आकांक्षी विकासखंड बजाग की विकास योजनाओं की हुई गहन समीक्षा 38 संकेतकों पर बिंदुवार मंथन, सीईओ जिला पंचायत ने अधिकारियों को दिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश डिंडौरी/बजाग। नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा चयनित आकांक्षी विकासखंड बजाग में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विकास संकेतकों में सुधार को लेकर बुधवार को जनपद पंचायत सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी श्री दिव्यांशु चौधरी ने की। बैठक में आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित सभी 38 संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा की गई। किन क्षेत्रों में प्रगति संतोषजनक है और किन संकेतकों में अपेक्षित सुधार की आवश्यकता है, इस पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर मंथन किया गया। लापरवाही पर नहीं चलेगा समझौता सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आकांक्षी विकासखंड बजाग शासन की प्राथमिकता में है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करें और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति भी नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए। महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार की नियमित मॉनिटरिंग तथा लो बर्थ वेट शिशुओं की संख्या कम करने के लिए हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही टीबी मरीजों की सक्रिय पहचान, निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराने और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए गए। SAM एवं MAM श्रेणी के कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराने को भी प्राथमिकता देने के लिए कहा गया। सभी शासकीय कार्यालयों में विभागवार रोस्टर तैयार कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यार्थियों पर रहेगी नजर शिक्षा विभाग की समीक्षा में बीआरसी एवं संकुल प्राचार्यों को शिक्षकों की कमी का आकलन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। जिन विद्यार्थियों के पिछले वर्ष 60 प्रतिशत से कम अंक आए हैं, उनकी अलग सूची तैयार कर नियमित रेमेडियल क्लास संचालित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कमजोर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाया जा सके। नल-जल से लेकर पशु टीकाकरण तक हुई समीक्षा बैठक में हर घर नल-जल योजना, बारिश के मौसम में अनाज के सुरक्षित भंडारण एवं फंगस से बचाव, आजीविका मिशन के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा जन्म-मृत्यु पंजीयन को सचिवों द्वारा अपनी आईडी से समय पर अनुमोदित करने, मलेरिया संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर स्वच्छता संबंधी आवश्यक उपाय करने तथा एफएमडी वैक्सीनेशन का कार्य पोर्टल पर तकनीकी कारणों से दर्ज नहीं हो पाने की स्थिति में ऑफलाइन माध्यम से शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए। विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के लक्ष्यों को केवल विभागीय जिम्मेदारी न मानकर समन्वित प्रयास के रूप में आगे बढ़ाया जाए। स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, पशुपालन, पेयजल, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े संकेतकों में सुधार के लिए मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला योजना अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, सीईओ जनपद पंचायत बजाग श्री सचिन अग्रवाल, जिला योजना कार्यालय से अभिषेक बंसल, आकांक्षी ब्लॉक फेलो डॉ. विकास जैन सहित विभिन्न विभागों के विकासखंड अधिकारी, पर्यवेक्षक, संकुल प्राचार्य एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी उपस्थित रहे।
आकांक्षी विकासखंड बजाग की विकास योजनाओं की हुई गहन समीक्षा 38 संकेतकों पर बिंदुवार मंथन, सीईओ जिला पंचायत ने अधिकारियों को दिए समय-सीमा में गुणवत्तापूर्ण कार्य के निर्देश डिंडौरी/बजाग। नीति आयोग, भारत सरकार द्वारा चयनित आकांक्षी विकासखंड बजाग में विकास योजनाओं के प्रभावी क्रियान्वयन और विभिन्न विकास संकेतकों में सुधार को लेकर बुधवार को जनपद पंचायत सभागार में समीक्षा बैठक आयोजित की गई। बैठक की अध्यक्षता मुख्य कार्यपालन अधिकारी जिला पंचायत डिंडौरी श्री दिव्यांशु चौधरी ने की। बैठक में आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के अंतर्गत निर्धारित सभी 38 संकेतकों की बिंदुवार समीक्षा की गई। किन क्षेत्रों में प्रगति संतोषजनक है और किन संकेतकों में अपेक्षित सुधार की आवश्यकता है, इस पर अधिकारियों के साथ विस्तृत चर्चा करते हुए आगामी कार्ययोजना पर मंथन किया गया। लापरवाही पर नहीं चलेगा समझौता सीईओ जिला पंचायत श्री दिव्यांशु चौधरी ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश देते हुए कहा कि आकांक्षी विकासखंड बजाग शासन की प्राथमिकता में है। योजनाओं के क्रियान्वयन में किसी भी स्तर पर लापरवाही या अनदेखी स्वीकार नहीं की जाएगी। सभी विभाग अपने निर्धारित लक्ष्यों को समय-सीमा में पूरा करें और कार्यों की गुणवत्ता से किसी भी प्रकार का समझौता न किया जाए। उन्होंने बैठक में बिना सूचना अनुपस्थित रहने वाले अधिकारियों के प्रति भी नाराजगी जताते हुए कारण बताओ नोटिस जारी करने के निर्देश दिए। मातृ एवं शिशु स्वास्थ्य पर विशेष जोर स्वास्थ्य एवं महिला एवं बाल विकास विभाग की समीक्षा के दौरान गर्भवती एवं धात्री महिलाओं से आशा कार्यकर्ताओं और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं के माध्यम से लगातार संपर्क बनाए रखने के निर्देश दिए गए। महिलाओं को मिलने वाले पोषण आहार की नियमित मॉनिटरिंग तथा लो बर्थ वेट शिशुओं की संख्या कम करने के लिए हाई रिस्क गर्भवती महिलाओं की समय पर पहचान करने पर विशेष जोर दिया गया। साथ ही टीबी मरीजों की सक्रिय पहचान, निक्षय पोषण किट उपलब्ध कराने और नियमित फॉलोअप के निर्देश दिए गए। SAM एवं MAM श्रेणी के कुपोषित बच्चों को चिन्हित कर पोषण पुनर्वास केंद्रों में भर्ती कराने को भी प्राथमिकता देने के लिए कहा गया। सभी शासकीय कार्यालयों में विभागवार रोस्टर तैयार कर अधिकारियों एवं कर्मचारियों के स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित करने के निर्देश भी दिए गए। कमजोर परीक्षा परिणाम वाले विद्यार्थियों पर रहेगी नजर शिक्षा विभाग की समीक्षा में बीआरसी एवं संकुल प्राचार्यों को शिक्षकों की कमी का आकलन कर प्रस्ताव भेजने के निर्देश दिए गए। दिव्यांग विद्यार्थियों के लिए विशेष प्रशिक्षित शिक्षकों की व्यवस्था सुनिश्चित करने तथा कक्षा 10वीं एवं 12वीं के परीक्षा परिणामों में सुधार के लिए विशेष कार्ययोजना तैयार करने को कहा गया। जिन विद्यार्थियों के पिछले वर्ष 60 प्रतिशत से कम अंक आए हैं, उनकी अलग सूची तैयार कर नियमित रेमेडियल क्लास संचालित करने के निर्देश दिए गए, ताकि कमजोर विद्यार्थियों के शैक्षणिक स्तर में सुधार लाया जा सके। नल-जल से लेकर पशु टीकाकरण तक हुई समीक्षा बैठक में हर घर नल-जल योजना, बारिश के मौसम में अनाज के सुरक्षित भंडारण एवं फंगस से बचाव, आजीविका मिशन के माध्यम से अधिक से अधिक महिलाओं को स्व-सहायता समूहों से जोड़ने सहित विभिन्न योजनाओं की प्रगति की समीक्षा की गई। इसके अलावा जन्म-मृत्यु पंजीयन को सचिवों द्वारा अपनी आईडी से समय पर अनुमोदित करने, मलेरिया संभावित क्षेत्रों को चिन्हित कर स्वच्छता संबंधी आवश्यक उपाय करने तथा एफएमडी वैक्सीनेशन का कार्य पोर्टल पर तकनीकी कारणों से दर्ज नहीं हो पाने की स्थिति में ऑफलाइन माध्यम से शत-प्रतिशत पूरा करने के निर्देश दिए गए। विभागों के बीच बेहतर समन्वय पर जोर बैठक में अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि आकांक्षी विकासखंड कार्यक्रम के लक्ष्यों को केवल विभागीय जिम्मेदारी न मानकर समन्वित प्रयास के रूप में आगे बढ़ाया जाए। स्वास्थ्य, शिक्षा, पोषण, कृषि, पशुपालन, पेयजल, आजीविका और बुनियादी सुविधाओं से जुड़े संकेतकों में सुधार के लिए मैदानी स्तर पर नियमित मॉनिटरिंग सुनिश्चित की जाए। बैठक में जिला योजना अधिकारी एवं संयुक्त कलेक्टर सुश्री भारती मेरावी, सीईओ जनपद पंचायत बजाग श्री सचिन अग्रवाल, जिला योजना कार्यालय से अभिषेक बंसल, आकांक्षी ब्लॉक फेलो डॉ. विकास जैन सहित विभिन्न विभागों के विकासखंड अधिकारी, पर्यवेक्षक, संकुल प्राचार्य एवं सहायक पशु चिकित्सा क्षेत्र अधिकारी उपस्थित रहे।
- मध्य प्रदेश जिला उमरिया जनपद पंचायत करकेली ग्राम पंचायत देवरी माजरा एवं महुरी दोनों पंचायत के बीच बनने वाला यह पुल कब और कब तक बनेगा इसका जिम्मेदार कौन क्या यह पुल बनने से पहले स्कूली बच्चे या ग्राम वासियों की बली चाहता है चाहता है मध्य प्रदेश का जिला उमरिया जनपद पंचायत करकेली ग्राम पंचायत देवरी माजरा और ग्राम पंचायत महुरी दोनों पंचायत और अन्य ग्राम पंचायत को जोड़ने वाला यह है पुल जो की तीन चार वर्षो से आधार में है क्या सेतु विभाग ऐसी कौन सी नींद सो रहा है जिसे यह 3 वर्षों से अधूरा पुल दिखाई नहीं दे रहा है यह ठेकेदार की लापरवाही है या जिलाप्रशासन की ग्राम वासियों को अब ऐसा प्रतीत होने लगा है कि प्रशासन इंतजार में है जब तक कोई बड़ी घटना या किसी मासूम की जान नहीं जाएगी तब तक यह पुल का काम पूरा नहीं होगा क्योंकि यह पॉल सभी गांव को जोड़ने वाला एकमात्र पुल है देवी माजरा की हायर सेकेंडरी स्कूल जहां की माहुरी ग्राम पंचायत के हादसा के बच्चे आते हैं अब वह कैसे आते होंगे यह तो वही जानते हैं और सभी जानते हैं कि जब पल में पानी हो तो कितने खतरे से पार करके आते हैं वही पल के जिस स्कूल में बच्चे छोटे-छोटे बच्चे पुल पार करके आते हैं क्या उन मासूमों की जान लेने में लगा है प्रशासन या अधूरा पुल मासूमों की बाली मांगता है आखिर यह किसकी लापरवाही है ये सामने का नजारा देखिए ये पानी नहीं पानी में डूबा बच्चों का भविष्य है। क्योंकि यह एकमात्र रास्ता है जो देवरी और महुरी सहित कई गांवों को जोड़ती है और उमरिया शहपुरा मुख्यमार्ग में जुड़ता है। सैकड़ों बच्चे इसी रास्ते देवदंडी महुरी जरहा मोड से हाई स्कूल देवरी नहीं पहुंच पा रहे है, क्योंकि 1 हफ्ते से नदी उफान में है, पुल डूब गया है। वही पुल के दूसरी तरफ सरस्वती विद्यालय है जो महुरी के रास्ते में है जहां देवरी, हड़हा आसपास के सैकड़ों बच्चे पढ़ने जाते हैं अब वो सभी हफ्ते भर से नदी का पानी उतरने का इंतजार कर रहे हैं। दोनों तरफ आने -जाने वाले यात्री भी भारी परेशानी का सामना कर रहे हैं। और यह पूरी परेशानी की जड़ 3 वर्षों से अधूरा पड़ा निर्माणाधीन पुल है। जो हर बीतते वर्ष में एक अधूरी आस दे जाता है1
- नगर पालिका की सफाई व्यवस्था पर फावड़े की चोट, पार्षद बोले- जब अमला नहीं जागा तो खुद संभाला मोर्चा पाली। नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड क्रमांक 2 में सफाई व्यवस्था को लेकर अब सियासत गरमाने लगी है। इन दिनों सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा एक वीडियो नगर पालिका की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहा है। वीडियो में वार्ड के पार्षद एवं नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल युवाओं और वार्डवासियों के साथ हाथों में फावड़ा लेकर खुद सफाई करते नजर आ रहे हैं। शिकायतों के बाद भी नहीं हुई सफाई बताया जा रहा है कि वार्ड क्रमांक 2 में कई दिनों से नियमित साफ-सफाई नहीं हुई थी। गंदगी और कचरे से परेशान वार्डवासियों ने नगर पालिका के जिम्मेदारों को कई बार इसकी जानकारी दी। इसके बावजूद जब सफाई व्यवस्था में सुधार नहीं हुआ तो लोगों का धैर्य जवाब दे गया। इसके बाद वार्डवासियों ने खुद सफाई का जिम्मा उठाया। उनके साथ नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल भी फावड़ा लेकर मैदान में उतर गए। वीडियो में कई युवा भी उनके साथ सफाई करते दिखाई दे रहे हैं। यह दृश्य अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है। उपाध्यक्ष ने नगर पालिका पर साधा निशाना नगर पालिका उपाध्यक्ष राजेश पटेल ने कहा कि वार्ड में सफाई को लेकर कई बार नगर पालिका से आग्रह किया गया, लेकिन जिम्मेदारों ने इस ओर गंभीरता नहीं दिखाई। जब शिकायतों के बाद भी सफाई नहीं हुई तो वार्डवासियों के साथ खुद सफाई करने का निर्णय लिया गया। उन्होंने कहा कि जनप्रतिनिधियों और आम लोगों को सफाई के लिए फावड़ा उठाना पड़े, यह नगर पालिका की व्यवस्था पर सवाल खड़ा करता है। जनता को मूलभूत सुविधाएं उपलब्ध कराना नगर पालिका की जिम्मेदारी है। कांग्रेस ने भी खोला मोर्चा मामले में पाली ब्लॉक कांग्रेस कमेटी अध्यक्ष रवि मिश्रा ने भी नगर पालिका पर हमला बोला है। उन्होंने कहा कि वार्ड क्रमांक 2 नगर पालिका क्षेत्र का हिस्सा है और वहां सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की है। इसके लिए किसी राजनीतिक खींचतान की जरूरत नहीं होनी चाहिए। रवि मिश्रा ने कहा कि यदि नगर पालिका अपनी जिम्मेदारी नहीं निभाती है तो कांग्रेस कार्यकर्ता खुद वार्ड में जाकर सफाई करेंगे और इसकी जिम्मेदारी उठाएंगे। वायरल वीडियो ने अब सफाई व्यवस्था को लेकर नई बहस छेड़ दी है। सवाल यह है कि जब सफाई की जिम्मेदारी नगर पालिका की है, तो आखिर जनप्रतिनिधियों और वार्डवासियों को खुद फावड़ा क्यों उठाना पड़ा?4
- जिले करकेली ब्लॉक के बड़ागाव विद्यालय की बढ़ी सस्मया"बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े इन सवालों पर प्रशासन की कार्रवाई अब सबसे बड़ा इंतजार है। मध्यप्रदेश उमरिया जिले में इन दिनों सरकार के सिस्ट्म का पोल खोलता नजर आ रहा है बता दे कि जिले के करकेली ब्लॉक के ग्राम पंचायत बड़ागांव में बदहाल सड़क स्कूल की टपकती छत और शिक्षकों की कथित लापरवाही के खिलाफ छात्र छात्राओं व ग्रामीणों का आक्रोश फूट पड़ा। छात्र छात्राओं अभिभावकों सहित ग्रामीणों ने जिला मुख्यालय में जोरदार रैली निकाली। हाथों में तख्तियां और जुबां पर नारे लेकर छात्र छात्राओं का हुजूम कलेक्ट्रेट परिसर पहुंचा ग्रामीणों का कहना है कि बारिश में स्कूल तक पहुंचने वाला रास्ता कीचड़ के दलदल में बदल जाता है। बच्चों को इसी जोखिम भरे रास्ते से होकर स्कूल पहुंचने की मजबूरी बनी हुई है। वहीं स्कूल की छत से पानी टपकने के कारण कक्षाओं में पढ़ाई भी प्रभावित होने की बात सामने आई है। शिक्षकों की कार्यप्रणाली को लेकर भी छात्र-छात्राओं और अभिभावकों ने गंभीर सवाल उठाए। ग्रामीणों का आरोप है कि लंबे समय से समस्याएं बताने के बावजूद जिम्मेदारों ने अपेक्षित गंभीरता नहीं दिखाई। आक्रोशित छात्रों ने कलेक्ट्रेट पहुंचकर प्रशासन के समक्ष अपनी समस्याएं रखीं। ग्रामीणों ने सड़क निर्माण स्कूल भवन की मरम्मत और शिक्षण व्यवस्था में सुधार की मांग की। छात्र छात्राओं सहित ग्रामीणों ने दो टूक कहा अब आश्वासन नहीं समस्याओं का धरातल पर समाधान चाहिए। बच्चों की शिक्षा और सुरक्षा से जुड़े इन सवालों पर प्रशासन की कार्रवाई अब सबसे बड़ा इंतजार है।2
- **उमरिया जिले में किसानों महाआंदोलन की तैयारी** **9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन** भारतीय किसान संघ उमरिया द्वारा 21 जुलाई 2026 को जिला प्रशासन को विभिन्न समस्याओं को लेकर खासकर पाली क्षेत्र में खुलने वाली नई 9 प्राइवेट कॉलरी खदान खनिज खदानों की अनुमित्ताओं को लेकर जिला प्रशासन को कोयले की पोटली के साथ ज्ञापन प्रस्तुत किया गया था जिसमें 30 दोनों का समय किया गया था लेकिन 30 दिन पूर्व होने के उपरांत भी किसानों की समस्याओं की तरफ कोई पहल नहीं किया गया । **खनिज क्षेत्र बैठक की सूचना नहीं** विगत 25 अगस्त 2026 को कमिश्नर एवं कलेक्टर उमरिया में कई खदानों के साथ बैठक की किंतु दुर्भाग्यवश किसानों की समस्याओं का निराकरण नहीं किया और ना ही किसानों को सम्मिलित किया गया **9 सितंबर से घेरा डालो डेरा डालो महाआंदोलन** किसानों के द्वारा प्रशासन को 30 दोनों का समय दिया गया था जो की समाप्त हो चुका है और उसके उपरांत किसान संगठन ने 9 सितंबर से अनिश्चितकालीन धरना प्रदर्शन का ऐलान किया है, जिस क्रम में 9 सितंबर को घेरा डालो डेरा डालो आंदोलन के तहत शहडोल घुनघुटी नेशनल हाईवे राजमार्ग को पूर्णता बंद किया जाएगा, आंदोलन अनिश्चितकालीन बढ़ाने पर उमरिया जिले की सातों तहसील राजमार्गों पर धरना प्रदर्शन किया जाएगा एवं उमरिया जिले के आने जाने वाले समस्त रास्ते रेल मार्ग में प्रदर्शन किया जाएगा, इसकी पूर्ण जवाबदारी शासन प्रशासन की होगी ।3
- महाविद्यालयों में मूलभूत सुविधाओं की मांग को लेकर ABVP मुखर: उच्च शिक्षा मंत्री के नाम कलेक्टर को सौंपा 17 सूत्रीय ज्ञापन • पेयजल, सुरक्षा, ई-लाइब्रेरी और स्वच्छता जैसी बुनियादी सुविधाओं को तत्काल दुरुस्त करने की मांग • जिला संयोजक अमन त्रिपाठी बोले— विद्यार्थियों को गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के साथ बेहतर वातावरण मिलना जरूरी शहडोल। शासकीय महाविद्यालयों में अध्ययनरत विद्यार्थियों को मूलभूत एवं शैक्षणिक सुविधाओं के अभाव में हो रही परेशानियों को लेकर अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (ABVP) शहडोल ने मोर्चा खोल दिया है। एबीवीपी के प्रतिनिधिमंडल ने प्रदेश के उच्च शिक्षा मंत्री के नाम जिला कलेक्टर को 17 सूत्रीय मांगों का ज्ञापन सौंपकर समस्याओं के शीघ्र निराकरण की मांग की है। एबीवीपी जिला संयोजक अमन त्रिपाठी के नेतृत्व में सौंपे गए ज्ञापन में उल्लेख किया गया कि शासकीय महाविद्यालय उच्च शिक्षा एवं व्यक्तित्व विकास के प्रमुख केंद्र हैं, लेकिन वर्तमान में छात्र-छात्राएं मूलभूत सुविधाओं की भारी कमी से जूझ रहे हैं। गुणवत्तापूर्ण शिक्षा के लिए परिसर में सुरक्षित और सुविधायुक्त वातावरण का होना अत्यंत आवश्यक है। ज्ञापन में शामिल प्रमुख 17 मांगें: शुद्ध पेयजल व्यवस्था: सभी प्रमुख स्थानों पर आरओ और वाटर कूलर की तत्काल मरम्मत कराकर पर्याप्त पेयजल की व्यवस्था हो। शौचालय व स्वच्छता: छात्र-छात्राओं के लिए अलग-अलग स्वच्छ शौचालय, छात्राओं के लिए सेनेटरी नैपकिन वेंडिंग व डिस्पोजल मशीन की उपलब्धता। कक्षाओं का सुदृढ़ीकरण: पर्याप्त बेंच-डेस्क, पंखे, लाइट, खिड़कियां तथा खराब विद्युत उपकरणों की मरम्मत/बदलाव। पुस्तकालय व ई-लाइब्रेरी: प्रतियोगी परीक्षाओं की पुस्तकें, पर्याप्त बैठक व्यवस्था और ई-लाइब्रेरी की स्थापना। प्रयोगशाला उन्नयन: विषयवार आधुनिक उपकरण, सामग्री व सुरक्षा संसाधन उपलब्ध कराना। खेल सुविधाएं: खेल मैदानों को व्यवस्थित कर खेल सामग्री की उपलब्धता सुनिश्चित करना। हरित व स्वच्छ परिसर: नियमित साफ-सफाई, कूड़ेदान, प्लास्टिक-मुक्त परिसर और सघन पौधारोपण। विश्राम व्यवस्था: छात्रों के बैठने हेतु शेड व पर्याप्त बेंच का निर्माण। सुरक्षा व बाउंड्रीवॉल: सीसीटीवी कैमरे, क्षतिग्रस्त बाउंड्रीवॉल का निर्माण और असामाजिक तत्वों पर सख्त रोक। सुरक्षित पार्किंग: साइकिल और दोपहिया वाहनों के लिए व्यवस्थित पार्किंग व्यवस्था। इंटरनेट व डिजिटल सुविधा: शैक्षणिक उपयोग हेतु परिसर में वाई-फाई (Wi-Fi) की सुविधा। दिव्यांगजन सुविधाएं: रैंप निर्माण एवं सुगम प्रवेश मार्ग की व्यवस्था। प्राथमिक उपचार (First Aid): प्राथमिक उपचार कक्ष व जरूरी दवाइयों की उपलब्धता। विद्यार्थी सहायता केंद्र: प्रवेश, छात्रवृत्ति व परीक्षा संबंधी समस्याओं के लिए जवाबदेह हेल्पडेस्क। छात्राओं हेतु कॉमन रूम: छात्राओं के लिए सभी आवश्यक सुविधाओं से युक्त कॉमन रूम की व्यवस्था। कैंटीन सुविधा: रियायती दर पर गुणवत्तापूर्ण खाद्य सामग्री के लिए कैंटीन का संचालन। विवेकानंद करियर सेल: रोजगार व कौशल मार्गदर्शन देने वाली निष्क्रिय पड़ी करियर सेल को पूर्ण क्षमता से सक्रिय करना। त्वरित कार्रवाई नहीं हुई तो होगा आंदोलन विद्यार्थी परिषद ने स्पष्ट किया कि प्रशासन इन मांगों पर प्राथमिकता के आधार पर संज्ञान ले तथा जिन कार्यों के लिए बजट या उच्च स्तरीय स्वीकृति आवश्यक है, उनके प्रस्ताव तत्काल शासन को भेजे जाएं। संगठन ने चेतावनी दी है कि यदि विद्यार्थियों की इन जायज मांगों पर शीघ्र सकारात्मक कदम नहीं उठाए गए, तो परिषद विद्यार्थियों के हित में चरणबद्ध आंदोलन के लिए बाध्य होगी3
- 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥 💥 *बड़ी खबर* 💥 *अवैध रेत परिवहन में सलग्न डग्गी द्वारा दो गौवंश को रौँदकर सड़क के किनारे फंसा प्रशाशनिक संरक्षण में चल रहा रेत का अवैध काला कारोबार* 📢📢📢📢📢📢📢📢 *जिला मुख्यालय शहडोल से लगभग दस किमी. दूर शहडोल रीवा मार्ग पर ग्राम निपनिया में वन रक्षक नाका के पास 26/08/2026के भोर में सूत्रों ने बताया कि नरवार कुवंरसेजा से रेत का अवैध कारोबार करने वाली डग्गी लापरवाही पूर्वक वाहन चलाते हुए सड़क के किनारे बैठे गौवंश को जोरदार टक्कर मारकर खुद सड़क के किनारे फ़स गई l* *रेत का अवैध परिवहन करने वाले लोंगो के द्वारा तुरंत डग्गी को निकाल कर चलता बने गौवंश सड़क के किनारे अभी भी पड़े हैं* *सूत्रों ने यह बताया कि वन विभाग और खनिज विभाग के संरक्षण में ये रेत का कारोबार चल रहा है यदि ग्रामीण कोई इस अवैध रेत के परिवहन के बारे में बोलते हैं तो उन्हें तरह तरह की धमकियाँ दी जाती हैं* एक तरफ जिला प्रशासन भ्रष्टाचार मुक्त प्रशासन देने का दम भरता है दूसरी ओर जिला मुख्यालय के नाक के नीचे खनिज सम्पदा का इस तरह प्रशासनिक संरक्षण में दोहन होना प्रशासन के मुहं में करारा तमाचा है जिससे लाखों रूपये प्रतिदिन के राजस्व की हानि हो रही है l 💥💥💥💥💥💥💥1
- चलती बस में यात्री की अचानक बिगड़ी तबीयत, सफर के दौरान तोड़ा दम चलती बस में यात्री की अचानक बिगड़ी तबीयत, सफर के दौरान तोड़ा दम डिंडोरी-मंडला मार्ग: बस में यात्री की मौत से मची अफरा-तफरी, स्टाफ ने परिजनों को दी सूचना मंडला। डिंडोरी-मंडला मार्ग पर बुधवार दोपहर एक यात्री बस में सफर के दौरान एक व्यक्ति की अचानक मौत हो गई। जानकारी के अनुसार, जय मां खैरावाली यात्री बस में ग्राम राई से एक ग्रामीण चाबी बाजार जाने के लिए सवार हुआ था। रास्ते में अचानक ग्रामीण की सांस फूलने लगी और हालत बेहद गंभीर हो गई। जब तक कोई कुछ समझ पाता, कुछ ही देर में उसने बस के अंदर ही दम तोड़ दिया। इस घटना से सहयात्रियों में दहशत और अफरा-तफरी मच गई। चालक व परिचालक ने तत्परता दिखाते हुए बस को चाबी स्थित उपका तिराहे पर रोका। अन्य यात्रियों को दूसरी बस से उनके गंतव्य की ओर रवाना किया गया, वहीं मृतक के परिजनों से संपर्क कर उन्हें इस दुखद घटना की सूचना दे दी गई है।1
- कबाड़ की झूठी शिकायत कर खाकी को बदनाम करने की साजिश कपड़ा व्यापारी गुलाम लेमन का षड्यंत्र जल्द होगा उजागर1