लोकतंत्र बचाओ आंदोलन समिति ने 'गाँव जागेंगे देश जागेगा' के संकल्प के साथ हाड़ोती अंचल के गाँवों में अपना जनजागरण अभियान 'जनता की पंचायत' आयोजित करके शुरू कर दिया है। बूंदी जिले की झाली जी का बराना ग्राम पंचायत सभा में समिति के वरिष्ठ सदस्य फतेह चंद बागला ने ग्रामीणों के सहयोग से सहकार भवन के प्रांगण में इस सभा का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता ग्रामसेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष रामप्रसाद गूजर ने की। साहित्यकार नागेन्द्र कुमावत ने सभा का संचालन करते हुए कहा कि देश का प्रत्येक गाँव एक लघु-भारत है और वर्तमान में भारत जिन समस्याओं से घिरा है, उन्हीं से गाँव भी जूझ रहे हैं। लोकतंत्र बचाओ आंदोलन समिति के अध्यक्ष और मुख्य अतिथि अजय चतुर्वेदी ने अपने उद्बोधन में ग्रामीण मतदाताओं से राजनीतिक दलों के दबाव से मुक्त होकर अपना प्रत्याशी चुनने का आह्वान किया। उन्होंने कहा कि प्रत्याशी ऐसा होना चाहिए जो गाँव की खुशहाली के लिए निडर होकर काम करे और स्वराज्य को सु-राज में बदलें। इस अवसर पर एक जागरण-पत्रक भी वितरित किया गया। जन पक्षधर लेखक महेन्द्र नेह ने स्वतंत्रता आंदोलन के जागरण-गीत की पंक्तियों से अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि आज देश को भगतसिंह, गांधी और आंबेडकर के विचारों से प्रेरणा लेकर राजनीतिक-सामाजिक परिवर्तन की दिशा में मिलजुल कर काम करने की आवश्यकता है। शिक्षाविद संजय चावला ने शिक्षा के बुनियादी लक्ष्य से भटकाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के एक लाख विद्यालय बंद करके तथा अध्यापकों को शिक्षा से भिन्न कामों में उलझा कर लोकतंत्र और देश की उन्नति को खतरे में डाला जा रहा है। सर्वोदयी नेत्री रजिया बानो ने सुझाव दिया कि नरेगा और आंगनबाड़ी जैसी योजनाओं के अंतर्गत ग्रामीणों को रोजगार और बढ़ती हुई महंगाई के आधार पर वेतन देकर ही गाँवों को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। सामाजिक एक्टिविस्ट रूपेश चड्ढा ने आरोप लगाया कि देश के युवाओं को रील बनाने, नशेबाजी और प्रतियोगिताओं के भंवर जाल में उलझा कर उनका भविष्य चौपट किया जा रहा है, साथ ही विदेशी कंपनियों से ट्रेड-डील करके गाँव के किसानों से खेती और मजदूरों से नरेगा जैसे रोजगार के साधनों को छीनकर उन्हें बर्बादी की ओर धकेला जा रहा है। सत्यप्रिय पाठक ने ग्रामीण पंचायतों को देश के जनतंत्र और आर्थिक-विकास की धुरी बताते हुए उन्हें मजबूत करके ही राजनीतिक भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय को समाप्त करने की बात कही। ग्रामीणों की ओर से वरिष्ठ नागरिक छीतर लाल जैन ने बदलाव के लिए त्याग और जागरूकता को अत्यंत आवश्यक बताया, जबकि रामकिशन गूजर ने गाँव की समस्याओं के समाधान हेतु एकता, निडरता और सामाजिक सद्भाव पर बल दिया। छात्रों की ओर से सोनू गूजर ने कहा कि गाँवों के युवा ही देश की वर्तमान समस्याओं के लिए संघर्ष कर सकते हैं। विकास श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को सत्य, अहिंसा और सविनय अवज्ञा आंदोलन के माध्यम से अपने खोए हुए अधिकार वापस पाने का रास्ता सुझाया। सभा के अध्यक्ष रामप्रसाद गूजर ने अंत में कहा कि जब किसानों को दाम देकर भी एक कट्टा खाद मिलना मुश्किल हो गया हो, तो बड़ी-बड़ी बातें करने से कुछ भी नहीं होगा; जिस जनतंत्र की बात की जा रही है, उसे बेमानी कर दिया गया है। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीणों के अधिकार तभी मिल सकते हैं जब लोकतंत्र बचाओ आंदोलन की पहल पर आयोजित इस तरह की पंचायत-सभाओं को जारी रखा जाए, क्योंकि 'गाँव जागेंगे देश जागेगा'।
लोकतंत्र बचाओ आंदोलन समिति ने 'गाँव जागेंगे देश जागेगा' के संकल्प के साथ हाड़ोती अंचल के गाँवों में अपना जनजागरण अभियान 'जनता की पंचायत' आयोजित करके शुरू कर दिया है। बूंदी जिले की झाली जी का बराना ग्राम पंचायत सभा में समिति के वरिष्ठ सदस्य फतेह चंद बागला ने ग्रामीणों के सहयोग से सहकार भवन के प्रांगण में इस सभा का आयोजन किया, जिसकी अध्यक्षता ग्रामसेवा सहकारी समिति के अध्यक्ष रामप्रसाद गूजर ने की। साहित्यकार नागेन्द्र कुमावत ने सभा का संचालन करते हुए कहा कि देश का प्रत्येक गाँव एक लघु-भारत है और वर्तमान में भारत जिन समस्याओं से घिरा है, उन्हीं से गाँव भी जूझ रहे हैं। लोकतंत्र बचाओ आंदोलन समिति के अध्यक्ष और मुख्य अतिथि अजय चतुर्वेदी ने अपने उद्बोधन में ग्रामीण मतदाताओं से राजनीतिक दलों के दबाव से मुक्त होकर अपना प्रत्याशी चुनने का आह्वान किया।
उन्होंने कहा कि प्रत्याशी ऐसा होना चाहिए जो गाँव की खुशहाली के लिए निडर होकर काम करे और स्वराज्य को सु-राज में बदलें। इस अवसर पर एक जागरण-पत्रक भी वितरित किया गया। जन पक्षधर लेखक महेन्द्र नेह ने स्वतंत्रता आंदोलन के जागरण-गीत की पंक्तियों से अपनी बात शुरू करते हुए कहा कि आज देश को भगतसिंह, गांधी और आंबेडकर के विचारों से प्रेरणा लेकर राजनीतिक-सामाजिक परिवर्तन की दिशा में मिलजुल कर काम करने की आवश्यकता है। शिक्षाविद संजय चावला ने शिक्षा के बुनियादी लक्ष्य से भटकाव पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि देश के एक लाख विद्यालय बंद करके तथा अध्यापकों को शिक्षा से भिन्न कामों में उलझा कर लोकतंत्र और देश की उन्नति को खतरे में डाला जा रहा है। सर्वोदयी नेत्री रजिया बानो ने सुझाव दिया कि नरेगा और आंगनबाड़ी जैसी योजनाओं के अंतर्गत ग्रामीणों को
रोजगार और बढ़ती हुई महंगाई के आधार पर वेतन देकर ही गाँवों को स्वावलंबन की दिशा में आगे बढ़ाया जा सकता है। सामाजिक एक्टिविस्ट रूपेश चड्ढा ने आरोप लगाया कि देश के युवाओं को रील बनाने, नशेबाजी और प्रतियोगिताओं के भंवर जाल में उलझा कर उनका भविष्य चौपट किया जा रहा है, साथ ही विदेशी कंपनियों से ट्रेड-डील करके गाँव के किसानों से खेती और मजदूरों से नरेगा जैसे रोजगार के साधनों को छीनकर उन्हें बर्बादी की ओर धकेला जा रहा है। सत्यप्रिय पाठक ने ग्रामीण पंचायतों को देश के जनतंत्र और आर्थिक-विकास की धुरी बताते हुए उन्हें मजबूत करके ही राजनीतिक भ्रष्टाचार और सामाजिक अन्याय को समाप्त करने की बात कही। ग्रामीणों की ओर से वरिष्ठ नागरिक छीतर लाल जैन ने बदलाव के लिए त्याग और जागरूकता को अत्यंत आवश्यक बताया, जबकि रामकिशन गूजर ने गाँव की समस्याओं
के समाधान हेतु एकता, निडरता और सामाजिक सद्भाव पर बल दिया। छात्रों की ओर से सोनू गूजर ने कहा कि गाँवों के युवा ही देश की वर्तमान समस्याओं के लिए संघर्ष कर सकते हैं। विकास श्रीवास्तव ने ग्रामीणों को सत्य, अहिंसा और सविनय अवज्ञा आंदोलन के माध्यम से अपने खोए हुए अधिकार वापस पाने का रास्ता सुझाया। सभा के अध्यक्ष रामप्रसाद गूजर ने अंत में कहा कि जब किसानों को दाम देकर भी एक कट्टा खाद मिलना मुश्किल हो गया हो, तो बड़ी-बड़ी बातें करने से कुछ भी नहीं होगा; जिस जनतंत्र की बात की जा रही है, उसे बेमानी कर दिया गया है। उन्होंने जोर दिया कि ग्रामीणों के अधिकार तभी मिल सकते हैं जब लोकतंत्र बचाओ आंदोलन की पहल पर आयोजित इस तरह की पंचायत-सभाओं को जारी रखा जाए, क्योंकि 'गाँव जागेंगे देश जागेगा'।
- कोटा के रावतभाटा रोड स्थित पीएचईडी कॉलोनी में सोमवार को एक आई-10 कार के बोनट में करीब 7 फीट लंबा धामन सांप घुस जाने से हड़कंप मच गया। यह घटना पीएचईडी कॉलोनी में हुई, जहां सांप के कार में होने की खबर से लोगों की भीड़ जमा हो गई। सूचना मिलने पर स्नेक कैचर और नगर निगम के रेस्क्यूकर्मी गोविंद शर्मा मौके पर पहुंचे। उन्होंने लगभग दो घंटे की कड़ी मशक्कत के बाद कार के इंजन के बीच फंसे इस लंबे सांप को सुरक्षित बाहर निकाला। गोविंद शर्मा ने बताया कि पकड़ा गया सांप धामन प्रजाति का था। इस सांप को सुरक्षित रूप से रेस्क्यू करने के बाद वन विभाग के निर्देशानुसार जंगल क्षेत्र में छोड़ दिया गया।1
- कोटा के जेडीबी परीक्षा केंद्र पर नीट-यूजी की री-एग्जाम में शामिल होने से पहले छात्रों को कड़ी जांच से गुजरना पड़ रहा है, जिसे एक 'बड़ी परीक्षा' के रूप में वर्णित किया गया है। प्रवेश के दौरान, एक छात्रा अपनी कान की बाली नहीं निकाल पाई, जिसके बाद सुरक्षा में तैनात पुलिसकर्मी को उसे कैंची से काटना पड़ा। इस घटना ने कई सवाल खड़े किए हैं कि क्या इस तरह की अत्यधिक सख्ती से नकल या पेपर लीक की समस्या वास्तव में रुक जाएगी। पोस्ट में यह भी कहा गया है कि नकल और पेपर लीक के पीछे कौन लोग हैं, यह सबको पता है, लेकिन उन पर कभी कोई कार्रवाई नहीं होती, जिसे एक मुश्किल सवाल बताया गया है।1
- अंतरराष्ट्रीय योग दिवस के अवसर पर मेरठ (उत्तर प्रदेश) स्थित कैलाश प्रकाश स्पोर्ट्स स्टेडियम में आयोजित कार्यक्रम के दौरान उस समय अफरा-तफरी का माहौल बन गया, जब मुफ्त योगा मैट पाने के लिए लोगों में होड़ लग गई। सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक वीडियो में कई लोग योगा मैट लेने के लिए एक-दूसरे से खींचतान करते हुए दिखाई दे रहे हैं। इस स्थिति के कारण कार्यक्रम स्थल पर कुछ समय के लिए अव्यवस्था उत्पन्न हो गई, जिससे वहां मौजूद लोगों में हलचल मच गई। बताया गया है कि इस कार्यक्रम में कई वीआईपी अतिथि और प्रशासनिक अधिकारी भी मौजूद थे, हालांकि घटना में किसी के घायल होने की कोई सूचना नहीं है।1
- एसीबी कोटा ने पुलिस लाइन कोटा शहर के कांस्टेबल (चालक) हरि ओम को ₹7000 की रिश्वत लेते हुए रंगे हाथों गिरफ्तार किया है। आरोपी को एक झूठे प्रकरण में समझौता कराने के एवज में रिश्वत की यह राशि लेते पकड़ा गया। भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो के महानिदेशक गोविन्द गुप्ता के अनुसार, यह कार्रवाई जयपुर एसीबी मुख्यालय के निर्देशों पर कोटा एसीबी यूनिट द्वारा की गई।1
- राजस्थान के कोटा स्थित आकाश इंस्टीट्यूट में NEET 2026 के पेपर की समीक्षा की गई है।1
- रविवार को कोटा शहर में आई तेज आंधी और बारिश ने कई स्थानों पर भारी नुकसान पहुँचाया। अचानक बदले मौसम के चलते शहर के विभिन्न इलाकों में कई पेड़ धराशायी हो गए, वहीं तेज हवाओं के कारण कई जगहों पर टिनशेड भी उड़ते नजर आए। आंधी और बारिश के चलते कुछ स्थानों पर यातायात भी प्रभावित हुआ, जिससे लोगों को आवागमन में परेशानी का सामना करना पड़ा। हालांकि, राहत की बात यह रही कि इस दौरान किसी प्रकार की जनहानि की कोई सूचना नहीं मिली है। प्रशासन और नगर निगम की टीमें प्रभावित क्षेत्रों में पहुँचकर सड़कों से गिरे पेड़ों और मलबे को हटाने के काम में जुटी रहीं। मौसम विभाग ने आगामी दिनों में भी तेज हवा और बारिश होने की संभावना जताई है।4
- कोटा के संजय नगर इलाके में हुसैनी लंगर कमेटी द्वारा हुसैनी लंगर का आयोजन किया गया। कमेटी के सदर आवेश खान के नेतृत्व में आयोजित इस 'खिदमत-ए-खल्क' (जनसेवा) कार्यक्रम में बड़ी संख्या में लोगों ने हिस्सा लिया और लंगर ग्रहण किया। इस दौरान कमेटी के जिम्मेदारान और कार्यकर्ताओं ने मिलकर लोगों में लंगर वितरित किया। आवेश खान ने बताया कि इस हुसैनी लंगर का मुख्य उद्देश्य इंसानियत, भाईचारे के साथ-साथ आपसी मोहब्बत और सौहार्द को बढ़ावा देना था। कार्यक्रम में इलाके के लोगों ने बढ़-चढ़कर भाग लिया और इस नेक पहल की जमकर सराहना की।1
- NEET परीक्षार्थियों की मुश्किलें लगातार बढ़ रही हैं। एक उदास कर देने वाले वीडियो के संदर्भ में बताया गया है कि छात्रों को पहले पेपर लीक जैसी गंभीर समस्या का सामना करना पड़ा। जब दोबारा RENEET आयोजित किया गया, तो उन्हें परीक्षा केंद्र पर समय से न पहुँच पाने के कारण परीक्षा देने से वंचित कर दिया गया। इस बात पर गहरी चिंता व्यक्त की गई है कि यदि छात्र कुछ वजहों से परीक्षा स्थल पर देरी से पहुँचते हैं, तो उन्हें पूरी तरह से परीक्षा से वंचित करने का कोई औचित्य नहीं है। यह तर्क दिया गया कि ऐसे मामलों में, छात्रों को छूटा हुआ समय छोड़कर शेष अवधि में प्रश्नपत्र हल करने की अनुमति मिलनी चाहिए। देश की मौजूदा यातायात व्यवस्था और शहरी प्रणालियों को देखते हुए, किसी भी परीक्षार्थी का देर से पहुँचना या पेपर छूट जाना एक सामान्य बात हो सकती है।1