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बिहार राज्य के एक छोटे से गाँव में सड़कों और नालों की खराब स्थिति के कारण लगातार दुर्घटनाएँ हो रही हैं, जिससे आम लोग परेशान हैं और अक्सर इनका शिकार बनते हैं। इन खराब सड़कों और नालों पर अक्सर लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, यह सीधा सुझाव दिया गया है कि गाँव के मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्य एकजुट हों। उन्हें सांसद और विधायक से आवश्यक फंड प्राप्त कर इन सड़कों का निर्माण कराने का प्रयास करना चाहिए। पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि बिहार में सड़क दुर्घटनाएँ कब तक ऐसे ही चलती रहेंगी और क्या यह स्थिति उचित है, जबकि आम जनता लगातार परेशान है।
Jan karti Bharat News
बिहार राज्य के एक छोटे से गाँव में सड़कों और नालों की खराब स्थिति के कारण लगातार दुर्घटनाएँ हो रही हैं, जिससे आम लोग परेशान हैं और अक्सर इनका शिकार बनते हैं। इन खराब सड़कों और नालों पर अक्सर लोग गिरकर चोटिल हो जाते हैं, जिससे ग्रामीणों में भारी आक्रोश है। इस गंभीर समस्या के समाधान के लिए, यह सीधा सुझाव दिया गया है कि गाँव के मुखिया, सरपंच और वार्ड सदस्य एकजुट हों। उन्हें सांसद और विधायक से आवश्यक फंड प्राप्त कर इन सड़कों का निर्माण कराने का प्रयास करना चाहिए। पोस्ट में यह सवाल उठाया गया है कि बिहार में सड़क दुर्घटनाएँ कब तक ऐसे ही चलती रहेंगी और क्या यह स्थिति उचित है, जबकि आम जनता लगातार परेशान है।
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- जन क्रांति भारत न्यूज़ ने रॉयल राजा वाइंस नाम के एक क्रिएटर को समर्थन देने की अपील की है, जो फनी वीडियो बनाने में बहुत अच्छे हैं। न्यूज़ प्लेटफॉर्म ने सभी दर्शकों से अनुरोध किया है कि वे रॉयल राजा वाइंस को सपोर्ट करें, क्योंकि उनका समर्थन जारी है। पोस्ट में बताया गया है कि रॉयल राजा वाइंस कई बड़े क्रिएटर्स से मिल चुके हैं और उन्होंने अपना काम शुरू कर दिया है। यह अनुरोध किया गया है कि ऐसे व्यक्ति को समर्थन दिया जाए जो दर्शकों के लिए इतनी अच्छी-अच्छी वीडियो बना रहा है। उम्मीद जताई गई है कि वे कुछ अच्छा करेंगे और समाज में बदलाव लाएंगे, यह कहते हुए कि 'सामान बदलेगा युग बदलेगा'। रॉयल राजा वाइंस की ओर से सभी को नमस्कार भी कहा गया है, साथ ही यह भी कि आज का दिन बहुत अच्छा जाने वाला है।1
- सुपौल जिले के पिपरा बाजार यामाहा गांव में बिजली की लगातार कटौती से ग्रामीण काफी परेशान हैं। स्थानीय निवासियों का कहना है कि गांव में अक्सर बिजली कटी रहती है और इस संबंध में कई बार शिकायतें दर्ज कराई जा चुकी हैं, लेकिन इन शिकायतों पर कोई प्रतिक्रिया या कार्रवाई नहीं हो रही है। ग्रामीणों ने प्रशासन से जल्द से जल्द इस समस्या पर ध्यान देने और गांव में बिजली आपूर्ति बहाल करने की मांग की है।1
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- बिहार के मधेपुरा में शिक्षकों का आक्रोश अब सड़कों पर दिखाई दे रहा है। बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर जिला मुख्यालय स्थित कला भवन परिसर में एक जोरदार धरना-प्रदर्शन किया। शिक्षकों की प्रमुख मांगों में प्रोन्नति, ऐच्छिक स्थानांतरण और पिछले चार महीनों से रुका हुआ वेतन भुगतान शामिल है। उन्होंने सरकार और शिक्षा विभाग पर वादाखिलाफी का गंभीर आरोप लगाते हुए चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगें पूरी नहीं हुईं तो वे मानसून सत्र के दौरान विधानसभा का घेराव करेंगे। इस प्रदर्शन में जिले के विभिन्न प्रखंडों से बड़ी संख्या में शिक्षकों ने भीषण गर्मी के बावजूद भाग लिया और सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शन का नेतृत्व बिहार राज्य प्रारंभिक शिक्षक संघ के जिला अध्यक्ष भुवन कुमार ने किया। संघ के प्रदेश अध्यक्ष प्रदीप कुमार पप्पू ने धरने को संबोधित करते हुए कहा कि बच्चों को शिक्षित करने वाले शिक्षक ही आज सबसे अधिक उपेक्षा का शिकार हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि नियोजित शिक्षकों को वर्षों से प्रोन्नति और ऐच्छिक स्थानांतरण के अधिकार से वंचित रखा गया है, जबकि नियमावली में इसके लिए स्पष्ट प्रावधान मौजूद हैं। पप्पू ने यह भी कहा कि चार महीने तक वेतन न मिलना शिक्षकों के साथ घोर अन्याय है और यह सरकार के दावों की पोल खोलता है। शिक्षक नेताओं ने अपनी मांगों में नियोजित, विशिष्ट शिक्षक, विद्यालय अध्यापक, प्रधान शिक्षक और प्रधानाध्यापक को पूर्ण वेतनमान और पुरानी पेंशन योजना का लाभ देने की बात कही। इसके साथ ही, हर महीने की पहली तारीख को वेतन भुगतान सुनिश्चित करने, लंबित एरियर भुगतान, ईपीएफ लाभ, कैशलेस चिकित्सा सुविधा, अनुकंपा नियुक्ति और सेवानिवृत्ति आयु को 65 वर्ष करने की मांगें भी उठाई गईं। संघ का कहना है कि विभागीय उदासीनता के कारण शिक्षक आर्थिक, मानसिक और शारीरिक परेशानियों का सामना कर रहे हैं। प्रदर्शन के दौरान, नेताओं ने शिक्षा विभाग में भ्रष्टाचार का आरोप भी लगाया और सभी शिक्षक संगठनों से एकजुट होकर आंदोलन को मजबूत करने की अपील की। संघ ने स्पष्ट कर दिया है कि यदि सरकार ने उनकी मांगों पर जल्द सकारात्मक निर्णय नहीं लिया तो आंदोलन और तेज किया जाएगा। शिक्षक अब अपने अधिकारों के लिए निर्णायक लड़ाई लड़ने को तैयार हैं। फिलहाल, शिक्षकों की इस चेतावनी के बाद सरकार और शिक्षा विभाग का क्या रुख रहता है, इस पर सबकी निगाहें टिकी हैं।4
- ढेरों पट्टी ईदगाह मैदान में मुहर्रम मेले की तैयारियां जोरों पर हैं, जिसमें विभिन्न आकर्षणों के साथ-साथ राम झूले भी देखने को मिलेंगे। यदि आप इस मेले में शामिल होने आ रहे हैं, तो ढेरों पट्टी रेलवे हॉल्ट को सर्च करने पर ईदगाह मैदान की सही लोकेशन आसानी से मिल जाएगी। यह जानकारी विशेष रूप से भैरवपट्टी ईदगाह मैदान में आयोजित होने वाले मुहर्रम मेले के संबंध में दी गई है। साथ ही, लोगों से 'रहमत् बरकत' नामक पेज को लाइक करने का भी आग्रह किया गया है।1
- रौशन आनंद सर के भाई प्रिंस यादव की मौत हो गई है। इस घटना के संबंध में एक लड़की ने 'पोल खोल दिया' है।1
- जन अधिकार पार्टी के प्रमुख पप्पू यादव ने एक बड़ा बयान जारी करते हुए कहा है कि वह यह नहीं मानते कि कोई शिक्षक किसी की हत्या करवा सकता है। उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि शिक्षक ही समाज का निर्माण करते हैं, और ऐसे में उन्हें किसी भी तरह से अपराध से जोड़ना एक गंभीर विषय है।1
- बिहार में अपराधियों का आतंक एक बार फिर देखने को मिला है, जिसने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के उस बयान की पोल खोल दी है, जिसमें उन्होंने कहा था कि अपराधियों की भलाई इसी में है कि वे बिहार छोड़ दें। शाहपुर विधानसभा के बेलौटी गांव में शाहपुर थाने के एसएचओ (SHO) को पिस्तौल दिखाकर बंधक बनाने की कोशिश की गई, जिससे कानून-व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं। इस घटना ने स्पष्ट कर दिया है कि शायद मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को बिहार पुलिस की वास्तविक हैसियत का अंदाजा नहीं है। यह वारदात बिहार में अपराधियों के बढ़ते आतंक और सरकार द्वारा किए जा रहे दावों के बीच के अंतर को उजागर करती है।1