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मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में आरटीआई आवेदकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ तैनात अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हो रही आरटीआई याचिकाओं का जवाब देने में भारी लापरवाही बरत रहे हैं। एक ओर जहाँ शासन का आरटीआई पोर्टल ऑनलाइन आवेदन करने पर फीस वसूल रहा है और साथ ही जानकारी उपलब्ध कराने की गारंटी का दावा भी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहडोल के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया को दरकिनार कर रहे हैं। आवेदकों द्वारा भुगतान के बावजूद आरटीआई के जवाब न मिलने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
Shahdol news
मध्य प्रदेश के शहडोल जिले में आरटीआई आवेदकों को गंभीर समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है। यहाँ तैनात अधिकारी ऑनलाइन माध्यम से प्राप्त हो रही आरटीआई याचिकाओं का जवाब देने में भारी लापरवाही बरत रहे हैं। एक ओर जहाँ शासन का आरटीआई पोर्टल ऑनलाइन आवेदन करने पर फीस वसूल रहा है और साथ ही जानकारी उपलब्ध कराने की गारंटी का दावा भी कर रहा है, वहीं दूसरी ओर शहडोल के अधिकारी इस पूरी प्रक्रिया को दरकिनार कर रहे हैं। आवेदकों द्वारा भुगतान के बावजूद आरटीआई के जवाब न मिलने से व्यवस्था पर सवाल उठ रहे हैं।
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- मध्य प्रदेश के उमरिया जिले के बैगा बहुल ग्राम पंचायत देवरा से ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था और बुनियादी सुविधाओं के दावों की पोल खोलने वाली एक तस्वीर सामने आई है। यहाँ प्रसव पीड़ा से तड़प रही एक गर्भवती महिला को परिजनों और ग्रामीणों ने कपड़े के सहारे कांधों पर उठाकर काफी दूरी तय कर नेशनल हाईवे तक पहुंचाया। बारिश के कारण गांव तक जाने वाला रास्ता पूरी तरह कीचड़ में तब्दील हो गया था, जिससे 108 एम्बुलेंस गांव के भीतर नहीं पहुंच सकी और हाईवे पर ही खड़ी इंतजार कर रही थी। इसके बाद महिला को एम्बुलेंस के जरिए अस्पताल पहुंचाया गया, जहां उसने सुरक्षित बच्चे को जन्म दिया। इस पूरी घटना का वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। प्रसूता के पति सुनील रौतेल ने बताया कि प्रसव पीड़ा शुरू होने पर उन्होंने तुरंत 108 एम्बुलेंस को सूचना दी थी, लेकिन खराब सड़क और कीचड़ के कारण वाहन गांव तक नहीं आ सका, जिसके चलते मजबूरी में उन्हें ग्रामीणों की मदद से पत्नी को कांधों पर उठाना पड़ा। आशा कार्यकर्ता लक्ष्मी सिंह ने भी माना कि बारिश के मौसम में गांव तक पहुंचना बेहद कठिन हो जाता है और खराब सड़क के कारण कई बार मरीजों को समय पर अस्पताल पहुंचाने में परेशानी होती है। उमरिया जिले की सीमा पर स्थित देवरा गाँव एक बैगा बहुल गाँव है, जिसे सेना में शहीद हुए स्वागत भूप सिंह के नाम से भी जाना जाता है। ग्रामीणों का कहना है कि यहाँ वर्षों से सड़क की समस्या बनी हुई है और बारिश के दिनों में गांव का संपर्क लगभग टूट जाता है, जिससे मरीजों, गर्भवती महिलाओं और स्कूली बच्चों को भारी परेशानी उठानी पड़ती है। ग्रामीणों के अनुसार, प्रधानमंत्री जनमन योजना के तहत करोड़ों रुपये की लागत से सड़क निर्माण स्वीकृत किया गया था, लेकिन निर्माण कार्य की धीमी रफ्तार और कथित लापरवाही के कारण लोगों को अब भी कीचड़ भरे रास्तों से गुजरना पड़ रहा है। यह घटना सरकारी दावों और जमीनी हकीकत के अंतर को साफ उजागर करती है और इस वायरल वीडियो के बाद अब लोगों की निगाहें प्रशासन की कार्रवाई पर टिकी हैं।4
- उमरिया जिले में बच्चों की सुरक्षा को सुनिश्चित करने के उद्देश्य से यातायात विभाग द्वारा विशेष स्कूल बस चेकिंग अभियान चलाया जा रहा है। पुलिस मुख्यालय भोपाल के निर्देश पर शुरू किए गए इस 7 दिवसीय अभियान के अंतर्गत जिले में अब तक 10 स्कूल बसों की गहन जांच की गई है। इस कार्रवाई के दौरान सुरक्षा मानकों में कमी पाए जाने पर 4 स्कूल बसों के विरुद्ध चालानी कार्रवाई की गई है। यातायात प्रभारी ज्योति शुक्ला ने स्पष्ट किया है कि यह अभियान 15 जुलाई तक निरंतर जारी रहेगा। उन्होंने स्कूल बसों के संचालन के लिए फिटनेस प्रमाणपत्र, वैध दस्तावेजों, फर्स्ट एड बॉक्स, अग्निशमन यंत्र और आपातकालीन निकास जैसे सुरक्षा मानकों का पालन करना अनिवार्य बताया है। साथ ही, उन्होंने स्कूल संचालकों और वाहन चालकों से विद्यार्थियों की सुरक्षा को सर्वोच्च प्राथमिकता देने और सभी निर्धारित नियमों का सख्ती से पालन करने की अपील की है।4
- अनूपपुर जिला मुख्यालय से 7 किलोमीटर दूर ग्राम पंचायत बरबसपुर के भोलगढ़ जंगल में तीन हाथियों का समूह पिछले आठ दिनों से डेरा डाले हुए है। शनिवार (11/07/2026) को शाम 7:30 बजे ये हाथी मुख्य मार्ग के पास विचरण करते देखे गए। इससे पहले दोपहर में, समूह के एक बड़े नर हाथी ने जंगल के तालाब में पानी पिया और फिर वापस अपने दल में शामिल हो गया। वर्तमान में यह हाथियों का समूह शहडोल-कोतमा-मनेंद्रगढ़ मुख्य मार्ग पर भोलगढ़ गांव के बस स्टैंड और वाटर शेड तालाब के बीच सड़क किनारे जंगल में घूम रहा है। आज रात इन हाथियों के भोलगढ़ और बरबसपुर के विभिन्न टोले-मोहल्लों में पहुंचने की आशंका बनी हुई है। हाथियों के मुख्य मार्ग के बिल्कुल करीब आने पर वन विभाग के गश्ती दल, कोतवाली पुलिस और अनूपपुर यातायात पुलिस ने सुरक्षा के लिहाज से कुछ देर के लिए वाहनों का आवागमन रोक दिया था। हाथियों के सड़क किनारे से दोबारा जंगल की ओर लौट जाने के बाद यातायात को फिर से सुचारू रूप से चालू कर दिया गया। फिलहाल पुलिस और वन विभाग की टीम हाथियों की हर गतिविधि पर लगातार नजर बनाए हुए है।1
- उमरिया में 10 जुलाई 2026 को मध्य प्रदेश श्रमजीवी सफाई कर्मचारी संघ, संबंध भारतीय मजदूर संघ की एक महत्वपूर्ण जिला स्तरीय बैठक आयोजित की गई। जिला अध्यक्ष श्री जग्गू चौहथा के नेतृत्व में हुई इस बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष श्री विजय महतेल, प्रदेश संगठन मंत्री श्री शारदा खुदीशा, मंडल अध्यक्ष श्री उमेश महतेल (बिरसिंहपुर पाली), जिला संगठन मंत्री श्री जितेंद्र कुमार और मंडल अध्यक्ष श्री प्रेमलाल लालपुरी समेत नगर पालिका उमरिया, बिरसिंहपुर पाली, नरोजाबाद, चंदिया एवं नगर परिषद मानपुर के बड़ी संख्या में कर्मचारी और पदाधिकारी शामिल हुए। बैठक के दौरान पांचों नगर निकायों के सफाई कर्मचारियों की समस्याओं पर विस्तृत चर्चा की गई। उपस्थित कर्मचारियों ने आरोप लगाया कि शासन द्वारा निर्धारित सुविधाओं और योजनाओं का लाभ आज भी अधिकांश सफाई कर्मचारियों तक नहीं पहुंच रहा है। कर्मचारियों ने कहा कि बार-बार ज्ञापन देने के बावजूद समस्याओं का समाधान नहीं किया गया है। इसके अलावा, कोरोना काल में अपनी जान जोखिम में डालकर जनता की सेवा करने के बावजूद उन्हें अधिकारों और सुविधाओं से वंचित रखने पर नाराजगी जताई गई और संबंधित अधिकारियों पर लापरवाही एवं अनियमितताओं के आरोप लगाए गए। संगठन को मजबूत करने के लिए बैठक में नए पदाधिकारियों की नियुक्तियां भी की गईं। सर्वसम्मति से यह निर्णय लिया गया कि अब सभी सफाई कर्मचारी एक विशाल रैली निकालकर उमरिया के कलेक्टर को अपनी मांगों का ज्ञापन सौंपेंगे। रैली की तिथि और समय की घोषणा जल्द ही की जाएगी।4
- शहडोल जिले के सोहागपुर में सरपंच संघ ने जिला पंचायत सीईओ पर अभद्रता करने का गंभीर आरोप लगाया है। इस व्यवहार से नाराज सरपंच संघ ने अब सख्त रुख अपनाते हुए आंदोलन की चेतावनी दी है। संघ का कहना है कि यदि उनकी मांगों पर गौर नहीं किया गया और स्थिति में सुधार नहीं हुआ, तो वे अपनी नाराजगी जाहिर करने के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर होंगे।1
- शहडोल के कृष्णा कॉलोनी वार्ड नंबर 28 में धनपुरी निवासी मथुरा अग्रवाल और मयंक अग्रवाल के एक निर्माणाधीन भवन में ढलाई के दौरान डबल सेंटरिंग का सपोर्ट अचानक खिसक जाने से बड़ा हादसा हो गया। इस हादसे में उत्तर प्रदेश के तीन मजदूर घायल हो गए। घटना की सूचना मिलते ही स्थानीय लोग और पुलिस तुरंत मौके पर पहुंचे तथा घायलों को उपचार के लिए अस्पताल भेजा गया। फिलहाल पुलिस और प्रशासन द्वारा इस हादसे के कारणों की जानकारी जुटाई जा रही है।1