टीकमगढ़/बल्देवगढ़। जनपद पंचायत बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेरा में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान अधिकांश कर्मचारियों के पंचायत भवन में मौजूद नहीं होने का मामला सामने आया। अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पंचायत भवन पहुंचे ग्रामीणों को कर्मचारियों के इंतजार में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, कोई रिकॉर्ड सुधार, कोई सम्मान निधि तो कोई मजदूरी भुगतान से जुड़ी समस्या लेकर पंचायत भवन पहुंचा था। लेकिन जनसुनवाई के दौरान संबंधित कर्मचारियों के मौजूद नहीं रहने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं जनसुनवाई के दिन पंचायत भवन से कर्मचारी नदारद, ग्रामीण परेशान जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़/बल्देवगढ़। जनपद पंचायत बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेरा में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान अधिकांश कर्मचारियों के पंचायत भवन में मौजूद नहीं होने का मामला सामने आया। अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पंचायत भवन पहुंचे ग्रामीणों को कर्मचारियों के इंतजार में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, कोई रिकॉर्ड सुधार, कोई सम्मान निधि तो कोई मजदूरी भुगतान से जुड़ी समस्या लेकर पंचायत भवन पहुंचा था। लेकिन जनसुनवाई के दौरान संबंधित कर्मचारियों के मौजूद नहीं रहने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने और उनका निराकरण कराने में परेशानी हुई। मौके पर केवल रोजगार सहायक हरसेवक राजपूत की मौजूदगी बताए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की जानकारी जनपद पंचायत के सीईओ विकास राव एवं एसडीएम भूरिया को फोन के माध्यम से दी गई। हालांकि, अधिकारियों की ओर से मौके पर कर्मचारियों की उपस्थिति अथवा कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। जनसुनवाई पर उठे सवाल जनसुनवाई का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण कराना है। ऐसे में जनसुनवाई के दिन ही संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि जब जनसुनवाई के दिन जिम्मेदार कर्मचारी पंचायत भवन में मौजूद नहीं होंगे, तो ग्रामीण अपनी समस्याएं किसके सामने रखेंगे और उनका समाधान कैसे होगा? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है और पंचायत स्तर पर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
टीकमगढ़/बल्देवगढ़। जनपद पंचायत बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेरा में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान अधिकांश कर्मचारियों के पंचायत भवन में मौजूद नहीं होने का मामला सामने आया। अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पंचायत भवन पहुंचे ग्रामीणों को कर्मचारियों के इंतजार में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, कोई रिकॉर्ड सुधार, कोई सम्मान निधि तो कोई मजदूरी भुगतान से जुड़ी समस्या लेकर पंचायत भवन पहुंचा था। लेकिन जनसुनवाई के दौरान संबंधित कर्मचारियों के मौजूद नहीं रहने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं जनसुनवाई के दिन पंचायत भवन से कर्मचारी नदारद, ग्रामीण परेशान जिला ब्यूरो हैड धर्मेंद्र सिंह लोधी टीकमगढ़/बल्देवगढ़। जनपद पंचायत बल्देवगढ़ अंतर्गत ग्राम पंचायत बड़ेरा में मंगलवार को आयोजित जनसुनवाई के दौरान अधिकांश कर्मचारियों के पंचायत भवन में मौजूद नहीं होने का मामला सामने आया। अपनी विभिन्न समस्याओं को लेकर पंचायत भवन पहुंचे ग्रामीणों को कर्मचारियों के इंतजार में परेशानी का सामना करना पड़ा। ग्रामीणों के अनुसार, कोई रिकॉर्ड सुधार, कोई सम्मान निधि तो कोई मजदूरी भुगतान से जुड़ी समस्या लेकर पंचायत भवन पहुंचा था। लेकिन जनसुनवाई के दौरान संबंधित कर्मचारियों के मौजूद नहीं रहने से ग्रामीणों को अपनी समस्याएं रखने और उनका निराकरण कराने में परेशानी हुई। मौके पर केवल रोजगार सहायक हरसेवक राजपूत की मौजूदगी बताए जाने की जानकारी सामने आई है। मामले की जानकारी जनपद पंचायत के सीईओ विकास राव एवं एसडीएम भूरिया को फोन के माध्यम से दी गई। हालांकि, अधिकारियों की ओर से मौके पर कर्मचारियों की उपस्थिति अथवा कार्रवाई को लेकर कोई स्पष्ट जानकारी नहीं मिल सकी। जनसुनवाई पर उठे सवाल जनसुनवाई का उद्देश्य ग्रामीणों की समस्याओं को सुनकर उनका निराकरण कराना है। ऐसे में जनसुनवाई के दिन ही संबंधित कर्मचारियों की अनुपस्थिति को लेकर सवाल उठ रहे हैं। सवाल यह है कि जब जनसुनवाई के दिन जिम्मेदार कर्मचारी पंचायत भवन में मौजूद नहीं होंगे, तो ग्रामीण अपनी समस्याएं किसके सामने रखेंगे और उनका समाधान कैसे होगा? अब देखना होगा कि प्रशासन इस मामले में क्या संज्ञान लेता है और पंचायत स्तर पर कर्मचारियों की उपस्थिति सुनिश्चित करने के लिए क्या कार्रवाई की जाती है।
- दबंग सरपंच ने पुलिस के सामने खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की मारपीट सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल दबंग सरपंच ने पुलिस के सामने खरगापुर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में की मारपीट सोशल मीडिया पर वीडियो हो रहा वायरल1
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ टीकमगढ़ में आज पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर स्वामित्व योजना अंतर्गत पंजीयन कार्य में निष्पादक बनाए जाने के विरोध में पटवारी संघ जिला इकाई टीकमगढ़ द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया है। इस दौरान बड़ी संख्या में पटवारी मौजूद रहे। पटवारी संघ ने कहा है कि पटवारी को निष्पादक (विक्रेता) ना बनाया जाए। कोई भी पटवारी मध्यप्रदेश का यह कार्य नहीं करेगा। जिस मकान का मालिक पहले से मकान मालिक है और उसका नाम खसरा में लिखा हुआ है। पटवारी उसको उसी की भूमि की कैसे रजिस्ट्री करेगा। क्योंकि अगर भूमि पटवारी के नाम होती तो पटवारी विक्रय कर सकता था। जब वह पहले से वह मकान उसी व्यक्ति के नाम पहले से है तो कैसे विक्रय होगा।1
- टीकमगढ़ में आज पटवारी संघ ने कलेक्टर को सौंपा ज्ञापन मध्यप्रदेश पटवारी संघ के प्रांतीय आह्वान पर स्वामित्व योजना अंतर्गत पंजीयन कार्य में निष्पादक बनाए जाने के विरोध में पटवारी संघ जिला इकाई टीकमगढ़ द्वारा कलेक्टर को ज्ञापन सौंपा गया1
- *लिधौरा में भूराबाई मछुआरा समिति पर विवाद, अध्यक्ष-सचिव पर मनमानी का आरोप* खरो ग्राम की महिलाओं ने एएस आई पर घर मे घुसकर मारपीट के लगाए आरोप अतिरिक्त पुलिस को एसपी के नाम सौंपा ज्ञापन *लिधौरा में भूराबाई मछुआरा समिति पर विवाद, अध्यक्ष-सचिव पर मनमानी का आरोप* *टीकमगढ़।* लिधौरा थाना क्षेत्र की खरो ग्राम भूराबाई मछुआरा समिति के अध्यक्ष-सचिव की मनमानी को लेकर विवाद गहरा गया है। समिति सदस्यों ने अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक को ज्ञापन सौंपकर आरोप लगाया है कि अध्यक्ष नवलकिशोर और सचिव ने बिना कारण 60-70 पुराने सदस्यों को बाहर कर अपने परिवार के लोगों को सदस्य बना लिया। विरोध करने पर झूठी रिपोर्ट कर पुलिस से परेशान कराया जा रहा है। महिलाओं ने लिधौरा थाने के खरो ग्राम बीटप्रभारी ए एस आई सुहाग चंद पर घर आकर मारपीट का भी आरोप लगाया। इसे लेकर पीड़ित सदस्य और महिलाएं एसपी कार्यालय पहुंचीं और शिकायत देकर निष्पक्ष जांच की मांग की। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक ने जांच कराकर न्याय का आश्वासन दिया है।1
- टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। टीकमगढ़ टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों का कमाल, ग्रे वॉटर प्रबंधन में राष्ट्रीय पुरस्कार गंदे पानी से मुक्ति का टीकमगढ़ मॉडल, देश में मिला पहला स्थान एंकर: कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय की मुहिम को मिली राष्ट्रीय स्तर पर पहचान टीकमगढ़ की ग्राम पंचायतों के प्रयासों को अब राष्ट्रीय स्तर पर बड़ी पहचान मिली है। गांवों की गलियों में बहते गंदे पानी, कीचड़ और जलभराव की समस्या से निजात दिलाने के लिए किए गए अभिनव प्रयोग को आईएससी-फिक्की स्वच्छता पुरस्कार में ग्रे वॉटर प्रबंधन श्रेणी में राष्ट्रीय विजेता चुना गया है। नई दिल्ली में आयोजित समारोह में टीकमगढ़ कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय तत्कालीन जिला पंचायत सीईओ नवीत कुमार धुर्वे और जिला समन्वयक मनीष जैन ने यह पुरस्कार ग्रहण किया। खास बात ये है कि जिस प्रयोग की शुरुआत एक गांव से हुई थी, वो महज दो साल में 225 गांवों तक पहुंच गया। टीकमगढ़ के चंद्रपुरा गांव से शुरू हुई भूमिगत जल निकासी व्यवस्था को जिला प्रशासन ने मॉडल के तौर पर दूसरे गांवों में भी लागू किया। इस व्यवस्था में घरों से निकलने वाले स्नान, कपड़े धोने और रसोई के पानी को खुले में बहने से रोकने के लिए घरों के बाहर सिल्ट चैम्बर बनाए जाते हैं। इन चैम्बरों को करीब 8 इंच के पाइप से जोड़ा जाता है और पानी को भूमिगत पाइपलाइन के जरिए गांव के अंतिम छोर तक पहुंचाया जाता है। जहां सोख्ता गड्ढे के जरिए पानी का निस्तारण किया जाता है। यानी जिस गंदे पानी की वजह से कभी गांव की गलियां कीचड़ से सराबोर रहती थीं, उसी समस्या का समाधान अब जमीन के नीचे पाइपलाइन बिछाकर किया जा रहा है। इसका असर गांवों की तस्वीर पर भी दिखाई दे रहा है। गलियों में गंदा पानी कम हुआ... कीचड़ और जलभराव से राहत मिली... और ग्रामीणों का आवागमन भी आसान हुआ। ग्रामीण इस बदलाव को कुछ यूं बयां कर रहे हैं— हमारे गांव की गलियां अब आंगन में बदल गई हैं। इस पूरे मॉडल में जिला प्रशासन की योजना, तकनीकी मार्गदर्शन और ग्राम पंचायतों की भागीदारी के साथ उपलब्ध वित्तीय संसाधनों का उपयोग किया गया। कलेक्टर विवेक श्रोत्रिय ने इस उपलब्धि को ग्राम पंचायतों के संकल्प, विश्वास और प्रयासों का परिणाम बताया। उन्होंने कहा कि चंद्रपुरा से शुरू हुई यह पहल अब 225 गांवों तक पहुंच चुकी है और इसका उद्देश्य सिर्फ भूमिगत पाइपलाइन बिछाना नहीं, बल्कि गांवों की जीवन गुणवत्ता और ग्रामीण परिवेश को बदलना है। एक गांव से शुरू हुआ प्रयोग... 225 गांवों तक पहुंचा... और अब राष्ट्रीय पुरस्कार तक। टीकमगढ़ का ये मॉडल बताता है कि अगर स्थानीय समस्या का स्थानीय समाधान, प्रशासनिक इच्छाशक्ति और ग्राम पंचायतों की सक्रिय भागीदारी एक साथ आए... तो गांव की तस्वीर बदली जा सकती है।1
- राजापुर में धूमधाम से मनाया गया बालक का जन्मदिन समाजसेवी वृंदावन राजपूत हुए शामिल, शुभकामनाएं दी राजापुर/बड़ामलहरा।* राजापुर गांव में वृंदावन राजपूत जी के बालक का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वृंदावन राजपूत विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने केक काटकर बालक को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वृंदावन राजपूत ने कहा कि _"बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। हमें उन्हें अच्छी शिक्षा और संस्कार देने चाहिए।"_ इस दौरान आए हुए सभी मेहमानों ने बालक को ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिए। कार्यक्रम में भोजन, गीत-संगीत और हंसी-खुशी का माहौल रहा। पूरे गांव में खुशी की लहर देखी गई। --- 🎂 राजापुर में धूमधाम से मनाया गया बालक का जन्मदिन समाजसेवी वृंदावन राजपूत हुए शामिल, शुभकामनाएं दी राजापुर/बड़ामलहरा।* राजापुर गांव में वृंदावन राजपूत जी के बालक का जन्मदिन बड़े ही हर्षोल्लास के साथ मनाया गया। इस अवसर पर क्षेत्र के गणमान्य नागरिक, समाजसेवी और परिजन उपस्थित रहे। कार्यक्रम में वृंदावन राजपूत विशेष रूप से शामिल हुए। उन्होंने केक काटकर बालक को आशीर्वाद दिया और उसके उज्ज्वल भविष्य की कामना की। वृंदावन राजपूत ने कहा कि _"बच्चे देश और समाज का भविष्य हैं। हमें उन्हें अच्छी शिक्षा और संस्कार देने चाहिए।"_ इस दौरान आए हुए सभी मेहमानों ने बालक को ढेर सारी शुभकामनाएं और आशीर्वाद दिए। कार्यक्रम में भोजन, गीत-संगीत और हंसी-खुशी का माहौल रहा। पूरे गांव में खुशी की लहर देखी गई। --- 🎂1
- *घुवारा में गली-गली बिक रही अवैध शराब, राय मुहल्ला से बड़ा तालाब तक माफिया सक्रि *घुवारा में गली-गली बिक रही अवैध शराब, राय मुहल्ला से बड़ा तालाब तक माफिया सक्रिय, प्रशासन की भूमिका पर सवाल - बंडा जैसा हादसा होने का डर* *रिपोर्टर - संदीप सिंह घोष | घुवारा, छतरपुर* छतरपुर जिले के घुवारा नगर में अवैध शराब का कारोबार बेलगाम हो गया है। आलम यह है कि नगर के हर वार्ड में गली-गली में अवैध शराब की बिक्री हो रही है और स्थानीय प्रशासन मूकदर्शक बना हुआ है। *इन मोहल्लों में सक्रिय है कारोबार* नगर के सबसे व्यस्त और घनी आबादी वाले क्षेत्र राय मुहल्ला, देवी नगर, सुवारा रोड और बड़ा तालाब मुहल्ला में शाम ढलते ही अवैध शराब के अड्डे सज जाते हैं। सूत्रों के अनुसार किराना दुकानों और घरों की आड़ में कच्ची महुआ शराब से लेकर अवैध अंग्रेजी शराब तक ऊँचे दामों पर बेची जा रही है। *प्रशासन की मेहरबानी से बुलंद हैं हौसले* स्थानीय लोगों का आरोप है कि पुलिस और आबकारी विभाग की मिलीभगत के बिना इतने बड़े स्तर पर यह कारोबार संभव नहीं है। गश्त के दौरान भी इन अड्डों को नजरअंदाज किया जाता है, जिससे शराब माफियाओं के हौसले बुलंद हैं। *युवा पीढ़ी बर्बाद, बंडा जैसा कांड दोहराने का खतरा* इस अवैध कारोबार के चलते नगर के युवा तेजी से नशे की गिरफ्त में आ रहे हैं। मोहल्लों में रोज झगड़े और मारपीट आम हो गई है। सबसे बड़ा खतरा जहरीली शराब का है। बीते दिनों बंडा में जहरीली शराब से हुई मौतों को लोग भूले नहीं हैं। घुवारा में बिक रही शराब की कोई जांच नहीं है, यह कभी भी जहरीली साबित हो सकती है और बड़ा हादसा हो सकता है। नगर के जागरूक नागरिकों ने कलेक्टर छतरपुर और पुलिस अधीक्षक से मांग की है कि चिन्हित स्थानों - राय मुहल्ला, देवी नगर, सुवारा रोड, बड़ा तालाब पर तत्काल छापामार कार्रवाई की जाए और दोषियों पर सख्त से सख्त कार्रवाई हो।3
- ब्रेकिंग न्यूज़ मध्य प्रदेश एक्सप्रेस न्यूज़ लाइव टीकमगढ़ मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव की अध्यक्षता में आज मंत्रालय में आयोजित मंत्रि-परिषद की बैठक में प्रदेश के विकास, जनकल्याण एवं जनहित से जुड़े विभिन्न महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। @drmohanyadav51 #CMMadhya Pradesh #Cabinet Decisions #Cabinet Decisions MP1