सीवान जिले के आंदर प्रखंड मुख्यालय स्थित सभा कक्ष में प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर से स्थानांतरित हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। बीडीओ रवि कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का पूरा माहौल बेहद भावुक रहा। इस विदाई समारोह के दौरान सभी स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों को अंगवस्त्र, बुके और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बीडीओ रवि कुमार ने अपने संबोधन में स्थानांतरित साथियों की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन साथ काम करने वाले साथियों से बिछड़ना वास्तव में एक भावुक क्षण होता है। स्थानांतरित कर्मियों ने भी आंदर में बिताए अपने कार्यकाल को अविस्मरणीय बताया और कार्यालय परिवार के सहयोग व स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। सभी उपस्थित लोगों ने विदा हो रहे साथियों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस मौके पर प्रखंड प्रमुख राधा देवी, उप प्रमुख राजा सिंह, सोनू कुमार, टुनटुन कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
सीवान जिले के आंदर प्रखंड मुख्यालय स्थित सभा कक्ष में प्रखंड सह अंचल कार्यालय परिसर से स्थानांतरित हुए अधिकारियों और कर्मचारियों के लिए एक विदाई समारोह का आयोजन किया गया। बीडीओ रवि कुमार की अध्यक्षता में आयोजित इस कार्यक्रम का पूरा माहौल बेहद भावुक रहा। इस विदाई समारोह के दौरान सभी स्थानांतरित अधिकारियों और कर्मचारियों को अंगवस्त्र, बुके और स्मृति-चिह्न देकर सम्मानित किया गया। बीडीओ रवि कुमार ने अपने संबोधन में स्थानांतरित साथियों की कर्तव्यनिष्ठा, ईमानदारी और समर्पण की जमकर सराहना की। उन्होंने कहा कि ट्रांसफर एक प्रशासनिक प्रक्रिया है, लेकिन साथ काम करने वाले साथियों से बिछड़ना वास्तव में एक भावुक क्षण होता है। स्थानांतरित कर्मियों ने भी आंदर में बिताए अपने कार्यकाल को अविस्मरणीय बताया और कार्यालय परिवार के सहयोग व स्नेह के लिए आभार व्यक्त किया। सभी उपस्थित लोगों ने विदा हो रहे साथियों के उज्ज्वल भविष्य और उत्तम स्वास्थ्य की कामना की। इस मौके पर प्रखंड प्रमुख राधा देवी, उप प्रमुख राजा सिंह, सोनू कुमार, टुनटुन कुमार सहित सैकड़ों लोग उपस्थित रहे।
- सीवान के दरौंदा में भाजपा पर तीखा तंज कसते हुए यह गंभीर सवाल उठाया गया है कि आखिर भाजपा भाड़े पर लोगों को कहां से बुला रही है?1
- उत्तर प्रदेश के देवरिया जिले के भाटपार रानी में जर्जर विद्युत तार टूटकर गिरने से 18 वर्षीय युवती काजल गुप्ता और एक गाय की मौत हो गई है।1
- बलिया के फेफना विधानसभा क्षेत्र के अंतर्गत कनैला ग्राम सभा में एक सड़क दुर्घटना में एक मजदूर की दर्दनाक मौत हो गई है, जिसके बाद मृतक का पूरा परिवार गहरे आर्थिक संकट में डूब गया है। इस हादसे के बाद कई जनप्रतिनिधि, नेता और सामाजिक कार्यकर्ता पीड़ित परिवार को ढांढस बंधाने पहुंचे और शोक संवेदना व्यक्त कर हर संभव मदद का आश्वासन दिया। हालांकि, स्थानीय लोगों का कहना है कि सिर्फ संवेदना जताने के बजाय अगर तत्काल थोड़ी आर्थिक सहायता भी मिलती, तो इस मुश्किल समय में जूझ रहे परिवार को बड़ी राहत मिलती। ग्रामीणों का मानना है कि सरकारी योजनाओं की मदद तो अपनी तय प्रक्रिया के तहत बाद में मिलेगी ही, लेकिन इस संकट की घड़ी में नेताओं और सक्षम लोगों द्वारा की गई छोटी सी तत्काल आर्थिक मदद भी परिवार के लिए बहुत बड़ा सहारा बन सकती थी। इसी बीच, बनारस हिंदू विश्वविद्यालय (बीएचयू) के छात्र नेता और समाजसेवी युगेश योगी पीड़ित परिवार से मिलने पहुंचे। वहां परिवार की दयनीय आर्थिक स्थिति और बच्चों की परेशानियां देखकर वे भावुक हो गए और उन्होंने केवल सांत्वना देने के बजाय व्यावहारिक कदम उठाया। युगेश योगी ने परिवार में पढ़ाई कर रही बच्चियों की 1 वर्ष की स्कूल फीस माफ कराने की व्यवस्था कराई, जिससे पीड़ित परिवार को बहुत बड़ी राहत मिली है। ग्रामीणों ने इस मानवीय प्रयास की जमकर सराहना की और कहा कि संकट के इस दौर में केवल सांत्वना देने के बजाय ठोस सहयोग करना ही जरूरतमंद परिवार के लिए सच्ची और सबसे बड़ी मदद है।1
- सीवान जिले के आंदर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में 11 से 31 जुलाई 2026 तक चलने वाले जनसंख्या स्थिरता पखवाड़ा के तहत परिवार नियोजन जागरूकता कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम का संचालन परिवार कल्याण विभाग के सहयोग से किया गया, जिसमें स्वास्थ्य कर्मियों, आशा कार्यकर्ताओं और अस्पताल के कर्मचारियों ने बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया। कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे प्रभारी चिकित्सा पदाधिकारी डॉ. दीपक कुमार विश्वकर्मा ने अस्पताल में आए मरीजों और लाभार्थियों से परिवार नियोजन के साधनों को अपनाने की अपील की। उन्होंने जोर देकर कहा कि 'छोटा परिवार - सुखी परिवार' न केवल मां और बच्चे के स्वास्थ्य के लिए आवश्यक है, बल्कि समाज और देश के समग्र विकास के लिए भी बेहद जरूरी है। इसके साथ ही उन्होंने पुरुष नसबंदी और कॉपर-टी को लेकर समाज में फैली भ्रांतियों को दूर किया। डॉ. विश्वकर्मा ने बताया कि जिन दंपतियों को दो से अधिक संतान नहीं चाहिए, उनके लिए पुरुष नसबंदी पूरी तरह से सुरक्षित और प्रभावी उपाय है, जबकि दो बच्चों के बीच उचित अंतर रखने के लिए अंतरा इंजेक्शन, माला-एन गोली और कॉपर-टी बेहद विश्वसनीय और कारगर विकल्प हैं। इस मौके पर स्वास्थ्य कर्मियों को घर-घर जाकर लोगों को परिवार नियोजन के स्थायी एवं अस्थायी साधनों की जानकारी देने का निर्देश दिया गया। कार्यक्रम के दौरान प्रखंड स्वास्थ्य प्रबंधक अरविंद कुमार, बीएचएम मधुरेंद्र कुमार, बीसीएम प्रीतम कुमार, डॉ. जितेंद्र कुमार, डॉ. शांभवी कुमारी सिंह और स्टाफ नर्स समेत अन्य स्वास्थ्य कर्मी उपस्थित रहे।1
- बिहार में बदलाव लाने के लिए अब पढ़े-लिखे इंसान को वोट देने की मांग पुरज़ोर तरीके से की जा रही है। यह साफ तौर पर कहा गया है कि अगर राज्य में बदलाव चाहिए, तो मतदाताओं को जागरूक होकर केवल शिक्षित व्यक्ति को ही अपना मत देना होगा।1
- बलिया के अरुण सर सरकारी नौकरी छोड़कर बच्चों का भविष्य संवारने के काम में जुटे हुए हैं। 'नीलम ज्ञानदीप कान्वेंट' में युवाओं की तकदीर सज रही है, जहाँ वे बच्चों और युवाओं के बेहतर कल का निर्माण कर रहे हैं।1
- बलिया के बैरिया तहसील अंतर्गत गोपालपुर टांडी गांव में घाघरा नदी से हो रहे भारी कटान का संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी मंगला प्रसाद सिंह ने मंगलवार को स्थलीय निरीक्षण किया। मौके पर पहुंचकर जिलाधिकारी ने कटान प्रभावित क्षेत्र का जायजा लिया और ग्रामीणों से बातचीत कर स्थिति की जानकारी ली। ग्रामीणों ने उन्हें बताया कि अब तक घाघरा नदी के कटान से 5 मकान नदी में समाहित हो चुके हैं। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए जिलाधिकारी ने बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता को तत्काल निर्देश दिया कि लगभग 100 मीटर के दायरे में नदी की मुख्य धारा को तकनीकी उपायों के माध्यम से मोड़ने की त्वरित व्यवस्था की जाए, ताकि गोपालपुर टांडी गांव को किसी भी कीमत पर बचाया जा सके। इसके साथ ही जिलाधिकारी ने उपजिलाधिकारी को निर्देशित किया कि गांव के सभी मकानों का तत्काल सर्वे कर उन्हें चिन्हित करें। जिन मकानों पर कटान का खतरा है, उन्हें फौरन खाली कराकर प्रभावित परिवारों को सुरक्षित स्थानों पर स्थानांतरित किया जाए। जिलाधिकारी ने आसपास के अन्य संवेदनशील गांवों को भी चिन्हित कर आवश्यक तैयारियां सुनिश्चित करने और विकास खंड रेवती को प्रभावित क्षेत्र में प्रकाश की समुचित व्यवस्था कराने के निर्देश दिए। राहत और मुआवजे की प्रक्रिया को तेज करते हुए जिलाधिकारी ने अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए कि घाघरा नदी में समाहित हो चुके मकानों के स्वामियों को 3 दिन के भीतर आर्थिक सहायता का भुगतान सुनिश्चित किया जाए। इसके साथ ही प्रभावित परिवारों को आवास के लिए भूमि पट्टा उपलब्ध कराने की प्रक्रिया भी 3 दिन के भीतर पूरी की जाए। पिछले वर्ष के कटान से प्रभावित 17 लोगों को अब तक मुआवजा न मिलने की ग्रामीणों की शिकायत पर कड़ा रुख अपनाते हुए जिलाधिकारी ने संबंधित ईओ को 3 दिन के भीतर लंबित भुगतान कराने का आदेश दिया और चेतावनी दी कि इस मामले में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी। इस निरीक्षण के दौरान एसडीएम बैरिया, बाढ़ खंड के अधिशासी अभियंता सहित अन्य अधिकारी उपस्थित रहे।1