अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिले के सभी 18 प्रखंडों में स्थित 57 जीविका महिला संकुल स्तरीय संघों में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों जीविका दीदियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। सुबह आयोजित हुए इन कार्यक्रमों में, प्रशिक्षित जीविका दीदियों ने महिलाओं को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करवाया। उन्होंने नियमित योग के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। सिधाव प्रखंड के वाल्मीकि जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ में हुए कार्यक्रम के दौरान, संघ अध्यक्ष दुर्गावती देवी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि योग स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक महत्वपूर्ण जीवनशैली है, और प्रत्येक महिला को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करना चाहिए। जिला परियोजना प्रबंधक आर. के. निखिल ने बताया कि आज के समय में बढ़ते तनाव और बदलती जीवनशैली के बीच, योग स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है। वहीं, प्रबंधक (स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता) सतीश कुमार ने यह जानकारी दी कि नियमित योग उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे सहित कई गैर-संचारी रोगों की रोकथाम में सहायक है। जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित इन आयोजनों ने योग को एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया, साथ ही एक स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संदेश भी दिया। जीविका दीदियों की इस सक्रिय भागीदारी ने समाज में स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति एक नई जागरूकता का संचार किया।
अंतर्राष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर पश्चिम चंपारण जिले के सभी 18 प्रखंडों में स्थित 57 जीविका महिला संकुल स्तरीय संघों में सामूहिक योगाभ्यास का आयोजन किया गया। “स्वस्थ वृद्धावस्था के लिए योग” थीम पर आयोजित इस कार्यक्रम में हजारों जीविका दीदियों ने पूरे उत्साह के साथ भाग लिया और योग को अपने दैनिक जीवन का अभिन्न अंग बनाने का संकल्प लिया। सुबह आयोजित हुए इन कार्यक्रमों में, प्रशिक्षित जीविका दीदियों ने महिलाओं को विभिन्न योगासन, प्राणायाम और ध्यान का अभ्यास करवाया। उन्होंने नियमित योग के शारीरिक, मानसिक और भावनात्मक लाभों के बारे में भी विस्तृत जानकारी प्रदान की। सिधाव प्रखंड के वाल्मीकि जीविका महिला संकुल स्तरीय संघ में हुए कार्यक्रम के दौरान, संघ अध्यक्ष दुर्गावती देवी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि योग स्वस्थ और संतुलित जीवन जीने की एक महत्वपूर्ण जीवनशैली है, और प्रत्येक महिला को प्रतिदिन कम से कम 30 मिनट योग करना चाहिए। जिला परियोजना प्रबंधक आर. के. निखिल ने बताया कि आज के समय में बढ़ते तनाव और बदलती जीवनशैली के बीच, योग स्वास्थ्य और मानसिक संतुलन बनाए रखने का सबसे प्रभावी माध्यम सिद्ध हो रहा है। वहीं, प्रबंधक (स्वास्थ्य, पोषण एवं स्वच्छता) सतीश कुमार ने यह जानकारी दी कि नियमित योग उच्च रक्तचाप, मधुमेह और मोटापे सहित कई गैर-संचारी रोगों की रोकथाम में सहायक है। जिले के सभी प्रखंडों में आयोजित इन आयोजनों ने योग को एक व्यापक जन-आंदोलन का रूप दिया, साथ ही एक स्वस्थ, जागरूक और आत्मनिर्भर समाज के निर्माण का संदेश भी दिया। जीविका दीदियों की इस सक्रिय भागीदारी ने समाज में स्वास्थ्य और सकारात्मक जीवनशैली के प्रति एक नई जागरूकता का संचार किया।
- जन सुराज के व्यावसायिक प्रकोष्ठ के जिला अध्यक्ष संजीव कुमार सोनी ने भोजपुर जिले के शाहपुर थाना क्षेत्र के बिलौटी गांव में पुलिस एनकाउंटर में मारे गए भरत भूषण तिवारी की मौत पर गहरी संवेदना व्यक्त की है। योगापट्टी प्रखंड के मच्छरगांवा नगर पंचायत अंतर्गत हथिया गांव निवासी सोनी ने इस घटना की निष्पक्ष जांच कराने की मांग करते हुए कहा कि सच्चाई सामने आनी चाहिए। उन्होंने शनिवार की देर शाम करीब आठ बजे अपनी यह बात रखी। संजीव कुमार सोनी ने कानून-व्यवस्था बनाए रखने में पुलिस की भूमिका को महत्वपूर्ण बताया, लेकिन साथ ही यह भी स्पष्ट किया कि सभी पुलिस कार्रवाई संविधान और कानून के दायरे में ही होनी चाहिए। उन्होंने जोर देकर कहा कि यदि किसी पुलिस कार्रवाई को लेकर जनता के मन में संदेह पैदा होता है, तो सरकार की यह जिम्मेदारी है कि वह निष्पक्ष जांच कराकर सच्चाई को उजागर करे। सोनी ने आरोप लगाया कि इस एनकाउंटर को लेकर कई तरह की चर्चाएं चल रही हैं, जिससे लोगों में भ्रम की स्थिति बनी हुई है। मामले की गंभीरता को देखते हुए, जन सुराज पार्टी ने भी स्वतंत्र एजेंसी या उच्चस्तरीय समिति से इस घटना की जांच कराने की मांग की है, ताकि न्याय और पारदर्शिता सुनिश्चित हो सके।1
- सुगौली-छपरा बहास बाईपास रोड पर स्थित छपरा बहास बाजार में स्थानीय प्रशासन द्वारा सड़क किनारे से अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की गई है। इस अभियान को लेकर कुछ लोगों ने कड़ी आपत्ति जताई है। ग्रामीणों का आरोप है कि प्रशासन ने अतिक्रमण हटाने की आड़ में उनकी निजी जमीन पर बने घरों को भी बुलडोजर चलाकर तोड़ दिया है। इस कार्रवाई के कारण स्थानीय लोगों में गहरा आक्रोश व्याप्त है।1
- बिहार के गोपालगंज जिले में, कुचायकोट थाना क्षेत्र से एक नाबालिग किशोरी देर रात घर से लापता हो गई, जिसके बाद परिजनों ने चार नामजद लोगों पर अपहरण और सामूहिक दुष्कर्म का गंभीर आरोप लगाते हुए शिकायत दर्ज कराई है। हालांकि, पुलिस ने सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को सिरे से खारिज कर दिया है और मामले में एक युवक को हिरासत में लिया है। पीडिता की मां ने कुचायकोट थाने में दिए अपने लिखित आवेदन में बताया कि उनकी साढे सोलह वर्षीय बेटी 20 जून की रात अचानक घर से गायब हो गई। उन्हें सुबह जानकारी मिली कि नामजद आरोपियों ने शादी का झूठा झांसा देकर उसे भगा लिया और मलही गांव के पास खेत में उसके साथ गलत संबंध बनाए। मां ने यह भी बताया कि वह एक महादलित जाति से आती हैं। उन्होंने 18 जून को हुई एक पिछली घटना का भी जिक्र किया, जब उनके गांव के ही दूसरे समुदाय के 20 वर्षीय युवक और उसके परिवार के अन्य सदस्यों ने उनकी बेटी को अपने घर में कैद कर लिया था। उस समय उन्हें और उनके बच्चों को गाली दी गई थी और जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करते हुए मारने के लिए दौडाया गया था। इस पर उन्होंने डायल 112 पर फोन किया था, जिसके बाद पुलिस टीम ने मौके पर पहुँचकर उनकी बेटी को छुड़ाकर उन्हें सौंप दिया था। लोक-लज्जा के भय से वह तब चुप थीं, लेकिन 20 जून की रात बेटी के फिर से लापता होने पर परिजनों ने रात भर खोजबीन की। इस पूरे मामले पर थानाध्यक्ष दर्पण सुमन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया कि पुलिस ने घटना को बेहद गंभीरता से लिया है, लेकिन शुरुआती जांच और तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर यह स्पष्ट है कि किशोरी पूर्व से ही पड़ोस के एक युवक के साथ प्रेम करती थी और वह खुद ही उसके पास गई थी। दोनों का प्रेम प्रसंग पिछले तीन साल से चल रहा है। थानाध्यक्ष ने परिजनों के सामूहिक दुष्कर्म के आरोपों को बिल्कुल झूठा करार दिया है, क्योंकि नाबालिग ने अपने बयान में भी सामूहिक दुष्कर्म की बात से इनकार किया है और कहा है कि वह खुद अपने प्रेमी के पास गई थी। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए नामजद एक आरोपी युवक को गिरफ्तार कर लिया है और उससे पुछताछ की जा रही है। पुलिस प्रशासन का कहना है कि मामले की संवेदनशीलता को देखते हुए हर पहलू की बारीकी से जांच की जा रही है, और पीडिता को चिकित्सीय परीक्षण के लिए सदर अस्पताल भेजा गया है। इसके साथ ही, न्यायालय में पीडिता का बयान दर्ज कराने की प्रक्रिया भी पूरी की जा रही है।1
- बेतिया की मेयर गरिमा देवी सिकारिया ने हाल ही में आयोजित हुए 'कौन बनेगा सुपरस्टार' कार्यक्रम में मुख्य अतिथि के तौर पर शिरकत की। इस अवसर पर उन्होंने कार्यक्रम में भाग लेने वाले सभी प्रतिभागियों का उत्साहवर्धन करते हुए उनके उज्ज्वल भविष्य की कामना की।1
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- जनसुराज नेता मनीष कश्यप ने भरत तिवारी एनकाउंटर के बाद उनके घर पहुँचकर सरकार और बिहार पुलिस पर गंभीर आरोप लगाए हैं। कश्यप ने इस घटना को लेकर सरकार और पुलिस की कार्यप्रणाली पर तीखी टिप्पणी की। उन्होंने भरत तिवारी के परिवार के लिए कई महत्वपूर्ण माँगें रखीं। इन माँगों में परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी देना, भरत तिवारी को शहीद का दर्जा प्रदान करना और उचित मुआवजा उपलब्ध कराना शामिल है। इसके साथ ही, मनीष कश्यप ने इस एनकाउंटर के लिए जिम्मेदार दोषियों को कड़ी सजा देने की भी पुरजोर माँग की। भरत तिवारी भोजपुर जिले के शाहपुर थाना अंतर्गत बिलौटी गाँव के निवासी थे।1
- यह पोस्ट एक महत्वपूर्ण शैक्षिक प्रश्न उठाती है कि यदि किसी व्यक्ति की आँखें न हों या किसी कारणवश वे खराब हो जाएँ, तो उसके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। इसमें यह जानने का प्रयास किया गया है कि ऐसे व्यक्ति को किन-किन समस्याओं का सामना करना पड़ता है और वह अपने दैनिक जीवन को किस प्रकार यापन कर सकता है।1
- एक शैक्षिक पोस्ट में यह गंभीर प्रश्न उठाया गया है कि यदि किसी व्यक्ति के नेत्र न हों, या किसी कारणवश उनके नेत्र खराब हो गए हों, तो उनके जीवन पर क्या प्रभाव पड़ेगा। पोस्ट में इस स्थिति से उत्पन्न होने वाली समस्याओं और एक नेत्रहीन व्यक्ति के जीवन यापन के तरीकों पर विचार करने की बात कही गई है।1