शहीद दिवस पर वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया नगर के सम्मानीय आदरणीय वरिष्ठ जन के द्वारा शहीद दिवस पर किरंदुल में उमड़ा देशभक्ति का ज्वार, वीर सपूतों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि रिपोर्ट/ रवि सरकार किरंदुलनगर में आज शहीद दिवस के पावन अवसर पर किरंदुल बस स्टैंड चौक देशभक्ति और सम्मान के भाव से सराबोर नजर आया, जब नगरवासियों ने एकत्र होकर भारत माता के अमर सपूतों — भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव — को श्रद्धांजलि अर्पित की, इस गरिमामयी कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की विशेष उपस्थिति रही,पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी जी,विनोद कश्यप जी, आशीष कुमार सिंह जी, किरंदुल थानाधीश सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर वीर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके बलिदान को नमन किया। वातावरण भारत माता की जय और “इंकलाब जिंदाबाद” जैसे नारों से गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में देशभक्ति की भावना और भी प्रबल हो गई, इतिहास का वह अमर दिन 23 मार्च 1931 भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है, जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका यह बलिदान केवल एक घटना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अनंत स्रोत है, इसी कारण हर वर्ष 23 मार्च को पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है, महान क्रांतिकारियों का संक्षिप्त परिचय, भगत सिंह – वे केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं,बल्कि एक गहरे विचारक और दूरदर्शी युवा थे, उन्होंने अन्याय, अत्याचार और गुलामी के खिलाफ आवाज उठाई और युवाओं को जागरूक किया उनका अमर नारा “इंकलाब जिंदाबाद” आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भर देता है, राजगुरु – शिवराम हरि राजगुरु अपने अद्भुत साहस और सटीक निशानेबाजी के लिए जाने जाते थे,उन्होंने ब्रिटिश अधिकारी सांडर्स के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया, सुखदेव – सुखदेव थापर एक संगठित,अनुशासित और समर्पित क्रांतिकारी थे। उन्होंने युवाओं को एकजुट कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और मजबूती प्रदान की उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, उनके जीवन से मिलने वाले अमूल्य संदेश इन अमर शहीदों का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक है, देश सर्वोपरि है – अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर राष्ट्रहित को रखना ही सच्ची देशभक्ति है, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं – अन्याय को सहना भी उतना ही गलत है जितना उसे करना, एकता और साहस – जब समाज एकजुट होकर खड़ा होता है, तब बड़ी से बड़ी ताकत भी झुक जाती है, युवाओं की शक्ति – राष्ट्र के भविष्य को संवारने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर होती है, * श्रद्धांजलि के भावपूर्ण शब्द* शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा, आज का दिन हमें केवल शहीदों को याद करने का अवसर ही नहीं देता, बल्कि उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की प्रेरणा भी देता है। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि सच्ची आज़ादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है, आइए, हम सभी मिलकर यह प्रण लें कि उनके सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान देंगे और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे, अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन
शहीद दिवस पर वीर सपूतों को श्रद्धांजलि अर्पित किया गया नगर के सम्मानीय आदरणीय वरिष्ठ जन के द्वारा शहीद दिवस पर किरंदुल में उमड़ा देशभक्ति का ज्वार, वीर सपूतों को दी गई भावभीनी श्रद्धांजलि रिपोर्ट/ रवि सरकार किरंदुलनगर में आज शहीद दिवस के पावन अवसर पर किरंदुल बस स्टैंड चौक देशभक्ति और सम्मान के भाव से सराबोर नजर आया, जब नगरवासियों ने एकत्र होकर भारत माता के अमर सपूतों — भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव — को श्रद्धांजलि अर्पित की, इस गरिमामयी कार्यक्रम में नगर के वरिष्ठ नागरिकों, जनप्रतिनिधियों और समाजसेवियों की विशेष उपस्थिति रही,पालिका उपाध्यक्ष बबलू सिद्दीकी जी,विनोद कश्यप जी, आशीष कुमार सिंह जी, किरंदुल थानाधीश सहित अनेक गणमान्य व्यक्तियों ने उपस्थित होकर वीर शहीदों के चित्र पर पुष्प अर्पित किए और उनके बलिदान को नमन किया। वातावरण भारत माता की जय और “इंकलाब जिंदाबाद” जैसे नारों से गूंज उठा, जिससे पूरे क्षेत्र में देशभक्ति की भावना और भी प्रबल हो गई, इतिहास का वह अमर दिन 23 मार्च 1931 भारतीय इतिहास का वह स्वर्णिम दिन है, जब भगत सिंह, राजगुरु और सुखदेव ने हंसते-हंसते फांसी के फंदे को चूमकर मातृभूमि के लिए अपने प्राण न्यौछावर कर दिए। उनका यह बलिदान केवल एक घटना नहीं, बल्कि आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का अनंत स्रोत है, इसी कारण हर वर्ष 23 मार्च को पूरे देश में शहीद दिवस के रूप में श्रद्धा और सम्मान के साथ मनाया जाता है, महान क्रांतिकारियों का संक्षिप्त परिचय, भगत सिंह – वे केवल एक क्रांतिकारी ही नहीं,बल्कि एक गहरे विचारक और दूरदर्शी युवा थे, उन्होंने अन्याय, अत्याचार और गुलामी के खिलाफ आवाज उठाई और युवाओं को जागरूक किया उनका अमर नारा “इंकलाब जिंदाबाद” आज भी हर भारतीय के दिल में जोश भर देता है, राजगुरु – शिवराम हरि राजगुरु अपने अद्भुत साहस और सटीक निशानेबाजी के लिए जाने जाते थे,उन्होंने ब्रिटिश अधिकारी सांडर्स के खिलाफ कार्रवाई में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई और देश की स्वतंत्रता के लिए अपना सर्वस्व अर्पित कर दिया, सुखदेव – सुखदेव थापर एक संगठित,अनुशासित और समर्पित क्रांतिकारी थे। उन्होंने युवाओं को एकजुट कर स्वतंत्रता आंदोलन को नई दिशा और मजबूती प्रदान की उनका योगदान भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अत्यंत महत्वपूर्ण रहा, उनके जीवन से मिलने वाले अमूल्य संदेश इन अमर शहीदों का जीवन केवल इतिहास का हिस्सा नहीं, बल्कि आज भी हमारे लिए मार्गदर्शक है, देश सर्वोपरि है – अपने व्यक्तिगत स्वार्थ से ऊपर राष्ट्रहित को रखना ही सच्ची देशभक्ति है, अन्याय के खिलाफ आवाज उठाएं – अन्याय को सहना भी उतना ही गलत है जितना उसे करना, एकता और साहस – जब समाज एकजुट होकर खड़ा होता है, तब बड़ी से बड़ी ताकत भी झुक जाती है, युवाओं की शक्ति – राष्ट्र के भविष्य को संवारने की सबसे बड़ी जिम्मेदारी युवाओं के कंधों पर होती है, * श्रद्धांजलि के भावपूर्ण शब्द* शहीदों की चिताओं पर लगेंगे हर बरस मेले, वतन पर मरने वालों का यही बाकी निशां होगा, आज का दिन हमें केवल शहीदों को याद करने का अवसर ही नहीं देता, बल्कि उनके दिखाए मार्ग पर चलने का संकल्प लेने की प्रेरणा भी देता है। उनका बलिदान हमें यह सिखाता है कि सच्ची आज़ादी केवल अधिकार नहीं, बल्कि जिम्मेदारी भी है, आइए, हम सभी मिलकर यह प्रण लें कि उनके सपनों का भारत बनाने में अपना योगदान देंगे और उनके आदर्शों को अपने जीवन में उतारेंगे, अमर शहीदों को कोटि-कोटि नमन
- गृह मंत्री अमित शाह नक्सलवाद को लेकर सदन में कहा पूरे रिपोर्ट देखी भाजपा के सरकार में ही नक्सलवाद बड़ी और भाजपा कोई खत्म करना पड़ रहा हैं #भाजपा #अमित शाह #गृह मंत्री1
- तेज रफ्तार ट्रक सड़क दुर्घटना का आया LIVE वीडियो, कानून व्यवस्था को लेकर आक्रोश2
- उत्कल दिवस पर उत्कल उड़िया समाज के द्वारा रैली निकाली गई जहां पर भगवान जगन्नाथ जी को याद किया गया, यह शोभायात्रा यात्रा उत्कल समाज होते हुए मैं रोड, दंतेश्वरी मंदिर होते हुए पंच पथ चौंक, होते हुए भवन पहुंचा।4
- सरेंडर नक्सलियों के निशानदेही पर भारी मात्रा में डंप हथियार जप्त। बस्तर आईजी सुंदरराज पी ने बस्तर को नक्सल मुक्त होने की औपचारिक घोषणा की।1
- कोंडागांव में महावीर जयंती पर दिया जियो और जीने दो का संदेश एंकर :- कोंडागांव जिला मुख्यालय में मनाया गया महावीर जयंतीपर्व, नगर के ओस्तवाल भवन से निकली रथयात्रा निकाली गई, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर है भगवान महावीर जी, सत्य-अहिंसा का दिया संदेश, जियो और जीने दो के मार्ग पर चलने की अपील। *वीओ* :- कोंडागांव में जैन समाज ने महावीर जयंती मनाई, जैन धर्म के 24वें तीर्थंकर भगवान महावीर के जन्मदिन पर सत्य,अहिंसा और सौहाद्र का संदेश देते निकाली रथ यात्रा और प्रभात फेरी, महावीर के सिद्धांत जियो और जीने दो का संदेश देते नगर के प्रमुख मार्गों से निकली रथ यात्रा इस दौरान समाज के लोग भारी संख्या में मौजूद रहे। बाईट :- हरीश गोलछा, अध्यक्ष - जैन समाज कोंडागांव3
- नारायणपुर पुलिस अधीक्षक रॉबिनसन गुड़िया ने मीडिया से बात करते हुए नक्सल उन्मूलन की समाप्ति पर अपने अनुभव साझा किये और उन्होंने अबूझमाड़ से सशस्त्र नक्सलवाद के समाप्ति का ऐलान किया है।1
- Post by Ashish parihar Parihar1
- 93 घातक हत्यारों के साथ माओवादियों ने आत्मसमर्पण किया बस्तर में नक्सलियों पर जवानों का परार #माओवादियों #नक्सलियों #बस्तर #छत्तीसगढ़1