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जंतर-मंतर से तीखा आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि इस देश में अपनी बात रखना जुर्म और आतंकवाद बन चुका है। देश के भीतर अपनी बात कहने और आवाज़ उठाने की स्थिति को लेकर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है, जहाँ अपनी बात रखने को ही अपराध और आतंकवाद की श्रेणी में रखा जा रहा है।
कैलाश
जंतर-मंतर से तीखा आक्रोश जताते हुए कहा गया है कि इस देश में अपनी बात रखना जुर्म और आतंकवाद बन चुका है। देश के भीतर अपनी बात कहने और आवाज़ उठाने की स्थिति को लेकर गहरा गुस्सा व्यक्त किया गया है, जहाँ अपनी बात रखने को ही अपराध और आतंकवाद की श्रेणी में रखा जा रहा है।
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- दिल्ली में शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे छात्र-छात्राओं पर हुए बर्बर लाठीचार्ज और देश भर में प्रतियोगी परीक्षाओं के लगातार पेपर लीक मामलों को लेकर मथुरा में आक्रोश फैल गया है। महात्मा ज्योतिबा फुले विकास समिति एवं अखिल भारतीय समता फाउंडेशन के संयुक्त तत्वावधान में कार्यकर्ताओं ने जिलाधिकारी कार्यालय पर जोरदार प्रदर्शन किया और महामहिम राष्ट्रपति के नाम ज्ञापन सौंपा। राजेंद्र निमेष और ओमपाल सैनी के नेतृत्व में एकत्र हुए प्रदर्शनकारियों ने बांहों पर काली पट्टी बांधकर और हाथों में सरकार विरोधी नारों की तख्तियां व बैनर लेकर अपना विरोध व्यक्त किया। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि दिल्ली में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे और बर्खास्तगी की मांग को लेकर शांतिपूर्ण प्रदर्शन कर रहे निर्दोष छात्रों और बेटियों पर केंद्र सरकार के इशारे पर बर्बरतापूर्वक लाठीचार्ज कराया गया, जिसमें कई छात्र घायल हुए हैं। प्रदर्शनकारियों के मुताबिक यह मामला केवल NEET परीक्षा तक सीमित नहीं है, बल्कि देश में अब तक लगभग 36 प्रतियोगी परीक्षाओं के पेपर लीक हो चुके हैं। बार-बार पेपर लीक होने से देश के लाखों युवाओं के सपने टूट रहे हैं और उनका पढ़ाई से मोहभंग हो रहा है। आरोप लगाया गया है कि सरकार संवैधानिक मूल्यों को ताक पर रखकर छात्रों की आवाज दबाने का प्रयास कर रही है। ज्ञापन के माध्यम से प्रदर्शनकारियों ने महामहिम राष्ट्रपति से मांग की है कि छात्रों पर लाठीचार्ज करने वाली और युवाओं के भविष्य से खिलवाड़ करने वाली केंद्र सरकार व संबंधित मंत्रियों को तत्काल प्रभाव से बर्खास्त किया जाए।4
- भारतीय क्रिकेटर विराट कोहली और उनकी पत्नी व अभिनेत्री अनुष्का शर्मा बुधवार को ठाकुर बांके बिहारी की नगरी वृंदावन पहुंचे। दोनों ने यमुना बिहार कुंज आश्रम पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन किए और उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। बारिश के कारण आश्रम पहुंचने वाले मार्ग पर भारी कीचड़ फैला हुआ था, लेकिन आध्यात्मिक आस्था और संत दर्शन की उत्कंठा के बीच विराट और अनुष्का कीचड़ भरे रास्ते से नंगे पैर पैदल ही आश्रम पहुंचे। इस दौरान विराट अपनी पत्नी अनुष्का का हाथ थामे दिखाई दिए, जिसके सहज और सरल भाव ने श्रद्धालुओं का ध्यान आकर्षित किया। आश्रम पहुंचने पर संत के शिष्यों ने दोनों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया। इसके बाद विराट कोहली और अनुष्का शर्मा ने संत प्रेमानंद महाराज के सानिध्य में समय बिताया और करीब एक घंटे तक आध्यात्मिक चर्चा व सत्संग का लाभ उठाया। आश्रम से बाहर निकलते समय विराट कोहली के माथे पर चंदन का तिलक और हाथ में प्रसाद दिखाई दिया। इसके बाद दोनों ने करीब 150 मीटर दूर स्थित संत प्रेमानंद महाराज के गुरु हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम में भी पहुंचकर श्रद्धापूर्वक शीश नवाया और आशीर्वाद लिया। वृंदावन की यह यात्रा दोनों की भक्ति, श्रद्धा और गुरु परंपरा के प्रति अटूट आस्था का भाव दर्शाती नजर आई।3
- मथुरा जिले में फर्जी पत्रकारों की बढ़ती संख्या और उनके द्वारा की जा रही उगाही की घटनाओं पर अंकुश लगाने के लिए पुलिस और प्रशासन ने कड़ा रुख अपनाया है। इस मुद्दे पर बृज प्रेस क्लब के अध्यक्ष डॉ कमलकांत उपमन्यु एडवोकेट ने चिंता व्यक्त करते हुए कहा कि केवल एक माइक और फर्जी आईडी कार्ड लेकर खुद को पत्रकार बताने वाले लोग उगाही, ब्लैकमेल और अन्य अवैध गतिविधियों में शामिल हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि बिना किसी योग्यता, अनुभव या आपराधिक रिकॉर्ड की जांच के घूम रहे कुछ अपराधी और माफिया भी पुलिस की कार्रवाई से बचने के लिए पत्रकारों का भेष धरकर लोगों को डरा-धमका रहे हैं। डॉ कमलकांत उपमन्यु ने मंगलवार को जिला अधिकारी चंद्र प्रकाश सिंह और वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक श्लोक कुमार से मुलाकात कर उन्हें इस समस्या से अवगत कराया। पुलिस और प्रशासन ने मामले को गंभीरता से लेते हुए फर्जी पत्रकारों की पहचान के लिए एक अभियान चलाने और फर्जी आईडी कार्ड बनाने व बांटने वालों पर सख्त कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है। इसके साथ ही उन्होंने असली पत्रकारों से इस मुहिम में सहयोग करने और आम जनता से फर्जी पत्रकारों की सूचना पुलिस या प्रशासन को देने की अपील की है।1
- मथुरा के गोवर्धन में प्रसिद्ध 'मुड़िया पूर्णिमा मेला' का भव्य आगाज़ गुरुवार से हो रहा है, जो 30 जुलाई तक चलेगा। मेले में उमड़ने वाले लाखों-करोड़ों श्रद्धालुओं की आस्था, सुरक्षा और सहूलियत को देखते हुए प्रशासन ने पूरे मेला क्षेत्र को छावनी में तब्दील कर दिया है। प्रशासनिक अधिकारियों की बैठक के बाद बुधवार शाम 6 बजे SSP श्लोक कुमार ने सुरक्षा, यातायात और भीड़ प्रबंधन की विस्तृत रूपरेखा साझा की। मेला परिसर की सुरक्षा के लिए पूरे क्षेत्र को 9 सुपर ज़ोन, 21 ज़ोन और 62 सेक्टर में विभाजित किया गया है, जहां हर समय पुलिस और प्रशासनिक अधिकारी तैनात रहेंगे। सुरक्षा व्यवस्था के तहत 6 स्थायी और 37 अस्थायी पुलिस चौकियां स्थापित की गई हैं। संवेदनशील स्थानों पर नज़र रखने के लिए 31 वॉच टावर और यातायात नियंत्रण हेतु 150 बैरियर लगाए गए हैं। साथ ही, गोवर्धन धाम की 24 घंटे निगरानी के लिए 183 हाईटेक CCTV कैमरे लगाए गए हैं, जिनकी सीधी पहरेदारी कंट्रोल रूम से की जाएगी।4
- फौजियों ने स्पष्ट कहा है कि अंधभक्त किसी भी भ्रम में न रहें, क्योंकि वे पूरी तरह से छात्रों के साथ खड़े हैं। इसके साथ ही फौजियों ने दिल्ली पुलिस को सीधा चैलेंज देते हुए कहा है कि पुलिस उन्हें पीटकर दिखाए।1
- भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व कप्तान विराट कोहली और अभिनेत्री अनुष्का शर्मा ने बुधवार तड़के वृंदावन पहुंचकर संत प्रेमानंद महाराज के नए आश्रम यमुना विहार कुंज में दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त किया। दोनों सुबह करीब चार बजे सादगी के साथ नंगे पांव आश्रम परिसर में दाखिल हुए। इस दौरान बारिश के कारण रास्ते में कीचड़ होने के बावजूद विराट पूरे समय अनुष्का का हाथ थामे नजर आए। आश्रम में मौजूद शिष्यों ने दोनों का स्वागत किया और करीब एक घंटे बाद जब वे बाहर निकले, तो विराट के माथे पर चंदन का तिलक और हाथ में प्रसाद दिखाई दिया। इसके बाद दोनों संत प्रेमानंद महाराज के गुरु हित गोविंद शरण महाराज के आश्रम पहुंचे, जहां उन्होंने दर्शन कर आशीर्वाद लिया। यह दंपति पिछले कुछ वर्षों में कई बार संत प्रेमानंद महाराज के दर्शन कर चुका है और आध्यात्मिक कार्यक्रमों में भाग लेता रहा है। इससे पहले जून में आईपीएल खिताब जीतने के बाद भी दोनों आश्रम आए थे और सत्संग में शामिल हुए थे। इधर, संत प्रेमानंद महाराज के नए आश्रम यमुना विहार कुंज में 23 जुलाई से 29 जुलाई तक गुरु पूर्णिमा महोत्सव का आयोजन प्रस्तावित है। इसके तहत 28 जुलाई तक महाराज श्रद्धालुओं को दर्शन देंगे, जबकि 29 जुलाई को विशेष कार्यक्रम के लिए केली कुंज आश्रम जाएंगे। विराट और अनुष्का के इस दौरे को लेकर श्रद्धालुओं के बीच खासा उत्साह देखा गया, हालांकि दर्शन व्यवस्था सामान्य रूप से संचालित होती रही।4
- आषाढ़ माह की पूर्णिमा के अवसर पर आज गोवर्धन में आस्था का सैलाब उमड़ पड़ा है। मुड़िया पूर्णिमा मेले के लिए देशभर से लाखों श्रद्धालु नंगे पैर गिरिराज जी की 21 कोस की परिक्रमा करने आ रहे हैं। गोवर्धन के मुड़िया संत रामकृष्ण दास महाराज ने इस मेले की गूढ़ मान्यता के बारे में जानकारी देते हुए बताया कि मुड़िया पूर्णिमा सिर्फ एक मेला नहीं है, बल्कि यह आत्मशुद्धि का पर्व है। इस दिन भक्त गिरिराज जी की परिक्रमा पूरी करके अपना सिर मुंडवाते हैं और अपने केश गिरिराज जी को अर्पित करते हैं। सिर मुंडवाने यानी 'मुंडिया' से ही इसका नाम 'मुड़िया पूर्णिमा' पड़ा है। संत रामकृष्ण दास महाराज के अनुसार मुड़िया पूर्णिमा का अर्थ अपने अहंकार और पापों का मुंडन करना है। इसका संबंध कृष्ण-गोवर्धन लीला से जुड़ा है, जब भगवान श्रीकृष्ण ने ब्रज को इंद्र के प्रकोप से बचाने के लिए 7 दिन तक गोवर्धन पर्वत को अपनी उंगली पर उठाया था। संकट टलने के बाद ब्रजवासियों ने आषाढ़ पूर्णिमा को ही गिरिराज जी की विशाल परिक्रमा की थी और मुंडन करवाकर उनका आभार जताया था, तभी से यह परंपरा लगातार चल रही है। शास्त्रों के अनुसार मुड़िया पूर्णिमा पर की गई एक परिक्रमा का पुण्य चारों धाम 100 बार करने के बराबर है। आज के दिन गिरिराज जी की 21 कोस परिक्रमा और मुंडन करने से मनुष्य के सारे पाप धुल जाते हैं। यह पूर्ण समर्पण का दिन है और जो भी सच्चे भाव से गिरिराज महाराज को पुकारता है, उसकी मनोकामना पूरी होती है।2
- मथुरा के बरसाना में तेज रफ्तार बाइकों का कहर श्रद्धालुओं की सुरक्षा के लिए लगातार बड़ा खतरा बनता जा रहा है। एक हादसे में बाइक की तेज टक्कर से एक श्रद्धालु गंभीर रूप से घायल हो गए हैं और दुर्घटना के बाद उन्हें चलने-फिरने में भी भारी कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है। इस पूरे मामले में सबसे चिंताजनक बात यह सामने आई है कि कई बाइक चालक अपनी गाड़ियों की नंबर प्लेट तोड़ देते हैं, उसे मोड़ देते हैं या फिर बिना नंबर प्लेट के ही वाहन दौड़ा रहे हैं। नंबर प्लेट न होने या क्षतिग्रस्त होने के कारण दुर्घटना होने पर आरोपी चालकों की पहचान कर पाना बेहद मुश्किल हो जाता है, जिस पर तुरंत सख्त कदम उठाने की जरूरत है। श्रद्धालुओं की सुरक्षा और जनहित को ध्यान में रखते हुए प्रशासन से गुहार लगाई गई है कि बरसाना के भीड़भाड़ वाले और श्रद्धालुओं की आवाजाही वाले मार्गों पर तेज रफ्तार वाहनों पर सख्त नियंत्रण किया जाए। इसके अलावा बिना या क्षतिग्रस्त नंबर प्लेट वाले वाहनों की जांच के लिए अभियान चलाकर कार्रवाई की जाए और क्षेत्र में प्रभावी यातायात व्यवस्था लागू की जाए।2