बड़ागांव पीएचसी में तैनाती, लम्भुआ सीएचसी में जमे डॉक्टर पर गंभीर सवाल; स्टिंग में सामने आए ड्यूटी और कार्यस्थल को लेकर कथित विरोधाभास *सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की नोटिस भी डॉक्टर पर बेअसर* लम्भुआ, सुलतानपुर। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की तैनाती और ड्यूटी को लेकर लम्भुआ क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बड़ागांव पीएचसी में तैनात डॉक्टर राम सजीवन लंबे समय से लम्भुआ सीएचसी में बैठकर कार्य कर रहे हैं, जबकि उनकी नियमित तैनाती बड़ागांव पीएचसी में बताई जा रही है। मामला तब और गंभीर हो गया, जब शिकायत के बाद सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर राम सजीवन की सप्ताह में एक दिन लम्भुआ सीएचसी पर ड्यूटी निर्धारित है, लेकिन आरोप है कि वह निर्धारित दिन के अलावा भी सीएचसी परिसर में मौजूद रहते हैं और यहां मरीजों को देखते हैं। इतना ही नहीं, उनके ऊपर बाहर की दवाएं लिखने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि विभागीय जांच का विषय है। *महीनों के स्टिंग में खड़े हुए कई सवाल* मामले को लेकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन के दौरान जीपीएस लोकेशन, फोटो और वीडियो के माध्यम से डॉक्टर की उपस्थिति को दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि कई मौकों पर डॉक्टर राम सजीवन बड़ागांव पीएचसी के बजाय लम्भुआ सीएचसी में दिखाई दिए।सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि डॉक्टर की तैनाती बड़ागांव पीएचसी में है और लम्भुआ सीएचसी में उनकी नियमित ड्यूटी निर्धारित नहीं है, तो वह लगातार सीएचसी के एक कक्ष में बैठकर कार्य कैसे कर रहे हैं? अधीक्षक की मौजूदगी में बैठने का आरोप आरोप तो यहां तक है कि डॉक्टर राम सजीवन सीएचसी के प्रथम कक्ष में बैठकर कार्य करते हैं और यह सब सीएचसी अधीक्षक राघवेन्द्र की मौजूदगी में होता है। यदि आरोप सही हैं तो यह सवाल स्वाभाविक है कि अस्पताल परिसर में डॉक्टर की मौजूदगी और कार्यप्रणाली की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को क्यों नहीं हुई सीएचसी परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात भी सामने आती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि कैमरों की निगरानी और अस्पताल की दैनिक व्यवस्था देखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से यह कथित गतिविधियां कैसे बचती रहीं? शिकायत के बाद नोटिस, लेकिन सवाल अब भी बरकरार मामला जनसुनवाई के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचने के बाद सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की ओर से डॉक्टर राम सजीवन को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया कि वह लम्भुआ सीएचसी में किस आधार पर बैठकर कार्य कर रहे हैं। यह कार्रवाई अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। यदि अधीक्षक को यह जानकारी नहीं थी कि कौन डॉक्टर किस पीएचसी पर तैनात है और कौन कहां कार्य कर रहा है, तो अस्पताल की प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। और यदि जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? ‘पहचान’ और ‘दबदबे’ की चर्चाओं ने बढ़ाया संदेह स्थानीय सूत्र डॉक्टर राम सजीवन के कथित रूप से प्रभावशाली संपर्कों और पारिवारिक पहचान का हवाला देते हुए विभागीय स्तर पर दबदबे की चर्चाएं कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यही वजह है कि पूरे मामले में निष्पक्ष विभागीय जांच बेहद जरूरी हो जाती है, ताकि यह साफ हो सके कि डॉक्टर की वास्तविक तैनाती क्या है, उनकी निर्धारित ड्यूटी कहां है और वह किन परिस्थितियों में लम्भुआ सीएचसी में कार्य कर रहे हैं। बड़ा सवाल—व्यवस्था चल रही है या ‘व्यवस्था’ कराई जा रही है सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि डॉक्टर की तैनाती एक स्थान पर है और वह कथित तौर पर दूसरे अस्पताल में लंबे समय तक बैठकर कार्य कर रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या विभाग के उच्चाधिकारी इससे अनजान हैं? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई? क्या डॉक्टर की उपस्थिति का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड खंगाला गया? क्या मरीजों को लिखी गई दवाओं की जांच हुई? और यदि बाहर की दवा लिखने के आरोप हैं, तो उसकी भी जांच कराई गई इन सवालों के जवाब सीएचसी प्रशासन से लेकर सीएमओ कार्यालय तक मांगे जाने चाहिए फिलहाल मामला सिर्फ एक डॉक्टर के अस्पताल में बैठने का नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी, ड्यूटी व्यवस्था और कथित प्रभाव के आगे प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति का बन गया है।अब देखना यह है कि कारण बताओ नोटिस के बाद विभाग केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहता है या फिर डॉक्टर की तैनाती, उपस्थिति, सीसीटीवी फुटेज, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और मरीजों को लिखी गई दवाओं की निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाता है। मामले से जुड़े दस्तावेज, नोटिस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस प्रकरण की अगली कड़ी में और भी तथ्य सामने लाए जाएंगे।
बड़ागांव पीएचसी में तैनाती, लम्भुआ सीएचसी में जमे डॉक्टर पर गंभीर सवाल; स्टिंग में सामने आए ड्यूटी और कार्यस्थल को लेकर कथित विरोधाभास *सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की नोटिस भी डॉक्टर पर बेअसर* लम्भुआ, सुलतानपुर। सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था में डॉक्टरों की तैनाती और ड्यूटी को लेकर लम्भुआ क्षेत्र से एक ऐसा मामला सामने आया है, जिसने स्वास्थ्य विभाग की निगरानी व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। आरोप है कि बड़ागांव पीएचसी में तैनात डॉक्टर राम सजीवन लंबे समय से लम्भुआ सीएचसी में बैठकर कार्य कर रहे हैं, जबकि उनकी नियमित तैनाती बड़ागांव पीएचसी में बताई जा रही है। मामला तब और गंभीर हो गया, जब शिकायत के बाद सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की ओर से उन्हें कारण बताओ नोटिस जारी किया गया, लेकिन इसके बावजूद स्थिति में अपेक्षित बदलाव नजर नहीं आया। बताया जा रहा है कि डॉक्टर राम सजीवन की सप्ताह में एक दिन लम्भुआ सीएचसी पर ड्यूटी निर्धारित है, लेकिन आरोप है कि वह निर्धारित दिन के अलावा भी सीएचसी परिसर में मौजूद रहते हैं और यहां मरीजों को देखते हैं। इतना ही नहीं, उनके ऊपर बाहर की दवाएं लिखने के भी आरोप लगाए जा रहे हैं। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि विभागीय जांच का विषय है। *महीनों के स्टिंग में खड़े हुए कई सवाल* मामले को लेकर किए गए कथित स्टिंग ऑपरेशन के दौरान जीपीएस लोकेशन, फोटो और वीडियो के माध्यम से डॉक्टर की उपस्थिति को दर्ज किए जाने का दावा किया गया है। आरोप है कि कई मौकों पर डॉक्टर राम सजीवन बड़ागांव पीएचसी के बजाय लम्भुआ सीएचसी में दिखाई दिए।सबसे बड़ा सवाल यही है कि यदि डॉक्टर की तैनाती बड़ागांव पीएचसी में है और लम्भुआ सीएचसी में उनकी नियमित ड्यूटी निर्धारित नहीं है, तो वह लगातार सीएचसी के एक कक्ष में बैठकर कार्य कैसे कर रहे हैं? अधीक्षक की मौजूदगी में बैठने का आरोप आरोप तो यहां तक है कि डॉक्टर राम सजीवन सीएचसी के प्रथम कक्ष में बैठकर कार्य करते हैं और यह सब सीएचसी अधीक्षक राघवेन्द्र की मौजूदगी में होता है। यदि आरोप सही हैं तो यह सवाल स्वाभाविक है कि अस्पताल परिसर में डॉक्टर की मौजूदगी और कार्यप्रणाली की जानकारी जिम्मेदार अधिकारियों को क्यों नहीं हुई सीएचसी परिसर में जगह-जगह सीसीटीवी कैमरे लगे होने की बात भी सामने आती है। ऐसे में सवाल उठना लाजिमी है कि कैमरों की निगरानी और अस्पताल की दैनिक व्यवस्था देखने वाले जिम्मेदार अधिकारियों की नजर से यह कथित गतिविधियां कैसे बचती रहीं? शिकायत के बाद नोटिस, लेकिन सवाल अब भी बरकरार मामला जनसुनवाई के माध्यम से अधिकारियों तक पहुंचने के बाद सीएचसी लम्भुआ के अधीक्षक की ओर से डॉक्टर राम सजीवन को कारण बताओ नोटिस जारी किए जाने की बात सामने आई है। नोटिस में उनसे यह स्पष्ट करने को कहा गया कि वह लम्भुआ सीएचसी में किस आधार पर बैठकर कार्य कर रहे हैं। यह कार्रवाई अपने आप में कई सवाल खड़े करती है। यदि अधीक्षक को यह जानकारी नहीं थी कि कौन डॉक्टर किस पीएचसी पर तैनात है और कौन कहां कार्य कर रहा है, तो अस्पताल की प्रशासनिक निगरानी व्यवस्था पर सवाल उठना स्वाभाविक है। और यदि जानकारी थी, तो अब तक कार्रवाई क्यों नहीं हुई? ‘पहचान’ और ‘दबदबे’ की चर्चाओं ने बढ़ाया संदेह स्थानीय सूत्र डॉक्टर राम सजीवन के कथित रूप से प्रभावशाली संपर्कों और पारिवारिक पहचान का हवाला देते हुए विभागीय स्तर पर दबदबे की चर्चाएं कर रहे हैं। हालांकि इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हो सकी है। यही वजह है कि पूरे मामले में निष्पक्ष विभागीय जांच बेहद जरूरी हो जाती है, ताकि यह साफ हो सके कि डॉक्टर की वास्तविक तैनाती क्या है, उनकी निर्धारित ड्यूटी कहां है और वह किन परिस्थितियों में लम्भुआ सीएचसी में कार्य कर रहे हैं। बड़ा सवाल—व्यवस्था चल रही है या ‘व्यवस्था’ कराई जा रही है सबसे गंभीर सवाल यह है कि यदि डॉक्टर की तैनाती एक स्थान पर है और वह कथित तौर पर दूसरे अस्पताल में लंबे समय तक बैठकर कार्य कर रहे हैं, तो इसकी जिम्मेदारी किसकी है? क्या विभाग के उच्चाधिकारी इससे अनजान हैं? क्या सीसीटीवी फुटेज की जांच की गई? क्या डॉक्टर की उपस्थिति का बायोमेट्रिक रिकॉर्ड खंगाला गया? क्या मरीजों को लिखी गई दवाओं की जांच हुई? और यदि बाहर की दवा लिखने के आरोप हैं, तो उसकी भी जांच कराई गई इन सवालों के जवाब सीएचसी प्रशासन से लेकर सीएमओ कार्यालय तक मांगे जाने चाहिए फिलहाल मामला सिर्फ एक डॉक्टर के अस्पताल में बैठने का नहीं, बल्कि सरकारी स्वास्थ्य व्यवस्था की निगरानी, ड्यूटी व्यवस्था और कथित प्रभाव के आगे प्रशासनिक कार्रवाई की स्थिति का बन गया है।अब देखना यह है कि कारण बताओ नोटिस के बाद विभाग केवल कागजी खानापूर्ति तक सीमित रहता है या फिर डॉक्टर की तैनाती, उपस्थिति, सीसीटीवी फुटेज, बायोमेट्रिक रिकॉर्ड और मरीजों को लिखी गई दवाओं की निष्पक्ष जांच कराकर पूरे मामले की सच्चाई सामने लाता है। मामले से जुड़े दस्तावेज, नोटिस और उपलब्ध साक्ष्यों के आधार पर इस प्रकरण की अगली कड़ी में और भी तथ्य सामने लाए जाएंगे।
- *चौकिया–भरकट–लालका पूरा मार्ग वर्षों से जर्जर, जिम्मेदारों की अनदेखी से बढ़ा हादसों का खतरा* लम्भुआ, सुल्तानपुर। चौकिया से भरकट होते हुए लालका पूरा अवसानपुर जाने वाला मार्ग पिछले कई वर्षों से जर्जर हालत में पड़ा है। सड़क की बदहाल स्थिति के कारण इस मार्ग से प्रतिदिन आवागमन करने वाले स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। जगह-जगह सड़क खराब होने से दुर्घटना की आशंका भी लगातार बनी हुई है। वहीं इस मार्ग का उपयोग यहाँ की जनता का लगभग 2000 लोगों का प्रतिदिन आना जाना होता है यह मार्ग भरखरे को भी जोड़ने का कार्य इस सम्पर्क मार्ग से विद्यालय वा हायर एजुकेसन को भी जोड़ता है सवाल भविष्य का है वहीं स्थानीय लोगों का कहना है कि यह मार्ग क्षेत्र के लिए महत्वपूर्ण है और प्रतिदिन बड़ी संख्या में लोग इसी रास्ते से आवागमन करते हैं। सड़क की खराब स्थिति का असर आपातकालीन सेवाओं पर भी पड़ रहा है। दुर्घटना या बीमारी की स्थिति में मरीजों को अस्पताल पहुंचाने वाली 102 और 108 एंबुलेंस सेवाओं को भी इस जर्जर मार्ग से गुजरने में परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे समय पर चिकित्सा सुविधा पहुंचने में बाधा उत्पन्न होने की आशंका रहती है। शिकायतों के बावजूद नहीं हुई ठोस कार्रवाई स्थानीय ग्रामीणों के अनुसार सड़क की समस्या को लेकर कई बार शासन-प्रशासन के जिम्मेदार अधिकारियों को अवगत कराया जा चुका है। इसके बावजूद अब तक मार्ग के मरम्मत कार्य को लेकर कोई ठोस कार्रवाई नजर नहीं आ रही है। ग्रामीणों में इस बात को लेकर नाराजगी है कि जब सड़क पहले से बनी हुई है तो उसके मरम्मत कार्य में आखिर इतनी देरी क्यों हो रही है? ग्रामीणों का सवाल है कि क्या प्रशासन किसी बड़ी दुर्घटना का इंतजार कर रहा है? जर्जर सड़क के कारण सबसे अधिक खतरा बच्चों, बुजुर्गों और महिलाओं के लिए बना हुआ है। विधायक और जिलाधिकारी से शीघ्र कार्रवाई की मांग क्षेत्रवासियों ने 190 लम्भुआ विधानसभा क्षेत्र के विधायक एवं जिलाधिकारी, सुल्तानपुर से जनहित में मामले को गंभीरता से लेने की मांग की है। ग्रामीणों का कहना है कि चौकिया–भरकट–लालका पूरा मार्ग का शीघ्र स्थलीय निरीक्षण कराया जाए और आवश्यकतानुसार सड़क की मरम्मत का कार्य जल्द शुरू कराया जाए। लोगों की मांग है कि सड़क को जल्द दुरुस्त कर सुरक्षित आवागमन सुनिश्चित किया जाए, ताकि स्कूली बच्चों, बुजुर्गों, महिलाओं, किसानों और आम नागरिकों का जीवन सुरक्षित रह सके तथा आपात स्थिति में एंबुलेंस जैसी आवश्यक सेवाएं भी बिना बाधा संचालित हो सकें।3
- बौराजगदीशपुर में भव्य रूद्राभिषेक से गूंजा भक्ति मय माहौल ओम नमः शिवाय से गुंजायमान सुल्तानपुर। जयसिंहपुर तहसील क्षेत्र अंतर्गत ग्राम पंचायत बौराजगदीशपुर में श्रद्धा और भक्ति के बीच रुद्राभिषेक का आयोजन किया गया। आचार्य ऋषिकेश तिवारी के मार्गदर्शन में विधि-विधान से भगवान शिव का अभिषेक एवं पूजन कराया गया। रुद्राभिषेक के दौरान मंत्रोच्चार और धार्मिक वातावरण से पूरा परिसर भक्तिमय नजर आया। श्रद्धालुओं ने भगवान भोलेनाथ का पूजन-अर्चन कर सुख-समृद्धि एवं क्षेत्र की खुशहाली की कामना की। आयोजन में श्रद्धालुओं की आस्था और उत्साह देखते ही बना।1
- पुलिस लाइन सभागार में बाल कल्याण समिति की बैठक क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में ,हुई संपन्न सुल्तानपुर जनपद में पुलिस लाइन सभागार में क्षेत्राधिकारी की मौजूदगी में बाल कल्याण समिति की बैठक संपन्न हुई जिसमें बैठक का संचालन बाल कल्याण समिति के न्यायिक मजिस्ट्रेट शिव मूर्ति पांडे ने किया वहीं अध्यक्ष राजेंद्र शुक्ल ने पास्को एक्ट के तहत सभी आए हुए थाने के नामित बाल कल्याण अधिकारी को पूर्ण रूप से जानकारियां दी,इसी दौरान नाबालिक बच्चों पर विशेष ध्यान देते हुए उम्र के प्रमाण पत्र पर पूर्ण रूप से चर्चा की , वहीं दूसरी तरफ हलियापुर थाने के संबंधित एक मामले को लेकर क्षेत्राधिकारी व बाल कल्याण समिति की टीम तरफ से थाना प्रभारी व नामित अध्यक्ष की बड़ी ही प्रशंसा की, और यह भी उन्होंने कहा कि दिशा निर्देश के अनुसार वहां पर बच्चे को संरक्षित करते हुए पेश किया गया है, बैठक में मौजूद गरीब सेवा समिति के अध्यक्ष घनश्याम वर्मा, व अन्य विभाग से आए हुए अधिकारी सहित समस्त थानों के नामित बाल कल्याण समिति के अध्यक्ष मौजूद रहे1
- *रक्षाबन्धन पर्व के सुअवसर पर उ0प्र0 राज्य सड़क परिवहन निगम की समस्त बसों में सभी महिलाओं को एक सहयात्री के साथ दिनांक 27.08.2026 की प्रातः 06:00 बजे से दिनांक 29.08.2026 की मध्य रात्रि 12:00 बजे तक निःशुल्क यात्रा सुविधा प्रदान किये जाने के सम्बन्ध में।*1
- सुल्तानपुर शहर में बारह रबीउल अव्वल पर ट्रैफिक डायवर्ट, पुलिस ने जारी किया रूट डायवर्जन प्लान... सुल्तानपुर जनपद में आज होने वाले ईद-ए-मिलाद-उन-नबी के अवसर पर आयोजित होने वाले मेलों, धार्मिक कार्यक्रमों और प्रकाश व्यवस्था को देखते हुए यातायात पुलिस ने शहर में विशेष डायवर्जन प्लान लागू किया है। यह व्यवस्था मेला समाप्त होने तक प्रभावी रहेगी। इस योजना के तहत, पयागीपुर, भुलकी चौराहा और सौरमऊ अंडरपास से शहर के अंदर सभी प्रकार के भारी और सामान्य वाहनों का प्रवेश पूरी तरह प्रतिबंधित रहेगा। हालांकि, इन स्थानों के पास रहने वाले निवासियों को वैध पहचान पत्र दिखाने पर ही प्रवेश की अनुमति मिलेगी। प्रयागराज, प्रतापगढ़, जौनपुर और वाराणसी की ओर से आने-जाने वाली उत्तर प्रदेश परिवहन (रोडवेज) की बसें अमहट होते हुए रोडवेज बस अड्डे तक आवागमन करेंगी। मेले में अत्यधिक भीड़ को देखते हुए शहर के भीतर कई मार्गों पर सभी प्रकार के वाहनों का आवागमन पूरी तरह बंद रहेगा। इनमें कलेक्ट्रेट तिराहे से डाकखाना चौराहा, लाल डिग्गी चौराहे से डाकखाना चौराहा/राहुल चौराहा, एलआईसी तिराहे से ईदगाह/राहुल चौराहा, इंडिया एटीएम घरहा से राहुल चौराहा, दरियापुर तिराहे से बांधमण्डी, सूरज टाकीज से अन्नू चौराहा, पंचरास्ता से बांधमण्डी एवं चौक, सब्जी मण्डी तिराहे से चौक, जिला अस्पताल गेट के सामने से आगरा स्वीट हाउस और मिश्रा भोजनालय गल्ला मण्डी से आगरा स्वीट हाउस तक के मार्ग शामिल हैं। यातायात पुलिस और प्रशासन ने जनपद के सभी निवासियों से अपील की है कि वे शांतिपूर्ण और सफल आयोजन के लिए डायवर्जन नियमों का पालन करें। असुविधा से बचने के लिए वैकल्पिक मार्गों का उपयोग करने की सलाह दी गई है।1
- पयागीपुर में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, एक की मौत, दो घायल | CO सिटी की बाइट पयागीपुर में भीषण सड़क हादसा: डिवाइडर से टकराई कार, एक की मौत, दो घायल | CO सिटी की बाइट दिनांक 24/25.08.2026 की रात्रि थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत पयागीपुर में हुई सड़क दुर्घटना के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री राघवेन्द्र सिंह की बाइट दिनांक 24/25.08.2026 की रात्रि थाना कोतवाली नगर क्षेत्रान्तर्गत पयागीपुर में एक कार अनियंत्रित होकर डिवाइडर से टकरा गई। दुर्घटना में कार सवार एक व्यक्ति की मृत्यु हो गई, जबकि दो अन्य व्यक्ति घायल हो गए। सूचना प्राप्त होते ही थाना कोतवाली नगर पुलिस द्वारा तत्काल मौके पर पहुंचकर घायलों को उपचार हेतु अस्पताल भेजा गया तथा मृतक के शव को कब्जे में लेकर आवश्यक विधिक कार्यवाही की गई। दुर्घटना के संबंध में पुलिस द्वारा नियमानुसार अग्रिम कार्रवाई की जा रही है। उक्त घटना एवं पुलिस द्वारा की गई विधिक कार्यवाही के संबंध में क्षेत्राधिकारी नगर श्री राघवेन्द्र सिंह द्वारा दी गई बाइट।1
- सलाहपुर गांव में जमीनी रंजिश को लेकर युवक की पिटाई पुलिस दोनों पक्षों को थाने ले जाकर कर रही कार्रवाई पट्टी। जमीन पर अवैध कब्जे का विरोध करने पर युवक को जमकर मारा पीटा गया। घायल युवक ने थाने पर प्रार्थना पत्र दिया है। जौनपुर जनपद के सुजानगंज थाना अंतर्गत केवटली गांव निवासी प्रदीप कुमार यादव ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देकर बताया है कि वह बधवा बाजार स्थित अपनी भूमि पर निर्माण कर गाटर पटिया की दुकान चलाता है। सोमवार को वह अपने दुकान के पीछे गया तो उसकी भूमि पर जो तालाबी भूमि से सटी है, उस पर पड़ोस के कुछ लोग गोबर आदि फेंक कर कब्जा कर रहे थे। उसने जब विरोध किया तो आरोप है कि विपक्षियों ने उसे जमकर मारा पीटा। जिससे उसे काफी चोटे आ गई। पीड़ित का आरोप है कि जब वह शिकायत लेकर थाना पहुंचा तो पुलिस विपक्षियों के साथ उसे भी हिरासत में ले लिया। उसका मेडिकल आदि भी नहीं करवाया गया।1
- यह घटना गोसाईगंज थाना अंतर्गत उघड़पुर से जुड़ी है अज्ञात कारणों से हुई मृत्यु शव को कोतवाली प्रभारी अखण्ड देव मिश्रा ने अपने कब्जे में लेते हुए पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया सीमा जयसवाल उम्र लगभग 42 वर्ष पांच छोटे बच्चों से उठा माँ का साया1