कदौरा ब्लॉक में फर्जी हाजिरी और एमबी का महाखेल? 55 लाख के कार्यों पर उठे सवाल कदौरा विकासखंड में VB-G RAM G योजना के तहत ऑनलाइन हाजिरी, मस्टर रोल और मौके पर कराए गए कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मीडिया सर्वे के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर आरोप है कि कुछ कार्यस्थलों पर पोर्टल पर दर्ज श्रमिकों की संख्या और मौके की वास्तविक स्थिति में अंतर हो सकता है। यदि ऐसा है तो यह योजना की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार ने मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है, तो आखिर पोर्टल पर कितने श्रमिक दर्ज किए गए और मौके पर वास्तव में कितने मजदूर मौजूद थे, इसका सत्यापन कौन कर रहा है? बरसात में हजारों मजदूरों की हाजिरी का दावा? मामला यहीं नहीं रुकता। आरोप है कि बरसात के मौसम में हजारों मजदूरों की साइड पर मौजूदगी दर्शाकर कार्य कराए जाने का रिकॉर्ड तैयार किया गया और करीब 55 लाख रुपये के कार्यों की एमबी (मेजरमेंट बुक) किए जाने की बात सामने आ रही है। यहां सवाल इसलिए भी गंभीर है कि बरसात के दौरान जब ग्रामीण अपने निजी कामों और खेतों में भी मौसम के कारण परेशान रहते हैं, तब संबंधित कार्यस्थलों पर इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति और काम की वास्तविकता का सत्यापन किस आधार पर हुआ? क्या मौके पर मजदूर मौजूद थे? क्या वास्तव में उतना कार्य हुआ जितना रिकॉर्ड में दर्ज है? क्या ऑनलाइन हाजिरी और मस्टर रोल का मौके पर भौतिक सत्यापन हुआ? और यदि एमबी दर्ज की गई तो उसका आधार क्या था? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच से ही सामने आ सकता है। ग्रामीणों ने लगाए कमीशन के आरोप मीडिया सर्वे के दौरान कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर कथित तौर पर कमीशन के खेल की बात कही। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी धन वास्तविक मजदूरों और वास्तविक कार्यों पर खर्च हुआ या रिकॉर्ड तक सीमित रहा। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को रोजगार और आर्थिक सहारा देना है। ऐसे में यदि कहीं फर्जी हाजिरी अथवा कागजों पर कार्य दिखाकर भुगतान किए जाने की पुष्टि होती है, तो यह न केवल सरकारी धन के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल होगा बल्कि वास्तविक मजदूरों के अधिकारों के साथ भी अन्याय होगा। जेई की एमबी पर भी उठे सवाल करीब 55 लाख रुपये के कार्यों की एमबी किस आधार पर की गई, यह भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है। संबंधित कार्यों की माप, मौके की स्थिति, मस्टर रोल, ऑनलाइन हाजिरी, भुगतान विवरण और कार्यस्थल की वास्तविक तस्वीरों का मिलान कराया जाए तो स्थिति साफ हो सकती है। जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी रिकॉर्ड पर भरोसा न करें, बल्कि मौके पर पहुंचकर श्रमिकों की मौजूदगी, कार्य की मात्रा और गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन कराएं। कागजों में मजदूर हजार, जमीन पर दिखे कितने? सरकारी धन के रखवालों से अब सवाल पूछे जितने। अगली खबर में सामने आएंगे गांवों के नाम मीडिया सर्वे में जुटाई गई जानकारी के आधार पर आगे कदौरा ब्लॉक के उन गांवों और कार्यों का भी ब्योरा सामने लाया जाएगा, जहां कथित तौर पर बड़ी संख्या में श्रमिकों की हाजिरी दर्शाए जाने और कार्यों की एमबी किए जाने की बात सामने आई है। ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड, मस्टर रोल और मौके की स्थिति का मिलान ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर सामने ला सकता है। फिलहाल सवाल सीधा है— कदौरा ब्लॉक में कथित फर्जी हाजिरी और एमबी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कब होगी? कौन करेगा मौके का सत्यापन? और यदि अनियमितता सही पाई गई तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? सोनू महाराज की कलम से— सच की स्याही सूखने न देंगे, कागजों के पीछे छिपे सवालों को दबने न देंगे। #कदौरा_ब्लॉक #जालौन #फर्जी_हाजिरी #एमबी_का_खेल #VBGRAMG #मस्टर_रोल #ऑनलाइन_हाजिरी #55लाख_के_काम #सरकारी_धन #विकास_कार्य #कमीशन_के_आरोप #भौतिक_सत्यापन #जेई #खंड_विकास_अधिकारी #BDO #ग्राम_विकास #मनरेगा #जांच_की_मांग #जालौन_प्रशासन #DM_जालौन #जिला_पंचायत_राज
कदौरा ब्लॉक में फर्जी हाजिरी और एमबी का महाखेल? 55 लाख के कार्यों पर उठे सवाल कदौरा विकासखंड में VB-G RAM G योजना के तहत ऑनलाइन हाजिरी, मस्टर रोल और मौके पर कराए गए कार्यों को लेकर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। मीडिया सर्वे के दौरान सामने आई जानकारी के आधार पर आरोप है कि कुछ कार्यस्थलों पर पोर्टल पर दर्ज श्रमिकों की संख्या और मौके की वास्तविक स्थिति में अंतर हो सकता है। यदि ऐसा है तो यह योजना की पारदर्शिता और निगरानी व्यवस्था पर बड़ा सवाल है। सबसे बड़ा सवाल यह है कि जब सरकार ने मजदूरों की उपस्थिति दर्ज करने के लिए ऑनलाइन व्यवस्था लागू की है, तो आखिर पोर्टल पर कितने श्रमिक दर्ज किए गए और मौके पर वास्तव में कितने मजदूर मौजूद थे, इसका सत्यापन कौन कर रहा है? बरसात में हजारों मजदूरों की हाजिरी का दावा? मामला यहीं नहीं रुकता। आरोप है कि बरसात के मौसम में हजारों मजदूरों की साइड पर मौजूदगी दर्शाकर कार्य कराए जाने का रिकॉर्ड तैयार किया गया और करीब 55 लाख रुपये के कार्यों की एमबी (मेजरमेंट बुक) किए जाने की बात सामने आ रही है। यहां सवाल इसलिए भी गंभीर है कि बरसात के दौरान जब ग्रामीण अपने निजी कामों और खेतों में भी मौसम के कारण परेशान रहते हैं, तब संबंधित कार्यस्थलों पर इतनी बड़ी संख्या में मजदूरों की उपस्थिति और काम की वास्तविकता का सत्यापन किस आधार पर हुआ? क्या मौके पर मजदूर मौजूद थे? क्या वास्तव में उतना कार्य हुआ जितना रिकॉर्ड में दर्ज है? क्या ऑनलाइन हाजिरी और मस्टर रोल का मौके पर भौतिक सत्यापन हुआ? और यदि एमबी दर्ज की गई तो उसका आधार क्या था? इन सवालों का जवाब संबंधित अधिकारियों की जांच से ही सामने आ सकता है। ग्रामीणों ने लगाए कमीशन के आरोप मीडिया सर्वे के दौरान कुछ ग्रामीणों ने नाम न छापने की शर्त पर कथित तौर पर कमीशन के खेल की बात कही। हालांकि इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना अभी बाकी है। यदि शिकायतों में तथ्य हैं तो पूरे मामले की निष्पक्ष जांच जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि सरकारी धन वास्तविक मजदूरों और वास्तविक कार्यों पर खर्च हुआ या रिकॉर्ड तक सीमित रहा। सरकार की योजनाओं का उद्देश्य ग्रामीण गरीबों को रोजगार और आर्थिक सहारा देना है। ऐसे में यदि कहीं फर्जी हाजिरी अथवा कागजों पर कार्य दिखाकर भुगतान किए जाने की पुष्टि होती है, तो यह न केवल सरकारी धन के इस्तेमाल पर गंभीर सवाल होगा बल्कि वास्तविक मजदूरों के अधिकारों के साथ भी अन्याय होगा। जेई की एमबी पर भी उठे सवाल करीब 55 लाख रुपये के कार्यों की एमबी किस आधार पर की गई, यह भी जांच का महत्वपूर्ण बिंदु है। संबंधित कार्यों की माप, मौके की स्थिति, मस्टर रोल, ऑनलाइन हाजिरी, भुगतान विवरण और कार्यस्थल की वास्तविक तस्वीरों का मिलान कराया जाए तो स्थिति साफ हो सकती है। जरूरत है कि जिम्मेदार अधिकारी केवल कागजी रिकॉर्ड पर भरोसा न करें, बल्कि मौके पर पहुंचकर श्रमिकों की मौजूदगी, कार्य की मात्रा और गुणवत्ता का भौतिक सत्यापन कराएं। कागजों में मजदूर हजार, जमीन पर दिखे कितने? सरकारी धन के रखवालों से अब सवाल पूछे जितने। अगली खबर में सामने आएंगे गांवों के नाम मीडिया सर्वे में जुटाई गई जानकारी के आधार पर आगे कदौरा ब्लॉक के उन गांवों और कार्यों का भी ब्योरा सामने लाया जाएगा, जहां कथित तौर पर बड़ी संख्या में श्रमिकों की हाजिरी दर्शाए जाने और कार्यों की एमबी किए जाने की बात सामने आई है। ऑनलाइन पोर्टल पर उपलब्ध रिकॉर्ड, मस्टर रोल और मौके की स्थिति का मिलान ही इस पूरे मामले की असली तस्वीर सामने ला सकता है। फिलहाल सवाल सीधा है— कदौरा ब्लॉक में कथित फर्जी हाजिरी और एमबी के आरोपों की निष्पक्ष जांच कब होगी? कौन करेगा मौके का सत्यापन? और यदि अनियमितता सही पाई गई तो जिम्मेदारी किसकी तय होगी? सोनू महाराज की कलम से— सच की स्याही सूखने न देंगे, कागजों के पीछे छिपे सवालों को दबने न देंगे। #कदौरा_ब्लॉक #जालौन #फर्जी_हाजिरी #एमबी_का_खेल #VBGRAMG #मस्टर_रोल #ऑनलाइन_हाजिरी #55लाख_के_काम #सरकारी_धन #विकास_कार्य #कमीशन_के_आरोप #भौतिक_सत्यापन #जेई #खंड_विकास_अधिकारी #BDO #ग्राम_विकास #मनरेगा #जांच_की_मांग #जालौन_प्रशासन #DM_जालौन #जिला_पंचायत_राज
- जालौन तालाब का पानी घरों में घुसा तो दौड़े अफसर, मौके पर पहुंचे l #जालौन तालाब का पानी घरों में घुसा तो दौड़े अफसर, मौके पर पहुंचे एसडीएम | जालौन की ग्राम पंचायत सालाबाद में लगातार बारिश के चलते तालाब का जलस्तर बढ़ गया और जलनिकासी का रास्ता बंद होने से ग्रामीणों के घरों में पानी घुस गया। शिकायत मिलते ही एसडीएम जालौन तहसीलदार, चौकी प्रभारी और अन्य अधिकारियों के साथ मौके पर पहुंचे। अधिकारियों ने जलभराव की स्थिति का जायजा लिया और ग्रामीणों से समस्या की जानकारी ली। इसके बाद जेसीबी बुलाकर खुदाई कराई गई और जलनिकासी का रास्ता खुलवाया गया। रास्ता खुलते ही तालाब का पानी बाहर निकलने लगा और ग्रामीणों ने राहत की सांस ली। ग्रामीणों ने प्रशासन की त्वरित कार्रवाई पर राहत जताते हुए भविष्य में जलभराव से बचने के लिए स्थायी जलनिकासी व्यवस्था की मांग की है।3
- सीएमओ का सीएचसी रामपुरा में औचक निरीक्षण, अस्पताल की व्यवस्थाओं पर जताया संतोष—चिकित्सा अधीक्षक की कार्यशैली की भी की प्रशंसा सीएमओ ने सीएचसी रामपुरा का किया औचक निरीक्षण रामपुरा, जालौन। सीएमओ ने बुधवार को सीएचसी रामपुरा का औचक निरीक्षण कर स्वास्थ्य सेवाओं और व्यवस्थाओं का जायजा लिया। ओपीडी, दवा वितरण, पैथोलॉजी, वार्ड और लेबर रूम समेत विभिन्न विभागों का निरीक्षण किया गया। अधिकांश स्वास्थ्यकर्मी ड्यूटी पर मौजूद मिले। सीएमओ ने दो मरीजों को स्वयं देखा और अस्पताल की व्यवस्थाओं पर संतोष जताया। उन्होंने चिकित्सा अधीक्षक डॉ. प्रदीप सिंह राजपूत की कार्यशैली की भी प्रशंसा की और मरीजों को बेहतर स्वास्थ्य सेवाएं देने के निर्देश दिए।2
- कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस बड़ी धूमधाम से निकला, सुरक्षा में पुलिस बल तैनात कस्बा रुरा में बारावफात का जुलूस गाजे बाजे के साथ बड़ी धूमधाम से निकाला गया।जुलूस में छोटे -छोटे बच्चों व युवाओं ने अपने हाथों में इस्लामी झंडा थामे जुलूस-ए-मोहम्मदी में हिस्सा लिया।।इस अवसर सैनूर अहमद, मुस्तफा, मो0 शाहिद, जाकिर,नौशाद, अच्चु,अलमास, ऐनुल, हाफिज तौहीद, मुजीब आदि रहे।सुरक्षा के दृष्टि से चौकी इंचार्ज विनोद कुमार, सिपाही सुधीर छौकर व अन्य पुलिस बल मौजूद रहा।1
- बारिश के मौसम में हवासपुर सीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या, रोजाना पहुंच रहे 150 से 160 मरीज बारिश के मौसम में हवासपुर सीएचसी में बढ़ी मरीजों की संख्या, रोजाना पहुंच रहे 150 से 160 मरीज बारिश के मौसम में बदलते तापमान और मौसम में नमी के चलते मौसमी बीमारियों का प्रकोप बढ़ता नजर आ रहा है। इसका सीधा असर सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (सीएचसी) हवासपुर की ओपीडी पर देखने को मिल रहा है। सामान्य दिनों में जहां स्वास्थ्य केंद्र पर प्रतिदिन करीब 60 से 70 मरीज उपचार के लिए पहुंचते थे, वहीं बारिश के मौसम में मरीजों की संख्या बढ़कर करीब 150 से 160 प्रतिदिन पहुंच गई है। इन दिनों अस्पताल में सबसे अधिक खांसी, जुकाम, बुखार, गले में खराश और वायरल संक्रमण से पीड़ित मरीज पहुंच रहे हैं। अचानक मरीजों की संख्या बढ़ने से ओपीडी में भी पहले की अपेक्षा अधिक भीड़ देखने को मिल रही है। स्वास्थ्य विभाग की ओर से लोगों को बारिश में भीगने से बचने, साफ पानी पीने, आसपास स्वच्छता बनाए रखने और बीमारी के लक्षण दिखाई देने पर चिकित्सकीय सलाह लेने की अपील की जा रही है। सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र में ओपीडी का समय दोपहर 2 बजे तक निर्धारित है। गुरुवार को दोपहर करीब एक बजे मौजूद चिकित्सक डॉ. जितेंद्र प्रताप सिंह ने बताया कि बारिश के मौसम में मौसमी बीमारियों के मरीजों की संख्या में काफी इजाफा हुआ है। सामान्य दिनों में जहां 60-70 मरीज ओपीडी में आते थे, वहीं वर्तमान में यह संख्या बढ़कर करीब 150-160 मरीज प्रतिदिन हो गई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि बुखार, खांसी-जुकाम अथवा अन्य स्वास्थ्य संबंधी परेशानी होने पर लापरवाही न बरतें और समय रहते नजदीकी स्वास्थ्य केंद्र पर चिकित्सकीय परामर्श लें।1
- पत्रकार इकबाल अहमद सिकंदरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी, दिखी कौमी एकता की मिसाल खबर कानपुर देहात पत्रकार इकबाल अहमद सिकंदरा में हर्षोल्लास के साथ मनाया गया जश्ने ईद मिलादुन्नबी, दिखी कौमी एकता की मिसाल सिकंदरा, कानपुर देहात। कस्बा सिकंदरा सहित पूरे देश में मुस्लिम समुदाय द्वारा जश्ने ईद मिलादुन्नबी का त्योहार बड़े ही हर्षोल्लास और श्रद्धा के साथ मनाया गया। इस दौरान जगह-जगह निकाले गए जुलूस में आपसी भाईचारे और कौमी एकता की खूबसूरत मिसाल देखने को मिली। जुलूस में बड़ी संख्या में लोगों ने शामिल होकर नाते पाक और दरूद शरीफ पढ़ते हुए पैगंबर हजरत मोहम्मद साहब की आमद की खुशी मनाई। कई स्थानों पर हिंदू भाइयों ने मुस्लिम समुदाय के लोगों का फूलों की माला पहनाकर स्वागत किया, जिससे आपसी सौहार्द और भाईचारे का संदेश गया। जुलूस में शामिल लोगों के लिए जगह-जगह लंगर और खाने-पीने की विशेष व्यवस्था की गई। सभी मस्जिदों के इमामों द्वारा नाते पाक एवं दरूद शरीफ पढ़ते हुए जुलूस निकाला गया। त्योहार को शांतिपूर्ण एवं सकुशल संपन्न कराने के लिए प्रशासन भी पूरी तरह मुस्तैद रहा। सिकंदरा थाना प्रभारी सुधाकर सिंह के साथ तहसील प्रशासन के अधिकारी सुरक्षा व्यवस्था पर नजर बनाए रहे। पुलिस एवं प्रशासन की मौजूदगी में जुलूस शांतिपूर्ण ढंग से संपन्न हुआ। ईद मिलादुन्नबी के मौके पर लोगों ने भाईचारे, शांति और सौहार्द का संदेश देते हुए एक-दूसरे को त्योहार की शुभकामनाएं दीं।3
- जालौन श्मशान घाट की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, प्रधान के घर के बाहर रख दिया शव जालौन श्मशान घाट की मांग को लेकर ग्रामीणों का अनोखा प्रदर्शन, प्रधान के घर के बाहर रख दिया शव जालौन के कोंच तहसील क्षेत्र के खैरावर व्यौना रियासत गांव में श्मशान घाट की व्यवस्था न होने से ग्रामीणों का आक्रोश सामने आया। अंतिम संस्कार के लिए परेशान ग्रामीण मृतक का शव ट्रैक्टर में रखकर ग्राम प्रधान के घर पहुंच गए। दर्जनों ग्रामीणों ने प्रधान के दरवाजे पर शव रखकर नारेबाजी की और गांव में श्मशान घाट बनवाने की मांग की। ग्रामीणों का कहना है कि गांव में सुविधा न होने के कारण हर बार अंतिम संस्कार के लिए दूसरे गांव जाना पड़ता है। मामले की जानकारी एसडीएम कोंच को दी गई। इसके बाद परिजन शव को अंतिम संस्कार के लिए दूसरे गांव के श्मशान घाट ले गए। ग्रामीणों ने स्थायी समाधान की मांग उठाई है।1
- पति की मौत को बताया हत्या, डीएम-एसपी से लगाई न्याय की गुहार बोलेरो से कुचलकर मौत का आरोप, पत्नी ने कुठौंद पुलिस की कार्रवाई पर उठाए सवाल उरई। कुठौंद थाना क्षेत्र के लोहई दिवारा गांव निवासी वीनू तिवारी ने अपने पति विनय कुमार तिवारी की मौत को हादसा नहीं बल्कि हत्या बताते हुए जिलाधिकारी और पुलिस अधीक्षक से न्याय की गुहार लगाई है। पीड़िता ने नामजद आरोपियों के खिलाफ हत्या का मुकदमा दर्ज कर निष्पक्ष जांच और कड़ी कानूनी कार्रवाई की मांग की है। शिकायत के अनुसार, 21 अगस्त 2026 की शाम करीब सात बजे विनय कुमार पुष्पांजलि गेस्टहाउस के सामने से बस स्टैंड की ओर जा रहे थे। आरोप है कि इसी दौरान पुरानी रंजिश के चलते बोलेरो सवार तीन लोगों ने कथित रूप से उन्हें वाहन से टक्कर मार दी। शिकायतकर्ता का आरोप है कि विनय गंभीर रूप से घायल होकर वाहन के अगले हिस्से में फंस गए और उन्हें कुछ दूरी तक घसीटा गया। गंभीर चोटों के बाद उन्हें कानपुर अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां उपचार के दौरान उनकी मौत हो गई। मृतक की पत्नी का आरोप है कि घटना के बाद कुठौंद थाने में शिकायत की गई, लेकिन उसकी शिकायत के अनुरूप हत्या का मुकदमा दर्ज नहीं किया गया। पीड़िता ने पुलिस की कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि नामजद आरोपियों को लाभ पहुंचाने का प्रयास किया जा रहा है। पुलिस कार्रवाई पर उठे सवाल पीड़िता की शिकायत के बाद कई सवाल सामने खड़े हैं— अगर वाहन से कुचलने के आरोप के बाद घायल की मौत हुई तो मामले की धाराओं पर सवाल क्यों उठ रहे हैं? क्या घटनास्थल से लेकर बस स्टैंड तक CCTV फुटेज की जांच हुई? क्या बोलेरो को कब्जे में लेकर तकनीकी और फोरेंसिक जांच कराई गई? क्या मेडिकल व पोस्टमार्टम रिपोर्ट के आधार पर विवेचना आगे बढ़ाई गई? क्या नामजद आरोपियों से निष्पक्ष पूछताछ हुई? वीनू तिवारी ने डीएम और एसपी से पूरे मामले की निष्पक्ष जांच कराने, हत्या की धाराओं में मुकदमा दर्ज करने और नामजद आरोपियों के खिलाफ कठोर कानूनी कार्रवाई की मांग की है। हालांकि, शिकायत में लगाए गए आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि होना बाकी है। पुलिस का आधिकारिक पक्ष सामने आने के बाद स्थिति और स्पष्ट होगी। जिसके घर का चिराग बुझा, वो इंसाफ की गुहार लगा रही है, अब सवाल ये है—कानून की कलम कब सच के साथ खड़ी होगी? #जालौन #उरई #कुठौंद #लोहईदिवारा #कुठौंदपुलिस #विनयकुमारतिवारी #वीनूतिवारी #न्यायकीगुहार #हत्या_का_आरोप #बोलेरो_कांड #पुलिसपरसवाल #डीएमजालौन #एसपीजालौन #पुलिसकार्रवाई #JalaunNews #BreakingNews #उत्तरप्रदेशपुलिस #कानूनव्यवस्था #जालौन #कुठौंद #कुठौंदपुलिस #विनयकुमार #वीनूतिवारी #न्यायकीगुहार #पुलिसपरसवाल #हत्या_का_आरोप #बोलेरो_कांड #पुलिसकार्रवाई #DGP #SPJalaun1
- नाबालिग से दुष्कर्म के मामले में 2 आरोपी गिरफ्तार, राजपुर पुलिस ने की कार्रवाई कानपुर देहात थाना राजपुर पुलिस ने नाबालिग बालिका से दुष्कर्म के मामले में वांछित 2 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने बताया कि वादिनी ने दिनांक 23.08.2026 को थाना राजपुर पर तहरीर देकर आरोप लगाया था। प्राप्त तहरीर के आधार पर थाना राजपुर पर मु0अ0सं0 096/2026 धारा 137(2)/64(1) बीएनएस व 3/4 पॉक्सो एक्ट व 3(2)(v) एससी/एसटी एक्ट के तहत मुकदमा पंजीकृत किया गया था। थाना राजपुर पुलिस टीम ने त्वरित कार्यवाही करते हुए आज दिनांक 24.08.2026 को दोनों अभियुक्तों रवि नायक पुत्र चन्द्रपाल सिंह उम्र 22 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट ,राममूरत पुत्र रामस्वरूप उम्र 29 वर्ष निवासी ग्राम ककरैया थाना अमराहट पुलिस ने बताया कि अभियुक्त रवि नायक को ग्राम मुबारकपुर रोड से बदनपुर को जाने वाले इंटरलॉकिंग रोड पर बने बजरंगबली मंदिर के पास से, जबकि राममूरत को सलेमपुर पुलिया से गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने दोनों अभियुक्तों को नियमानुसार माननीय न्यायालय के समक्ष प्रस्तुत करने की कार्रवाई शुरू कर दी है। *गिरफ्तारी करने वाली टीम:* उ0नि0 नीरज कुमार, हे0का0 प्रदीप कुमार, हे0का0 योगेन्द्र कुमार, रि0का0 उदयवीर सिंह।1