दिल्ली से स्वतंत्र विचारक और समाज सेवक विजय प्रधान पिछले लगभग डेढ़ महीने से बिहार की मूल समस्याओं और उसके विकास के मुद्दों को समझने के लिए राज्य में रुके हुए हैं, और इस दौरान उन्होंने लगभग पूरे बिहार राज्य का दौरा किया है। रिपोर्टर संजय वर्मा की एक खास वीडियो में, विजय प्रधान को जहानाबाद कोर्ट के पास अपने गाँव के जिले में रेलवे फाटक के समीप खड़े देखा गया, जहाँ उन्होंने लोगों को भारी जाम से निजात दिलाने के लिए आवाज उठाई। उन्होंने देश की सरकार से जहानाबाद कोर्ट रेलवे फाटक पर अंडर बाईपास रोड या फ्लाईओवर बनवाने की पुरजोर माँग की, ताकि वहाँ से आने-जाने वाले लोगों और उनके वाहनों को घंटों जाम में न फँसना पड़े। इसके साथ ही, विजय प्रधान ने अपनी माँग का विस्तार करते हुए राज्य और केंद्र सरकार से पूरे बिहार के सभी रेलवे फाटकों पर, जिनमें जहानाबाद कोर्ट, राजगीर, नवादा, और गया जैसे स्थान शामिल हैं, अंडर बाईपास रोड या फ्लाईओवर का निर्माण कराने का आग्रह किया। विजय प्रधान का मानना है कि इन निर्माणों से बिहार की समस्त जनता को रेलवे फाटकों पर लगने वाले वर्षों पुराने जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। यह पहल बिहार की जनता को वर्षों से चली आ रही इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
दिल्ली से स्वतंत्र विचारक और समाज सेवक विजय प्रधान पिछले लगभग डेढ़ महीने से बिहार की मूल समस्याओं और उसके विकास के मुद्दों को समझने के लिए राज्य में रुके हुए हैं, और इस दौरान उन्होंने लगभग पूरे बिहार राज्य का दौरा किया है। रिपोर्टर संजय वर्मा की एक खास वीडियो में, विजय प्रधान को जहानाबाद कोर्ट के पास अपने गाँव के जिले में रेलवे फाटक के समीप खड़े देखा गया, जहाँ उन्होंने लोगों को भारी जाम से निजात दिलाने के लिए आवाज उठाई। उन्होंने देश की सरकार से जहानाबाद कोर्ट रेलवे फाटक पर अंडर बाईपास रोड या फ्लाईओवर बनवाने की पुरजोर माँग की, ताकि वहाँ से आने-जाने वाले लोगों और उनके वाहनों को घंटों जाम में न फँसना पड़े। इसके साथ ही, विजय प्रधान ने अपनी माँग का विस्तार करते हुए राज्य और केंद्र सरकार से पूरे बिहार के सभी रेलवे फाटकों पर, जिनमें जहानाबाद कोर्ट, राजगीर, नवादा, और गया जैसे स्थान शामिल हैं, अंडर बाईपास रोड या फ्लाईओवर का निर्माण कराने का आग्रह किया। विजय प्रधान का मानना है कि इन निर्माणों से बिहार की समस्त जनता को रेलवे फाटकों पर लगने वाले वर्षों पुराने जाम की समस्या से मुक्ति मिलेगी। यह पहल बिहार की जनता को वर्षों से चली आ रही इस गंभीर समस्या से निजात दिलाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।
- खबर के अनुसार, शिक्षक आनंद सर को जेल से रिहा कर दिया गया है। इस घटना को इस तरह से प्रस्तुत किया गया है कि एक शिक्षक को राजनीति का शिकार बनाया गया है, और इस पर सोचने के लिए प्रेरित किया गया है कि जब एक शिक्षक राजनीति का निशाना बनता है तो इसके क्या परिणाम होते हैं।1
- पकरीबरावां को अनुमंडल और नगर पंचायत का दर्जा दिए जाने की मांग को लेकर एक बड़ा आंदोलन तय किया गया है। 'जनचेतना समिति' ने इस मांग के समर्थन में हुंकार भरी है, जिससे इस क्षेत्र में एक प्रमुख विरोध प्रदर्शन होने की तैयारी है।1
- बिहारशरीफ के कांटा स्थित प्रगति आइकॉनिक क्लासेस में आयोजित एक विशेष साहित्यिक कार्यक्रम में अंतरराष्ट्रीय कवयित्री एवं लेखिका अंकिता सिन्हा का भव्य स्वागत किया गया। संस्थान की निदेशक प्रगति आनंद ने उन्हें गुलदस्ता एवं शॉल भेंट कर सम्मानित किया। इस अवसर पर अंकिता सिन्हा ने अपनी प्रेरणादायक और सामाजिक सरोकारों से जुड़ी कविताओं का पाठ किया, जिसे सुनकर उपस्थित छात्र-छात्राएं और शिक्षक भावविभोर हो उठे। कवयित्री ने विद्यार्थियों को साहित्य, शिक्षा और जीवन में सकारात्मक सोच के महत्व पर भी प्रेरक संदेश दिया। कार्यक्रम में विक्की सर, रेखा गुप्ता, खुशबू सिन्हा, सुलेखा कुमारी, रवि नंदन, बबलू गुप्ता, गौरव मिश्रा, संजय कुमार सिन्हा सहित बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं मौजूद रहे। यह आयोजन साहित्य और शिक्षा के सुंदर समन्वय का एक यादगार उदाहरण बना।1
- बिहार के राजगीर में चल रहे मेले में एक बेहद मनमोहक और शानदार दृश्य देखने को मिला है, जहाँ किसी 'पिया' की सुंदरता ने सभी का मन मोह लिया है। इस अद्भुत और झकास नजारे को देखकर लोगों में खुशी और उत्साह का माहौल है। खास बात यह है कि यह मेला मलमास के पवित्र महीने में लगा है, जिससे यह संयोग लोगों के बीच आश्चर्य और कौतूहल का विषय बना हुआ है।1
- बिहारशरीफ में 14 जून को 'रक्तदान करें, जीवन बचाएं' के संदेश के साथ एक स्वैच्छिक रक्तदान शिविर संपन्न हुआ।1
- सोशल मीडिया पर वायरल हो रहे एक मामले ने लोगों को दो गुटों में बाँट दिया है, जिससे जुड़े 'खान सर के दर्द' को लेकर गहरा सवाल खड़ा हो गया है: क्या इस पूरे मामले की सच्चाई कुछ और है? इस घटना के बाद, एक वर्ग इसे एक सोची-समझी साजिश बता रहा है, जबकि दूसरा इसे सहानुभूति बटोरने की राजनीति करार दे रहा है।1
- नालंदा के एक निवासी, जिन्हें 'नालंदा का लाल' के नाम से संबोधित किया जा रहा है, ने 'यमदूत' नामक एक फिल्म का निर्माण किया है। बताया गया है कि यह फिल्म जल्द ही रिलीज होने वाली है। इस प्रस्तुति को एक 'एक्शन हीरो' से जोड़कर देखा जा रहा है और दर्शकों से अपील की गई है कि वे देखें कि यह एक्शन हीरो क्या कहते हैं।1
- एक भक्त ने भगवान राम के प्रति अपनी गहरी श्रद्धा व्यक्त की है। उन्होंने बताया कि वे अपने दिन की शुरुआत प्रभु राम के नाम से ही करते हैं, और स्वयं को राम भक्त बताते हुए केवल प्रभु राम की ही बातें करते हैं।1
- नवादा जिले के सिरदला में एक जमीनी विवाद के कारण वृद्ध महिलाओं की पिटाई का मामला सामने आया है। इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें देखा जा सकता है कि विवाद के दौरान बुजुर्ग महिलाओं को भी नहीं बख्शा गया और उन्हें पीटा गया।1