दौसा के कालाखो स्थित हरितवाल फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार होने और सेल्समैन को कार से घसीटकर घायल करने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया है। यह वारदात 5 जुलाई की रात की है, जब बदमाशों ने पेट्रोल पंप पर 4 हजार रुपये का पेट्रोल भरवाया और बिना पैसे दिए भागने लगे। सेल्समैन रामस्वरूप मीणा ने जब कार को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी उन्हें करीब 50 से 60 फीट तक घसीटते हुए ले गए, जिससे वह घायल हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल (आरपीएस) और वृत्ताधिकारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा (आरपीएस) के सुपरविजन में थानाधिकारी युधिष्ठिर के नेतृत्व में सदर थाना, कोतवाली थाना, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सलेमपुरा निवासी छुट्टनलाल (22) और बोरदा निवासी पवन महावर (23) शामिल हैं। वहीं, अशोक मीणा और हिस्ट्रीशीटर दिलराज मीणा फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इससे पहले भी दौसा शहर, लालसोट और सैंथल क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर या नंबर प्लेट हटाकर इसी तरह पेट्रोल चोरी की वारदातें कर चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
दौसा के कालाखो स्थित हरितवाल फिलिंग स्टेशन पर पेट्रोल भरवाकर बिना भुगतान किए फरार होने और सेल्समैन को कार से घसीटकर घायल करने की सनसनीखेज वारदात का पुलिस ने खुलासा कर दिया है। सदर थाना पुलिस ने इस मामले में दो आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है, जबकि दो अन्य आरोपी अब भी फरार हैं। पुलिस ने वारदात में इस्तेमाल की गई सफेद रंग की स्विफ्ट कार को भी जब्त कर लिया है। यह वारदात 5 जुलाई की रात की है, जब बदमाशों ने पेट्रोल पंप पर 4 हजार रुपये का पेट्रोल भरवाया और बिना पैसे दिए भागने लगे। सेल्समैन रामस्वरूप मीणा ने जब कार को रोकने का प्रयास किया, तो आरोपी उन्हें करीब 50 से 60 फीट तक घसीटते हुए ले गए, जिससे वह घायल हो गए। मामले की गंभीरता को देखते हुए पुलिस अधीक्षक पीयूष दीक्षित (आईपीएस), अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक शंकर लाल (आरपीएस) और वृत्ताधिकारी धर्मेन्द्र कुमार शर्मा (आरपीएस) के सुपरविजन में थानाधिकारी युधिष्ठिर के नेतृत्व में सदर थाना, कोतवाली थाना, डीएसटी और साइबर सेल की संयुक्त टीम का गठन किया गया। इस टीम ने सीसीटीवी फुटेज, तकनीकी विश्लेषण और मैनुअल इंटेलिजेंस के आधार पर आरोपियों की पहचान की। पुलिस द्वारा गिरफ्तार किए गए आरोपियों में सलेमपुरा निवासी छुट्टनलाल (22) और बोरदा निवासी पवन महावर (23) शामिल हैं। वहीं, अशोक मीणा और हिस्ट्रीशीटर दिलराज मीणा फिलहाल फरार हैं, जिनकी तलाश में पुलिस टीमें लगातार दबिश दे रही हैं। पूछताछ में सामने आया है कि आरोपी इससे पहले भी दौसा शहर, लालसोट और सैंथल क्षेत्र के पेट्रोल पंपों पर फर्जी नंबर प्लेट लगाकर या नंबर प्लेट हटाकर इसी तरह पेट्रोल चोरी की वारदातें कर चुके हैं। गिरफ्तार आरोपियों के खिलाफ पूर्व में भी आपराधिक मामले दर्ज हैं।
- जयपुर के बस्सी में बांसखोह फाटक पर ट्रेनों के आवागमन के कारण करीब आधा घंटे से लेकर एक घंटे तक फाटक बंद रहता है। इतनी लंबी अवधि तक फाटक बंद रहने की वजह से वहाँ से गुजरने वाले लोगों और वाहन चालकों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ता है।1
- जयपुर के चौमूं में प्रशासन का एक मानवीय रूप सामने आया है, जहाँ SDM आशिष शर्मा ने एक दिव्यांग नागरिक की समस्या का तुरंत समाधान किया है। जनता की सेवा में उनकी यह तत्परता बेहद सराहनीय है। दिव्यांग की समस्या का इस प्रकार त्वरित समाधान करने के लिए SDM आशिष शर्मा की हर तरफ काफी प्रशंसा की जा रही है।1
- पुरी रथ यात्रा के दौरान बलभद्र देवजी की पहंडी का पावन दृश्य देखने को मिला है। इस भक्तिमय अवसर पर 'जय जगन्नाथ' के उद्घोष के साथ श्रद्धा व्यक्त की गई है।1
- दिल्ली के जंतर-मंतर पर अपनी मांगों को लेकर अनशन पर बैठे शिक्षा सुधारक और सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक की अनिश्चितकालीन भूख हड़ताल गुरुवार को 19वें दिन में प्रवेश कर गई है। इस बीच उनकी सेहत को लेकर चिंताएं काफी बढ़ गई हैं। ताजा मेडिकल बुलेटिन के अनुसार, उनका वजन 9 किलोग्राम से अधिक कम हो चुका है और डॉक्टरों ने आशंका जताई है कि लंबे समय तक अनशन जारी रहने से उनके शरीर के अंगों पर बुरा असर पड़ सकता है। इस गंभीर स्थिति को देखते हुए दिल्ली हाईकोर्ट ने भी अधिकारियों को कड़े निर्देश दिए हैं। अदालत ने कहा कि किसी भी नागरिक का जीवन बहुमूल्य है और उसकी सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता होनी चाहिए। हाईकोर्ट ने प्रशासन को सोनम वांगचुक की रोजाना स्वास्थ्य जांच कराने और जरूरत पड़ने पर तत्काल चिकित्सकीय हस्तक्षेप सुनिश्चित करने का आदेश दिया है। दूसरी ओर, सोनम वांगचुक ने 'न झुके, न रुके' के संकल्प के साथ फिलहाल अपना अनशन समाप्त करने से साफ इनकार कर दिया है। उनके समर्थन में देशभर से सामाजिक कार्यकर्ता, कलाकार, शिक्षाविद और कई अन्य सार्वजनिक हस्तियां सामने आ रही हैं। आंदोलनकारियों ने सरकार से जल्द से जल्द वार्ता शुरू करने और उनकी मांगों पर गंभीरता से विचार करने की जोरदार अपील की है।1
- राजस्थान की राजनीति में बयानबाज़ी एक बार फिर बढ़ गई है। कांग्रेस प्रदेशाध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने पूर्व मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे को लेकर उन्हें "दुखी आत्मा" बताया है। गोविंद सिंह डोटासरा के इस बयान के बाद प्रदेश के राजनीतिक हलकों में एक नई चर्चा शुरू हो गई है।1
- राजस्थान विधानसभा में कोचिंग संस्थानों और पेपर लीक के मुद्दे पर बोलते हुए वरिष्ठ भाजपा नेता राजेंद्र राठौड़ ने तीखा हमला बोला है। उन्होंने किसी विशिष्ट संस्थान का नाम लिए बिना उन कोचिंग सेंटरों पर सीधा निशाना साधा जो "100% सिलेक्शन", "गारंटीड बैच" और बैकडोर सफलता के दावे करते हैं। राजेंद्र राठौड़ का कहना है कि इस तरह के भ्रामक दावों ने ही भर्ती परीक्षाओं में गड़बड़ियों और पेपर लीक की संस्कृति को बढ़ावा देने का काम किया है। उन्होंने आरोप लगाया कि कोचिंग उद्योग के कुछ लोगों ने छात्रों और अभिभावकों की मजबूरी का फायदा उठाया है। टाटा इंस्टीट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज (TISS) के एक अध्ययन का हवाला देते हुए उन्होंने सदन में बताया कि देश में हर दिन औसतन 40 छात्र आत्महत्या कर रहे हैं, जो वर्तमान शिक्षा व्यवस्था और बढ़ते प्रतिस्पर्धी दबाव पर गंभीर सवाल खड़े करता है। हालांकि, अपने पूरे भाषण के दौरान राजेंद्र राठौड़ ने किसी भी विशेष कोचिंग संस्थान, व्यक्ति या संगठन का नाम नहीं लिया। उनका यह निशाना व्यापक रूप से उन संस्थानों और पूरी व्यवस्था पर था जो भ्रामक सफलता के दावों और कथित "गारंटीड सिलेक्शन" मॉडल के जरिए छात्रों को अपनी ओर आकर्षित करते हैं।1
- चक्का जाम का ऐलान होने के बावजूद कुछ ट्रांसपोर्ट व्यवसायियों द्वारा ड्राइवरों को माल लोड करने भेजने पर गंभीर सवाल खड़े किए गए हैं। जब रास्तों पर ड्राइवरों को रोककर उन्हें चुनरी और चूड़ियां पहनाकर बेइज्जत किया जाता है, तो सबसे बड़ा नुकसान और अपमान इन मेहनतकश ड्राइवरों का ही होता है। जबकि हकीकत यह है कि माल लोड करवाने और भेजने का यह फैसला ड्राइवरों का नहीं, बल्कि ट्रांसपोर्ट मालिकों का होता है। इस परिस्थिति में ड्राइवरों को बीच में फंसाकर उनका अपमान करने को किसी भी समस्या का समाधान नहीं माना जा सकता। विरोध जताने के लिए ड्राइवरों के बजाय सीधे जिम्मेदार लोगों से सवाल पूछने की जरूरत है। सभी पक्षों से अपील की गई है कि वे आपसी संवाद और समझदारी के साथ इस मसले का समाधान निकालें, ड्राइवरों का सम्मान हर हाल में बनाए रखें और किसी भी तरह के अनावश्यक विवाद से बचें।1
- जयपुर के चौमूं में एटीएम लूट की कोशिश की घटना सामने आई है। 'जस्ट जयपुर लाइव' के अनुसार, चौमूं में एटीएम को लूटने का प्रयास किया गया है।1