झाड़-फूंक के बहाने बाराबंकी ले जाकर किया था बेटी का कत्ल लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। बाराबंकी के बड्डूपुर नहर पटरी पर 16 वर्षीय किशोरी की हत्या के मामले में चिनहट पुलिस ने पिता और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज पिता झाड़ फूंक कराने के बहाने उसे अपने कैब चालक दोस्त के साथ बाराबंकी लेकर पहुंचा था। वहां बेटी का दुपट्टे से गला घोंटकर मार डाला। शव की पहचान छिपाने को एसिड से चेहरा जलाने की भी कोशिश की थी। बेटी के कत्ल के बाद आरोपी ने उसके लापता होने की जानकारी आईजीआरएस पोर्टल दी। फिर अपने पिता को चिनहट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए भेजा था। पुलिस उपायुक्त पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में किशोरी का पिता व उसका साथी ओला कार चालक अब्बास है। किशोरी के पिता ने पूछताछ में बताया कि बेटी के बाराबंकी में रहने वाले सुमित से प्रेम प्रसंग था। कई बार मना करने के बाद भी वह उसके संपर्क में थी। बदनामी के डर से उसकी हत्या की साजिश रची थी। वारदात के लिए उसने 13 अप्रैल को उसने पड़ोस में रहने वाले आदर्श शुक्ला की कार बुक की थी। चालक अब्बास के साथ बेटी को झाड़ फूंक के बहाने सुल्तानपुर लेकर पहुंचा। वहां रात में रुका। होटल में खाना खाया। इसके बाद बेटी को बाराबंकी बड्डूपुर नहर पटरी किनारे लेकर गया। वहां दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर पहचान मिटाने के लिए चेहरा जलाने की कोशिश की थी। वारदात के बाद दोनों वहां से लौटे। हत्यारोपी पिता ने आईजीआरएस पर बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामला संज्ञान में आने पर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा 18 अप्रैल को किशोरी के घर पहुंचे। वहां ताला लगा था। पिता के मोबाइल पर फोन किया गया तो वह बंद था। किशोरी के बाबा से इंस्पेक्टर की मुलाकात हुई। उन्होंने अपने बेटे (किशोरी के पिता) के बारे में जानकारी से अनभिज्ञता जताई। इंस्पेक्टर आस-पड़ोस से जानकारी लेकर लौट आए। कुछ देर बाद किशोरी के बाबा एक अधिवक्ता के साथ उसकी गुमशुदगी की तहरीर लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने सुमित पर आशंका जताई। इस बीच किशोरी के पिता भी आ गए। तब तक चिनहट इंस्पेक्टर को बाराबंकी के बड्डूपुर में किशोरी का शव मिलने की सूचना मिली। इंस्पेक्टर ने बाराबंकी पुलिस से फोटो मंगवाई और किशोरी के पिता को दिखाई तो उन्होंने पहचान की।
झाड़-फूंक के बहाने बाराबंकी ले जाकर किया था बेटी का कत्ल लखनऊ, वरिष्ठ संवाददाता। बाराबंकी के बड्डूपुर नहर पटरी पर 16 वर्षीय किशोरी की हत्या के मामले में चिनहट पुलिस ने पिता और उसके दोस्त को गिरफ्तार कर लिया है। बेटी के प्रेम प्रसंग से नाराज पिता झाड़ फूंक कराने के बहाने उसे अपने कैब चालक दोस्त के साथ बाराबंकी लेकर पहुंचा था। वहां बेटी का दुपट्टे से गला घोंटकर मार डाला। शव की पहचान छिपाने को एसिड से चेहरा जलाने की भी कोशिश की थी। बेटी के कत्ल के बाद आरोपी ने उसके लापता होने की जानकारी आईजीआरएस पोर्टल दी। फिर अपने पिता को चिनहट थाने में गुमशुदगी दर्ज कराने के लिए भेजा था। पुलिस उपायुक्त पूर्वी डॉ. दीक्षा शर्मा के मुताबिक गिरफ्तार आरोपियों में किशोरी का पिता व उसका साथी ओला कार चालक अब्बास है। किशोरी के पिता ने पूछताछ में बताया कि बेटी के बाराबंकी में रहने वाले सुमित से प्रेम प्रसंग था। कई बार मना करने के बाद भी वह उसके संपर्क में थी। बदनामी के डर से उसकी हत्या की साजिश रची थी। वारदात के लिए उसने 13 अप्रैल को उसने पड़ोस में रहने वाले आदर्श शुक्ला की कार बुक की थी। चालक अब्बास के साथ बेटी को झाड़ फूंक के बहाने सुल्तानपुर लेकर पहुंचा। वहां रात में रुका। होटल में खाना खाया। इसके बाद बेटी को बाराबंकी बड्डूपुर नहर पटरी किनारे लेकर गया। वहां दुपट्टे से गला घोंटकर हत्या कर दी। फिर पहचान मिटाने के लिए चेहरा जलाने की कोशिश की थी। वारदात के बाद दोनों वहां से लौटे। हत्यारोपी पिता ने आईजीआरएस पर बेटी के लापता होने की शिकायत दर्ज कराई थी। मामला संज्ञान में आने पर इंस्पेक्टर चिनहट दिनेश चंद्र मिश्रा 18 अप्रैल को किशोरी के घर पहुंचे। वहां ताला लगा था। पिता के मोबाइल पर फोन किया गया तो वह बंद था। किशोरी के बाबा से इंस्पेक्टर की मुलाकात हुई। उन्होंने अपने बेटे (किशोरी के पिता) के बारे में जानकारी से अनभिज्ञता जताई। इंस्पेक्टर आस-पड़ोस से जानकारी लेकर लौट आए। कुछ देर बाद किशोरी के बाबा एक अधिवक्ता के साथ उसकी गुमशुदगी की तहरीर लेकर थाने पहुंचे। उन्होंने सुमित पर आशंका जताई। इस बीच किशोरी के पिता भी आ गए। तब तक चिनहट इंस्पेक्टर को बाराबंकी के बड्डूपुर में किशोरी का शव मिलने की सूचना मिली। इंस्पेक्टर ने बाराबंकी पुलिस से फोटो मंगवाई और किशोरी के पिता को दिखाई तो उन्होंने पहचान की।
- Post by रामानंद सागर1
- आगरा के शाहगंज थाना क्षेत्र में दबंगई की बड़ी घटना सामने आई है। घर में घुसकर मारपीट किए जाने से इलाके में हड़कंप मच गया। 👉 जानकारी के अनुसार, कुछ दबंगों ने जबरन घर में घुसकर लोगों के साथ मारपीट की 👉 घटना के बाद पीड़ित परिवार में दहशत का माहौल है 👉 स्थानीय लोगों की भीड़ मौके पर जुट गई 📍 सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है।1
- UP: गोंडा में सर्राफा व्यापारी समर कसौधन को बाइक सवार बदमाशों ने गोली मार दी और ज्वेलरी का भरा बैग लूट कर ले गए1
- संवाददाता रवि रावत बाराबंकी के फतेहपुर थाना क्षेत्र में सोमवार को एक सड़क हादसे में दो लोग घायल हो गए। तेज रफ्तार कार ने एक बाइक को टक्कर मार दी, जिसके बाद कार चालक मौके से फरार हो गया। पुलिस के अनुसार, मोहम्मदपुर खाला थाना क्षेत्र के सुंदर नगर हेतमापुर निवासी दिनेश (55) अपने भाई राम सुचित (50), जो फतेहपुर थाना क्षेत्र के मसूदपुर के रहने वाले हैं, के साथ एक विवाह समारोह से लौट रहे थे। दशरथपुर गांव के पास सामने से आ रही एक तेज रफ्तार कार ने उनकी बाइक को टक्कर मार दी। टक्कर के कारण दोनों भाई सड़क पर गिर गए और गंभीर रूप से घायल हो गए। हादसे के बाद मौके पर भीड़ जमा हो गई। स्थानीय लोगों ने तुरंत घायलों को सड़क किनारे पहुंचाया और उनके परिजनों को सूचना दी। परिजनों के पहुंचने के बाद एंबुलेंस से दोनों घायलों को फतेहपुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र ले जाया गया। वहां चिकित्सकों ने प्राथमिक उपचार किया। डॉ. हिमांशु ने बताया कि दिनेश के पैर में गंभीर चोटें आई हैं, जिसमें अत्यधिक रक्तस्राव और कई फ्रैक्चर शामिल हैं। उनकी गंभीर हालत को देखते हुए उन्हें प्राथमिक उपचार के बाद जिला अस्पताल रेफर कर दिया गया। राम सुचित को मामूली चोटें आई थीं, जिन्हें प्राथमिक उपचार के बाद अस्पताल से छुट्टी दे दी गई। घटना की सूचना पर पुलिस मौके पर पहुंची और मामले की जांच शुरू कर दी है। हालांकि, खबर लिखे जाने तक परिजनों की ओर से कोई लिखित शिकायत दर्ज नहीं कराई गई थी। पुलिस फरार कार चालक की तलाश कर रही है।1
- Post by Anoop singh1
- बाराबंकी जनपद के कस्बा रसौली स्थित उच्च प्राथमिक विद्यालय बदहाली का शिकार है। विद्यालय परिसर में गंदगी का अंबार है, हैंडपंप और पानी की टंकी टूटी पड़ी है, और मुख्य द्वार भी महीनों से क्षतिग्रस्त है। दैनिक भास्कर की टीम ने निरीक्षण के दौरान विद्यालय की दयनीय स्थिति देखी। विद्यालय की प्रधानाचार्य ने बताया कि उन्होंने अपने खर्च पर एक सफाई कर्मचारी रखा है, जो विद्यालय को साफ रखता है। हालांकि, ग्राम पंचायत की ओर से विद्यालय की देखरेख के लिए कोई कदम नहीं उठाया जाता है। प्रधानाचार्य ने यह भी बताया कि गांव के लोग शौचालयों के ताले तोड़ देते हैं। विद्यालय परिसर में जगह-जगह घास उग आई है, जिसके लिए उन्होंने कई बार शिकायत की है, लेकिन उच्च प्राथमिक विद्यालय रसौली की देखरेख करने वाला कोई नहीं है। प्रधानाचार्य ने नाराजगी व्यक्त करते हुए कहा कि सरकार 'स्कूल चलो अभियान' पर लाखों खर्च कर रही है, लेकिन जिस विद्यालय में बच्चे पढ़ते हैं, वहां पीने का पानी और स्वच्छ शौचालय तक उपलब्ध नहीं है। उन्होंने ग्राम पंचायत अधिकारी से इस स्थिति पर ध्यान देने की अपील की।1
- Post by Mohd Aamir2
- 👉 पत्रकार रामजी दीक्षित कि रिपोर्ट बाराबंकी नमस्कार मित्रों, सर श्रीराम जयंती के अवसर पर आपका स्वागत करना मेरे लिए परम सौभाग्य की बात है। सर श्रीराम भारत के उन जाने माने व्यक्तियों में से हैं, जिन्हे देश के उद्योगपति, महान वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, शिक्षाबादी एवं समाजसेवी सभी बगों के लोग, उनके प्रेरणादायक आदशों के कारण आज भी हृदय से सम्मान देते हैं सर श्रीराम ने अपने करियर की शुरुआत एक बहुत ही साधारण आर्थिक पृष्ठभूमि के साथ की, लेकिन अपनी बसाधारण बुद्धिमत्ता, आसामान्य व्यावसायिक कौशल, दूरदर्शिता, दृढ़ संकल्प और अयक परिश्रम से उन्होंने न केवल अपने जीवनकाल में एक विशाल व्यापारिक साम्राज्य का निर्माण किया, बल्कि स्वतंत्र भारत के नव निर्माण में भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। सर श्रीराम स्वयं एक अत्यंत बुद्धिमान व्यक्तित्व होने के साथ साथ अपार विनम्रता के धनी थे। जहां एक ओर वे अपनी कुशाग्रता से कठिन से कठिन फैसले लेने में समर्थ थे, नहीं ने दूसरों के लिए फैसलों का बहुत विनम्रता से सम्मान करते थे। वह निःस्वार्थ मेजबान भी थे उनके परस्पर लेन-देन के रवैये ने उन्हें एक मिलनसार व्यक्ति बना दिया। 22, कर्जन रोब, न केवल उनका घर था, यह दिल्ली का सबसे बढ़ा गेस्ट हाउस था और शायद भारत का भी, जहां जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों, विनम्र पुरुष और विद्वान, कलाकार, वैज्ञानिक, अर्थशास्त्री, उद्योगपति, चिकित्सा विशेषज्ञ, राजनीतिक नेताओं, सामाजिक कार्यकर्ताओं, बैंकरों सभी का उनके द्वारा गर्मजोशी से स्वागत किया गया। सर श्रीराम का जीवन अध्ययन किसी भी अभ्यासरत प्रबंधक और प्रबंधन छात्र के लिए बहुत लाभकारी साबित हो सकता है। इस देश में व्यवसाय प्रबंधन को औपचारिक विषय के रूप में मान्यता मिलने से बहुत पहले, उन्होंने प्रबंधन के कई सिद्धांतों को पूरी तरह से अपने सामान्य ज्ञान और दुर्लभ व्यावसायिक कौशल के आधार पर लागू किया। सर श्रीराम दिल से मानवतावादी थे, मानवीय संबंधों के लिए उनकी चिंता की बराबरी बहुत कम लोग कर सकते थे। उन्होंने कर्मचारियों के बैंक और विवाह कोष की शुरुवात की, पीएफ सुबिधाओं को कानून के तहत अनिवार्य होने से बहुत पहले डीसीएम में पेश किया गया था। एक सच्चे मानवतावादी, सर श्रीराम ने रिवायती कैंटीन, चिकित्सा सहायता आदि जैसे कल्याणकारी उपायों की शुरुआत की। ➡️राधा सीड एण्ड पेस्टीसाइड्स श्री राम कॉलोनी1