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कृपया विषय को अधिक से अधिक जनमानस में प्रकाशित किया जाए
Raja Singh
कृपया विषय को अधिक से अधिक जनमानस में प्रकाशित किया जाए
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- दिल्ली के जंतर-मंतर पर समाजसेवी सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिए जाने के विरोध में उत्तर प्रदेश के बांदा में युवाओं ने कलेक्ट्रेट परिसर में जोरदार प्रदर्शन किया। कलेक्ट्रेट परिसर में सोमवार को करीब 200 युवाओं ने हाथों में तख्तियां और बैनर लेकर केंद्र सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने कहा कि जंतर-मंतर पर शांतिपूर्ण अनशन कर रहे समाजसेवी सोनम वांगचुक को पुलिस द्वारा हिरासत में लिया जाना सीधे तौर पर लोकतांत्रिक अधिकारों का हनन है। इसके विरोध में युवाओं ने राष्ट्रपति के नाम एक ज्ञापन सौंपकर सोनम वांगचुक की तत्काल रिहाई की मांग की है। प्रदर्शन के दौरान युवाओं ने देश में लगातार हो रहे प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक होने का मुद्दा भी पुरजोर तरीके से उठाया। युवाओं का आरोप है कि सरकार इस गंभीर और संवेदनशील मुद्दे पर प्रभावी कार्रवाई करने में पूरी तरह से विफल रही है, जिससे लाखों छात्रों का भविष्य संकट में आ गया है। उन्होंने परीक्षा प्रणाली को पारदर्शी और निष्पक्ष बनाने के साथ-साथ केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग की। प्रदर्शनकारियों ने साफ चेतावनी दी है कि यदि युवाओं के भविष्य के साथ खिलवाड़ बंद नहीं हुआ और उनकी मांगें नहीं मानी गईं, तो इस आंदोलन को और अधिक तेज व व्यापक किया जाएगा।4
- पिछड़ा वर्ग आयोग अध्यक्ष साध्वी निरंजन ज्योति अपने गृह जनपद हमीरपुर पहुंचीं, जहां उन्होंने मुख्यालय के सर्किट हाउस में जनता की समस्याओं को सुना और उनके त्वरित निस्तारण के लिए संबंधित अधिकारियों से बातचीत की। इस दौरान उन्होंने देश के विभिन्न समसामयिक मुद्दों पर मीडिया के सवालों के जवाब दिए। वंदे मातरम बिल पेश होने के सवाल पर साध्वी निरंजन ज्योति ने इसका पुरजोर समर्थन किया। उन्होंने कहा कि वंदे मातरम का सबको स्वागत करना चाहिए, क्योंकि इसी गीत को गाकर देश की आजादी के लिए लाखों लोगों ने अपने प्राणों को न्योछावर किया है। उन्होंने कहा कि उनके सम्मान में वंदे मातरम करना और इसका अभिनंदन करना चाहिए, क्योंकि हम भारत माता की वंदना करते हैं और भारत में रहने वाले सभी लोगों को इसका वंदन-अभिनंदन करना चाहिए। इसके साथ ही उन्होंने गृह मंत्री का अभिनंदन करते हुए कहा कि संवैधानिक तरीके से अपराध करने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होनी चाहिए। दूसरी तरफ, कई अन्य संवेदनशील मुद्दों पर उन्होंने प्रतिक्रिया देने से साफ इनकार कर दिया। सोनम वांगचुक की हड़ताल की तीन शर्तों से जुड़े सवाल पर उन्होंने कहा कि उन्होंने न तो उनका कोई बयान सुना है और न ही उनकी शर्तें सुनी हैं, इसलिए वह इस पर कोई जवाब नहीं दे पाएंगी। जंतर-मंतर पर चल रहे सीजेपी के प्रोटेस्ट के सवाल पर भी उन्होंने कहा कि वह इस पर कोई जवाब नहीं दे पाएंगी, जबकि जौहर यूनिवर्सिटी के लिए जारी किए गए नोटिस से जुड़े सवाल पर उन्होंने 'नो कमेंट' कहकर टिप्पणी करने से परहेज किया।4
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर जिले के स्वासा बुजुर्ग (पिनकोड 210501) में विकास के दावों की धज्जियां उड़ गई हैं, जहाँ कीचड़ और गड्ढों से भरी सड़क लोगों के लिए जानलेवा मुसीबत बन चुकी है। यहाँ का रास्ता पूरी तरह दलदल में तब्दील हो चुका है, जिसके कारण स्कूल जाने वाले मासूम बच्चे रोज़ाना गिर रहे हैं और बाइक सवार चोटिल हो रहे हैं। विकास की पहुँच से कोसों दूर इस इलाके में बदहाल रास्ते के कारण बच्चे और बुजुर्ग सभी बेहद परेशान हैं। इस 'कीचड़-मार्ग' के कारण बच्चों का बचपन दलदल में सनने को मजबूर है और उनकी शिक्षा पर पूरी तरह से ब्रेक लग गया है। गंदे कपड़ों और टूटी साइकिलों के कारण मासूम बच्चे स्कूल जाने से वंचित हो रहे हैं, और उनकी किताबें कीचड़ में गिरकर बर्बाद हो रही हैं। सड़क के गहरे गड्ढों के चलते यहाँ हर दिन एक्सीडेंट हो रहे हैं और लोग दर्द झेलने को मजबूर हैं। इस बदहाली को लेकर अफसरों के कानों में जूं तक नहीं रेंग रही है और वे आँखें मूंदे बैठे हैं। प्रशासन की इस बेरुखी से जनता में भारी आक्रोश है और लोग अब तीखे सवाल पूछ रहे हैं कि आखिर स्वासा बुजुर्ग का यह 'कीचड़-मार्ग' कब सुधरेगा और इस बदहाली के लिए जिम्मेदार कौन है? हर दिन होने वाले हादसों और दर्द के बीच यहाँ के लोग पूछ रहे हैं कि आखिर उनकी सड़क कब बनेगी।1
- सोमवार को उत्तर प्रदेश के बांदा में कलेक्ट्रेट परिसर में छात्रों ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर जोरदार प्रदर्शन किया। सड़कों पर उतरे छात्रों का यह आक्रोश केवल एक व्यक्ति के खिलाफ नहीं, बल्कि युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली पूरी व्यवस्था के खिलाफ उठ खड़ा हुआ है। प्रदर्शन कर रहे छात्रों का कहना है कि बार-बार होने वाले पेपर लीक, भर्तियों में देरी और अनिश्चित परीक्षाओं ने लाखों युवाओं के सपनों को अधर में लटका दिया है और उनका धैर्य अब पूरी तरह से जवाब दे चुका है। छात्रों के इस उग्र प्रदर्शन के दौरान कलेक्ट्रेट परिसर में भारी पुलिस बल तैनात किया गया था। हालांकि पुलिस की मौजूदगी से कानून-व्यवस्था को संभाल लिया गया, लेकिन युवाओं के मन में उठ रहे गंभीर सवालों का समाधान अब भी नहीं हो पाया है। प्रदर्शनकारियों का साफ संदेश है कि लोकतंत्र में असहमति को पुलिस के बल पर नियंत्रित तो किया जा सकता है, लेकिन युवाओं के इस गुस्से को केवल एक पारदर्शी व्यवस्था, समय पर होने वाली परीक्षाओं और जवाबदेही से ही शांत किया जा सकता है। जब व्यवस्था छात्रों का विश्वास खोने लगती है, तो संकट परीक्षाओं का नहीं बल्कि उनके भविष्य का बन जाता है, और यही बात बांदा के छात्र इस प्रदर्शन के जरिए सरकार तक पहुंचाना चाहते हैं।1
- उत्तर प्रदेश के हमीरपुर में राठ कोतवाली क्षेत्र के मोहल्ला दीवानपुरा निवासी 18 वर्षीय छात्रा श्रुति साहू ने कथित रूप से जहरीला पदार्थ खाकर अपनी जान दे दी। परिजनों के अनुसार, वह NEET परीक्षा में अपेक्षित अंक न आने के कारण पिछले कुछ समय से गहरे मानसिक तनाव में थी। हालत बिगड़ने पर उसे पहले स्थानीय अस्पताल ले जाया गया और बाद में उरई मेडिकल कॉलेज रेफर किया गया, जहां उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई। श्रुति पिछले कई वर्षों से कानपुर में रहकर NEET की तैयारी कर रही थी और डॉक्टर बनने का सपना देख रही थी। परीक्षा परिणाम उम्मीद के अनुरूप न आने से वह काफी परेशान रहने लगी थी और इस आत्मघाती कदम के बाद पूरे परिवार में कोहराम मच गया। बताया जाता है कि करीब पांच वर्ष पूर्व श्रुति की मां ने भी जहरीला पदार्थ खाकर आत्महत्या कर ली थी। मृतका का पोस्टमार्टम उरई में कराया गया है। इस घटना से दुखी परिजनों, विशेषकर मृतका के पिता ने अपनी बेटी की मौत पर गहरा दुख जताते हुए परीक्षा व्यवस्था और संबंधित तंत्र के प्रति भारी नाराजगी व्यक्त की है। उनका कहना है कि जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कार्रवाई होने पर ही उनकी बेटी की आत्मा को शांति मिलेगी। पुलिस ने इस पूरे मामले की जांच शुरू कर दी है और आवश्यक कानूनी कार्रवाई की जा रही है।1
- उत्तर प्रदेश के बांदा में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर छात्रों ने जोरदार प्रदर्शन किया। भारी संख्या में एकत्र हुए आक्रोशित छात्रों ने जिलाधिकारी कार्यालय पहुंचकर जमकर हंगामा किया। कलेक्ट्रेट परिसर में चल रहे छात्रों के इस प्रदर्शन के मद्देनजर सुरक्षा के लिए भारी संख्या में पुलिस बल तैनात रहा। प्रदर्शन के दौरान छात्रों ने "जब-जब मोदी डरता है, पुलिस को आगे करता है" जैसे तीखे नारे लगाए। प्रदर्शनकारी छात्रों ने पूरी घटना की जिम्मेदारी तय करने की बात कहते हुए केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के तत्काल इस्तीफे की मांग उठाई है।4
- हमीरपुर के मौदहा थाना क्षेत्र के बजरंगपुर डेरा में देर रात करीब 12:45 बजे दुकान में चोरी की कोशिश कर रहे दो युवकों को रंगे हाथ पकड़ लिया गया। ये दोनों युवक दुकान का ताला काट रहे थे, तभी दुकान संचालक ने उन्हें देख लिया और शोर मचाना शुरू कर दिया। शोर सुनकर आसपास के ग्रामीण तुरंत मौके पर पहुंच गए और दोनों आरोपियों को घेरकर पकड़ लिया। पीड़ित का दावा है कि चोरी की इस कोशिश का एक वीडियो भी बनाया गया है, जिसे सबूत के तौर पर पुलिस को सौंप दिया गया है। इस संबंध में आरोपियों के खिलाफ मौदहा थाने में लिखित तहरीर देकर कड़ी कानूनी कार्रवाई करने की मांग की गई है। फिलहाल पुलिस पूरे मामले की जांच कर आगे की वैधानिक कार्रवाई करने में जुटी हुई है।1
- सपा सांसद डिंपल यादव अन्य सांसदों के साथ जंतर मंतर पहुंच चुकी हैं।1