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हरियाणा के नारनौल में एक सरकारी अस्पताल के स्टाफ की कथित लापरवाही से नवजात की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि स्टाफ ने समय पर ध्यान नहीं दिया और अभद्र व्यवहार किया। अब उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से मामले की जांच और अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
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हरियाणा के नारनौल में एक सरकारी अस्पताल के स्टाफ की कथित लापरवाही से नवजात की मौत हो गई, जिसके बाद परिजनों ने गंभीर आरोप लगाए हैं। पीड़ित परिवार का कहना है कि स्टाफ ने समय पर ध्यान नहीं दिया और अभद्र व्यवहार किया। अब उन्होंने स्वास्थ्य मंत्री से मामले की जांच और अस्पताल की व्यवस्था में सुधार की मांग की है।
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- नारनौल के सरकारी अस्पताल में नवजात की मौत के बाद परिजनों ने अस्पताल स्टाफ पर लापरवाही के गंभीर आरोप लगाए हैं। घटना के बाद परिवार में शोक का माहौल है, वहीं अस्पताल की कार्यप्रणाली पर भी सवाल खड़े हो गए हैं। पीड़ित पिता अटाली निवासी सतीश कुमार के अनुसार वह शुक्रवार सुबह करीब 4:30 बजे अपनी पत्नी सोनाली को प्रसव के लिए नारनौल अस्पताल लेकर पहुंचे थे। जांच के दौरान डॉक्टरों ने बताया कि गर्भ में बच्चे ने पॉटी कर रखी है और उसकी धड़कन भी सामान्य से कम है। परिजनों का आरोप है कि इसके बावजूद अस्पताल स्टाफ ने महिला की स्थिति को गंभीरता से नहीं लिया। नारनौल का नागरिक अस्पताल समय पर नहीं मिली सहायता परिवार का कहना है कि प्रसव पीड़ा के दौरान महिला लगातार दर्द से तड़पती रही और उसका पति बार-बार स्टाफ से मदद की गुहार लगाता रहा, लेकिन समय पर कोई सहायता नहीं मिली। आरोप है कि अस्पताल कर्मियों ने उनकी बात को नजरअंदाज कर दिया। स्टाफ ने दी मौत की सूचना पीड़ित पिता ने बताया कि सुबह करीब 10:15 से 10:30 बजे के बीच उसने स्टाफ को जाकर बताया कि डिलीवरी हो चुकी है, जिसके बाद कर्मचारी मौके पर पहुंचे। बाद में परिवार को नवजात की मौत की सूचना दी गई। तीन बेटियों के बाद हुआ था भावुक पिता ने कहा कि उनकी पहले से तीन बेटियां हैं और करीब सात साल बाद बेटे के जन्म की उम्मीद थी, लेकिन अस्पताल की कथित लापरवाही ने परिवार की खुशियां मातम में बदल दीं। आरती राव से जांच की मांग परिजनों ने स्वास्थ्य मंत्री आरती सिंह राव से मामले की निष्पक्ष जांच करवाने और अस्पताल व्यवस्था में सुधार की मांग की है। परिवार का आरोप है कि अस्पताल में मरीजों के साथ व्यवहार ठीक नहीं है तथा प्रसव के बाद “बधाई” के नाम पर पैसे मांगने जैसी शिकायतें भी सामने आती रहती हैं।1
- पश्चिम बंगाल की जनता को घुटने पर बैठकर किया नमन । प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी1
- रामबास के ग्रामीणों ने गंदे पानी की निकासी नही हाेने पर किया राेष प्रदर्शन, घराें के अागे जमा है दाे-दाे फीट पानी चरखी दादरी!बाढ़डा! रामबास के ग्रामीणों ने गंदे पानी की निकासी नही हाेने पर सरकार व प्रशासन के खिलाफ राेष प्रदर्शन किया। गली में पिछले कई माह से घराें के अागे दाे-दाे फीट गंदा पानी जमा है। ग्रामीणों ने शीघ्र समाधान नही हाेने पर अांदाेलन शुरू करने की चेतावनी दी है। गांव रामबास के निवासी शेर सिंह, जगदीश, संजनी, संतरा, माेहित, अशाेक, सुनीता, सुमन, रविंद्र, प्रमिला, राेशनी अादि ने राेष प्रदर्शन करते हुए कहा कि पिछले 11 माह से गली में जमा गंदे पानी की निकासी के लिए दर-दर की ठोकरें खा रहे हैं। ग्रामीणों ने कहा कि गांव के कुछ लाेगाें ने जानबूझकर गंदे पानी की निकासी बाधित कर दी है और रास्ते में मिट्टी डाल दी है। आलम यह है कि शेर सिंह के घर के सामने करीब 2-2 फीट तक गंदा पानी गली जमा रहता है। बारिश के दिनों में तो स्थिति और भी भयावह हो जाती है, जब यह बदबूदार पानी कमरों और रसोई तक पहुंच जाता है। जलभराव के कारण मकान की नींव कमजोर हो रही है, जिससे कभी भी बड़ा हादसा हो सकता है। बाक्स: डायल 112 भी रही बेअसर, महामारी का सता रहा डर पीड़ित शेर सिंह ने बताया कि उन्होंने समस्या को लेकर डायल 112 पर भी कॉल किया था, लेकिन पुलिस टीम आने के बावजूद कोई ठोस समाधान नहीं निकला। गंदे पानी की दुर्गंध से इलाके में मच्छरों का प्रकोप बढ़ गया है, जिससे महामारी फैलने का भय बना हुआ है। ग्रामीणों का कहना है कि जब वे पानी निकासी की बात करते हैं, तो दूसरे पक्ष के लोग लड़ाई-झगड़े पर उतारू हो जाते हैं। ग्रामीणों ने दो टूक कहा कि वे कई बार प्रशासनिक अधिकारियों को शिकायत दे चुके हैं, लेकिन आश्वासन के सिवाय कुछ नहीं मिला है। उन्होंने मांग की है कि जल्द से जल्द अवैध रुकावटों को हटाकर पानी की निकासी सुनिश्चित की जाए। ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि जल्द ही इस समस्या का स्थाई समाधान नहीं हुआ, तो वे जिला मुख्यालय पर प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे। इस अवसर पर विकास, मीना, राजेश, मुस्कान, सुमित, पूनम, निर्मला आदि मौजूद थे।1
- #18 महीने के भौमिक बंसल करेंगे फिल्म निर्जला से बड़े पर्दे पर डेब्बू #निभाएंगे राधा का किरदार #मल्टी-अवॉर्ड विनिंग अभिनेत्री, निर्माता और सामाजिक हस्ती नेहा बंसल के बेटे भौमिक बंसल अब देशभर के दर्शकों का दिल जीतने को तैयार #18 महीने के भौमिक बंसल करेंगे फिल्म निर्जला से बड़े पर्दे पर डेब्बू #निभाएंगे राधा का किरदार #मल्टी-अवॉर्ड विनिंग अभिनेत्री, निर्माता और सामाजिक हस्ती नेहा बंसल के बेटे भौमिक बंसल अब देशभर के दर्शकों का दिल जीतने को तैयार1
- स्मार्ट मीटर योजना के विरोध में किसान राज्यपाल को सौंपेंगे 30 हजार शपथ-पत्र बाढड़ा। भाकियू ने जून माह के प्रथम सप्ताह में राज्यपाल को बिजली चालित ट्यूबवेल पर स्मार्ट मीटर योजना और स्लैब प्रणाली के संभावित समाप्त होने के विरोध में 30 हजार शपथ-पत्र सौंपने का निर्णय लिया है। भाकियू जिला अध्यक्ष हरपाल सिंह भांडवा ने बताया कि दादरी और भिवानी जिले के किसान इस अभियान में शामिल होंगे। शनिवार को भांडवा, हड़ौदी और बाढड़ा गांवों में किसानों से शपथ-पत्र भरवाने का अभियान शुरू किया गया।भाकियू जिला अध्यक्ष हरपाल सिंह ने कहा कि सरकार कृषि सिंचाई के लिए स्मार्ट मीटर लागू करने की तैयारी कर रही है, जिससे लंबे समय से चल रही स्लैब प्रणाली समाप्त होने का खतरा है। दक्षिणी हरियाणा के किसान नहरी पानी की कमी के कारण बिजली चालित ट्यूबवेल से अपनी फसलें सिंचाई करते हैं। उन्होंने बताया कि वर्ष 2012 में स्लैब प्रणाली को समाप्त करने का प्रयास किया गया था, लेकिन लंबी किसान आंदोलन के बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री भूपेंद्र सिंह हुड्डा ने इसे बहाल किया था। भाकियू ने बताया कि कृषि क्षेत्र में स्मार्ट मीटर योजना किसी भी सूरत में स्वीकार्य नहीं होगी। विरोध स्वरूप दो कमेटियों का गठन किया गया है जो पंचायत प्रतिनिधियों की मदद से गांव-गांव जाकर किसानों से शपथ-पत्र एकत्रित करेंगी।किसान नेता ने बताया कि वर्ष 2023 में रबी और खरीफ सीजन में प्राकृतिक आपदा के कारण कपास, ग्वार और बाजरे की फसलें बर्बाद हो गई थीं। बीमा कंपनी ने सैटेलाइट सर्वे के आधार पर नाममात्र का मुआवजा जारी किया जिससे किसानों को भारी आर्थिक नुकसान उठाना पड़ा। भाकियू ने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर जल्द सुनवाई नहीं हुई तो पहले राज्यपाल और फिर मुख्यमंत्री से मिलकर अपना विरोध दर्ज कराएंगे। साथ ही मांगें नहीं मानी गई तो जनप्रतिनिधियों का गांवों में प्रवेश रोका जाएगा। इस दौरान यूनियन महासचिव राधेश्याम शर्मा, रामौतार लाड, गिरधारी मोद, रणधीर हुई, सतबीर बाढड़ा, धर्मपाल सिंह, कमल सिंह हड़ौदी, पूर्व सरपंच वेदप्रकाश और जगत सिंह माैजूद रहे।1
- एफपीआई कंपनी में गार्ड की मौत के बाद बवाल, ग्रामीणों ने लापरवाही का आरोप लगाकर किया धरना शाहजहांपुर क्षेत्र के गुगलकोटा स्थित एफपीआई कंपनी में ड्यूटी के दौरान एक गार्ड की तबीयत बिगड़ने से मौत हो जाने के बाद रविवार को माहौल तनावपूर्ण हो गया। मृतक की पहचान चौबारा निवासी पुरोष्तम (45) के रूप में हुई है, जो पिछले करीब 18 महीनों से कंपनी में गार्ड के पद पर कार्यरत था। घटना के बाद चौबारा गांव के सैकड़ों ग्रामीण कंपनी के मुख्य गेट पर एकत्र हो गए और धरना प्रदर्शन शुरू कर दिया। ग्रामीणों ने कंपनी प्रबंधन पर लापरवाही का आरोप लगाते हुए कहा कि पुरोष्तम की मौत कंपनी परिसर में ही हो गई थी, लेकिन मामले को दबाने के लिए दस्तावेजों में हेरफेर कर उसे नीमराना के अस्पताल में रेफर दिखाया गया। ग्रामीणों का कहना है कि यदि समय पर उचित उपचार उपलब्ध कराया जाता तो उसकी जान बच सकती थी। घटना की सूचना मिलते ही बड़ी संख्या में ग्रामीण कंपनी के बाहर पहुंच गए और प्रबंधन के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने मामले की निष्पक्ष जांच कराने, दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने तथा मृतक के परिजनों को उचित मुआवजा देने की मांग उठाई। वहीं कंपनी के प्लांट हेड देवेन्द्र चौधरी ने ग्रामीणों के आरोपों को खारिज करते हुए बताया कि सुबह करीब 6 बजे गार्ड की तबीयत खराब होने की सूचना मिली थी। इसके तुरंत बाद कंपनी की गाड़ी से उसे नीमराना स्थित सोनी देवी अस्पताल पहुंचाया गया। डॉक्टरों ने प्रारंभिक जांच में हार्ट अटैक की आशंका जताते हुए मरीज को उच्च केंद्र रेफर करने की सलाह दी। देवेन्द्र चौधरी के अनुसार कंपनी प्रबंधन द्वारा तत्काल एंबुलेंस की व्यवस्था कर जयपुर भेजा गया, लेकिन रास्ते में ही उसकी मौत हो गई। घटना की सूचना तुरंत परिजनों को दे दी गई थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी मौके पर पहुंचे तथा ग्रामीणों को समझाने का प्रयास किया। फिलहाल स्थिति तनावपूर्ण बनी हुई है और मामले की जांच जारी है।3
- 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | नीमराणा 🚨 रोडवाल टोल प्लाजा पर फिर बवाल, ग्रामीणों ने टोल किया बंद 🚨 ब्रेकिंग न्यूज | नीमराणा 🚨 रोडवाल टोल प्लाजा पर फिर बवाल, ग्रामीणों ने टोल किया बंद 📍 नीमराणा के माजरीकलां क्षेत्र में स्टेट हाईवे-111 स्थित रोडवाल टोल प्लाजा पर रविवार को एक बार फिर विवाद की स्थिति बन गई। ➡️ टोल वसूली को लेकर माजरा गांव के ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन करते हुए टोल प्लाजा बंद करा दिया। ➡️ ग्रामीणों ने टोल गेट पर वाहन खड़े कर जाम लगा दिया, जिससे दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं। ➡️ जाम के चलते राहगीरों और वाहन चालकों को घंटों परेशानी का सामना करना पड़ा। ➡️ टोल प्लाजा पर बड़ी संख्या में ग्रामीणों की भीड़ जमा रही। ➡️ ग्रामीण माजरा गांव के लोगों को टोल फ्री करने की मांग पर अड़े हुए हैं। ⚠️ मौके पर तनावपूर्ण माहौल, प्रशासन व पुलिस की समझाइश जारी।1
- महेन्द्रगढ़ के एक परिवार को सात साल के लम्बे इंतज़ार के बाद बेटे की खुशी मिली। लेकिन उनकी यह खुशी केवल दो पल की रही, जिससे पूरा परिवार गहरे सदमे में है।1