निवासी छोटा पुत्र फकीरे सिंह ने बताया है कि उसकी निजी भूमि ग्राम साड़ी में जिसका गाटा संख्या 1131,1141 पंकज चतुर्वेदी निवासी खप्टिहाकला द्वारा साड़ी खण्ड एक में रास्ते के लिए 90 हजार रूपये में तय की गयी थी। लेकिन खदान संचालक और पंकज चतुर्वेदी द्वारा पांच-पांच हजार रूपये दो किश्तों में दिये गये। शेष 80 हजार रूपये की रकम मांगने पर उसको उसको गाली-गलौज और मुकदमो में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया। इतना ही नहीं खदान संचालक द्वारा उसकी बिना अनुमति के खड़ी फसल में रास्ता बनाकर रौंदा डाला। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से कार्यवाही की मांग की है।
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    साड़ी खण्ड एक की खनन माफिया ने निजी भूमि पर बनाया अवैध रास्ता
पीड़ित ने डीएम सहित मुख्यमंत्री से लगाई न्याय की गुहार
दबंग पंकज चतुर्वेदी किसानों को दे रहा फर्जी मुकदमे में फसाने की धमकी 
बांदा। पैलानी तहसील क्षेत्र के साड़ी खण्ड एक की खदान के संचालक की दबंगई इस कदर हावी है कि किसान की निजी भूमि पर जबरन रास्ता बनाकर बालू का अवैध परिवहन धडल्ले से किया जा रहा है। पीड़ित किसान ने जिलाधिकारी, आयुक्त, उपजिलाधिकारी सहित मुख्यमंत्री को पत्र भेजकर कार्यवाही की मांग की है।
सीएम को भेज पत्र में अलोना निवासी छोटा पुत्र फकीरे सिंह ने बताया है कि उसकी निजी भूमि ग्राम साड़ी में जिसका गाटा संख्या 1131,1141 पंकज चतुर्वेदी निवासी खप्टिहाकला द्वारा साड़ी खण्ड एक में रास्ते के लिए 90 हजार रूपये में तय की गयी थी। लेकिन खदान संचालक और पंकज चतुर्वेदी द्वारा पांच-पांच हजार रूपये दो किश्तों में दिये गये। शेष 80 हजार रूपये की रकम मांगने पर उसको उसको गाली-गलौज और मुकदमो में फंसाने की धमकी देकर भगा दिया। इतना ही नहीं खदान संचालक द्वारा उसकी बिना अनुमति के खड़ी फसल में रास्ता बनाकर रौंदा डाला। पीड़ित ने मुख्यमंत्री से कार्यवाही की मांग की है।
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    Surash Sahu
    बांदा, बांदा, उत्तर प्रदेश•
    21 hrs ago
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