दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन और NEET पेपर लीक के खिलाफ आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर लौटे जयस (JAYS) के पदाधिकारियों का महू पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली में युवाओं और आमजन के हक की आवाज बुलंद करने के बाद जयस प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल, महेश्वर जयस अध्यक्ष जितेंद्र बारिया, महू जयस अध्यक्ष शेर सिंह परमार और सामाजिक कार्यकर्ता महेश भाभर अपने साथियों के साथ महू पहुंचे। महू आगमन पर जयस के स्थानीय कार्यकर्ता समंदर परमार, अजय सिंगारे, शिवा वसुनिया और अन्य कार्यकर्ताओं ने सभी पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर जयस नेताओं ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि संगठन सदैव आम जनता के बुनियादी अधिकारों—शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार—के लिए अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष करता रहेगा और युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
दिल्ली के जंतर-मंतर पर सोनम वांगचुक के समर्थन और NEET पेपर लीक के खिलाफ आयोजित विशाल विरोध प्रदर्शन में शामिल होकर लौटे जयस (JAYS) के पदाधिकारियों का महू पहुंचने पर जोरदार स्वागत किया गया। दिल्ली में युवाओं और आमजन के हक की आवाज बुलंद करने के बाद जयस प्रदेश अध्यक्ष भीम सिंह गिरवाल, महेश्वर जयस अध्यक्ष जितेंद्र बारिया, महू जयस अध्यक्ष शेर सिंह परमार और सामाजिक कार्यकर्ता महेश भाभर अपने साथियों के साथ महू पहुंचे। महू आगमन पर जयस के स्थानीय कार्यकर्ता समंदर परमार, अजय सिंगारे, शिवा वसुनिया और अन्य कार्यकर्ताओं ने सभी पदाधिकारियों का फूल-मालाओं से आत्मीय स्वागत किया। इस अवसर पर जयस नेताओं ने संकल्प दोहराते हुए कहा कि संगठन सदैव आम जनता के बुनियादी अधिकारों—शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार—के लिए अग्रिम पंक्ति में रहकर संघर्ष करता रहेगा और युवाओं के साथ किसी भी प्रकार का अन्याय बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
- इंदौर जिले के महू स्थित सिमरोल थाना क्षेत्र के भेरू घाट में सड़क निर्माण कार्य के चलते भारी जाम लग गया है। आगे चल रहे निर्माण कार्य की वजह से सड़क पर वाहनों की लंबी-लंबी कतारें देखने को मिल रही हैं। शनि मंदिर से लेकर भेरूगढ़ तक फैले इस लंबे जाम में ट्रक, आयशर, बस और कई अन्य वाहन फंसे हुए हैं, जिससे राहगीरों और यात्रियों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।1
- मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव ने कहा है कि भारत में सबसे पहले समान नागरिक संहिता लागू करने के लिए मध्य प्रदेश ने सबसे पहला कदम आगे बढ़ाया और राज्य इसमें सफल हुआ है। इंदौर एयरपोर्ट पर मीडिया से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि समान नागरिकता कानून के समर्थन में सभी धर्मों के लोगों ने आकर खुशी जताई है। मुख्यमंत्री डॉ मोहन यादव चंद्रशेखर आजाद की जन्मस्थली भाबरा जाने के लिए वायुयान से इंदौर पहुंचे थे। इस दौरान मीडिया से चर्चा करते हुए उन्होंने समान नागरिक संहिता को लेकर यह बयान दिया।1
- असरावद बुजुर्ग में विशाल राजस्व महाशिविर का आयोजन किया गया, जहां कलेक्टर शिवम वर्मा ने पहुंचकर ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं। इस दौरान उन्होंने अधिकारियों को मौके पर ही समस्याओं के त्वरित निराकरण के निर्देश दिए, जिसके बाद कई प्रकरणों का तत्काल समाधान किया गया।1
- जंतर मंतर पर चल रहे धरने से कॉकरोच पार्टी पीछे नहीं हटी है। प्रदर्शन के दौरान अभिजीत ने पूरी रात धरने पर ही डटे रहने का बड़ा ऐलान किया है।1
- युवाओं को ज़ुल्म के ख़िलाफ़ लड़ने का साहस देने वाले और उनके प्रेरणास्रोत चंद्रशेखर आज़ाद जी की जन्म जयंती पर उन्हें शत-शत नमन किया गया है। आज के युवाओं में भी निडर होकर सत्ता के ज़ुल्म के ख़िलाफ़ खड़े होने का उनका जज़्बा ज़िंदा है। भारत माता के इस महान वीर सपूत को उनकी जन्म जयंती के अवसर पर कोटि-कोटि नमन करते हुए नमन किया गया है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर बच्चों पर भाजपा की तरफ से लाठीचार्ज किया गया है। इस कार्रवाई के विरोध में बालासाहेब प्रकाश आंबेडकर की केवल एक आवाज पर पूरा महाराष्ट्र बंद हो गया है।1
- इंदौर के रहवासी क्षेत्र में निगम का बुलडोजर चला है। इस क्षेत्र में निगम द्वारा बुलडोजर चलाकर कार्रवाई की गई है।1
- महू के हरसोला गांव में लगातार हो रही बारिश के बाद वर्षों पुराना पाला (स्टॉप डेम) पानी से पूरी तरह भर गया है। गांव की पहचान माने जाने वाले इस पाले के किनारे स्थित तेजाजी मंदिर और माता मंदिर ग्रामीणों की आस्था के प्रमुख केंद्र हैं। जलस्रोत के लबालब भरने और चारों ओर फैली हरियाली से यहां का दृश्य बेहद मनमोहक नजर आ रहा है। ग्रामीणों का कहना है कि जब तक यह पाला भरा रहता है, तब तक गांव का भूजल स्तर बेहतर बना रहता है, जिससे किसानों और ग्रामीणों को काफी लाभ मिलता है। इस वर्ष पाले में अधिक मात्रा में पानी का संग्रह संभव हो सका है, क्योंकि बारिश शुरू होने से पहले ग्राम पंचायत के सरपंच श्री विष्णु हरौड़ के नेतृत्व में इसकी साफ-सफाई कराई गई थी और इसे कुछ स्थानों पर गहरा भी कराया गया था। वहीं, इस जलस्रोत की सुंदरता और उपयोगिता को लंबे समय तक बनाए रखने के उद्देश्य से ग्रामीणों से अपील की गई है कि वे धार्मिक आस्था के नाम पर घरों की पूजन सामग्री या अन्य कचरा पाले में न डालें और इसे स्वच्छ रखने में अपनी जिम्मेदारी निभाएं।1