महन्त जगन्नाथ बख्स दास 'चेयरमैन' साहेब सत्यनाम पंथ विस्तार ही नहीं स्वतंत्रता आंदोलन की भी जब-जब चर्चा होगी तब तब सत्यनाम परिवार श्री कोटवाधाम में 'रक्षाबंधन' श्रावण पूर्णिमा तिथि को जन्मे महंत जगन्नाथ बक्स दास का नाम बहुत ही श्रद्धा के साथ लिया जाएगा। आजादी के महान सिपाही रहे महंत श्री जगन्नाथ बख्श दास को व्यक्तिगत सत्याग्रह में कठिन कारावास और स्वतंत्रता आंदोलन में कई महीने नजरबंद की सजा भी झेलनी पड़ी थी। सत्यनाम पंथ आदि प्रवर्तक प्रभु जगजीवन साहेब की आठवीं पीढ़ी के वंशज ने अपने जीवन में समर्थ स्वामी जी के कहे शब्दों को अक्षर सह उतार कर जीवन व्यतीत किया। आपने "सत्यनाम कौमुदी" लघु ग्रंथ के माध्यम से स्वामी जी के जीवन दर्शन सिद्धांतों को जन जन तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया। इसी ग्रंथ में आपने स्वामी जी की मूल बाणी को प्रकाशित कराए जाने की प्रबल इच्छा जताई थी। इसी का परिणाम है कि वर्तमान परिवेश में समर्थ स्वामी जी की समस्त "मूल वाणी" सत्यनाम साधकों हो सुलभ हुई। 16 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध अवतरित सतनाम पंथ प्रवर्तक समर्थ स्वामी जगजीवन दास साहेब के आठवीं पीढ़ी के यशस्वी संत युवा महंत जगन्नाथ वख्स दास का जन्म सावन मास की पूर्णिमा 31 अगस्त 1910 ईस्वी में हुआ था। आप के पिताजी का नाम साहब जगदीश वक्स दास एवं माता का नाम श्रीमती मोहनी देवी था। कहा जाता है कि पिताजी ने एक बार जगन्नाथ स्वामी से एक पुत्र प्राप्ति की प्रार्थना की थी और संकल्प लिया था के पुत्र रत्न प्राप्ति के बाद उसका नाम भगवान जगन्नाथ के ही नाम पर रखेंगे । मनोवांछित फल 'पुत्र-रत्न' प्राप्ति के बाद आपका नाम जगन्नाथ वख्स दास रखा। आप की प्रारंभिक शिक्षा आपके घर पर ही हुई जिसमें उर्दू अरबी फारसी पढ़ाई गई हिंदी आपकी मातृभाषा थी । राजधानी लखनऊ के काल्विन तालुकेदार इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्रीर्ण करने के पश्चात आपने लखनऊ विश्वविद्यालय मैं राजनीति शास्त्र विषय से एम, ए की डिग्री प्राप्त किया । जब आप हाई स्कूल भी उत्रीर्ण नहीं हुए थे तभी आप साबरमती आश्रम जाकर गांधी जी का दर्शन किया। इस अल्प आयु में गांधी जी के द्वारा चलाए जा रहे हरिजनों उद्धार के बारे में अनेक प्रश्न पूछ डाले। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आपके व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने अपने लिए काम पूछा तो बापू ने कहा कि अपने निकट के हरिजनों को तरजीह दे। महंत जी ने बापू के इस कथन को अपने जीवन में साक्षर उतार लिया। इसी समय आपने जीवनपर्यंत राष्ट्र की सेवा का संकल्प ले लिया। तभी से आप सदैव बढ़िया खादी वस्त्र पहनने लगे । सन 1940 में व्यक्तिगत सत्याग्रह के दौरान आपको कठोर कारावास की सजा भी हुई। वर्ष 1942 के स्वतंत्रता आंदोलन में आपने काफी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया इसीलिए आप कई महीने नजरबंद भी रखे गए। आप आजन्म बाराबंकी जिला बोर्ड के चेयरमैन रहे। आप अपने लघु जीवन काल में ही कई हजार आत्मिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल एवं महा विद्यालय भी खुलवाए। कई कमेटियां बनाकर माध्यमिक स्तर के भी विद्यालय खुलवाए। विद्यालयों में हजारों की संख्या में शिक्षकों को अध्यापन कार्य करने हेतु नियुक्त किया। अपने प्रिय नेता भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निधन के उपरांत उनकी स्मृति में जनपद बाराबंकी मुख्यालय पर आपने ही जवाहर लाल नेहरू स्नातक महाविद्यालय की स्थापना कराई। आपका जीवन एक खुली किताब की तरह रहा। मात्र 16 वर्ष की आयु में आपकी धर्मपत्नी का निधन हो गया। तब भी आप आजीवन विधुर का ही जीवन व्यतीत किया । 31 दिसंबर सन 1975 मे अखिल भारतीय कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेने मुंबई गए थे। वही पर आपने अपने जीवन की अंतिम सांस ली। मृत्युपरांत आपके पार्थिव शरीर को वायुयान से दिल्ली-लखनऊ होते हुए कोटवाधाम लाया गया। जहां आपकी भव्य समाधि का निर्माण हुआ। 1975 में मृत्यो उपरांत तक आप अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राष्ट्रीय सदस्य तथा जिला बोर्ड बाराबंकी के चेयरमैन रहे। जय जगजीवन जय सतनाम साहेब बंदगी । पराग प्रसाद रावत महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच
महन्त जगन्नाथ बख्स दास 'चेयरमैन' साहेब सत्यनाम पंथ विस्तार ही नहीं स्वतंत्रता आंदोलन की भी जब-जब चर्चा होगी तब तब सत्यनाम परिवार श्री कोटवाधाम में 'रक्षाबंधन' श्रावण पूर्णिमा तिथि को जन्मे महंत जगन्नाथ बक्स दास का नाम बहुत ही श्रद्धा के साथ लिया जाएगा। आजादी के महान सिपाही रहे महंत श्री जगन्नाथ बख्श दास को व्यक्तिगत सत्याग्रह में कठिन कारावास और स्वतंत्रता आंदोलन में कई महीने नजरबंद की सजा भी झेलनी पड़ी थी। सत्यनाम पंथ आदि प्रवर्तक प्रभु जगजीवन साहेब की आठवीं पीढ़ी के वंशज ने अपने जीवन में समर्थ स्वामी जी के कहे शब्दों को अक्षर सह उतार कर जीवन व्यतीत किया। आपने "सत्यनाम कौमुदी" लघु ग्रंथ के माध्यम से स्वामी जी के जीवन दर्शन सिद्धांतों को जन जन तक पहुंचाने का सार्थक प्रयास किया। इसी ग्रंथ में आपने स्वामी जी की मूल बाणी को प्रकाशित कराए जाने की प्रबल इच्छा जताई थी। इसी का परिणाम है कि वर्तमान परिवेश में समर्थ स्वामी जी की समस्त "मूल वाणी" सत्यनाम साधकों हो सुलभ हुई। 16 वीं शताब्दी के उत्तरार्ध अवतरित सतनाम पंथ प्रवर्तक समर्थ स्वामी जगजीवन दास साहेब के आठवीं पीढ़ी के यशस्वी संत युवा महंत जगन्नाथ वख्स दास का जन्म सावन मास की पूर्णिमा 31 अगस्त 1910 ईस्वी में हुआ था। आप के पिताजी का नाम साहब जगदीश वक्स दास एवं माता का नाम श्रीमती मोहनी देवी था। कहा जाता है कि पिताजी ने एक बार जगन्नाथ स्वामी से एक पुत्र प्राप्ति की प्रार्थना की थी और संकल्प लिया था के पुत्र रत्न प्राप्ति के बाद उसका नाम भगवान जगन्नाथ के ही नाम पर रखेंगे । मनोवांछित फल 'पुत्र-रत्न' प्राप्ति के बाद आपका नाम जगन्नाथ वख्स दास रखा। आप की प्रारंभिक शिक्षा आपके घर पर ही हुई जिसमें उर्दू अरबी फारसी पढ़ाई गई हिंदी आपकी मातृभाषा थी । राजधानी लखनऊ के काल्विन तालुकेदार इंटर कॉलेज से इंटरमीडिएट की परीक्षा उत्रीर्ण करने के पश्चात आपने लखनऊ विश्वविद्यालय मैं राजनीति शास्त्र विषय से एम, ए की डिग्री प्राप्त किया । जब आप हाई स्कूल भी उत्रीर्ण नहीं हुए थे तभी आप साबरमती आश्रम जाकर गांधी जी का दर्शन किया। इस अल्प आयु में गांधी जी के द्वारा चलाए जा रहे हरिजनों उद्धार के बारे में अनेक प्रश्न पूछ डाले। राष्ट्रपिता महात्मा गांधी आपके व्यक्तित्व से बहुत प्रभावित हुए और उन्होंने अपने लिए काम पूछा तो बापू ने कहा कि अपने निकट के हरिजनों को तरजीह दे। महंत जी ने बापू के इस कथन को अपने जीवन में साक्षर उतार लिया। इसी समय आपने जीवनपर्यंत राष्ट्र की सेवा का संकल्प ले लिया। तभी से आप सदैव बढ़िया खादी वस्त्र पहनने लगे । सन 1940 में व्यक्तिगत सत्याग्रह के दौरान आपको कठोर कारावास की सजा भी हुई। वर्ष 1942 के स्वतंत्रता आंदोलन में आपने काफी बढ़ चढ़कर हिस्सा लिया इसीलिए आप कई महीने नजरबंद भी रखे गए। आप आजन्म बाराबंकी जिला बोर्ड के चेयरमैन रहे। आप अपने लघु जीवन काल में ही कई हजार आत्मिक विद्यालय, जूनियर हाईस्कूल एवं महा विद्यालय भी खुलवाए। कई कमेटियां बनाकर माध्यमिक स्तर के भी विद्यालय खुलवाए। विद्यालयों में हजारों की संख्या में शिक्षकों को अध्यापन कार्य करने हेतु नियुक्त किया। अपने प्रिय नेता भारत के प्रथम प्रधानमंत्री जवाहर लाल नेहरू के निधन के उपरांत उनकी स्मृति में जनपद बाराबंकी मुख्यालय पर आपने ही जवाहर लाल नेहरू स्नातक महाविद्यालय की स्थापना कराई। आपका जीवन एक खुली किताब की तरह रहा। मात्र 16 वर्ष की आयु में आपकी धर्मपत्नी का निधन हो गया। तब भी आप आजीवन विधुर का ही जीवन व्यतीत किया । 31 दिसंबर सन 1975 मे अखिल भारतीय कांग्रेस अधिवेशन में भाग लेने मुंबई गए थे। वही पर आपने अपने जीवन की अंतिम सांस ली। मृत्युपरांत आपके पार्थिव शरीर को वायुयान से दिल्ली-लखनऊ होते हुए कोटवाधाम लाया गया। जहां आपकी भव्य समाधि का निर्माण हुआ। 1975 में मृत्यो उपरांत तक आप अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी राष्ट्रीय सदस्य तथा जिला बोर्ड बाराबंकी के चेयरमैन रहे। जय जगजीवन जय सतनाम साहेब बंदगी । पराग प्रसाद रावत महासचिव अखिल भारतीय राजीव गांधी विचार मंच
- Sarkar , se yahi nivedan hai ki jaldse , jald banwane , ki koshish , karen Baarish, ke vajah se Yeh Kua dhai Raha hai, Sarkar, se, yahi ki jald se, jald is banwane ke, liye kasht, Karen, Gaon, ki nagarik, ke, liye, aane, jaane Mein bahut, samasya h*Rahi hai2
- रायबरेली में निकाला जुलूस ए मोहम्मदी मोहम्मद हजरत पैगंबर साहब का आज जन्मदिन मनाया जाता है रायबरेली में निकाला जुलूस ए मोहम्मदी मोहम्मद हजरत पैगंबर साहब का आज जन्मदिन मनाया जाता है1
- रायबरेली (बछरावां): बछरावां कोतवाली क्षेत्र के तोरियार गांव के पास इंदिरा नहर की शाखा माईनर मे एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया। नहर की पुलिया के पास मगरमच्छ को तैरते देख स्थानीय लोगों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद एक युवक ने मोबाइल से मगरमच्छ का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में मगरमच्छ पहले नहर के किनारे शांत बैठा दिखाई देता है और फिर धीरे-धीरे गहरे पानी के बीच तैरने लगता है। नहर के आसपास अक्सर ग्रामीणों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों में किसी अप्रिय घटना को लेकर गहरी चिंता और दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले का संज्ञान लेने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। इस संबंध में वन विभाग की टीम मामले की जांच-पड़ताल कर रही है और स्थिति स्पष्ट होने के बाद जरूरी रेस्क्यू कदम उठाएगी। रायबरेली (बछरावां): बछरावां कोतवाली क्षेत्र के महरौरा गांव के पास इंदिरा नहर में सोमवार शाम एक विशालकाय मगरमच्छ देखा गया। नहर की पुलिया के पास मगरमच्छ को तैरते देख स्थानीय लोगों और राहगीरों में हड़कंप मच गया। मौके पर मौजूद एक युवक ने मोबाइल से मगरमच्छ का वीडियो रिकॉर्ड कर लिया, जो अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है।वायरल वीडियो में मगरमच्छ पहले नहर के किनारे शांत बैठा दिखाई देता है और फिर धीरे-धीरे गहरे पानी के बीच तैरने लगता है। नहर के आसपास अक्सर ग्रामीणों और बच्चों की आवाजाही बनी रहती है, जिससे स्थानीय लोगों में किसी अप्रिय घटना को लेकर गहरी चिंता और दहशत बनी हुई है। ग्रामीणों ने वन विभाग से मामले का संज्ञान लेने और सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम करने की मांग की है। इस संबंध में वन विभाग की टीम मामले की जांच-पड़ताल कर रही है और स्थिति स्पष्ट होने के बाद जरूरी रेस्क्यू कदम उठाएगी।1
- खाना बनाते समय कुकर फटने का वीडियो हुआ वायरल,सोशल मीडिया पर बटोर रहा सुर्खिया1
- CM #योगी_आदित्यनाथ रायबरेली एक #दिवसीय दौरे पर रहे राणा #बेनी_माधव_बॉक्स_सिंह सभागार का #लोकार्पण करते हुए #जनसभा को #संबोधित किया और सैकड़ो योजनाओं की #सौगात दी,लेकिन #जाते समय जनता ने क्या कुछ कहा सुनिए। Facebook Community Facebook #रायबरेली #raebareli #viralchallenge Akhilesh Yadav Samajwadi Party Raebareli news CM #योगी_आदित्यनाथ रायबरेली एक #दिवसीय दौरे पर रहे राणा #बेनी_माधव_बॉक्स_सिंह सभागार का #लोकार्पण करते हुए #जनसभा को #संबोधित किया और सैकड़ो योजनाओं की #सौगात दी,लेकिन #जाते समय जनता ने क्या कुछ कहा सुनिए। Facebook Community Facebook #रायबरेली #raebareli #viralchallenge Akhilesh Yadav Samajwadi Party Raebareli news1
- नमस्कार में शिव कुमारी उत्तर प्रदेश रायबरेली सलोन तहसील से रिपोर्टर रायबरेली में खाद विभाग का बड़ा एक्शन 250 किलो मिलावट मिठाई नष्ट रायबरेली में जिलाधिकारी के निर्देश पर खाद्य सुरक्षा विभाग ने आज भोजपुरी बाजार में बड़ी कार्रवाई की है खाद्य सुरक्षा अधिकारी अंजनी कुमार श्रीवास्तव नेतृत्व में टीम ने झुल्लन स्वीट हाउस और चौहान स्वीट हाउस का औचक निरीक्षण किया टीम ने झुल्लन स्वीट हाउस से चमचम छेना और पनीर का सैंपल लिया और लगभग 150किलो चमचम मिठाई जिसकी कीमत 46 हजार रूपए बताई जा रही है मानव उपभोग के लिए अनुपयुक्त पाए जाने पर मौके पर ही नष्ट कर दिया वहीं चौहान स्वीट हाउस से खोया और छेना मिठाई का सैंपल लेकर 75 किलो खोया कीमत 26 हजार 250 और 25 किलो छेना कीमत 6 हजार रुपए अनुपयुक्त होने पर नष्ट किया गया दोनों प्रतिष्ठानों को सुधार नोटिस जारी करने की संस्तुति की गई है यह कारवाई खाद्य सुरक्षा अधिकारियों अभय प्रताप सिंह उदय राज मौर्य और सुमांशु सचान की टीम ने की है2
- हरचंदपुर विधानसभा के सताँव ब्लॉक के अमवन मजरे कोंसा की मुस्लिम बस्ती में कीचड़ और गंदगी से लोगों का जीना दूभर। त्योहार से एक दिन पहले सफाई न होने पर मजबूर ग्रामीणों ने खुद फावड़ा उठाकर नालियां और रास्ते साफ किए। ग्रामीणों में भारी नाराज़गी, बोले— "वोट के समय नेता आते हैं, लेकिन मुसीबत में कोई नहीं।" #voicebharat24 #रायबरेली #UttarPradesh #reelsviralシ #RakeshSingh #DineshPratapSingh #BJPGovernment #BJP4IND #samajwadipartyofficial हरचंदपुर विधानसभा के सताँव ब्लॉक के अमवन मजरे कोंसा की मुस्लिम बस्ती में कीचड़ और गंदगी से लोगों का जीना दूभर। त्योहार से एक दिन पहले सफाई न होने पर मजबूर ग्रामीणों ने खुद फावड़ा उठाकर नालियां और रास्ते साफ किए। ग्रामीणों में भारी नाराज़गी, बोले— "वोट के समय नेता आते हैं, लेकिन मुसीबत में कोई नहीं।" #voicebharat24 #रायबरेली #UttarPradesh #reelsviralシ #RakeshSingh #DineshPratapSingh #BJPGovernment #BJP4IND #samajwadipartyofficial1
- गांव की महिलाओं का नया गीत महंगाई पर भारी.............. गांव की महिलाओं का नया गीत महंगाई पर भारी...1