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17 सितंबर को 50 हजार दीयों से जगमगाएगा सरोवर तालाब मनेन्द्रगढ़ *‘एक दिया मनेन्द्रगढ़ के विकास का, एक दिया 2047 विकसित भारत का’ के संकल्प के साथ नागरिकों से जनसहभागिता की अपील* *एमसीबी/15 सितंबर 2026/* जिला प्रशासन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़ में जनसहभागिता का एक भव्य और प्रेरणादायी आयोजन किया जा रहा है। 17 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे सरोवर तालाब, मनेन्द्रगढ़ में 50 हजार दीयों से सरोवर तालाब को रोशन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य केवल दीप प्रज्वलित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को मनेन्द्रगढ़ के विकास, स्वच्छता, सुंदरता और सामूहिक सहभागिता से जोड़ते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे दीया लेकर सरोवर तालाब पहुंचें और एक आशीर्वाद का दिया जलाएं। ‘रोशनी से जुड़ता मन, विकास का नया संकल्प’ की भावना के साथ आयोजित यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अभियान की अवधि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। अभियान का मूल संदेश ‘सेवा, समर्पण, सहभागिता, समृद्धि’ है, जिसके माध्यम से नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को विकास के संकल्प से जोड़ा जा रहा है। ‘एक दिया आज, एक उज्ज्वल भारत कल’ के संदेश के साथ 17 सितंबर की शाम मनेन्द्रगढ़ का सरोवर तालाब हजारों दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। जिला प्रशासन की ओर से नागरिकों से कहा गया है कि आइए हम सब मिलकर 50 हजार दीपों से सरोवर तालाब मनेन्द्रगढ़ को रोशन करें। यह आयोजन मनेन्द्रगढ़ के लिए केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि शहरवासियों की एकजुटता, आशा और भविष्य के संकल्प का प्रतीक बनेगा। आयोजन का संदेश है कि यह सिर्फ दीप नहीं, हमारी एकजुटता, हमारी आशा और 2047 के विकसित भारत का संकल्प है। प्रत्येक दीप को मनेन्द्रगढ़ के विकास और देश के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा गया है। विकसित भारत 2047 हमारा संकल्प, हमारा योगदान की भावना के साथ नागरिकों को इस अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। श्छोटा दिया, बड़ी रोशनी-विकसित भारत की ओर’ और ‘छोटे-छोटे दीप, बड़ी रोशनी-बड़ा भारत’ जैसे संदेश इस आयोजन के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। एक छोटे से दीप की रोशनी जब हजारों दीपों के साथ जुड़ती है तो वह बड़ी रोशनी का रूप लेती है। इसी तरह प्रत्येक नागरिक का छोटा योगदान मिलकर मनेन्द्रगढ़ के विकास और विकसित भारत के बड़े संकल्प को मजबूती प्रदान कर सकता है। इस अवसर पर नागरिकों से अपने घरों में भी दीप जलाने की अपील की गई है। अपने घर में दीप जलाएं, सभी शासकीय भवनों में दीप जलाएं और अपने प्रतिष्ठान में दीप जलाएं। साथ ही परिवार, मित्रों और पड़ोसियों को भी इस अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि यह पहल केवल सरोवर तालाब तक सीमित न रहे, बल्कि मनेन्द्रगढ़ के प्रत्येक घर, शासकीय भवन, प्रतिष्ठान और परिवार तक पहुंचे तथा पूरा शहर विकास और सहभागिता की रोशनी से जुड़ सके। आयोजन में ‘मेरे शहर का दिया, मेरे भारत का उजाला’ का संदेश भी प्रमुख रूप से नागरिकों को प्रेरित करेगा। मनेन्द्रगढ़ के सरोवर तालाब को ‘हमारा सरोवर, हमारी पहचान’ बताते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से इसके संरक्षण, स्वच्छता और सुंदरता में भी सहभागी बनने का आह्वान किया है। ‘स्वच्छ, सुंदर और उज्ज्वल सरोवर के लिए सहभागी बनें’ के संदेश के साथ प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ‘उज्ज्वल मनेन्द्रगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। सरोवर तालाब में 50 हजार दीयों के प्रज्वलन का यह दृश्य मनेन्द्रगढ़ की सामूहिक एकजुटता और नागरिक सहभागिता का प्रतीक बनेगा। रोशनी से जगमगाता सरोवर न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि जब नागरिक किसी साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं तो विकास की राह और अधिक मजबूत होती है। ‘एक दिया मनेन्द्रगढ़ के विकास का... एक दिया 2047 विकसित भारत का...’ इस आयोजन का मूल संकल्प है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि 17 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे सरोवर तालाब, मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर इस विशेष जनसहभागिता कार्यक्रम का हिस्सा बनें। अभियान के संदेश ‘इस बार, मैं भी जरूर आऊंगा/आऊंगी को आत्मसात करते हुए प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। अपने साथ एक दीप लेकर आएं, सरोवर तालाब पर एक आशीर्वाद का दिया जलाएं और मनेन्द्रगढ़ के विकास के साथ विकसित भारत 2047 के संकल्प में अपना योगदान दें। ‘सरोवर तालाब मनेन्द्रगढ़’ से ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ते इस अभियान का संदेश स्पष्ट है, मनेन्द्रगढ़ का सरोवर हमारी पहचान है, इसकी स्वच्छता और सुंदरता हमारी जिम्मेदारी है तथा शहर का विकास हम सभी का साझा संकल्प है। सेवा, समर्पण, सहभागिता और समृद्धि की भावना से जुड़कर प्रत्येक नागरिक इस अभियान को सफल बना सकता है। ‘मेरे शहर का दिया, मेरे भारत का उजाला’ और ‘मनेन्द्रगढ़ के सरोवर से विकसित भारत की ओर’ का यह संदेश 17 सितंबर की शाम हजारों दीपों की रोशनी के साथ पूरे क्षेत्र में नई आशा, नई ऊर्जा और विकास के नए संकल्प का प्रकाश फैलाए

2 hrs ago
user_Sacchi Gathna
Sacchi Gathna
Photographer चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
2 hrs ago
1cdea159-55fc-4995-8945-a56ae559a177

17 सितंबर को 50 हजार दीयों से जगमगाएगा सरोवर तालाब मनेन्द्रगढ़ *‘एक दिया मनेन्द्रगढ़ के विकास का, एक दिया 2047 विकसित भारत का’ के संकल्प के साथ नागरिकों से जनसहभागिता की अपील* *एमसीबी/15 सितंबर 2026/* जिला प्रशासन मनेन्द्रगढ़-चिरमिरी-भरतपुर, छत्तीसगढ़ द्वारा ‘सेवा संकल्प अभियान’ के अंतर्गत मनेन्द्रगढ़ में जनसहभागिता का एक भव्य और प्रेरणादायी आयोजन किया जा रहा है। 17 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे सरोवर तालाब, मनेन्द्रगढ़ में 50 हजार दीयों से सरोवर तालाब को रोशन किया जाएगा। इस आयोजन का उद्देश्य केवल दीप प्रज्वलित करना नहीं, बल्कि प्रत्येक नागरिक को मनेन्द्रगढ़ के विकास, स्वच्छता, सुंदरता और सामूहिक सहभागिता से जोड़ते हुए विकसित भारत 2047 के संकल्प को जन-जन तक पहुंचाना है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से अपील की है कि वे दीया लेकर सरोवर तालाब पहुंचें और एक आशीर्वाद का दिया जलाएं। ‘रोशनी से जुड़ता मन, विकास का नया संकल्प’ की भावना के साथ आयोजित यह कार्यक्रम सेवा संकल्प अभियान का महत्वपूर्ण हिस्सा है। अभियान की अवधि 17 सितंबर से 17 अक्टूबर 2026 तक निर्धारित है। अभियान का मूल संदेश ‘सेवा, समर्पण, सहभागिता, समृद्धि’ है, जिसके माध्यम से नागरिकों की सक्रिय भागीदारी को विकास के संकल्प से जोड़ा जा रहा है। ‘एक दिया आज, एक उज्ज्वल भारत कल’ के संदेश के साथ 17 सितंबर की शाम मनेन्द्रगढ़ का सरोवर तालाब हजारों दीपों की रोशनी से जगमगाएगा। जिला प्रशासन की ओर से नागरिकों से कहा गया है कि आइए हम सब मिलकर 50 हजार दीपों से सरोवर तालाब मनेन्द्रगढ़ को रोशन करें। यह आयोजन मनेन्द्रगढ़ के लिए केवल रोशनी का उत्सव नहीं, बल्कि शहरवासियों की एकजुटता, आशा और भविष्य के संकल्प का प्रतीक बनेगा। आयोजन का संदेश है कि यह सिर्फ दीप नहीं, हमारी एकजुटता, हमारी आशा और 2047 के विकसित भारत का संकल्प है। प्रत्येक दीप को मनेन्द्रगढ़ के विकास और देश के उज्ज्वल भविष्य से जोड़ा गया है। विकसित भारत 2047 हमारा संकल्प, हमारा योगदान की भावना के साथ नागरिकों को इस अभियान में अपनी सहभागिता सुनिश्चित करने के लिए प्रेरित किया जा रहा है। श्छोटा दिया, बड़ी रोशनी-विकसित भारत की ओर’ और ‘छोटे-छोटे दीप, बड़ी रोशनी-बड़ा भारत’ जैसे संदेश इस आयोजन के माध्यम से नागरिकों तक पहुंचाए जा रहे हैं। एक छोटे से दीप की रोशनी जब हजारों दीपों के साथ जुड़ती है तो वह बड़ी रोशनी का रूप लेती है। इसी तरह प्रत्येक नागरिक का छोटा योगदान मिलकर मनेन्द्रगढ़ के विकास और विकसित भारत के बड़े संकल्प को मजबूती प्रदान कर सकता है। इस अवसर पर नागरिकों से अपने घरों में भी दीप जलाने की अपील की गई है। अपने घर में दीप जलाएं, सभी शासकीय भवनों में दीप जलाएं और अपने प्रतिष्ठान में दीप जलाएं। साथ ही परिवार, मित्रों और पड़ोसियों को भी इस अभियान में सहभागी बनने के लिए प्रेरित करें। जिला प्रशासन का उद्देश्य है कि यह पहल केवल सरोवर तालाब तक सीमित न रहे, बल्कि मनेन्द्रगढ़ के प्रत्येक घर, शासकीय भवन, प्रतिष्ठान और परिवार तक पहुंचे तथा पूरा शहर विकास और सहभागिता की रोशनी से जुड़ सके। आयोजन में ‘मेरे शहर का दिया, मेरे भारत का उजाला’ का संदेश भी प्रमुख रूप से नागरिकों को प्रेरित करेगा। मनेन्द्रगढ़ के सरोवर तालाब को ‘हमारा सरोवर, हमारी पहचान’ बताते हुए जिला प्रशासन ने नागरिकों से इसके संरक्षण, स्वच्छता और सुंदरता में भी सहभागी बनने का आह्वान किया है। ‘स्वच्छ, सुंदर और उज्ज्वल सरोवर के लिए सहभागी बनें’ के संदेश के साथ प्रत्येक नागरिक की सहभागिता से ‘उज्ज्वल मनेन्द्रगढ़’ के संकल्प को साकार करने की दिशा में कदम बढ़ाया जा रहा है। सरोवर तालाब में 50 हजार दीयों के प्रज्वलन का यह दृश्य मनेन्द्रगढ़ की सामूहिक एकजुटता और नागरिक सहभागिता का प्रतीक बनेगा। रोशनी से जगमगाता सरोवर न केवल शहर की सुंदरता को बढ़ाएगा, बल्कि यह संदेश भी देगा कि जब नागरिक किसी साझा उद्देश्य के लिए एकजुट होते हैं तो विकास की राह और अधिक मजबूत होती है। ‘एक दिया मनेन्द्रगढ़ के विकास का... एक दिया 2047 विकसित भारत का...’ इस आयोजन का मूल संकल्प है। जिला प्रशासन ने जिलेवासियों से आह्वान किया है कि 17 सितंबर 2026 को शाम 6 बजे सरोवर तालाब, मनेन्द्रगढ़ पहुंचकर इस विशेष जनसहभागिता कार्यक्रम का हिस्सा बनें। अभियान के संदेश ‘इस बार, मैं भी जरूर आऊंगा/आऊंगी को आत्मसात करते हुए प्रत्येक नागरिक अपनी सहभागिता सुनिश्चित करे। अपने साथ एक दीप लेकर आएं, सरोवर तालाब पर एक आशीर्वाद का दिया जलाएं और मनेन्द्रगढ़ के विकास के साथ विकसित भारत 2047 के संकल्प में अपना योगदान दें। ‘सरोवर तालाब मनेन्द्रगढ़’ से ‘विकसित भारत 2047’ की ओर बढ़ते इस अभियान का संदेश स्पष्ट है, मनेन्द्रगढ़ का सरोवर हमारी पहचान है, इसकी स्वच्छता और सुंदरता हमारी जिम्मेदारी है तथा शहर का विकास हम सभी का साझा संकल्प है। सेवा, समर्पण, सहभागिता और समृद्धि की भावना से जुड़कर प्रत्येक नागरिक इस अभियान को सफल बना सकता है। ‘मेरे शहर का दिया, मेरे भारत का उजाला’ और ‘मनेन्द्रगढ़ के सरोवर से विकसित भारत की ओर’ का यह संदेश 17 सितंबर की शाम हजारों दीपों की रोशनी के साथ पूरे क्षेत्र में नई आशा, नई ऊर्जा और विकास के नए संकल्प का प्रकाश फैलाए

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  • एमसीबी-चिरमिरी में कबाड़ से लदी पिकअप पकड़ी, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
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    एमसीबी-चिरमिरी में कबाड़ से लदी पिकअप पकड़ी, पुलिस की बड़ी कार्रवाई
    user_Sawan kumar
    Sawan kumar
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    5 hrs ago
  • कोरिया। बैकुंठपुर वन मंडल क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। उत्तर तर्रा की ओर से होते हुए करीब 12 हाथियों का दल दामुज क्षेत्र में पहुंचा है, जहां फिलहाल हाथियों के विश्राम करने की जानकारी सामने आई है। हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी है। बताया जा रहा है कि हाथियों का यह दल उत्तर तर्रा क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए दामुज इलाके में पहुंचा है। वर्तमान में हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। करीब एक दर्जन हाथियों के एक साथ क्षेत्र में पहुंचने की खबर के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत और चिंता का माहौल है।
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    कोरिया। बैकुंठपुर वन मंडल क्षेत्र में एक बार फिर हाथियों की मौजूदगी से ग्रामीणों में चिंता बढ़ गई है। उत्तर तर्रा की ओर से होते हुए करीब 12 हाथियों का दल दामुज क्षेत्र में पहुंचा है, जहां फिलहाल हाथियों के विश्राम करने की जानकारी सामने आई है। हाथियों की लगातार आवाजाही को देखते हुए वन विभाग ने आसपास के गांवों में निगरानी बढ़ा दी है।
बताया जा रहा है कि हाथियों का यह दल उत्तर तर्रा क्षेत्र से आगे बढ़ते हुए दामुज इलाके में पहुंचा है। वर्तमान में हाथियों की गतिविधियों पर वन विभाग की टीम लगातार नजर बनाए हुए है। करीब एक दर्जन हाथियों के एक साथ क्षेत्र में पहुंचने की खबर के बाद आसपास के ग्रामीणों में भी दहशत और चिंता का माहौल है।
    user_Manoj shrivastav
    Manoj shrivastav
    चिरमिरी, मनेन्द्रगढ़ चिरमिरी भरतपुर, छत्तीसगढ़•
    21 hrs ago
  • ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन अनूपपूर/अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई। ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा। सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया। ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं। ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं। तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है। इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।
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    ऋषि पंचमी पर अमरकंटक में महाराष्ट्र की महिलाओं ने लगाई नर्मदा में आस्था की डुबकी
पारंपरिक वेशभूषा में महिलाओं ने नर्मदा तट पर बनाए पार्थिव शिवलिंग व गणेश प्रतिमा, प्रकृति प्रदत्त सामग्रियों से किया पूजन-अर्चन
अनूपपूर/अमरकंटक - 
प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में ऋषि पंचमी के पावन अवसर पर महाराष्ट्र से आए हजारों श्रद्धालुओं ने पुण्य सलिला मां नर्मदा के रामघाट तट पर आस्था और भक्ति की अविरल धारा प्रवाहित की। नागपुर, कामठी, भंडारा, अमरावती, नासिक, पुणे, बारामती सहित महाराष्ट्र के विभिन्न क्षेत्रों से पहुंचीं महिलाओं ने प्रातःकाल से ही नर्मदा तट पर पहुंचकर विधि-विधानपूर्वक पुण्य स्नान किया और मां नर्मदा के पावन जल में आस्था की डुबकी लगाई।
ऋषि पंचमी के धार्मिक विधान के अनुरूप महिलाओं ने नर्मदा तट पर ही मिट्टी से पार्थिव शिवलिंग का निर्माण किया। इसके साथ ही प्रकृति से प्राप्त पत्तियों, फूल, बेलपत्र, घास-फूस तथा खेतों में उपलब्ध अनाज आदि पारंपरिक सामग्रियों से आदि देव भगवान गणेश की प्रतिमाएं तैयार कर उनका विधिवत पूजन-अर्चन किया। महिलाओं ने भगवान भोलेनाथ और गणपति बप्पा को पुष्प, बेलपत्र एवं अन्य पूजन सामग्री अर्पित कर आरती की। पारंपरिक वेशभूषा में सजी महिलाओं के सामूहिक पूजन से नर्मदा तट का वातावरण श्रद्धा, भक्ति और आध्यात्मिक उल्लास से भर उठा।
सुबह करीब 5 बजे से ही महाराष्ट्र से आए श्रद्धालुओं का नर्मदा तट पर पहुंचना शुरू हो गया था। स्नान, ध्यान, जप, पूजन-अर्चन और आरती का क्रम काफी देर तक चलता रहा। नर्मदा की कल-कल करती जलधारा, वैदिक एवं धार्मिक मंत्रोच्चार और महिलाओं द्वारा की जा रही आरती से रामघाट का वातावरण भक्तिमय नजर आया।
ऋषि पंचमी का धार्मिक महत्व
हिंदू धर्म परंपरा में ऋषि पंचमी का विशेष धार्मिक एवं आध्यात्मिक महत्व माना गया है। यह पर्व भाद्रपद शुक्ल पंचमी को मनाया जाता है और सप्तऋषियों के प्रति श्रद्धा, कृतज्ञता तथा आत्मशुद्धि की भावना से जुड़ा है। धार्मिक मान्यता के अनुसार इस दिन पवित्र नदियों में स्नान, ऋषियों का स्मरण तथा श्रद्धापूर्वक पूजन करने से मनुष्य अपने जीवन में शुद्धता, संयम और सदाचार के भाव को पुष्ट करता है। विशेष रूप से महिलाएं इस दिन व्रत एवं पूजन कर ऋषि परंपरा के प्रति श्रद्धा अर्पित करती हैं।
ऋषि पंचमी केवल एक धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि प्रकृति, ऋषि परंपरा और सनातन संस्कारों के प्रति कृतज्ञता व्यक्त करने का पर्व भी माना जाता है। अमरकंटक जैसे तपोभूमि और नर्मदा उद्गम क्षेत्र में इस पर्व का आध्यात्मिक महत्व और भी विशेष हो जाता है, जहां नर्मदा के पावन तट पर श्रद्धालु स्नान एवं पूजन के माध्यम से आत्मिक शांति और पुण्य की कामना करते हैं।
तीन-चार वर्षों से बन रही अमरकंटक आने की परंपरा
उल्लेखनीय है कि महाराष्ट्र प्रांत से श्रद्धालु महिलाएं एवं भक्तजन पिछले तीन-चार वर्षों से लगातार ऋषि पंचमी के अवसर पर अमरकंटक पहुंच रहे हैं। नर्मदा स्नान, मां नर्मदा के दर्शन तथा भगवान शिव एवं गणेश के पूजन के लिए प्रत्येक वर्ष महाराष्ट्र के विभिन्न जिलों से बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं का आगमन हो रहा है।
इस वर्ष भी ऋषि पंचमी का पर्व मनाने के लिए महाराष्ट्र से सैकड़ों वाहनों में महिलाएं, पुरुष एवं अन्य श्रद्धालु अमरकंटक पहुंचे हैं।
    user_Anupam Singh patrkar
    Anupam Singh patrkar
    अनूपपुर, अनूपपुर, मध्य प्रदेश•
    35 min ago
  • थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है। घटना का विवरण - दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था। फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी। गिरफ्तार आरोपी - पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है - अरसद अंसारी भक्ती कोल योगेन्द्र उर्फ छोट्टू तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है। उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
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    थाना अमलाई पुलिस को मिली बड़ी सफलता, हत्या के प्रयास के 3 आरोपी गिरफ्तार

अमलाई, शहडोल - जिला शहडोल के थाना अमलाई पुलिस ने हत्या के प्रयास के गंभीर मामले में त्वरित कार्रवाई करते हुए फरार चल रहे सभी 03 नामजद आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है।
पुलिस के अनुसार अपराध क्रमांक 277/2026 के तहत यह कार्रवाई की गई है।
घटना का विवरण -
दिनांक 14/09/2026 को राजा चिकन सेंटर के सामने, आलमगंज चीफ हाउस निवासी फरियादी मोहम्मद आशिक उम्र 40 वर्ष के साथ आरोपियों ने गाली-गलौज और मारपीट की थी। विवाद बढ़ने पर आरोपियों ने फरियादी पर चाकू से जानलेवा हमला कर दिया था।
फरियादी की रिपोर्ट पर थाना अमलाई में भारतीय न्याय संहिता (BNS) 2023 की धारा 109(1), 351(3) और 3(5) के तहत अपराध पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई थी।
गिरफ्तार आरोपी -
पुलिस टीम ने तत्परता दिखाते हुए मामले के तीनों आरोपियों को गिरफ्तार किया है -
अरसद अंसारी
भक्ती कोल  
योगेन्द्र उर्फ छोट्टू
तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत किया गया है।
उक्त सम्पूर्ण कार्रवाई थाना प्रभारी अमलाई भूपेंद्र मणी पांडे के नेतृत्व में विवेचना अधिकारी कार्यवाहक उप-निरीक्षक श्याम सिंह एवं अमलाई पुलिस टीम की सराहनीय भूमिका रही।
    user_JIYAUDDIN ANSARI
    JIYAUDDIN ANSARI
    Voice of people Budar, Shahdol•
    23 min ago
  • महाराष्ट्र तालुका बाईपास के पास महाराष्ट्र यातायात पुलिस की मनमानी ना गलती रहते हुए भी ड्राइवर से जबरन उसूली करते हैं न देने पर करने की धमकी और गाड़ी चीज करने की बात करते हैं
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    महाराष्ट्र तालुका बाईपास के पास महाराष्ट्र यातायात पुलिस की मनमानी ना गलती रहते हुए भी ड्राइवर से जबरन उसूली करते हैं न देने पर करने की धमकी और गाड़ी चीज करने की बात करते हैं
    user_Mukesh Tiwari
    Mukesh Tiwari
    सराय, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    3 hrs ago
  • ग्राम मठिया में सड़क की काफी समस्या होने के बाद भी अभी तक सड़क नहीं बनी है जिसके कारण खबर प्रकाशित ग्रामीणों द्वारा किया गया ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द हमारे गांव की सड़क सड़क की समस्या होने के कारण ग्रामीण को बरसात में आने जाने के संबंध में काफी समस्या होती है जिसके कारण ग्रामीण खुद चंदा लगा करके सड़क निर्माण कार्य कराए लेकिन बरसात में आवेदन करने में काफी समस्या होती है कृपया सरकार से यही निवेदन कर रहे हैं कि सिर्फ आपकी सड़क बनाई जाए
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    ग्राम मठिया में सड़क की काफी समस्या होने के बाद भी अभी तक सड़क नहीं बनी है जिसके कारण खबर प्रकाशित ग्रामीणों द्वारा किया गया ग्रामीणों का कहना है कि जल्द से जल्द हमारे गांव की सड़क
सड़क की समस्या होने के कारण ग्रामीण को बरसात में आने जाने के संबंध में काफी समस्या होती है जिसके कारण ग्रामीण खुद चंदा लगा करके सड़क निर्माण कार्य कराए लेकिन बरसात में आवेदन करने में काफी समस्या होती है कृपया सरकार से यही निवेदन कर रहे हैं कि सिर्फ आपकी सड़क बनाई जाए
    user_Raj Kumar
    Raj Kumar
    Photographer सराय, सिंगरौली, मध्य प्रदेश•
    5 hrs ago
  • पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विद्युत कर्मी ने भरी हुंकार
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    पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विद्युत कर्मी ने भरी हुंकार
    user_Dwarika prasad Yadaw
    Dwarika prasad Yadaw
    Farmer हरदीबाजार, कोरबा, छत्तीसगढ़•
    12 hrs ago
  • कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
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    कलेक्टर पार्थ जायसवाल ने आज साप्ताहिक जनसुनवाई में लोगों की समस्याएं एवं शिकायते सुनी एवं निराकरण के निर्देश संबंधित अधिकारियों को दिए।
    user_अजय कुमार केवट
    अजय कुमार केवट
    Local News Reporter सोहागपुर, शहडोल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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