गया में भाजपा किसान मोर्चा कार्यालय में महान शिक्षाविद, राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने उनके राष्ट्रहित में किए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। डॉ. मिश्रा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और समर्पण का एक अद्वितीय उदाहरण है, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' की व्यवस्था के विरोध में एक ऐतिहासिक आंदोलन चलाया और इसी संघर्ष के दौरान उनका बलिदान हुआ। उनके इस बलिदान को आज भी देशवासियों के लिए राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा स्रोत बताया गया। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार किया गया है, जिसे उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि माना जा रहा है। उनके अनुसार, आज जम्मू-कश्मीर देश की मुख्यधारा से जुड़कर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। डॉ. मिश्रा ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि जिस बंगाल की धरती पर डॉ. मुखर्जी का जन्म हुआ था, वह भूमि भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है, और आने वाले समय में विकास व सुशासन का नया अध्याय लिखेगी। डॉ. मिश्रा ने डॉ. मुखर्जी को केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक महान शिक्षाविद, दूरदर्शी विचारक और राष्ट्रभक्त बताया, जिनके विचार और आदर्श आज भी करोड़ों देशवासियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद, अधिवक्ता संतोष ठाकुर, राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, डॉ. अशोक सुनील मिश्रा सहित अन्य भाजपा नेताओं ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
गया में भाजपा किसान मोर्चा कार्यालय में महान शिक्षाविद, राष्ट्रवादी चिंतक और भारतीय जनसंघ के संस्थापक अध्यक्ष डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के बलिदान दिवस के अवसर पर उनकी प्रतिमा पर माल्यार्पण कर श्रद्धासुमन अर्पित किए गए। इस मौके पर भाजपा के वरिष्ठ नेता डॉ. मनीष पंकज मिश्रा ने उनके राष्ट्रहित में किए गए अतुलनीय योगदान को याद करते हुए भावपूर्ण श्रद्धांजलि दी। डॉ. मिश्रा ने कहा कि डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी का जीवन राष्ट्र सेवा, त्याग और समर्पण का एक अद्वितीय उदाहरण है, जिन्होंने देश की एकता और अखंडता के लिए अपना सर्वोच्च बलिदान दिया। उन्होंने जम्मू-कश्मीर में 'एक देश में दो विधान, दो प्रधान और दो निशान' की व्यवस्था के विरोध में एक ऐतिहासिक आंदोलन चलाया और इसी संघर्ष के दौरान उनका बलिदान हुआ। उनके इस बलिदान को आज भी देशवासियों के लिए राष्ट्रहित में कार्य करने की प्रेरणा स्रोत बताया गया। उन्होंने आगे कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में केंद्र सरकार द्वारा जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 और 35ए को हटाकर डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के सपनों को साकार किया गया है, जिसे
उनके प्रति सच्ची श्रद्धांजलि माना जा रहा है। उनके अनुसार, आज जम्मू-कश्मीर देश की मुख्यधारा से जुड़कर विकास की नई ऊंचाइयों को छू रहा है। डॉ. मिश्रा ने यह भी विश्वास व्यक्त किया कि जिस बंगाल की धरती पर डॉ. मुखर्जी का जन्म हुआ था, वह भूमि भी नरेंद्र मोदी के नेतृत्व में विकसित भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में तेजी से आगे बढ़ रही है, और आने वाले समय में विकास व सुशासन का नया अध्याय लिखेगी। डॉ. मिश्रा ने डॉ. मुखर्जी को केवल एक राजनेता नहीं, बल्कि एक महान शिक्षाविद, दूरदर्शी विचारक और राष्ट्रभक्त बताया, जिनके विचार और आदर्श आज भी करोड़ों देशवासियों का मार्गदर्शन कर रहे हैं। उन्होंने युवाओं से उनके जीवन से प्रेरणा लेकर राष्ट्र निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाने का आह्वान किया। इस अवसर पर भाजपा प्रदेश कार्य समिति सदस्य राजेंद्र प्रसाद, अधिवक्ता संतोष ठाकुर, राणा रणजीत सिंह, गोपाल प्रसाद यादव, दीपक पांडे, डॉ. अशोक सुनील मिश्रा सहित अन्य भाजपा नेताओं ने भी डॉ. श्यामा प्रसाद मुखर्जी के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें नमन किया।
- मोहर्रम पर्व के आयोजन के संबंध में थाना परिसर में शांति समिति की एक बैठक आयोजित की गई।1
- गया जिले के मोहनपुर स्थित बिंदा चौरी में किसानों के लाभ के लिए एक नदी पर बांध निर्माण कार्य शुरू हो गया है। यह कार्य विशेष रूप से किसानों के हित को ध्यान में रखकर किया जा रहा है।1
- गया जिले के आमस प्रखंड स्थित अलौदीचक गाँव में एक जमीन विवाद को लेकर ग्रामीण भड़क उठे हैं। ग्रामीणों ने अंचल अधिकारी पर इस मामले में कोई कार्रवाई न करने का गंभीर आरोप लगाया है। इसके चलते, उन्होंने जिलाधिकारी (DM) और मुख्यमंत्री (CM) से इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष जाँच कराने की मांग की है।1
- मोहनपुर पुलिस ने एक लूट के मामले में तीन बालकों को निरुद्ध किया है। यह कार्रवाई लूट से जुड़े घटनाक्रम के बाद की गई है।1
- औरंगाबाद जिले के रफीगंज अंतर्गत पौथू पुलिस ने पाठक बिगहा गांव से फरार चल रहे वीरेंद्र यादव को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है। पौथू थानाध्यक्ष संजय कुमार सुमन ने मंगलवार सुबह 9:30 बजे बताया कि वीरेंद्र यादव के खिलाफ औरंगाबाद न्यायालय द्वारा एक वारंट निर्गत किया गया था, जिसके आलोक में उसे गिरफ्तार कर मंगलवार को जेल भेजा गया है। मिली जानकारी के अनुसार, यह वारंट भैंस चोरी के एक मामले से संबंधित था। सीवां गांव निवासी सुचित कुमार ने 20 फरवरी 2017 को वीरेंद्र यादव के खिलाफ भैंस चोरी करने को लेकर एक प्राथमिकी दर्ज करवाई थी।1
- नीमचक बथानी प्रखंड के ग्राम बंडी कल्याणपुर निवासी 45 वर्षीय कमिद्रर प्रसाद का बिजली के करंट से असामयिक निधन हो गया, जिससे क्षेत्र में शोक व्याप्त है। इस दुखद घटना की जानकारी मिलते ही जिला परिषद सदस्य प्रतिनिधि मोहम्मद औरंगज़ेब ने तत्काल शोक संतप्त परिवार से मुलाकात की। उन्होंने पीड़ित परिजनों को सांत्वना दी और हर संभव मदद का आश्वासन भी दिया। इस कठिन घड़ी में, दिवंगत आत्मा की शांति और परिजनों को इस अपार दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने के लिए ईश्वर से प्रार्थना की गई है।2
- गया जिले के मोहनपुर में चोवारी और बिंदा नदी पर बांध निर्माण का कार्य प्रगति पर है। हालांकि, इस परियोजना की गति काफी धीमी बनी हुई है और इसमें सुधार के कोई आसार नहीं दिख रहे हैं। बताया गया है कि न तो कोई काम की निगरानी कर रहा है और न ही पर्याप्त लोग काम में लगे हुए हैं। मौजूदा धीमी रफ्तार को देखते हुए यह आशंका जताई जा रही है कि बांध के पूरा होने में लगभग पाँच साल का समय लग सकता है।1
- बिहार के सुदूरवर्ती क्षेत्र भलुआ के एक युवक ने बिहार लोक सेवा आयोग (BPSC) की परीक्षा में सफलता प्राप्त की है। इस उपलब्धि के बाद, उन्हें प्रखंड कल्याण पदाधिकारी के पद पर नियुक्त किया गया है।1
- नवादा जिले में मोहर्रम के सातवें दिन, 23 जून 2026, मंगलवार को हजरत इमाम हुसैन का झंडा इमामबाड़ों पर फहराया गया। हिसुआ प्रखंड क्षेत्र के मंझवे तुंगी, चित्ररघट्टी, चकपर सहित दर्जनों गांवों के इमामबाड़ों पर अकीदतमंदों ने अगरबत्ती, इत्र, गुलाब जल और लोबान जलाकर दरूद-ए-फतिया पढ़ा। इस दौरान पूरे देश में अमन-चैन, भाईचारगी, सौहार्द और खुशहाली के लिए विशेष दुआएं मांगी गईं। पैकारों की टोली ने बुलंद आवाज़ में 'या अली या हुसैन' के नारे लगाते हुए इमामबाड़ा की परिक्रमा की, जिसके बाद वे 'कर्बला दूर है, जाना ज़रूर है' का उद्घोष करते हुए आगे बढ़ चले। इस अवसर पर अकीदतमंदों ने दर्शकों के लिए खिचड़ा और मलीदा का भी आयोजन किया। इस मौके पर अकबर राजा आर्यन, समी, वसीम, अब्दुल, फैज़ुन, इरफान, सलीम, अली अहमद, बंटी और मोइन अहमद सहित दर्जनों लोग उपस्थित थे।1