हरतालिका तीज पर अमरकंटक में आस्था का सैलाब मौनी स्नान को तड़के 4 बजे से नर्मदा तट पर उमड़ीं सुहागिनें, शिव-पार्वती की आराधना कर मांगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में हरतालिका तीज के पावन पर्व पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के करीब 4 बजे से ही पतित पावनी पुण्यसलिला मां नर्मदा के पावन तट पर मौनी स्नान का सिलसिला प्रारंभ हो गया। सुहागिन महिलाओं, युवतियों एवं भक्त श्रद्धालुओं ने मौन धारण कर नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान शिव-माता पार्वती का स्मरण करते हुए सुखी दांपत्य जीवन, अखंड सौभाग्य एवं मनवांछित फल की कामना की। हरतालिका तीज हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट दांपत्य प्रेम, समर्पण और तपस्या का पावन पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी श्रद्धा और विश्वास के साथ सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य की कामना से तथा युवतियां मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। मौन में शिव-पार्वती का स्मरण, नर्मदा में आस्था की डुबकी हरतालिका तीज के अवसर पर मौन धारण कर पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मौन केवल वाणी का संयम नहीं, बल्कि मन को एकाग्र कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना में स्वयं को समर्पित करने का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि मौन रहकर पवित्र जल में स्नान करने से मन की चंचलता शांत होती है और व्यक्ति का ध्यान पूजा, संकल्प एवं ईश्वर आराधना की ओर केंद्रित होता है। इसी धार्मिक भावना के साथ अमरकंटक में हजारों महिलाओं ने मौन धारण कर मां नर्मदा में स्नान किया। नर्मदा स्नान के बाद महिलाओं एवं युवतियों ने भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर विधि-विधान से जलाभिषेक किया तथा पुष्प, बिल्वपत्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कई महिलाओं ने अपने व्रत एवं संकल्प के साथ भगवान शिव और माता पार्वती से अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। शिवालयों में लगा श्रद्धालुओं का तांता हरतालिका तीज पर नर्मदा मंदिर सहित अमरकंठ महादेव, पार्वती मैया, सिद्धेश्वर महादेव, 11 रुद्र महादेव एवं घंटेश्वर महादेव मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, पुष्प एवं बिल्वपत्र अर्पित किए। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और मां नर्मदा के जयघोष से गुंजायमान रहे। 35 से 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया नर्मदा स्नान हरतालिका तीज के मौनी स्नान को लेकर अमरकंटक के विभिन्न नर्मदा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। दूर-दराज के क्षेत्रों से सुहागिन महिलाएं, युवतियां एवं भक्त श्रद्धालु अपने वाहनों से अमरकंटक पहुंचे। स्नान, दर्शन एवं पूजन-अर्चन के लिए घाटों पर श्रद्धालुओं का आवागमन लगातार बना रहा। अनुमान के अनुसार हरतालिका तीज के अवसर पर लगभग 35 से 40 हजार से अधिक महिलाओं एवं भक्त श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई तथा मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। समाचार लिखे जाने तक नर्मदा घाटों एवं मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई थी। भक्ति से सराबोर हुई पवित्र नगरी हरतालिका तीज पर अमरकंटक का वातावरण पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। नर्मदा की कल-कल धारा, मंदिरों में गूंजते मंत्रोच्चार, शिवलिंग पर चढ़ता जल और बिल्वपत्र तथा माता पार्वती एवं भगवान भोलेनाथ के जयकारों से संपूर्ण तीर्थनगरी भक्तिमय हो उठी। नर्मदा तट पर मौन साधना, पवित्र स्नान और शिव-पार्वती की आराधना ने हरतालिका तीज की धार्मिक आस्था को और अधिक गहराई प्रदान की। मां नर्मदा की पावन धारा में स्नान कर शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करने पहुंचीं महिलाओं के लिए यह पर्व केवल व्रत और पूजा का अवसर नहीं, बल्कि आस्था, तप, संयम, दांपत्य प्रेम और मंगलकामना का पावन संगम बन गया।
हरतालिका तीज पर अमरकंटक में आस्था का सैलाब मौनी स्नान को तड़के 4 बजे से नर्मदा तट पर उमड़ीं सुहागिनें, शिव-पार्वती की आराधना कर मांगा अखंड सौभाग्य का आशीर्वाद अमरकंटक - प्रदेश के प्रमुख धार्मिक एवं आध्यात्मिक तीर्थ स्थल पवित्र नगरी अमरकंटक में हरतालिका तीज के पावन पर्व पर श्रद्धा, आस्था और भक्ति का अद्भुत संगम देखने को मिला। तड़के करीब 4 बजे से ही पतित पावनी पुण्यसलिला मां नर्मदा के पावन तट पर मौनी स्नान का सिलसिला प्रारंभ हो गया। सुहागिन महिलाओं, युवतियों एवं भक्त श्रद्धालुओं ने मौन धारण कर नर्मदा नदी में आस्था की डुबकी लगाई और भगवान शिव-माता पार्वती का स्मरण करते हुए सुखी दांपत्य जीवन, अखंड सौभाग्य एवं मनवांछित फल की कामना की। हरतालिका तीज हिंदू धर्म में भगवान शिव और माता पार्वती के अटूट दांपत्य प्रेम, समर्पण और तपस्या का पावन पर्व माना जाता है। धार्मिक मान्यता के अनुसार माता पार्वती ने भगवान शिव को पति रूप में प्राप्त करने के लिए कठोर तपस्या की थी। इसी श्रद्धा और विश्वास के साथ सुहागिन महिलाएं अपने पति की दीर्घायु एवं अखंड सौभाग्य की कामना से तथा युवतियां मनोवांछित वर की प्राप्ति के लिए हरतालिका तीज का व्रत रखती हैं। मौन में शिव-पार्वती का स्मरण, नर्मदा में आस्था की डुबकी हरतालिका तीज के अवसर पर मौन धारण कर पवित्र नदी में स्नान करने की परंपरा का भी विशेष धार्मिक महत्व माना जाता है। मौन केवल वाणी का संयम नहीं, बल्कि मन को एकाग्र कर भगवान शिव और माता पार्वती की आराधना में स्वयं को समर्पित करने का प्रतीक माना जाता है। श्रद्धालुओं की आस्था है कि मौन रहकर पवित्र जल में स्नान करने से मन की चंचलता शांत होती है और व्यक्ति का ध्यान पूजा, संकल्प एवं ईश्वर आराधना की ओर केंद्रित होता है। इसी धार्मिक भावना के साथ अमरकंटक में हजारों महिलाओं ने मौन धारण कर मां नर्मदा में स्नान किया। नर्मदा स्नान के बाद महिलाओं एवं युवतियों ने भगवान भोलेनाथ के शिवलिंग पर विधि-विधान से जलाभिषेक किया तथा पुष्प, बिल्वपत्र अर्पित कर पूजा-अर्चना की। कई महिलाओं ने अपने व्रत एवं संकल्प के साथ भगवान शिव और माता पार्वती से अखंड सौभाग्य, पति की दीर्घायु, परिवार की सुख-समृद्धि तथा मनोकामना पूर्ण होने का आशीर्वाद मांगा। शिवालयों में लगा श्रद्धालुओं का तांता हरतालिका तीज पर नर्मदा मंदिर सहित अमरकंठ महादेव, पार्वती मैया, सिद्धेश्वर महादेव, 11 रुद्र महादेव एवं घंटेश्वर महादेव मंदिरों में दर्शन-पूजन के लिए श्रद्धालुओं की कतारें लगी रहीं। श्रद्धालुओं ने शिवलिंग पर जल, पुष्प एवं बिल्वपत्र अर्पित किए। मंदिर परिसर हर-हर महादेव और मां नर्मदा के जयघोष से गुंजायमान रहे। 35 से 40 हजार से अधिक श्रद्धालुओं ने किया नर्मदा स्नान हरतालिका तीज के मौनी स्नान को लेकर अमरकंटक के विभिन्न नर्मदा घाटों पर सुबह से ही श्रद्धालुओं की भीड़ बढ़ती गई। दूर-दराज के क्षेत्रों से सुहागिन महिलाएं, युवतियां एवं भक्त श्रद्धालु अपने वाहनों से अमरकंटक पहुंचे। स्नान, दर्शन एवं पूजन-अर्चन के लिए घाटों पर श्रद्धालुओं का आवागमन लगातार बना रहा। अनुमान के अनुसार हरतालिका तीज के अवसर पर लगभग 35 से 40 हजार से अधिक महिलाओं एवं भक्त श्रद्धालुओं ने मां नर्मदा में स्नान कर आस्था की डुबकी लगाई तथा मंदिरों में दर्शन-पूजन किया। समाचार लिखे जाने तक नर्मदा घाटों एवं मंदिर परिसरों में श्रद्धालुओं की भीड़ बनी हुई थी। भक्ति से सराबोर हुई पवित्र नगरी हरतालिका तीज पर अमरकंटक का वातावरण पूरी तरह धार्मिक और आध्यात्मिक रंग में रंगा नजर आया। नर्मदा की कल-कल धारा, मंदिरों में गूंजते मंत्रोच्चार, शिवलिंग पर चढ़ता जल और बिल्वपत्र तथा माता पार्वती एवं भगवान भोलेनाथ के जयकारों से संपूर्ण तीर्थनगरी भक्तिमय हो उठी। नर्मदा तट पर मौन साधना, पवित्र स्नान और शिव-पार्वती की आराधना ने हरतालिका तीज की धार्मिक आस्था को और अधिक गहराई प्रदान की। मां नर्मदा की पावन धारा में स्नान कर शिव-पार्वती की पूजा-अर्चना करने पहुंचीं महिलाओं के लिए यह पर्व केवल व्रत और पूजा का अवसर नहीं, बल्कि आस्था, तप, संयम, दांपत्य प्रेम और मंगलकामना का पावन संगम बन गया।
- सशक्त नारी- समृद्ध भारत, साइकिल भारती के माध्यम से देश भर में चलाए जा रहे महिला सशक्तिकरण एवं स्वालंबन अभियान 🇮🇳 सशक्त नारी – समृद्ध भारत 🇮🇳 सहकार भारती के माध्यम से देशभर में चलाए जा रहे महिला सशक्तिकरण एवं स्वावलंबन अभियान को जमीनी स्तर तक पहुंचाने के उद्देश्य से गांव-गांव एवं घर-घर जाकर जागरूकता, प्रशिक्षण और रोजगार से जोड़ने का कार्य निरंतर किया जा रहा है माननीय प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी जी के आत्मनिर्भर एवं सशक्त भारत के संकल्प को साकार करने की दिशा में सहकार भारती द्वारा विभिन्न स्तरों पर प्रशिक्षण एवं जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं। राष्ट्रीय उपाध्यक्ष आदरणीय श्री तुषार जी श्रीवास्तव, राष्ट्रीय कार्यालय प्रमुख आदरणीय श्री लक्ष्मण पात्रा जी एवं प्रशिक्षण प्रभारी आदरणीय श्रीमती अनुराधा जी के मार्गदर्शन में SHG प्रकोष्ठ, सहकार भारती मध्य प्रदेश द्वारा इस अभियान को गति प्रदान की जा रही है। मालवा प्रांत प्रमुख आदरणीय श्री धर्मेंद्र जी भाई साहब के मार्गदर्शन में अभियान कार्यपालक श्री अम्बरीश चौहान जी के माध्यम से महेश्वर एवं इंदौर में सहकार भारती के द्वारा विभिन्न प्रशिक्षण कार्यक्रम संचालित किए जा रहे हैं। इन कार्यक्रमों का प्रमुख उद्देश्य है— 👩🌾 प्रत्येक महिला को कौशल एवं प्रशिक्षण से जोड़ना। 💪 महिलाओं को सशक्त एवं स्वावलंबी बनाना। 🏠 गांव-गांव और घर-घर तक जागरूकता पहुंचाना। 💼 महिलाओं को रोजगार एवं स्वरोजगार के अवसर उपलब्ध कराना। 🤝 स्वयं सहायता समूहों के माध्यम से महिलाओं को सहकारिता से जोड़ना। 🌱 किसान, युवा एवं महिला शक्ति को आत्मनिर्भर बनाकर राष्ट्र निर्माण में सहभागी बनाना। हमारा संकल्प है कि देश की प्रत्येक माता एवं बहन को आर्थिक रूप से सक्षम बनाया जाए, ताकि वह अपने परिवार के साथ-साथ समाज एवं राष्ट्र की प्रगति में महत्वपूर्ण भूमिका निभा सके। जब देश की माताएं-बहनें, किसान भाई और युवा आत्मनिर्भर बनेंगे, तभी भारत और अधिक सशक्त एवं समृद्ध बनेगा। इसी सकारात्मक सोच और संकल्प को जमीनी स्तर पर सक्रिय एवं सुचारू रूप से आगे बढ़ाने के लिए निरंतर प्रयास किए जा रहे हैं।1
- जनता की बात, पुलिस के साथ—ग्राम ओड़ा डबरी में जन चौपाल, जनसमस्याओं पर संवाद, समाधान का भरोसा और मजबूत हुआ पुलिस-जन विश्वास। कबीरधाम पुलिस अधीक्षक श्री जितेन्द्र कुमार यादव के निर्देशानुसार थाना कुण्डा पुलिस द्वारा आज ग्राम ओड़ा डबरी में जन चौपाल आयोजित कर ग्रामीणों एवं आसपास के नागरिकों से आत्मीय संवाद किया गया। अलग-अलग दिनों में रोस्टल अनुसार अलग-अलग ग्राम में जाकर ग्रामवासियों से संवाद किया जाएगा। पुलिस टीम ने करीब 2–3 घंटे तक ग्रामीणों के बीच बैठकर उनकी समस्याओं, शिकायतों एवं स्थानीय विषयों को गंभीरता से सुना तथा आवश्यक निराकरण हेतु उपाय भी बताया गया। इस दौरान पुलिस टीम द्वारा ग्रामीणों को आश्वस्त किया गया कि कबीरधाम पुलिस जनता की सुरक्षा, सहयोग और समस्याओं के समाधान के लिए सदैव उनके साथ खड़ी है। जनता के बीच पहुंचकर उनकी बात सुनना और विश्वास के साथ समाधान की दिशा में आगे बढ़ना—कबीरधाम पुलिस की जनहितैषी पुलिसिंग का निरंतर प्रयास रहेगा।1
- धरना प्रदर्शन आंदोलन लोकेशन हर्रहवा नदी में धरना प्रदर्शन लगा है कि पब्लिक की कहना है कि जनता का पालन करना हो लोकेशन में बताया जा रहा है कि हर्रहवा बंधा पर डेम टूट गये 3 लगा तार पब्लिक की जान को खतरे में पड़ा है1
- 17 सितंबर से शुरू होगा सेवा पखवाड़ा, न्यायधानी में 12 बड़े कार्यक्रम 17 सितंबर से शुरू होगा सेवा पखवाड़ा, न्यायधानी में 12 बड़े कार्यक्रम1
- पुरानी पेंशन बहाली की मांग को लेकर विद्युत कर्मी ने भरी हुंकार1
- आर्थिक गंड व्यवस्था का एक दिवस कार्यक्रम संपन्न हुआ गोंडवाना भवन में 13सितंबर 2026दिन रविवार को सूरजपुर जिला के अन्तर्गत गोंडवाना भवन नमंद गिरि में आर्थिक गंड व्यस्था के संस्थापक डॉक्टर नारवेन कासव टेकाम के नेतृत्व में सेवानेवृत आधिकारी कर्मचारीयो का सम्मान समरोह कार्यक्रम रखा गया जिसमें सैकड़ों लोग शामिल हुए।4
- प्रशासन ने नहीं सुनी जनप्रतिनिधियों की आवाज, उमरिया के पात्र परिवार पट्टे और आवास का इंतजार *प्रशासन ने नहीं सुनी जनप्रतिनिधियों की आवाज, उमरिया के पात्र परिवार पट्टे और आवास का इंतजार* जनप्रतिनिधियो की आवास भी नहीं सुन रहा प्रशासन, पट्टे और आवास के इंतजार में उमरिया के पात्र परिवार सर्वे, जियोटैगिंग और आवास स्वीकृत के बाद भी पट्टे का इंतजार, हितग्राहियों में बढ़ रहा आक्रोश, उमरिया, मध्य प्रदेश , नगर पालिका उमरिया के सभी वार्डों में पट्टे एवं प्रधानमंत्री आवास योजना का लाभ मिलने की आस लगाए बैठे पात्र हितग्राहीयो की परेशानी कम होने का नाम नहीं ले रही है। शासन की योजना के तहत पात्र परिवारों के सर्वे की कार्यवाही की गई। नगर पालिका एवं राजस्व विभाग की संयुक्त टीमों द्वारा किए गए सर्वे में कई परिवार पात्र पाए गए। इसके बाद प्रधानमंत्री आवास योजना के जियो टैगिंग भी की गई। तथा अनेक हितग्राहियों को आवास स्वीकृति पत्र जारी किए गए। इसके बावजूद पात्र हितग्राहियो को अब तक भूमि के पट्टे अभी तक उपलब्ध नहीं कराए जाने से सवाल खड़े हो रहे हैं। कई हितग्राहियों को प्रधानमंत्री आवास की पहली किस्त मिलने के बाद भी पट्टे की प्रक्रिया पूरी नहीं होने से आगे की कार्यवाही को लेकर असमंजस की स्थिति बनी हुई है। *जनप्रतिनिधियों के प्रयास भी बेअसर* हितग्राहियों का कहना है कि उनकी समस्या को लेकर स्थानीय जनप्रतिनिधियों द्वारा भी प्रशासन का ध्यान कई बार आकृष्ट कराया गया है। इसके बावजूद समस्या का निराकरण नहीं होने से लोगों में नाराजगी बढ़ती जा रही है। हितग्राहियों का कहना है कि जब प्रशासन ने स्वयं सर्वे कर पात्रता की, जियोटैगिंग कराई और आवास स्वीकृत किए, तो फिर पट्टा देने में इतनी देरी क्यों की जा रही है। लंबे समय से जुग्गी, झोपड़ियो एवं कच्चे मकानो में रहने वाले परिवारों को उम्मीद थी कि शासन की योजना से उन्हें अपनी जमीन का अधिकार और पक्के मकान का सपना पूरा होगा। लेकिन पट्टे की प्रक्रिया अटकने से उनकी उम्मीदें अब निराशा में बदलती जा रही है।1
- आज से लगा था धरना प्रदर्शन आंदोलन जल सत्याग्रह में जारी लोकेशन हर्रहवा नदी में जिला सिंगरौली मध्य प्रदेश पिन कोड 4868862
- रंगदारी और धमकी देने के बाद मांगनी पड़ी माफी,पुलिस का एशन बिलासपुर के सिम्स अस्पताल से जुड़ा एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल होने के बाद पुलिस ने कार्रवाई की है। वायरल वीडियो में एक युवक सिम्स के दवा वितरण केंद्र में पदस्थ स्टाफ के साथ कथित तौर पर अपशब्दों का इस्तेमाल करते नजर आ रहा है। वीडियो इंस्टाग्राम पर प्रसारित होने के बाद सिटी कोतवाली पुलिस ने मामले को संज्ञान में लिया और वीडियो में दिखाई दे रहे युवक की पहचान कर उसके खिलाफ प्रतिबंधात्मक कार्रवाई की है।1