सोनुआ रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से जान गंवाने वाले एक किशोर और एक किशोरी के शवों की पहचान लगभग 12 घंटे की तलाश के बाद कर ली गई है। मृतकों की पहचान सोनुआ थाना क्षेत्र के भालूरूंगी गांव निवासी 15 वर्षीय अर्जुन महतो और 17 वर्षीय खुशबू महतो के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दोनों 21 मई से अपने घर से लापता थे, और आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने रविवार रात को ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल पर रेलवे ट्रैक के किनारे से एक बैग भी बरामद हुआ है, जिसमें कपड़े और कई ट्रेन टिकट मिले हैं। इन टिकटों में सोनुआ से राउरकेला, राउरकेला से पुरी, और टाटा से चक्रधरपुर के टिकट शामिल हैं, जिससे पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने युवक की पैंट की जेब से मिले एक बंद मोबाइल फोन को चालू कर दोनों की पहचान करने में सफलता हासिल की। पुलिस और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सोनुवा थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
सोनुआ रेलवे स्टेशन के पास ट्रेन की चपेट में आने से जान गंवाने वाले एक किशोर और एक किशोरी के शवों की पहचान लगभग 12 घंटे की तलाश के बाद कर ली गई है। मृतकों की पहचान सोनुआ थाना क्षेत्र के भालूरूंगी गांव निवासी 15 वर्षीय अर्जुन महतो और 17 वर्षीय खुशबू महतो के रूप में हुई है। परिजनों के अनुसार, दोनों 21 मई से अपने घर से लापता थे, और आशंका जताई जा रही है कि उन्होंने रविवार रात को ट्रेन के सामने आकर आत्महत्या कर ली। घटनास्थल पर रेलवे ट्रैक के किनारे से एक बैग भी बरामद हुआ है, जिसमें कपड़े और कई ट्रेन टिकट मिले हैं। इन टिकटों में सोनुआ से राउरकेला, राउरकेला से पुरी, और टाटा से चक्रधरपुर के टिकट शामिल हैं, जिससे पुलिस मामले के विभिन्न पहलुओं की जांच कर रही है। पुलिस ने युवक की पैंट की जेब से मिले एक बंद मोबाइल फोन को चालू कर दोनों की पहचान करने में सफलता हासिल की। पुलिस और आरपीएफ की टीम ने मौके पर पहुंचकर दोनों शवों को अपने कब्जे में लिया और पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया है। सोनुवा थाना पुलिस ने इस मामले में प्राथमिकी दर्ज कर आगे की जांच शुरू कर दी है।
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के सैतबा जंगल में जलावनी झाड़ी लाने गई 45 वर्षीय सरस्वती केराई पर रविवार सुबह एक जंगली भालू ने हमला कर दिया। इस घटना में महिला गंभीर रूप से घायल हो गई है और उसके बाएं हाथ की बांह टूट गई है। घायल महिला का इलाज चाईबासा सदर अस्पताल में चल रहा है। जानकारी के अनुसार, यह घटना सुबह करीब 9:30 बजे हुई जब सरस्वती केराई गांव से कुछ दूरी पर स्थित नदी की ओर जा रही थी। इसी दौरान नदी किनारे पानी पीने पहुंचे एक भालू ने झाड़ी से निकलकर अचानक महिला पर हमला कर दिया। भालू के इस अचानक हमले में महिला बुरी तरह घायल हो गई। महिला के चिल्लाने की आवाज सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे, जिसके बाद भालू जंगल की ओर भाग गया। ग्रामीणों ने घायल महिला को उसके घर पहुंचाया, जिसके बाद परिजनों ने किराए की गाड़ी की व्यवस्था कर उसे इलाज के लिए चाईबासा सदर अस्पताल पहुंचाया। घटना की सूचना मिलने पर बरकेला वन क्षेत्र के अधिकारी भी सदर अस्पताल पहुंचे और मामले की जानकारी लेकर रिपोर्ट दर्ज की।1
- जिला परिवहन पदाधिकारी गौतम कुमार ने बाईपास चौक के समीप यात्री बसों और छोटे सवारी वाहनों का सघन जांच अभियान चलाया। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य ओवरलोडिंग, यानी क्षमता से अधिक सवारियों को बैठाने वाले वाहनों, खासकर गर्मी के मौसम में बसों की छतों पर यात्रियों को ले जाने वाले वाहनों पर केंद्रित था। अधिकारी ने बताया कि ऑटो और मैजिक जैसी छोटी गाड़ियों में भी पैर रखने की जगह न होने और छतों पर सवारी बैठाने की लगातार शिकायतें मिल रही हैं। उपायुक्त मनीष कुमार के सख्त निर्देशों के आलोक में, नियमों का उल्लंघन कर परिवहन कर रहे वाहनों पर लगातार कार्रवाई की जा रही है और नियम संगत फाइन लगाए जा रहे हैं। जिला परिवहन पदाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जो वाहन मालिक क्षमता से अधिक सवारी बैठाकर आमजन की सुरक्षा से खिलवाड़ करेंगे, उन पर कार्रवाई की जाएगी। इसी जांच के दौरान, एक बस को उसकी क्षमता से अधिक सवारी छत पर बैठाकर ले जाते हुए पकड़ा गया, जिस पर ₹4000 का नियम संगत फाइन लगाया गया। इसके बाद, जिला परिवहन पदाधिकारी की अध्यक्षता में सभी बस ओनर एसोसिएशन की बैठक हुई। बैठक में, गौतम कुमार ने सदस्यों को हाल ही में पड़ोसी राज्य ओडिशा में हीटवेव के कारण हुई कई मौतों की दुखद खबरों से अवगत कराया। उन्होंने चिकित्सा विशेषज्ञों के हवाले से बताया कि इस मौसम में सीधी धूप और गर्म हवाओं के संपर्क में आने से सनस्ट्रोक (लू लगना), डिहाइड्रेशन और अचानक ब्लड प्रेशर गिरने से जान भी जा सकती है। इसे देखते हुए, बसों की छतों पर खुले आसमान के नीचे यात्रा करना बेहद खतरनाक बताया गया। सभी को सख्त निर्देश दिए गए कि ऐसा करने वाले वाहनों पर दंडात्मक कार्रवाई की जाएगी, क्योंकि यात्रियों की सुरक्षा एक बड़ी जिम्मेदारी है और इसमें लापरवाही बिल्कुल बर्दाश्त नहीं होगी। साथ ही, सभी बस ओनर्स को यात्री पड़ावों और बस स्टैंड पर चिलचिलाती धूप को देखते हुए सरकार से मिले निर्देशों के अनुसार समुचित पेयजल की व्यवस्था करने के लिए भी प्रेरित किया गया।1
- सरायकेला पुलिस ने कांड्रा शाखा स्थित झारखंड ग्रामीण बैंक के मैनेजर से ₹50,000 की रंगदारी मांगने के आरोप में बंटी गुहा को मानगो बस स्टैंड से गिरफ्तार कर लिया है। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी अनुभव भारद्वाज ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि आरोपी ने 22 मई को बैंक मैनेजर को मोबाइल पर फोन कर ₹50,000 की रंगदारी मांगी थी। रंगदारी नहीं देने पर उसने जान से मारने की धमकी देते हुए खुद को 'रवि लोहार (गलत नाम)' बताया और कहा कि वह सरायकेला जेल में बंद है तथा जमानत के लिए वकील को देने हेतु ₹50,000 की आवश्यकता है। इस धमकी से भयभीत होकर बैंक मैनेजर ने 24 मई को कांड्रा थाना में रंगदारी मांगने और जान से मारने की धमकी देने के आरोप में प्राथमिकी दर्ज कराई। मामले के उद्भेदन के लिए पुलिस अधीक्षक निधि द्विवेदी ने अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी सरायकेला के नेतृत्व में एक टीम का गठन किया। इस टीम ने सोमवार सुबह इस मामले के अप्राथमिकी अभियुक्त परसुडीह गोलपहाड़ी निवासी बंटी गुहा को मानवीय और तकनीकी सहयोग से मानगो बस स्टैंड से गिरफ्तार किया। बंटी गुहा वर्तमान में सियालदा पार्कस्ट्रीट, वर्धान बाजार, थाना- भवानीपुर, जिला- पश्चिमी कोलकाता में रहकर यूएसएस नामक कंपनी में कार्यरत है। गिरफ्तारी के बाद बंटी गुहा ने अपना अपराध स्वीकार कर लिया, और उसके पास से एक मोबाइल भी बरामद किया गया। अनुमंडल पुलिस पदाधिकारी ने आगे बताया कि बंटी गुहा के खिलाफ टेल्को थाना में दो, सिदगोड़ा थाना, सीतारामडेरा थाना और कदमा थाना में एक-एक आपराधिक मामले दर्ज हैं। छापेमारी टीम में कांड्रा थाना प्रभारी विनोद कुमार मुर्मू, पुलिस अवर निरीक्षक रामदयाल उरांव, पुलिस अवर निरीक्षक कमलेश कुमार सिंह और पुलिस अवर निरीक्षक रामाशीष शुक्ला शामिल थे। यह सरायकेला पुलिस की एक बड़ी कार्रवाई मानी जा रही है।3
- रांची के नामकुम स्थित गोविंदपुर गांव में पानी की एक गंभीर समस्या सामने आई है, जहाँ गांव के लोग और जानवर दोनों ही एक ही चुआं (पानी के स्रोत) से पानी पीने के लिए विवश हैं।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिला दण्डाधिकारी-सह-उपायुक्त श्री मनीष कुमार ने जिले के निवासियों के लिए एक महत्वपूर्ण संदेश जारी किया है। उन्होंने बताया कि जिले में जनगणना-2027 के तहत जनगणना का कार्य शुरू हो गया है। उपायुक्त ने सभी जिला वासियों से अपील की है कि उनके घरों में आने वाले अधिसूचित प्रगणकों और सुपरवाइजरों का पूरा सहयोग करें। उन्होंने कहा कि लोग पूछे जा रहे सवालों का सही-सही उत्तर दें और जनगणना के कार्यों को सफल बनाने में अपनी सार्थक भूमिका निभाएं।1
- सरायकेला खरसावां जिला उत्पाद अधीक्षक क्षितिज विजय मिंज के नियंत्रण से बाहर बताया जा रहा है, जहाँ हाल ही में गम्हरिया मुख्य मार्ग के निकट एक शराब दुकान के कर्मचारियों के साथ हुई मारपीट की घटना ने उनकी व्यवस्थाओं की पूरी पोल खोल दी है। यह घटना RIT थाना क्षेत्र में पूर्व में सामने आए मुद्दों के बाद हुई है, जिसने जिला प्रशासन की कार्यशैली पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। सूत्रों के अनुसार, उत्पाद अधीक्षक ने कथित तौर पर इस मारपीट के मामले में FIR दर्ज न करने का आदेश दिया है, जिसके कारण घायल कर्मचारी भयभीत और सहमे हुए हैं। इस पूरी स्थिति से उत्पाद अधीक्षक की प्रशासनिक पकड़ और व्यवस्थागत खामियाँ स्पष्ट रूप से उजागर हो गई हैं।1
- झारखंड के चंदिल स्थित दीरलोंग में NH-33 पर एक पेट्रोल पंप के बाहर भारी वाहनों की लंबी कतारों के कारण यातायात बुरी तरह प्रभावित हो रहा है। इस स्थिति से स्थानीय ग्रामीण काफी चिंतित हैं, क्योंकि उन्हें किसी संभावित बड़ी दुर्घटना का डर सता रहा है। ग्रामीणों ने प्रशासन से तत्काल इस मामले में हस्तक्षेप कर उचित कार्रवाई करने की मांग की है, ताकि यातायात सुचारु हो सके और किसी भी अप्रिय घटना से बचा जा सके।1
- पश्चिमी सिंहभूम जिले के टोंटो प्रखंड स्थित सेरेंगसिया शहीद स्मारक के समीप राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (NREP) के तहत बन रहे जनजातीय संग्रहालय भवन के निर्माण कार्य पर वन विभाग ने रोक लगा दी है। इस मामले में निर्माण कार्य की देखरेख कर रहे सेरेंगसिया निवासी मुंशी रबुआ लागुरी के खिलाफ वन क्षेत्र में बिना अनापत्ति प्रमाण पत्र (NOC) के अवैध निर्माण कराने का मामला दर्ज कर उसे जेल भेज दिया गया है। वन विभाग द्वारा दर्ज प्राथमिकी में बताया गया है कि सेरेंगसिया वन परिसर की टीम ने शहीद स्मारक के पास वन भूमि पर एक अर्धनिर्मित भवन का निर्माण होते देखा। मौके पर मौजूद व्यक्ति से पूछताछ करने पर उसने अपना नाम रबुआ लागुरी बताया और जानकारी दी कि वह राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार कार्यक्रम (NREP) के तहत संग्रहालय भवन के निर्माण कार्य और सामग्री की देखरेख के लिए मुंशी के रूप में कार्य कर रहा है। वन अधिकारियों ने जब निर्माण कार्य से संबंधित स्वीकृति एवं अनापत्ति प्रमाण पत्र की मांग की, तो वह कोई वैध दस्तावेज प्रस्तुत नहीं कर सका, जिसके बाद विभाग ने तुरंत कार्रवाई करते हुए निर्माण कार्य पर रोक लगा दी। कार्रवाई के दौरान वन विभाग ने कार्यस्थल से एक ट्रैक्टर-ट्रॉली में लदी काली ईंट, एक सिंटेक्स पानी टंकी तथा छत निर्माण के लिए रखे गए लोहे के छड़ भी जब्त कर लिए। फिलहाल, वन विभाग मामले की आगे की जांच कर रहा है।1