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किशनगंज में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर गहरा रोष है और इस समस्या की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क की हालत बेहद खराब है और लोगों का कहना है कि यह रास्ता ऐसे ही रहेगा और कभी नहीं बन पाएगा। इस अनदेखी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर सीधा निशाना साधा गया है, क्योंकि न तो सरपंच और न ही मुखिया इस स्थिति को सुधारने के लिए कोई कदम उठा रहे हैं।
Dilkhush Babu
किशनगंज में सड़क की बदहाल स्थिति को लेकर गहरा रोष है और इस समस्या की कोई सुनवाई नहीं हो रही है। सड़क की हालत बेहद खराब है और लोगों का कहना है कि यह रास्ता ऐसे ही रहेगा और कभी नहीं बन पाएगा। इस अनदेखी को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों पर सीधा निशाना साधा गया है, क्योंकि न तो सरपंच और न ही मुखिया इस स्थिति को सुधारने के लिए कोई कदम उठा रहे हैं।
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- Post by Md Abu Farhan1
- धनिया की ताजी हरी पत्तियों को एक जीवित और प्यारे कैरेक्टर का रूप दिया गया है। इस कैरेक्टर का एक छोटा प्यारा शरीर, बड़ी चमकदार आंखें, मुस्कुराता हुआ गोल चेहरा, छोटे हाथ-पैर और दोस्ताना बॉडी लैंग्वेज है। इसका चेहरा खुशी, मदद और ऊर्जा से भरा हुआ नजर आता है। यह दृश्य एक सुंदर आधुनिक रसोई का है, जहां यह धनिया कैरेक्टर लकड़ी के किचन काउंटर पर खड़ा होकर ताजी सब्जियों और खाने को सजाने में मदद कर रहा है। आसपास टमाटर, प्याज, मिर्च और साफ-सुथरे किचन के बर्तन रखे हुए हैं। खिड़की से आती प्राकृतिक रोशनी और हरे पौधे इस माहौल को और भी खुशनुमा बनाते हैं। इस पूरे दृश्य को 3D एनिमेटेड पिक्सार स्टाइल, अल्ट्रा रियलिस्टिक सिनेमैटिक क्वालिटी, ब्राइट कलर्स और 9:16 वर्टिकल 4K शॉर्ट वीडियो फ्रेम में डिजाइन किया गया है।1
- पूर्णिया के अमौर में शराब तस्करी के खिलाफ अमौर पुलिस ने सख्त कार्रवाई की है। पुलिस ने छापेमारी के दौरान 282 लीटर बीयर बरामद की है। इस मामले में शामिल तीन आरोपियों की तलाश में पुलिस जुटी हुई है।1
- अररिया में सोनम वांगचुक के समर्थन और पेपर लीक मामले को लेकर युवाओं और छात्रों ने विशाल पैदल मार्च निकाला। शहर की सड़कों पर हजारों छात्र-छात्राएं उतरकर शिक्षा व्यवस्था में सुधार और पेपर लीक के दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग करते नजर आए। हाथों में बैनर और तख्तियां लेकर प्रदर्शनकारियों ने शहर के प्रमुख मार्गों पर मार्च किया और सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस पैदल मार्च में छात्र-छात्राओं के साथ बड़ी संख्या में युवाओं और सामाजिक संगठनों के लोगों ने भाग लिया, जिससे पूरे शहर में आंदोलन का माहौल बन गया। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने दिल्ली और पटना में छात्रों पर हुए लाठीचार्ज का भी विरोध किया। छात्र नेताओं ने स्पष्ट किया कि युवाओं के भविष्य के साथ किसी भी प्रकार का खिलवाड़ स्वीकार नहीं किया जाएगा। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन को और अधिक व्यापक किया जाएगा।1
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- सोशल मीडिया पर अपनी बात रखते हुए कहा गया है कि विवाद और दोषारोपण के डर से अब आगे कुछ भी नहीं बोला जाएगा। पोस्ट में सवाल उठाते हुए पूछा गया है कि आखिर इसमें किसका दोष है—आम जनता का या फिर किसी और का? इसके साथ ही लोगों से कमेंट के ज़रिए अपनी राय देने का आग्रह किया गया है। अंत में, यदि जाने-अनजाने में कुछ गलत बोला या किया गया हो, तो उसके लिए लोगों से क्षमा मांगते हुए 'सॉरी' भी कहा गया है।1
- जहां भी भारत के छात्र हैं, वहां उनके संघर्ष के समर्थन और उनके दर्द के प्रति संवेदना जताते हुए सड़कों पर उनके साथ खड़े रहने का संदेश दिया गया है। राहुल गांधी और 'छात्रों की गूंज' के आह्वान के साथ यह स्पष्ट किया गया है कि छात्रों की लड़ाई और उनकी तकलीफ में पूरी संवेदना के साथ सड़कों पर उनका समर्थन किया जाएगा।1
- देश के बच्चों पर लाठियां चलाने की कार्रवाई को लेकर सरकार पर तीखा हमला बोला गया है। छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाले इस कदम के खिलाफ कड़ा आक्रोश जाहिर करते हुए सरकार को सीधे तौर पर कायर और डरपोक करार दिया गया है। देश के बच्चों पर लाठियां बरसाने वाली इस सरकार की नीयत पर सीधा सवाल खड़ा करते हुए इसके रवैये की कड़े शब्दों में निंदा की गई है।1