सोनभद्र के दुद्धी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से कथित तौर पर एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक रामविचार गोंड (26) को निजी अस्पताल ले जाने और उपचार के दौरान उसकी मौत होने के बाद, उसके शव को बाइक से वापस सीएचसी परिसर में छोड़कर फरार होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी रमेश मिश्रा के निर्देश पर जांच प्रक्रिया शुरू की गई, जिसकी गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. जी.एस. यादव दुद्धी पहुंचे और विभिन्न पक्षों से जानकारी व साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर डॉ. जी.एस. यादव और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी ने संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। दुद्धी चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. गुलाब शंकर यादव की ओर से मिली लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, संबंधित निजी अस्पताल को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है। डॉ. जी.एस. यादव ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो निजी अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अस्पताल को सीज करना भी शामिल हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यह घटना रविवार और सोमवार के बीच हुई, जिसके बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और निजी अस्पताल द्वारा गलत उपचार किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और पुलिस तथा उच्च अधिकारियों से शिकायत की। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने सीएचसी में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती की मांग की है, ताकि बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और ऐसी घटनाओं की जांच में आसानी हो। नगरवासियों ने जल्द से जल्द सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती और घटना में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल परिसर में ऐसी गंभीर घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
सोनभद्र के दुद्धी स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) से कथित तौर पर एक सड़क दुर्घटना में घायल युवक रामविचार गोंड (26) को निजी अस्पताल ले जाने और उपचार के दौरान उसकी मौत होने के बाद, उसके शव को बाइक से वापस सीएचसी परिसर में छोड़कर फरार होने के मामले में स्वास्थ्य विभाग ने जांच शुरू कर दी है। मुख्य चिकित्साधिकारी रमेश मिश्रा के निर्देश पर जांच प्रक्रिया शुरू की गई, जिसकी गंभीरता को देखते हुए मंगलवार को नोडल अधिकारी एवं एसीएमओ डॉ. जी.एस. यादव दुद्धी पहुंचे और विभिन्न पक्षों से जानकारी व साक्ष्य जुटाए। जांच के दौरान मिले तथ्यों के आधार पर डॉ. जी.एस. यादव और चिकित्सा अधीक्षक डॉ. शाह आलम अंसारी ने संबंधित निजी अस्पताल के खिलाफ स्थानीय थाने में एफआईआर दर्ज करने के लिए तहरीर दी है। दुद्धी चौकी प्रभारी अमित कुमार सिंह ने बताया कि डॉ. गुलाब शंकर यादव की ओर से मिली लिखित शिकायत के आधार पर पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर आवश्यक कार्रवाई शुरू कर दी है। इसके साथ ही, संबंधित निजी अस्पताल को नोटिस जारी कर तीन दिन के भीतर अपना स्पष्टीकरण प्रस्तुत करने का निर्देश भी दिया गया है। डॉ. जी.एस. यादव ने कहा कि मामले के सभी पहलुओं की गहन जांच की जा रही है और रिपोर्ट के आधार पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि आरोप सही पाए जाते हैं तो निजी अस्पताल के विरुद्ध कड़ी कार्रवाई की जाएगी, जिसमें अस्पताल को सीज करना भी शामिल हो सकता है। स्वास्थ्य विभाग और प्रशासनिक अधिकारी इस मामले पर लगातार नजर बनाए हुए हैं। यह घटना रविवार और सोमवार के बीच हुई, जिसके बाद मृतक के परिजनों ने अस्पताल प्रबंधन की लापरवाही और निजी अस्पताल द्वारा गलत उपचार किए जाने का आरोप लगाते हुए हंगामा किया और पुलिस तथा उच्च अधिकारियों से शिकायत की। स्थानीय नागरिकों और प्रबुद्धजनों ने सीएचसी में पर्याप्त सुरक्षा व्यवस्था और सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती की मांग की है, ताकि बाहरी व्यक्तियों की गतिविधियों पर निगरानी रखी जा सके और ऐसी घटनाओं की जांच में आसानी हो। नगरवासियों ने जल्द से जल्द सिक्योरिटी गार्डों की तैनाती और घटना में संलिप्त सभी लोगों के खिलाफ निष्पक्ष व कठोर कार्रवाई की मांग करते हुए कहा कि सरकारी अस्पताल परिसर में ऐसी गंभीर घटना होना सुरक्षा व्यवस्था पर बड़ा सवाल खड़ा करता है।
- वाराणसी की पहड़िया मंडी में सोमवार को जमकर हवाई फायरिंग की घटना हुई, जिससे इलाके में हड़कंप मच गया। फायरिंग करने वाले व्यक्ति गाजीपुर के बताए जा रहे हैं। सूचना मिलने पर त्वरित कार्रवाई करते हुए लालपुर पुलिस ने घेराबंदी कर इन लोगों को असलहों सहित पकड़ लिया है। इस घटना से मंडी में अफरा-तफरी का माहौल बन गया था।1
- प्रयागराज के सिविल लाइंस में एक निर्माण कार्य को सील करने पहुँची प्राधिकरण की टीम द्वारा दरवाजा सील कर दिए जाने से एक बच्ची अंदर फँस गई। इस घटना का एक वीडियो समाजवादी पार्टी (सपा) के प्रमुख अखिलेश यादव ने साझा किया है। इस मामले में प्राधिकरण ने आज एक बयान जारी करते हुए कहा है कि यह निर्माण कार्य नजूल की जमीन पर हो रहा था, जिसके चलते इसे सील किया गया। प्राधिकरण के अनुसार, लोग पीछे की दीवार तोड़कर आ-जा रहे थे।1
- प्रयागराज में 17 जून 2026, बुधवार को बैंक ऑफ बड़ौदा की नवाब यूसुफ रोड शाखा का भव्य समारोह के बीच उद्घाटन संपन्न हुआ। इस शाखा का फीता काटकर उद्घाटन बैंक ऑफ बड़ौदा, वाराणसी जोन के महाप्रबंधक एवं जोनल हेड मिथिलेश कुमार ने किया। इस अवसर पर प्रयागराज द्वितीय क्षेत्र के क्षेत्रीय प्रमुख चंद्रकांत चक्रवर्ती भी विशेष रूप से उपस्थित रहे। कार्यक्रम में शाखा प्रबंधक आदर्श कुमार और आरबीडीएम अरविंद श्रीवास्तव ने आए हुए अतिथियों का स्वागत किया। उन्होंने शाखा द्वारा प्रदान की जाने वाली विभिन्न सेवाओं और बैंक की ग्राहक हितैषी योजनाओं के बारे में जानकारी दी। उद्घाटन समारोह में क्षेत्र के कई प्रतिष्ठित ग्राहक और गणमान्य नागरिक मौजूद थे, जिनमें विकास अग्रवाल (एल्डी एनक्लेव), तरुण भाटिया, राहुल अग्रवाल (महिंद्रा ऑटो), दीपक भार्गव (मारुति), सुनील मिश्रा (फॉक्सवैगन), नीरज मेहरोत्रा (मनमोहन ज्वैलर्स), संजय गुप्ता (एलडीसी इंस्टीट्यूट), अंकित गुप्ता (किआ मोटर्स), संजीव अग्रवाल (जागृति हॉस्पिटल) तथा अंशुल जायसवाल (रेड्ज सैलून) प्रमुख रूप से शामिल थे। उपस्थित ग्राहकों ने नई शाखा के शुभारंभ पर बैंक प्रबंधन को बधाई दी और बेहतर बैंकिंग सेवाओं की उम्मीद जताई।2
- मथुरा के श्रीकृष्ण जन्मभूमि मुक्ति निर्माण ट्रस्ट के अध्यक्ष और प्रमुख पक्षकार आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपनी सुरक्षा को लेकर गंभीर चिंता व्यक्त की है। उन्होंने स्वयंभू तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण में दबाव, धमकी और साजिश का आरोप लगाते हुए अपनी हत्या की आशंका जताई है। ब्रह्मचारी महाराज का कहना है कि उनकी रेकी करवाई जा रही है और उनके विरुद्ध सुनियोजित गतिविधियाँ संचालित की जा रही हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा और स्वयंभू तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद उनके खिलाफ षड्यंत्र रच रहे हैं, उनकी गतिविधियों पर नजर रख रहे हैं, मुखबिरी करा रहे हैं और उनके आवागमन की जानकारी एकत्र कर रहे हैं। महाराज को अपने मोबाइल फोन को छीनने तथा उनके संपर्कों और गतिविधियों की निगरानी किए जाने की भी आशंका है। उन पर ऑडियो और वीडियो क्लिप डिलीट करने का लगातार दबाव बनाया जा रहा है, और समाजवादी पार्टी प्रमुख अखिलेश यादव की ओर से स्वयंभू तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद प्रकरण में मुख्यमंत्री का नाम लेने का दबाव दिया जा रहा है, जबकि उनका किसी भी नेता या मुख्यमंत्री से कोई संपर्क नहीं रहा है। आशुतोष ब्रह्मचारी महाराज ने अपनी जान को खतरा बताया और आशंका जताई कि उनकी हत्या हो सकती है या उनकी गाड़ी का एक्सीडेंट कराया जा सकता है। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि जय मिश्रा के साथ मदनमोहन दास भी मिले हुए हैं। उन्होंने हाल की यात्राओं के दौरान संदिग्ध व्यक्तियों और वाहनों द्वारा लगातार पीछा किए जाने जैसी घटनाओं का भी जिक्र किया, जिससे उनकी सुरक्षा संबंधी चिंताएँ बढ़ गई हैं। महाराज ने केंद्र और राज्य सरकार, पुलिस प्रशासन तथा संबंधित सुरक्षा एजेंसियों से निष्पक्ष और गोपनीय जांच की मांग करते हुए अपनी सुरक्षा सुनिश्चित करने के लिए कदम उठाने का आग्रह किया है। उन्होंने यह भी बताया कि उनके पास एक ऑडियो वार्ता है, जिसमें उनके पूज्य गुरुदेव, पद्म विभूषण जगद्गुरु रामानंदाचार्य स्वामी रामभद्राचार्य जी महाराज ने उन्हें भविष्य में उत्तराधिकार एवं जगद्गुरु बनाने के संबंध में महत्वपूर्ण बातें कही हैं। उनका दावा है कि जय मिश्रा को इस ऑडियो की जानकारी होने के बाद से ही उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा है, और वह पहले जगद्गुरु की हत्या की तथा अब उनकी हत्या की तैयारी कर रहा है। महाराज ने आरोप लगाया कि स्वयंभू तथाकथित शंकराचार्य अविमुक्तेश्वरानंद और रामचंद्र दास उर्फ जय मिश्रा एक ही क्षेत्र से संबंधित हैं और उनके निकट संपर्क के कारण उनके विरुद्ध संयुक्त रूप से विभिन्न मुकदमों को वापस लेने के लिए दबाव बनाया जा रहा है।1
- उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में एक घटना सामने आई है, जहाँ तेज तूफान के कारण पेड़ से गिरे आमों को बीनने में पुलिसकर्मी व्यस्त हो गए। इस दौरान, उनकी हिरासत में मौजूद कैदी मौके का फायदा उठाकर फरार हो गए।1
- उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जिले की कलेक्ट्रेट में एक फर्जी इंस्पेक्टर को लोगों ने पकड़ा। उसकी ढीली वर्दी, बालों का स्टाइल, दाढ़ी और कंधे पर लगा सिंगल स्टार देखकर जनता को उस पर शक हुआ। मौके पर ही लोगों ने उसे पकड़ लिया और उसकी पहचान की पुष्टि की।1
- प्रयागराज से संबंध रखने वाले श्री स्वामी विद्यासागर महाराज एक प्रतिष्ठित और कुशल कथावाचक हैं। वे विशेष रूप से भागवत कथा का अत्यंत सुंदर ढंग से वाचन करते हैं। जो लोग अपने यहाँ कथा का आयोजन करवाना चाहते हैं, वे उनसे संपर्क कर सकते हैं। यूट्यूब चैनल की ओर से उन्हें बहुत-बहुत धन्यवाद ज्ञापित किया गया है। जीरो रिपोर्ट अमित कुमार गोंड द्वारा दी गई जानकारी के अनुसार, स्वामी विद्यासागर महाराज भागवत कथाओं का नियमित रूप से आयोजन करते रहते हैं।1
- हैदरगढ़ में SDM के खिलाफ वकीलों में भारी गुस्सा देखा जा रहा है। वकीलों ने SDM की कार्यप्रणाली और उनके व्यवहार को लेकर पहले भी विरोध दर्ज कराया है। इसी क्रम में, आज तहसील परिसर में वकीलों ने SDM की गाड़ी का घेराव किया। इस दौरान, वकीलों की लेखपालों और SDM के स्टाफ से भी कहासुनी हुई।1