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जलेसर के गांधी चौक स्थित एक किराना स्टोर पर एक युवक के साथ कथित रूप से बदतमीजी, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने की घटना सामने आई है। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह न केवल सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य होगा, बल्कि कानूनन भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पुलिस को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, वर्ग या पहचान के आधार पर अपमानजनक व्यवहार बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है; समाज में सम्मान, समानता और कानून का राज बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
Hari Singh Gautam
जलेसर के गांधी चौक स्थित एक किराना स्टोर पर एक युवक के साथ कथित रूप से बदतमीजी, गाली-गलौज और जातिसूचक शब्दों का प्रयोग किए जाने की घटना सामने आई है। यदि ये आरोप सत्य पाए जाते हैं, तो यह न केवल सामाजिक सौहार्द को ठेस पहुँचाने वाला कृत्य होगा, बल्कि कानूनन भी गंभीर अपराध की श्रेणी में आता है। ऐसे मामलों में पुलिस को निष्पक्ष जांच कर दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करनी चाहिए। किसी भी व्यक्ति के साथ उसकी जाति, वर्ग या पहचान के आधार पर अपमानजनक व्यवहार बिल्कुल स्वीकार्य नहीं है; समाज में सम्मान, समानता और कानून का राज बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है।
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- राष्ट्रीय राजधानी दिल्ली में एक अत्यंत दुखद और विचलित कर देने वाली घटना सामने आई है, जहाँ एक कैब चालक ने फुटपाथ पर सो रही 11 वर्षीय मासूम बच्ची का अपहरण कर लिया। आरोपी ने बच्ची के साथ दुष्कर्म किया और फिर बेरहमी से उसकी हत्या कर शव को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के किनारे जंगल में फेंक दिया। इस भयावह वारदात ने राष्ट्रीय राजधानी में फुटपाथ पर रहने वाले गरीब परिवारों की सुरक्षा और कानून-व्यवस्था पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। मृतक बच्ची के पिता ने घटना का विवरण देते हुए बताया कि वे अपने परिवार के साथ फुटपाथ पर ही सोते हैं। सोमवार की सुबह करीब सवा चार बजे उन्हें अपनी बेटी की चीख सुनाई दी, जो मदद के लिए 'पापा मुझे बचाओ' चिल्ला रही थी। आवाज सुनकर पिता तुरंत जागे और डंडा लेकर बचाव के लिए दौड़े, लेकिन तब तक आरोपी बच्ची को अपनी गाड़ी में बैठाकर मौके से फरार हो चुका था। पिता ने शोर मचाया और गाड़ी का पीछा करने की कोशिश की, लेकिन आरोपी तेजी से भाग निकला। परिवार के अनुसार, बच्ची अपने चार भाई-बहनों में सबसे बड़ी थी और छोटी उम्र में ही घर की जिम्मेदारियों में हाथ बंटाती थी। वह स्कूल जाकर पढ़ने और अपने परिवार के भविष्य को बेहतर बनाने के सपने देखती थी। स्थानीय लोगों ने बताया कि इस क्षेत्र में रात के समय असामाजिक तत्वों और नशेड़ियों का जमावड़ा लगा रहता है, और पुलिस बूथ होने के बावजूद रात में पुलिसकर्मी नदारद रहते हैं, जिससे गरीब मजदूर परिवार खुद को असुरक्षित महसूस करते हैं। पुलिस ने तत्परता दिखाते हुए जांच शुरू की और आरोपी कैब चालक को गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान आरोपी ने अपना जुर्म कबूल किया और बताया कि उसने बच्ची के अपहरण, रेप और हत्या के बाद शव को फरीदाबाद-गुरुग्राम रोड के किनारे फेंका था, जिसे पुलिस ने बरामद कर लिया है। आरोपी के आपराधिक इतिहास की जांच में यह भी सामने आया है कि उस पर बिहार में पहले से ही पांच मामले दर्ज हैं, जिनमें से दो हत्या के प्रयास से संबंधित हैं। गिरफ्तारी के बाद, घटना का रिक्रिएशन कराते समय आरोपी ने भागने की कोशिश की और जांच अधिकारी इंस्पेक्टर केदार की सरकारी पिस्टल छीनकर पुलिस टीम पर फायरिंग कर दी। पुलिस ने जवाबी कार्यवाही में दो राउंड फायर किए, जिसमें से एक गोली आरोपी के पैर में लगी, जिससे वह घायल होकर भागने में विफल रहा। पुलिस ने उसे पुनः काबू कर अस्पताल में भर्ती कराया है। फिलहाल, पुलिस मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच कर रही है। यह घटना समाज के लिए एक बड़ा सबक है और ऐसे अपराधों पर सख्त अंकुश लगाने की आवश्यकता को रेखांकित करती है।1
- जीवन में कई ऐसे पल आते हैं जब हमें अपने प्रियजनों के सहयोग और साथ की सबसे अधिक आवश्यकता होती है, और ऐसे ही एक कठिन समय का सामना लेखक ने भी किया। इस दौरान उन्हें अपने करीबी लोगों के समर्थन की सबसे ज़्यादा ज़रूरत थी, लेकिन उसी घड़ी कुछ लोगों का व्यवहार बदल गया और उन्होंने दूरी बना ली। जिन पर सबसे अधिक भरोसा था, वे उम्मीदों पर खरे नहीं उतरे, जिससे लेखक को काफी दुख पहुँचा। हालाँकि, इसी अनुभव ने उन्हें आत्मनिर्भर बनना भी सिखाया, और अब वे समझते हैं कि कठिन समय ही सच्चे रिश्तों की पहचान कराता है।1
- फ़िरोज़ाबाद में खैरगढ़ थाना पुलिस ने एक महिला से टॉप्स छीनने की घटना का खुलासा करते हुए बुधवार तड़के हुई पुलिस मुठभेड़ के दौरान दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया। इस मुठभेड़ में एक आरोपी के पैर में गोली लगी, जिसके बाद उसे उपचार के लिए जिला अस्पताल में भर्ती कराया गया है। पुलिस के अनुसार, यह घटना 23 जून की सुबह हुई थी, जब सांती-हाथवंत मार्ग पर कनवारा गांव के पास बाइक सवार दो युवकों ने रविंद्र कुमार की पत्नी कुशमा देवी के कान का टॉप्स झपट लिया था। इस मामले में खैरगढ़ थाने में मुकदमा दर्ज कर आरोपियों की तलाश की जा रही थी। बुधवार को सांखिनी मोड़ पर चेकिंग के दौरान, पुलिस ने संदिग्ध बाइक सवारों को देखा जिन्होंने भागने का प्रयास किया। पीछा करने पर उनकी बाइक फिसल गई। पुलिस का आरोप है कि घिर जाने पर बदमाशों ने पुलिस पर फायरिंग की, जिसके जवाब में हुई कार्रवाई में देवेन्द्र उर्फ करुआ निवासी लाइनपार घायल हो गया। उसके साथी विशाल निवासी मोहम्मदपुर टूण्डला को भी गिरफ्तार कर लिया गया है।1
- राजधानी लखनऊ में हुए भीषण अग्निकांड के बाद हाथरस जिला प्रशासन पूरी तरह सतर्क हो गया है। जिलाधिकारी अतुल वत्स के निर्देश पर बुधवार को एसडीएम सदर राजबहादुर सिंह ने फायर विभाग और पुलिस टीम के साथ मिलकर शहर के प्रमुख व्यावसायिक प्रतिष्ठानों का गहन निरीक्षण किया। इस दौरान फायर विभाग के सीओ आर.के. बाजपेयी और एसआई दीपक कुमार भी मौजूद रहे। अधिकारियों ने जनता रेस्टोरेंट और कोमल कॉम्प्लेक्स सहित अन्य स्थलों पर अग्नि सुरक्षा व्यवस्थाओं का जायजा लिया। उन्होंने दुकानदारों से फायर सेफ्टी उपकरणों, अग्निशमन यंत्रों और आपातकालीन सुरक्षा व्यवस्थाओं के संबंध में विस्तृत जानकारी ली। सभी व्यापारियों को अग्नि सुरक्षा नियमों का अनिवार्य रूप से पालन करने तथा अग्निशमन उपकरणों की समय-समय पर जांच कराने के स्पष्ट निर्देश दिए गए, साथ ही पर्याप्त पानी की उपलब्धता और सुरक्षा उपकरणों को हमेशा कार्यशील रखने पर भी जोर दिया गया। निरीक्षण के दौरान, एसडीएम सदर ने कोमल कॉम्प्लेक्स के बेसमेंट में चल रही दुकानों और अव्यवस्थित विद्युत वायरिंग को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कॉम्प्लेक्स के मालिक को सख्त निर्देश दिए कि अग्नि सुरक्षा से संबंधित सभी आवश्यक दस्तावेज दो दिन के भीतर प्रस्तुत किए जाएं। अधिकारियों ने चेतावनी दी कि सुरक्षा मानकों की अनदेखी किसी भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है। इस अभियान के तहत कई अन्य दुकानों की भी जांच की गई और आवश्यक दिशा-निर्देश जारी किए गए। हाथरस प्रशासन की यह कार्यवाही लखनऊ अग्निकांड के मद्देनजर जारी है।1
- उत्तर प्रदेश के अलीगढ़ जिले के इगलास से एक बेहद सनसनीखेज और हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है, जहाँ रिश्तों की सारी मर्यादाएँ तार-तार हो गई हैं। आरोप है कि एक 40 वर्षीय चाची पिछले करीब ढाई साल से अपने ही 17 वर्षीय नाबालिग भतीजे को ब्लैकमेल कर रही थी। सामने आई जानकारी के अनुसार, आरोपी चाची नाबालिग भतीजे को 'रेप' के झूठे मामले में फंसाने की धमकी देकर उससे जबरन शारीरिक संबंध बनाने का दबाव डालती थी। स्थिति तब और गंभीर हो गई जब चाची ने उस नाबालिग भतीजे पर शादी करने के लिए भी दबाव बनाना शुरू कर दिया। इन हरकतों से तंग आकर पीड़ित ने आखिर में अपने परिजनों को इसकी जानकारी दी, जिसके बाद पुलिस ने तुरंत कार्रवाई करते हुए आरोपी चाची को हिरासत में ले लिया है और किशोर को मेडिकल जाँच के लिए भेजा गया है। पोस्ट में इस घटना पर तीव्र रोष व्यक्त करते हुए कहा गया है कि जहाँ चाची को आशीर्वाद देना चाहिए था, वहीं वह उसे जेल भेजने की धमकी दे रही थी।1
- हाथरस के सासनी अकबरपुर उतरा चौराहे, नानऊ रोड पर आयोजित सात दिवसीय विशाल बुद्ध एवं भीम गाथा कार्यक्रम का आज दूसरा दिन रहा। यह कार्यक्रम 23 जून से 29 जून 2026 तक प्रतिदिन दोपहर 12 बजे से शाम 5 बजे तक चलेगा। आज के दिन एक सम्मान समारोह का आयोजन किया गया। कथा वाचिका गुडिया बौद्ध ने तथागत बुद्ध की अमृतवाणी और उनके जीवन परिचय पर प्रवचन देते हुए कहा कि बुद्ध के उपदेशों को जीवन में अपनाकर मनुष्य सुमार्ग पर चल सकता है। इस कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रोता पहुंचे। कार्यक्रम आयोजक प्रिंस गौतम अकबरपुर और शिव जाटव उतरा ने बताया कि इस सात दिवसीय कार्यक्रम के माध्यम से बुद्ध और बाबा साहब डॉ. भीमराव अंबेडकर के विचारों को जन-जन तक पहुंचाया जा रहा है। कार्यक्रम में समाज के गणमान्य लोग उपस्थित रहे। आयोजकों ने सभी बुद्ध प्रेमियों से आग्रह किया है कि वे समय पर पहुंचकर कथा सुनें और अपने जीवन को सुमार्ग की ओर ले जाएं। इस कार्यक्रम के समापन के बाद 30 जून 2026 को शाम 4 बजे से एक भव्य और विशाल भंडारे का आयोजन किया जाएगा।4
- हाथरस के सहपऊ कोतवाली पुलिस ने मानवता और आपसी सहयोग की एक मिसाल पेश करते हुए अपने चौकीदार रामवीर सिंह की बेटी की शादी में ₹31 हजार का आर्थिक सहयोग प्रदान किया है। कोतवाली प्रभारी मयंक चौधरी और मानिकपुर चौकी प्रभारी अरविंद यादव सहित सहपऊ कोतवाली के समस्त पुलिसकर्मियों ने आपसी सहयोग से यह धनराशि एकत्रित की, जिसकी क्षेत्र में खूब सराहना हो रही है। पुलिसकर्मी चौकीदार रामवीर सिंह की पुत्री के 23 जून 2026 को होने वाले विवाह समारोह में अचानक पहुंचे और ससम्मान यह राशि भेंट की। इस मानवीय प्रयास को पुलिस अधीक्षक चिरंजीव नाथ सिंन्हा की गाइडलाइन पर आधारित बताया गया है, जिसकी आमजन भी तारीफें कर रहे हैं। स्थानीय लोगों ने पुलिस के इस कदम को समाज में एक सकारात्मक संदेश देने वाला बताया है। कोतवाली सहपऊ पुलिस द्वारा किया गया यह सहयोग न केवल रामवीर सिंह के परिवार के लिए संबल बना, बल्कि समाज में आपसी सहयोग और संवेदनशीलता की एक महत्वपूर्ण मिसाल भी कायम कर गया।3
- कानपुर में हुए अग्निकांड की घटना के बाद, कानपुर पुलिस कमिश्नर ने तत्काल कार्रवाई करते हुए विभिन्न होटल, कोचिंग, हॉस्टल और अस्पताल संचालकों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में जॉइंट पुलिस कमिश्नर डॉ. विपिन ताडा ने स्पष्ट निर्देश दिए कि यदि कोई भी संस्थान निर्धारित सुरक्षा मानकों के विपरीत कार्य कर रहा है, तो उसे तत्काल प्रभाव से बंद किया जाए। इस महत्वपूर्ण चर्चा में सिविल पुलिस के अलावा फायर विभाग, नगर निगम और केडीए के अधिकारी भी उपस्थित रहे। बैठक में उपस्थित प्रतिनिधियों को आग लगने की स्थिति में अपनाई जाने वाली सावधानियों और बचाव के तरीकों के बारे में भी विस्तृत जानकारी दी गई। इसी क्रम में, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों, हॉस्टलों और स्कूलों सहित 1000 से अधिक संस्थानों का सत्यापन कराया गया। सत्यापन के दौरान, अग्निशमन विभाग ने 40 से अधिक संस्थाओं को कमियां पाए जाने पर नोटिस जारी किए हैं। इन संस्थाओं के प्रतिनिधियों से सुरक्षा उपायों को बेहतर बनाने और उन्हें सुरक्षित बनाने के लिए सुझाव भी मांगे गए हैं।1