रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में आरपीएफ जवानों के लिए स्वास्थ्य एवं प्रथम चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर आयोजित नरसिंहपुर: दिनांक 1 अगस्त 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारियों के लिए फर्स्ट एड (प्रारंभिक चिकित्सा) एवं हेल्थ एजुकेशन पर एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस शिविर में रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे द्वारा सभी आरपीएफ जवानों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण और मुख्य बातें: विस्तृत जांच: शिविर के दौरान जवानों की आँख, नाक, कान, ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर, बीएमआई (BMI), ऊंचाई और वजन आदि की जांच की गई। मेंटल स्ट्रेस और जीवनशैली: डॉ. कुर्रे ने बताया कि आरपीएफ कर्मचारियों को अक्सर उच्च मानसिक तनाव (मेंटल स्ट्रेस) का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उनमें बीपी और शुगर जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने जवानों को तनाव प्रबंधन के लिए योग, नियमित व्यायाम और पूरी नींद लेने की सलाह दी। आपातकालीन चिकित्सा और सुरक्षा प्रशिक्षण: दुर्घटना प्रबंधन: रेलवे चिकित्सक ने बताया कि ड्यूटी के दौरान प्लेटफॉर्म के आसपास होने वाली दुर्घटनाओं या मेजर एक्सीडेंट्स को प्रॉपर तरीके से हैंडल करने में कई बार समस्याएं आती हैं। सर्वाइकल इंजरी व सीपीआर: यदि किसी मरीज को सर्वाइकल इंजरी (गर्दन की चोट) हो, तो उसे हॉस्पिटल या अन्य जगह शिफ्ट करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसके साथ ही, सीपीआर (CPR) देने की सही स्थिति, तरीका और इस दौरान रखी जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। अन्य आपात स्थिति: शिविर में मिर्गी के दौरे, सांप काटने (स्नेक बाइट), इलेक्ट्रिक शॉक (बिजली का झटका लगने) और पानी में डूबने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के उपायों पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। आहार और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश: डॉ. आर. आर. कुर्रे ने स्वस्थ रहने के लिए निम्नलिखित आहार संबंधी दिशा-निर्देश दिए: कम नमक, तेल और मीठा: भोजन में नमक, तेल और चीनी का सीमित उपयोग करें। ज्यादा नमक से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक से बचाव: 40 वर्ष की आयु के बाद लिपिड प्रोफाइल की नियमित जांच करवाएं। तेल-चिकनाई और अत्यधिक मीठे का सेवन कम करें, क्योंकि धमनियों में ब्लॉकेज से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। फाइबर युक्त डाइट: खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और हाई-फाइबर डाइट को शामिल करें। फलों और पोषक तत्वों का महत्व: रोजाना एक मौसमी फल खाएं। पपीते से कब्ज की समस्या दूर होती है, दूध से शरीर को ऊर्जा व कैल्शियम मिलता है, और रोस्टेड अलसी (Flaxseeds) के सेवन से धमनियों के अंदर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है जिससे स्ट्रोक के चांसेस कम होते हैं। आंखों की रोशनी के लिए विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में लें। नियमित दवा और नियंत्रण: यदि किसी को बीपी या शुगर की समस्या है, तो वे नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह पर दवा का सेवन करें और वजन को नियंत्रित रखें। अंत में डॉ. कुर्रे ने संदेश दिया कि रेलवे कर्मचारी स्वयं शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहकर ही रेलवे की संचालन व्यवस्था और सुरक्षा कार्य को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकते हैं।
रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में आरपीएफ जवानों के लिए स्वास्थ्य एवं प्रथम चिकित्सा प्रशिक्षण शिविर आयोजित नरसिंहपुर: दिनांक 1 अगस्त 2026 को रेलवे हॉस्पिटल नरसिंहपुर में रेलवे सुरक्षा बल (आरपीएफ) के कर्मचारियों के लिए फर्स्ट एड (प्रारंभिक चिकित्सा) एवं हेल्थ एजुकेशन पर एक विशेष ट्रेनिंग प्रोग्राम का आयोजन किया गया। इस शिविर में रेलवे चिकित्सक डॉ. आर. आर. कुर्रे द्वारा सभी आरपीएफ जवानों का व्यापक स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। स्वास्थ्य परीक्षण और मुख्य बातें: विस्तृत जांच: शिविर के दौरान जवानों की आँख, नाक, कान, ब्लड प्रेशर (बीपी), शुगर, बीएमआई (BMI), ऊंचाई और वजन आदि की जांच की गई। मेंटल स्ट्रेस और जीवनशैली: डॉ. कुर्रे ने बताया कि आरपीएफ कर्मचारियों को अक्सर उच्च मानसिक तनाव (मेंटल स्ट्रेस) का सामना करना पड़ता है, जिसके कारण उनमें बीपी और शुगर जैसी बीमारियों की संभावना बढ़ जाती है। उन्होंने जवानों को तनाव प्रबंधन के लिए योग, नियमित व्यायाम और पूरी नींद लेने की सलाह दी। आपातकालीन चिकित्सा और सुरक्षा प्रशिक्षण: दुर्घटना प्रबंधन: रेलवे चिकित्सक ने बताया कि ड्यूटी के दौरान प्लेटफॉर्म के आसपास होने वाली दुर्घटनाओं या मेजर एक्सीडेंट्स को प्रॉपर तरीके से हैंडल करने में कई बार समस्याएं आती हैं। सर्वाइकल इंजरी व सीपीआर: यदि किसी मरीज को सर्वाइकल इंजरी (गर्दन की चोट) हो, तो उसे हॉस्पिटल या अन्य जगह शिफ्ट करते समय विशेष सावधानी बरतनी चाहिए। इसके साथ ही, सीपीआर (CPR) देने की सही स्थिति, तरीका और इस दौरान रखी जाने वाली सावधानियों की विस्तृत जानकारी दी गई। अन्य आपात स्थिति: शिविर में मिर्गी के दौरे, सांप काटने (स्नेक बाइट), इलेक्ट्रिक शॉक (बिजली
का झटका लगने) और पानी में डूबने जैसी आपात स्थितियों से निपटने के उपायों पर विशेष सत्र आयोजित किया गया। आहार और स्वास्थ्य संबंधी महत्वपूर्ण निर्देश: डॉ. आर. आर. कुर्रे ने स्वस्थ रहने के लिए निम्नलिखित आहार संबंधी दिशा-निर्देश दिए: कम नमक, तेल और मीठा: भोजन में नमक, तेल और चीनी का सीमित उपयोग करें। ज्यादा नमक से ब्लड प्रेशर बढ़ने का खतरा रहता है। हार्ट और ब्रेन स्ट्रोक से बचाव: 40 वर्ष की आयु के बाद लिपिड प्रोफाइल की नियमित जांच करवाएं। तेल-चिकनाई और अत्यधिक मीठे का सेवन कम करें, क्योंकि धमनियों में ब्लॉकेज से हार्ट अटैक और ब्रेन स्ट्रोक का खतरा बढ़ जाता है। फाइबर युक्त डाइट: खाने में हरी पत्तेदार सब्जियां, सलाद और हाई-फाइबर डाइट को शामिल करें। फलों और पोषक तत्वों का महत्व: रोजाना एक मौसमी फल खाएं। पपीते से कब्ज की समस्या दूर होती है, दूध से शरीर को ऊर्जा व कैल्शियम मिलता है, और रोस्टेड अलसी (Flaxseeds) के सेवन से धमनियों के अंदर कोलेस्ट्रॉल नियंत्रित रहता है जिससे स्ट्रोक के चांसेस कम होते हैं। आंखों की रोशनी के लिए विटामिन-ए युक्त खाद्य पदार्थ पर्याप्त मात्रा में लें। नियमित दवा और नियंत्रण: यदि किसी को बीपी या शुगर की समस्या है, तो वे नियमित रूप से डॉक्टर की सलाह पर दवा का सेवन करें और वजन को नियंत्रित रखें। अंत में डॉ. कुर्रे ने संदेश दिया कि रेलवे कर्मचारी स्वयं शारीरिक व मानसिक रूप से फिट रहकर ही रेलवे की संचालन व्यवस्था और सुरक्षा कार्य को बेहतर तरीके से अंजाम दे सकते हैं।
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- गाडरवारा-साईंखेड़ा स्टेट हाईवे-44 पर किसानों का चक्का जाम, देवरी वेयरहाउस के सामने रोका आवागमन गाडरवारा-साईंखेड़ा स्टेट हाईवे-44 पर किसानों का चक्का जाम, देवरी वेयरहाउस के सामने रोका आवागमन साईंखेड़ा/गाडरवारा। गाडरवारा-साईंखेड़ा स्टेट हाईवे-44 पर देवरी वेयरहाउस के सामने किसानों ने अपनी विभिन्न समस्याओं और मांगों को लेकर चक्का जाम कर दिया। किसानों के सड़क पर उतरने से हाईवे के दोनों ओर वाहनों की लंबी कतारें लग गईं और आवागमन प्रभावित हुआ। चक्का जाम की सूचना मिलते ही आसपास के क्षेत्र में हलचल मच गई। किसान सड़क पर एकत्र होकर अपनी मांगों के समर्थन में नारेबाजी करते रहे। किसानों का कहना है कि उनकी समस्याओं का शीघ्र निराकरण किया जाना चाहिए। प्रदर्शन के दौरान बड़ी संख्या में किसान मौजूद रहे। हाईवे पर जाम लगने से गाडरवारा और साईंखेड़ा की ओर आने-जाने वाले यात्रियों एवं वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। सूचना मिलने पर प्रशासन एवं पुलिस के अधिकारी मौके पर पहुंचने की जानकारी है। अधिकारियों द्वारा किसानों से चर्चा कर जाम समाप्त कराने और यातायात को सुचारू करने के प्रयास किए जा रहे हैं। किसानों ने स्पष्ट किया कि उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार कर उचित कार्रवाई की जाए। समाचार लिखे जाने तक मौके पर किसानों का प्रदर्शन जारी रहने की जानकारी मिली।1
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- Post by Jyoti soni1
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