सागर के तिली रोड स्थित बैंक कॉलोनी के पशुपतिनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन, राष्ट्रीय संत व प्रसिद्ध कथाव्यास गौपीठाधीश्वर पं. विपिनबिहारी दास जी महाराज ने अपने प्रेरक विचारों में बताया कि सतयुग, त्रेता और द्वापर युग की तुलना में कलयुग में परिस्थितियाँ सबसे विकट हैं। उन्होंने कहा कि पहले देवता और राक्षस अलग-अलग लोकों या परिवारों में हुआ करते थे, लेकिन कलयुग में अच्छाई (देवता) और बुराई (राक्षस) दोनों एक ही मनुष्य के भीतर निवास करती हैं। महाराज जी ने जोर दिया कि व्यक्ति का चरित्र ही यह तय करता है कि वह देवतुल्य है या राक्षस, और संसार से मुक्ति के लिए हमें देवतुल्य जीवन जीने का संकल्प लेना होगा। कथाव्यास जी ने देव-दानव की दूरी युगों के साथ बदलने का सुंदर उदाहरण देते हुए समझाया। उन्होंने बताया कि सतयुग में देवता स्वर्ग में और राक्षस पाताल में रहते थे, त्रेतायुग में राम अयोध्या के तथा रावण लंका का राजा था, जबकि द्वापरयुग में दोनों एक ही कुल में दुर्योधन और युधिष्ठिर के रूप में निकट आए। परंतु कलयुग में यह लड़ाई बाहर नहीं, बल्कि इंसान के खुद के भीतर चल रही है। सृष्टि वर्णन की कथा सुनाते हुए, महाराज जी ने शुकदेव जी और राजा परीक्षित के मिलन के बाद सृष्टि के विस्तार की बात कही। उन्होंने बताया कि मनु और शतरूपा से हमारी उत्पत्ति हुई है, इसीलिए हम सभी 'मनुष्य' कहलाते हैं। महाराज जी ने मनु जी की पुत्रियों और पुत्रों का वर्णन करते हुए बताया कि देवहूति और ऋषि कर्दम के घर दसवें अवतार के रूप में स्वयं भगवान कपिल आए, जिनसे पहले उनकी नौ कन्याएं हुईं जो वास्तव में 'नवधा भक्ति' का प्रतीक हैं। उनका कहना था कि जब जीवन में नवधा भक्ति आती है, तो भगवान को वहाँ प्रकट होना ही पड़ता है। कथा के तीसरे दिन भक्त ध्रुव की कथा ने पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु को भावुक कर दिया। महाराज जी ने ध्रुव के प्रसंग से सीख दी कि जब ध्रुव को उनकी सौतेली मां ने पिता की गोद से उतार दिया, तब उनकी सगी मां ने उन्हें भड़काने के बजाय तपस्या का सकारात्मक मार्ग दिखाया। मां ने कहा कि यदि तपस्या से भगवान मिल गए, तो ऐसी कई गद्दियां तुम्हारे आगे-पीछे घूमेंगी। ध्रुव जी ने ऐसा ही किया, और इस प्रसंग से शिक्षा मिलती है कि ज्ञानी व्यक्ति कड़वी बातों को भी अच्छे मार्ग की ओर मोड़ देते हैं तथा बुराई में भी अच्छाई तलाश लेते हैं। कार्यक्रम के आयोजक पं. शिवप्रसाद तिवारी ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि बीती रात कथा के दौरान अचानक तेज पानी की बौछारें भी पड़ीं, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था के आगे मौसम बेअसर रहा। विस्तृत पंडाल पूरी तरह श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और शहर के गणमान्य नागरिकों से भरा रहा, जिन्होंने देर रात तक संगीतमय कथा का रसपान किया और आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
सागर के तिली रोड स्थित बैंक कॉलोनी के पशुपतिनाथ मंदिर में चल रही श्रीमद्भागवत कथा के तीसरे दिन, राष्ट्रीय संत व प्रसिद्ध कथाव्यास गौपीठाधीश्वर पं. विपिनबिहारी दास जी महाराज ने अपने प्रेरक विचारों में बताया कि सतयुग, त्रेता और द्वापर युग की तुलना में कलयुग में परिस्थितियाँ सबसे विकट हैं। उन्होंने कहा कि पहले देवता और राक्षस अलग-अलग लोकों या परिवारों में हुआ करते थे, लेकिन कलयुग में अच्छाई (देवता) और बुराई (राक्षस) दोनों एक ही मनुष्य के भीतर निवास करती हैं। महाराज जी ने जोर दिया कि व्यक्ति का चरित्र ही यह तय करता है कि वह देवतुल्य है या राक्षस, और संसार से मुक्ति के लिए हमें देवतुल्य जीवन जीने का संकल्प लेना होगा। कथाव्यास जी ने देव-दानव की दूरी युगों के साथ बदलने का सुंदर उदाहरण देते हुए समझाया। उन्होंने बताया कि सतयुग में देवता स्वर्ग में और राक्षस पाताल में रहते थे, त्रेतायुग में राम अयोध्या के तथा रावण लंका का राजा था, जबकि द्वापरयुग में दोनों एक ही कुल में दुर्योधन और युधिष्ठिर के रूप में निकट आए। परंतु कलयुग में यह लड़ाई बाहर नहीं, बल्कि इंसान के खुद के भीतर चल रही है। सृष्टि वर्णन की कथा सुनाते हुए, महाराज जी ने शुकदेव जी और राजा परीक्षित के मिलन के बाद सृष्टि के विस्तार की बात कही। उन्होंने बताया कि मनु और शतरूपा से हमारी उत्पत्ति हुई है, इसीलिए हम सभी 'मनुष्य' कहलाते हैं। महाराज जी ने मनु जी की पुत्रियों और पुत्रों का
वर्णन करते हुए बताया कि देवहूति और ऋषि कर्दम के घर दसवें अवतार के रूप में स्वयं भगवान कपिल आए, जिनसे पहले उनकी नौ कन्याएं हुईं जो वास्तव में 'नवधा भक्ति' का प्रतीक हैं। उनका कहना था कि जब जीवन में नवधा भक्ति आती है, तो भगवान को वहाँ प्रकट होना ही पड़ता है। कथा के तीसरे दिन भक्त ध्रुव की कथा ने पंडाल में मौजूद हर श्रद्धालु को भावुक कर दिया। महाराज जी ने ध्रुव के प्रसंग से सीख दी कि जब ध्रुव को उनकी सौतेली मां ने पिता की गोद से उतार दिया, तब उनकी सगी मां ने उन्हें भड़काने के बजाय तपस्या का सकारात्मक मार्ग दिखाया। मां ने कहा कि यदि तपस्या से भगवान मिल गए, तो ऐसी कई गद्दियां तुम्हारे आगे-पीछे घूमेंगी। ध्रुव जी ने ऐसा ही किया, और इस प्रसंग से शिक्षा मिलती है कि ज्ञानी व्यक्ति कड़वी बातों को भी अच्छे मार्ग की ओर मोड़ देते हैं तथा बुराई में भी अच्छाई तलाश लेते हैं। कार्यक्रम के आयोजक पं. शिवप्रसाद तिवारी ने जानकारी दी कि श्रीमद्भागवत कथा प्रतिदिन रात्रि 8:00 बजे से 11:00 बजे तक आयोजित की जा रही है। उन्होंने बताया कि बीती रात कथा के दौरान अचानक तेज पानी की बौछारें भी पड़ीं, लेकिन श्रद्धालुओं की आस्था के आगे मौसम बेअसर रहा। विस्तृत पंडाल पूरी तरह श्रद्धालुओं, समाजसेवियों और शहर के गणमान्य नागरिकों से भरा रहा, जिन्होंने देर रात तक संगीतमय कथा का रसपान किया और आरती के बाद प्रसाद ग्रहण किया।
- मध्य प्रदेश का पहला किसान संगोष्ठी भवन जैसीनगर में बनाया जाएगा। इस भवन के निर्माण पर ₹2 करोड़ की लागत आएगी।1
- आज छतरपुर जोन में आम आदमी पार्टी (आप) ने मध्यप्रदेश प्रभारी जितेन्द्र सिंह तोमर की अगुआई में एक विजय रैली निकाली। यह रैली पंजाब में मिली पार्टी की जीत के उपलक्ष्य में आयोजित की गई थी। 'आप' मध्यप्रदेश में अपने संगठन को और अधिक मज़बूत करने के उद्देश्य से सक्रिय है, और इसी कड़ी में प्रदेश के विभिन्न शहरों में रैलियों का आयोजन कर रही है।1
- बीना शहर में आयोजित तीन दिवसीय हिंदू किन्नर महासम्मेलन का बुधवार को भव्य समापन हो गया। अंतिम दिन खुरई रोड स्थित कृष्ण पैलेस गार्डन से एक विशाल शोभायात्रा निकाली गई, जो शहर के प्रमुख मार्गों से होते हुए कटरा स्वामी मंदिर पहुंची। शोभायात्रा में किन्नर समाज के लोगों ने डीजे की धुन पर नृत्य करते हुए उत्साह प्रदर्शित किया, और इस आयोजन को देखने के लिए बड़ी संख्या में शहरवासी सड़कों पर उमड़ पड़े। पुलिस प्रशासन ने यातायात व्यवस्था बनाए रखने के लिए विशेष इंतजाम किए थे। महासम्मेलन के दौरान हवन, पूजन, सत्संग एवं अन्य धार्मिक कार्यक्रम आयोजित किए गए। आयोजकों ने बताया कि इसका मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की परंपराओं को सुदृढ़ करना तथा किन्नर समाज को सामाजिक एवं धार्मिक मुख्यधारा से जोड़ना था। कार्यक्रम के दौरान एक महत्वपूर्ण घोषणा करते हुए लहर नायक को बीना-इटावा क्षेत्र के किन्नर समाज का मुखिया घोषित किया गया। इस अवसर पर लहर नायक ने कटरा स्वामी मंदिर में घंटा अर्पित कर क्षेत्र की सुख-समृद्धि, शांति और खुशहाली की कामना की। किन्नर महामंडलेश्वर काजल गुरु मां ने जानकारी देते हुए बताया कि सम्मेलन के दौरान लगभग 200 किन्नरों की सनातन धर्म में घर वापसी कराई गई। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि सनातन धर्म में किन्नरों का एक विशेष स्थान है, और ऐसे आयोजन समाज में समरसता एवं धार्मिक जागरूकता का विस्तार करते हैं। समापन समारोह में देश के विभिन्न क्षेत्रों से आए किन्नर संतों एवं समाजजनों ने हिस्सा लिया। आयोजकों ने कार्यक्रम को सफल बनाने में सहयोग करने वाले सभी लोगों और प्रशासन के प्रति आभार व्यक्त किया।1
- बीना शहर में पहली बार एक ऐतिहासिक तीन दिवसीय हिंदू सनातनी किन्नर महासम्मेलन 1 जून को शुरू हुआ। इस महासम्मेलन में देशभर से लगभग 200 किन्नर सनातन धर्म को मजबूत करने के उद्देश्य से एकत्रित हुए। इस महासम्मेलन के दौरान तीन दिन तक हवन, पूजन, सत्संग और विभिन्न धार्मिक कार्यक्रमों का आयोजन किया जाएगा। 3 जून, बुधवार को कृष्णा पैलेस, खुरई रोड से एक भव्य शोभायात्रा निकाली गई, जो सर्वोदय चौराहा, अंबेडकर चौराहा होते हुए कटरा मंदिर पर समाप्त हुई, जहाँ कलश और घंटा भेंट किया गया। इस शोभायात्रा में धर्म ध्वजा, बैंड-बाजे और भक्ति गीतों के साथ सैकड़ों किन्नर शामिल हुए। आयोजकों ने बताया कि इस महासम्मेलन का मुख्य उद्देश्य सनातन धर्म की परंपराओं को बढ़ावा देना और किन्नर समाज को समाज की मुख्यधारा से जोड़ना है। महासम्मेलन में शामिल किन्नर संतों ने यह बात दोहराई कि सनातन धर्म में किन्नरों का विशेष स्थान है और इस आयोजन से समाज में समरसता व धार्मिक चेतना का प्रसार होगा। धार्मिक अनुष्ठानों के साथ-साथ सामाजिक कुरीतियों को दूर करने पर भी चर्चा की जाएगी। शहरवासियों में इस अनूठे महासम्मेलन को लेकर खासा उत्साह देखा गया।2
- छतरपुर में कानून व्यवस्था की स्थिति गंभीर सवालों के घेरे में आ गई है, जहाँ से पत्रकार और पुलिस कर्मियों के साथ मारपीट और गोलीबारी की खबरें सामने आई हैं। बताया गया है कि यह घटना टोरिया मोहल्ला में हुई, जहाँ जमकर बवाल हुआ और गुंडागर्दी का अब तक का सबसे चरम रूप देखने को मिला। इस दौरान पत्रकारों के परिवार के सदस्यों के साथ मारपीट की गई, वहीं पुलिसकर्मियों पर गालीगलौच और हमले जैसी सूचनाएँ भी प्राप्त हुई हैं। इन घटनाओं में, पुलिस के साथ मौके पर पहुंचे एक पत्रकार का सिर फूट गया, जिससे स्थिति की गंभीरता और बढ़ गई है।1
- दमोह शहर के फुटेरा वार्ड क्रमांक 4 स्थित छोटा नरसिंह मंदिर के पास एक युवक द्वारा अपने ही घर में फांसी लगाकर आत्महत्या किए जाने का मामला सामने आया है। मृतक विष्णु साहू ने 1 जून 2026 की शाम करीब 7 बजे यह कदम उठाया था। घटना के बाद से ही परिजनों ने इसे आत्महत्या के लिए उकसाने और मानसिक प्रताड़ना का मामला बताते हुए पुलिस से निष्पक्ष जांच और दोषियों पर कड़ी कार्रवाई की मांग की है। परिजनों के अनुसार, मृतक विष्णु साहू लंबे समय से शिवानी मंत्री नामक युवती और उसके चाचा तरू सोनी, जो महाकाली चौराहा निवासी हैं, द्वारा मानसिक प्रताड़ना, धमकी और दबाव का सामना कर रहा था। मृतक ने इस बारे में कई बार अपने परिजनों को जानकारी भी दी थी। आरोप है कि घटना से पहले विष्णु साहू एक रेस्टोरेंट में शिवानी सोनी और अंजली साहू से मिलने गया था। इसके बाद वह शाम करीब 6 बजे घर लौटा और 6:56 बजे उसने शिवानी सोनी को व्हाट्सएप कॉल भी किया था, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुआ। इस घटना के कुछ ही समय बाद उसने फांसी लगाकर आत्महत्या कर ली। परिजनों का दृढ़ता से कहना है कि लगातार मिल रही मानसिक प्रताड़ना और दबाव के कारण ही युवक ने अपनी जान ली। उन्होंने पुलिस अधीक्षक से मोबाइल की साइबर जांच कराने, डिलीट किए गए मैसेज और कॉल डिटेल्स रिकवर कराने, साथ ही मामले की निष्पक्ष जांच कर दोषियों पर सख्त कार्रवाई की मांग की है। इस घटना के बाद, परिजनों ने मृतक की अस्थियां लेकर कोतवाली थाना का घेराव करने की चेतावनी दी थी। इसके परिणामस्वरूप, गुरुवार दोपहर 2 बजे स्वयं कोतवाली टीआई मनीष कुमार अपने दलबल के साथ मृतक के घर पहुंचे और परिजनों तथा आसपास मौजूद लोगों के बयान दर्ज करते हुए घटना के विभिन्न पहलुओं पर साक्ष्य संकलित कर बारीकी से जांच शुरू कर दी है।1
- सागर के बड़ा बाजार स्थित प्रजापिता ब्रह्माकुमारी ईश्वरीय विश्वविद्यालय में बच्चों के सर्वांगीण विकास के उद्देश्य से पाँच दिवसीय समर कैंप का आयोजन किया जा रहा है। इस शिविर में बच्चों को खेल-खेल के माध्यम से नैतिक मूल्यों, अनुशासन और सकारात्मक जीवनशैली की शिक्षा दी जा रही है। शिविर के मुख्य सत्र को संबोधित करते हुए ब्रह्माकुमारी लक्ष्मी दीदी ने इस बात पर ज़ोर दिया कि बच्चों में बचपन से ही अच्छे संस्कारों का होना अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने स्पष्ट किया कि यही संस्कार आगे चलकर उनके उज्ज्वल भविष्य की नींव बनते हैं। लक्ष्मी दीदी ने बच्चों को जीवन जीने की सही कला सिखाते हुए पढ़ाई में पूरी लगन और मेहनत के साथ आगे बढ़ने के लिए प्रेरित किया, साथ ही यह भी बताया कि बचपन में मिला सही ज्ञान व्यक्ति के पूरे जीवन को सफल बना देता है। उन्होंने विद्यार्थियों को अपने मित्रों के साथ प्रेम, सहयोग एवं सौहार्दपूर्ण वातावरण में रहने की सलाह दी, और कहा कि जो विद्यार्थी लगन व अनुशासन से शिक्षा ग्रहण करते हैं, वे परिवार तथा समाज का नाम रोशन करते हैं। शिविर के दौरान ब्रह्माकुमार पीयूष भाई ने बच्चों को विभिन्न ज्ञानवर्धक और मनोरंजक एक्टिविटीज़ कराईं, जिससे उनका उत्साह बढ़ा, वहीं ब्रह्माकुमार मुकेश भाई ने जीवन के मूल्यों पर आधारित प्रेरणादायक कहानियाँ सुनाईं। ब्रह्माकुमारी खुशबू बहन ने भी कार्यक्रम को सफल बनाने में विशेष योगदान दिया। कार्यक्रम के अंत में कैंप में शामिल सभी बच्चों ने उत्साहपूर्वक यह संकल्प लिया कि वे विद्यालय जाकर अपने दोस्तों को भी यहाँ सीखी गई महत्वपूर्ण बातें बताएंगे और प्राप्त अच्छे संस्कारों को दूसरों तक पहुँचाएंगे। पूरे कार्यक्रम के दौरान परिसर का वातावरण उत्साह, ज्ञान और सकारात्मक ऊर्जा से परिपूर्ण रहा, जिसमें बच्चों को मिलजुलकर खेलने और समाज में प्रेम व खुशी का वातावरण बनाने का संदेश दिया गया।2
- दमोह जिले के तेजगढ़ थाना क्षेत्र अंतर्गत इमलिया चौकी के समीप कांकर कालापानी मौजा में गुरुवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया, जिसमें नाले में मछली पकड़ते समय एक 19 वर्षीय युवक की करंट लगने से मौके पर ही मौत हो गई। मृतक की पहचान कांकर निवासी रत्तू पिता स्व. लखन आदिवासी के रूप में हुई है। बताया जा रहा है कि युवक नाले में मछली मार रहा था, तभी अचानक वह करंट की चपेट में आ गया और उसकी घटनास्थल पर ही मौत हो गई। घटना के बाद परिजनों ने युवक को पानी से बाहर निकाला और तत्काल पुलिस को सूचना दी। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और शव को कब्जे में लेकर जिला अस्पताल के शव गृह में सुरक्षित रखवाया। गुरुवार सुबह इमलिया चौकी से प्रधान आरक्षक हीरालाल सहित पुलिस टीम ने मौके पर पहुंचकर पंचनामा कार्रवाई की और शव का पोस्टमार्टम कराया। पुलिस ने मर्ग कायम कर मामले की जांच शुरू कर दी है। इस दर्दनाक घटना के बाद से पूरे कांकर गाँव में मातम का माहौल पसरा हुआ है।1
- टीकमगढ़ जिले के जतारा स्थित विद्युत कार्यालय में बिजली की समस्या को लेकर पहुंचे ग्रामीणों और कर्मचारियों के बीच विवाद के बाद जमकर हंगामा हो गया। आरोप है कि शुरुआती कहासुनी के दौरान महिलाओं के साथ मारपीट की गई, जिसके बाद ग्रामीण आक्रोशित हो उठे। इसी बीच, एक ग्रामीण ने कथित तौर पर कर्मचारियों पर ईंट से हमला कर दिया। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। सूचना मिलते ही पुलिस मौके पर पहुंची और स्थिति को तुरंत नियंत्रित किया। पुलिस फिलहाल दोनों पक्षों द्वारा दर्ज कराई गई शिकायतों के आधार पर पूरे मामले की जांच कर रही है।1