बारां जिले के कस्बाथाना क्षेत्र के संदोकड़ा गांव में 'हर घर नल योजना' दम तोड़ती नजर आ रही है, जिसकी जानकारी बुधवार सुबह 10 बजे मिली। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि गांव में कई नल कनेक्शन टूटे पड़े हैं। जहाँ पानी आ भी रहा है, वहाँ गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण पेयजल संकट और भी गहरा गया है। इस स्थिति में महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीण पर्वत सिंह, राजमल, ताराचंद, श्रीराम, सुनील सहित अन्य लोगों ने शिकायत की है कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद इसका समाधान नहीं हुआ है। इस गंभीर समस्या के जल्द समाधान की मांग करते हुए, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
बारां जिले के कस्बाथाना क्षेत्र के संदोकड़ा गांव में 'हर घर नल योजना' दम तोड़ती नजर आ रही है, जिसकी जानकारी बुधवार सुबह 10 बजे मिली। ग्रामीणों को पीने के पानी के लिए भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है, क्योंकि गांव में कई नल कनेक्शन टूटे पड़े हैं। जहाँ पानी आ भी रहा है, वहाँ गंदा और बदबूदार पानी सप्लाई हो रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि गर्मी बढ़ने के कारण पेयजल संकट और भी गहरा गया है। इस स्थिति में महिलाओं और बच्चों को दूर-दराज से पानी लाना पड़ रहा है। ग्रामीण पर्वत सिंह, राजमल, ताराचंद, श्रीराम, सुनील सहित अन्य लोगों ने शिकायत की है कि कई बार अधिकारियों को समस्या से अवगत कराने के बावजूद इसका समाधान नहीं हुआ है। इस गंभीर समस्या के जल्द समाधान की मांग करते हुए, ग्रामीणों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं होती हैं तो वे आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे।
- शिवपुरी पुलिस अधीक्षक श्रीमती यांगचेन डोलकर भूटिया के निर्देशानुसार, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक संजीव मुले और एस.डी.ओ.पी. करैरा डॉ. आयुष जाखड़ के मार्गदर्शन में जिले में अवैध मादक पदार्थों के विरुद्ध चलाए जा रहे अभियान के तहत करैरा पुलिस ने एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस दौरान पुलिस ने ₹38 लाख की अनुमानित कीमत का 194 किलोग्राम गांजा बरामद किया और दो तस्करों को भी मौके से गिरफ्तार किया। पुलिस को मुखबिर से सूचना मिली थी कि पिछोर/बामौर की तरफ से एक सिल्वर रंग की हुंडई क्रेटा कार (क्रमांक UP14DR8712) में दो व्यक्ति अवैध रूप से गांजा लेकर करैरा क्षेत्र की ओर आ रहे हैं। इस सूचना पर थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक विनोद छावई के नेतृत्व में पुलिस टीम ने बताए गए स्थान पर घेराबंदी कर उक्त वाहन को रोका। तलाशी लेने पर कार में रखी 07 प्लास्टिक बोरियों से कुल 194 किलोग्राम गांजा मिला, जिसकी अनुमानित कीमत लगभग ₹38,00,000 आंकी गई है। पुलिस ने मौके से नीरज राय (उम्र 40 वर्ष, निवासी राय मोहल्ला टीला, थाना करैरा) और मानसिंह विश्वकर्मा (उम्र 36 वर्ष, निवासी नयाटाल टीला, थाना करैरा) को गिरफ्तार किया। आरोपियों के कब्जे से गांजे के साथ-साथ एक हुंडई क्रेटा कार भी जब्त की गई, जिसकी कीमत लगभग ₹10,00,000 बताई गई है। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि वे गांजा उड़ीसा से खरीदकर लाए थे। करैरा थाने में आरोपियों के विरुद्ध अपराध क्रमांक 346/26, धारा 8/20 एनडीपीएस एक्ट के तहत प्रकरण दर्ज कर जांच शुरू कर दी गई है। इस सराहनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी करैरा निरीक्षक विनोद छावई, उनि राजकुमार सिंह चौहान, उनि पुष्पेन्द्र सिंह चौहान, सउनि चरण सिंह, प्रधान आरक्षक डैनी कुमार, आरक्षक 338 हरेंद्र सिंह गुर्जर, आरक्षक 1165 मतेन्द्र सिंह गुर्जर, आरक्षक 1181 दामोदर परिहार (सायबर सेल), आरक्षक 117 रामअवतार गुर्जर, आरक्षक 822 जितेन्द्र कुमार और आरक्षक सोनू श्रीवास्तव की महत्वपूर्ण भूमिका रही।1
- शिवपुरी के लुधावली क्षेत्र में कल आरती प्रजापति नामक महिला के साथ हुई मारपीट का एक सीसीटीवी वीडियो सामने आने के बाद वायरल हो गया है। इस मामले पर शिवपुरी पुलिस अधीक्षक ने बताया कि घटना में शामिल तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया गया है। वहीं, इस वारदात का मुख्य आरोपी इंदौर भाग गया है।1
- मध्य प्रदेश के शिवपुरी जिले के शिवपुरी शहर के लुधवाली क्षेत्र से एक महिला पर हुए हमले का वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो गया है। इस घटना ने क्षेत्र में महिलाओं की सुरक्षा पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर ऐसे समय में जब जिले में एक महिला पुलिस अधीक्षक कार्यरत हैं। हमले का शिकार हुई महिला की पहचान आरती प्रजापति के रूप में हुई है, जिन पर 'Mp33c5052 आए लोगो' द्वारा हमला किया गया। आरती प्रजापति ने पहले भी गंभीर आरोप लगाए थे, और अब उनकी जान को खतरे की आशंका इन वायरल तस्वीरों में सच साबित होती दिख रही है। इस पूरे मामले में अब यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि भाजपा महिला विंग और कांग्रेस महिला विंग क्या रुख अपनाती हैं, और स्थानीय थाना क्षेत्र इस घटना पर कब कार्रवाई करता है।1
- शिवपुरी जिले में एक हृदयविदारक मामला सामने आया है, जहाँ तीन बेटों ने अपने वृद्ध माता-पिता को घर से बेदखल कर दिया है। इस अमानवीय व्यवहार के कारण, मजबूर माता-पिता पिछले तीन दिनों से सड़क पर रहने को मजबूर हैं। उनकी यह दयनीय स्थिति लोगों का ध्यान आकर्षित कर रही है।1
- बुधवार को शाहाबाद उपखंड मुख्यालय पर शाहाबाद पुलिस ने आगामी त्योहारों पर शांति व्यवस्था बनाए रखने के उद्देश्य से फ्लैग मार्च निकाला। जिला पुलिस अधीक्षक के निर्देशानुसार, थानाधिकारी रामकेश मीणा की अगुवाई में यह फ्लैग मार्च बुधवार देर शाम को निकाला गया, जिसका मुख्य फोकस आगामी ईद के त्योहार पर शांति सुनिश्चित करना था। पुलिस के जवानों द्वारा यह फ्लैग मार्च नए बस स्टैंड से मुख्य बाजार होते हुए जमा मस्जिद से नरियां मोहल्ला से पुराने बस स्टैंड तक निकाला गया। इसमें थानाधिकारी रामकेश मीणा के साथ एएसआई रामचंद्र मीणा, हेड कांस्टेबल शेर सिंह, रमेशचंद और बाबूलाल, तथा कांस्टेबल प्रेम प्रकाश, विकास, शीशराम, लाखन सिंह सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। पुलिस ने विशेष रूप से ईद के त्योहार पर शांति व्यवस्था कायम रखने के लिए यह मार्च निकाला।4
- गुना वार्ड क्रमांक 17 स्थित नत्थूखेड़ी कॉलोनी पिछले सात दिनों से अंधेरे और लो वोल्टेज की दोहरी मार झेल रही है। 20 मई को कमला ट्रेवल्स की बस के विद्युत लाइन में उलझने से लाइन फॉल्ट होकर जल गई थी। विभाग ने मुख्य केबल तो बदल दिया, लेकिन स्ट्रीट लाइट की लाइन आज तक नहीं जोड़ी गई, जिसके परिणामस्वरूप पूरा मोहल्ला अंधेरे में डूबा है। स्थानीय निवासी आनंद व्यास, संजय कश्यप, संजू परिहार और इमरान खान ने बताया कि फाल्ट के बाद से कॉलोनी में वोल्टेज नीचे गिर गया है, जिससे भीषण गर्मी में पंखे धीमे घूम रहे हैं और कूलर ने काम करना बंद कर दिया है। रात होते ही वोल्टेज और गिरने लगता है, जिससे फ्रिज, टीवी समेत महंगे उपकरण खराब होने का डर सता रहा है। कॉलोनीवासियों का कहना है कि बच्चे रात भर पसीने में तड़पते हैं, जबकि बुजुर्ग और मरीज सबसे ज्यादा परेशान हैं। अंधेरे के कारण चोरी और दुर्घटना का खतरा हर पल बना हुआ है। रहवासियों ने इस समस्या को लेकर 1912, सीएम हेल्पलाइन 181, नगरपालिका के विद्युत अधिकारी और कलेक्टर महोदय को लिखित शिकायतें सौंपी हैं। गुना के बिजली वितरण केंद्र के अधिकारियों को भी अवगत कराया गया, लेकिन हर बार उन्हें केवल "कल ठीक हो जाएगा" का आश्वासन मिला। सात दिन गुजर जाने के बाद भी न तो कोई टीम मौके पर पहुंची है और न ही बिजली बहाल हुई है। बार-बार शिकायत के बावजूद बिजली विभाग की इस लापरवाही से कॉलोनीवासियों में भारी नाराजगी है। लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि लो वोल्टेज ठीक कर स्ट्रीट लाइट चालू नहीं की गई तो वे धरना-प्रदर्शन करने को मजबूर होंगे।1
- बुधवार को दोपहर में केलवाड़ा के उपजिला अस्पताल में मासिक स्वास्थ्य बैठक का आयोजन किया गया। इस महत्वपूर्ण बैठक में पीएमओ डॉ. राजेश राजावत, बीएनओ नीरज वैष्णव, एलएचवी सुनीता सिस्टर सहित स्वास्थ्य विभाग के विभिन्न अधिकारी और कर्मचारी उपस्थित रहे। बैठक के दौरान, सभी एएनएम और आशा सहयोगिनियों को विशेष रूप से निर्देशित किया गया कि वे क्षेत्र में समर्पण भाव से कार्य करें तथा स्वास्थ्य सेवाओं के निर्धारित मानकों का कड़ाई से पालन करें। अधिकारियों ने ग्रामीण क्षेत्रों में स्वास्थ्य सेवाओं को बेहतर तरीके से पहुंचाने पर जोर दिया। इसी क्रम में, बीसीएमओ डॉ. श्रवण कुमार शर्मा ने मौके पर ही व्यवस्थाओं का निरीक्षण कर उनकी समीक्षा की। उन्होंने कहा कि टीम भावना के साथ कार्य करके ही ब्लॉक को मजबूत और सशक्त स्वास्थ्य सेवाएं प्रदान की जा सकती हैं।1
- मध्य प्रदेश के करैरा अनुभाग में आज कई पत्रकार भू-माफियाओं द्वारा एक निर्भीक पत्रकार को झूठे मुकदमे में फंसाने की कथित साज़िश के विरोध में एकजुट हुए। 'पत्रकार संघ' के बैनर तले करैरा और नरवर अनुभाग के दर्जनों पत्रकारों ने अनुविभागीय अधिकारी पुलिस (SDOP) करैरा, डॉ. आयुष जाखड़ को एक ज्ञापन सौंपा, जिसमें गुमराह करने वाले कथित कॉलोनाइजरों पर तत्काल मुकदमा दर्ज करने की मांग की गई है और चेतावनी दी गई है कि यदि कार्रवाई नहीं हुई तो वे जिला स्तर पर आंदोलन करेंगे। यह पूरा मामला ग्राम खैराघाट स्थित सर्वे नंबर 622/2 की 0.9000 हेक्टेयर सरकारी व प्रतिबंधित भूमि पर अवैध ग्रामीण कॉलोनी काटे जाने से जुड़ा है। जानकारी के अनुसार, कॉलोनाइजर संजीव कुमार श्रीवास्तव, ब्रजेश परिहार, साहब बाबा आंग्रे व उनके सहयोगियों द्वारा बिना अनुमति के कॉलोनी काटी जा रही थी। गत 22 अप्रैल 2026 को सक्षम राजस्व न्यायालय (SDM व तहसीलदार करैरा) ने इस भूमि को 'अवैध कॉलोनी' घोषित कर नामांतरण व विभाजन पर कानूनी रोक लगा दी थी, लेकिन पटवारी द्वारा एक माह बाद भी खसरे में इसकी प्रविष्टि नहीं की गई। इसी प्रशासनिक विफलता पर पत्रकार कुँवर दारा सिंह भदौरिया (ब्यूरो चीफ, दैनिक प्रदेश खबरदार) लगातार साक्ष्यों के साथ समाचार प्रकाशित कर रहे थे और उन्होंने इस 'महाभ्रष्टाचार' की जानकारी ग्वालियर कमिश्नर तक पहुंचाई। इसके बाद, खबरों को रुकवाने और पुलिस प्रशासन को गुमराह करने के इरादे से कॉलोनाइजर संजीव कुमार श्रीवास्तव, ब्रजेश परिहार और साहब बाबा आंग्रे ने 23 मई 2026 को थाना करैरा में पत्रकार भदौरिया के खिलाफ ₹1,00,00/- की झूठी रिश्वत मांगने का मनगढ़ंत शिकायती आवेदन दे दिया। पत्रकारों ने SDOP को सौंपे ज्ञापन में दस्तावेजी सबूतों के साथ स्पष्ट किया कि भू-माफियाओं द्वारा लगाया गया आरोप पूरी तरह फर्जी और कानूनी रूप से खोखला है। उन्होंने बताया कि जिस नामांतरण को रुकवाने के लिए पैसे मांगने का दावा किया जा रहा है, उस पर SDM करैरा द्वारा 22 अप्रैल 2026 को ही आधिकारिक रोक लगाई जा चुकी थी। ऐसे में मई महीने में वसूली का आरोप दुर्भावनापूर्ण और रंजिशवश गढ़ा हुआ साबित होता है। पत्रकारों ने पुलिस को दो टूक चेतावनी दी है कि यदि गुमराह करने वाले कथित कॉलोनाइजरों पर तत्काल मुकदमा दर्ज नहीं किया गया, तो वे जिला स्तर पर आंदोलन करने के लिए बाध्य होंगे और जल्द कार्यवाही न होने पर शिवपुरी पहुंचकर पुलिस अधीक्षक से भी मिलेंगे। SDOP डॉ. आयुष जाखड़ ने मामले की गंभीरता को समझते हुए पत्रकारों को जल्द से जल्द निष्पक्ष जांच का आश्वासन दिया। उन्होंने भरोसा दिलाया कि किसी भी निष्पक्ष पत्रकार को दुर्भावनापूर्ण तरीके से परेशान नहीं होने दिया जाएगा और जांच के आधार पर दोषियों के खिलाफ सख्त वैधानिक कदम उठाए जाएंगे।4
- शिवपुरी जिले के अमोला थाना क्षेत्र अंतर्गत अमोला क्रेशर के पास जलगांव से कानपुर जा रहा एक भारी कंटेनर अनियंत्रित होकर सड़क पर पलट गया, जिससे हाईवे पर हड़कंप मच गया। इस हादसे के कारण वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और पूरा मार्ग घंटों तक जाम में फंसा रहा। प्रत्यक्षदर्शियों के अनुसार, तेज रफ्तार में चल रहे कंटेनर का चालक संतुलन खो बैठा, जिससे यह घटना हुई। राहत की बात यह रही कि कंटेनर चालक को सुरक्षित बाहर निकाल लिया गया और किसी प्रकार की जनहानि नहीं हुई। घटना की सूचना मिलते ही पुलिस प्रशासन सक्रिय हुआ और आरक्षक नागेंद्र जाट ने तुरंत मौके पर पहुँचकर यातायात व्यवस्था संभाली। उन्होंने NH-27 कर्मचारियों से संपर्क किया और मशीन बुलवाकर पलटे हुए कंटेनर को कड़ी मशक्कत के बाद सड़क से हटाया। आरक्षक नागेंद्र जाट की तत्परता और सूझबूझ के चलते कई घंटों से लगे जाम को खुलवाया जा सका और धीरे-धीरे यातायात सामान्य हो गया। स्थानीय लोगों ने पुलिस प्रशासन की इस तेजी और जिम्मेदारी की जमकर सराहना की, जिसके परिणामस्वरूप एक बड़ा हादसा टल गया और हाईवे पर वाहनों की आवाजाही फिर से शुरू हो सकी।1