वृद्ध बंदियों के उत्थान हेतु केन्द्रीय जेल सागर में निःशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण एवं वितरण शिविर आयोजित वृद्ध बंदियों के उत्थान हेतु केन्द्रीय जेल सागर में निःशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण एवं वितरण शिविर आयोजित केन्द्रीय जेल सागर में दिनांक 01 अगस्त 2026 को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त संचालक श्री डी. एस. यादव के मार्गदर्शन तथा एलिम्को (आलिमको), जबलपुर के सहयोग से केंद्रीय जेल सागर में जेल अधीक्षक श्री रमेश चंद्र आर्य के निर्देशन में दिव्यांग एवं वृद्ध बंदियों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण एवं वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान 02 दिव्यांग बंदियों को कृत्रिम पैर (आर्टिफिशियल लिंब) सफलतापूर्वक लगाए गए जिससे उन्हें सामान्य जीवन जीने एवं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त हुई। इस दौरान 60 वर्ष से अधिक आयु के 25 वृद्ध बंदियों का विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं तकनीकी दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान श्रवण क्षमता में कमी चलने-फिरने में कठिनाई घुटनों के दर्द तथा अन्य आयुजनित समस्याओं का आकलन किया गया। परीक्षण के आधार पर पात्र बंदियों को आवश्यकतानुसार हियरिंग एड छड़ी बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाने की कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने बंदियों को सहायक उपकरणों के उपयोग रखरखाव एवं उनके माध्यम से दैनिक जीवन को अधिक सहज बनाने संबंधी उपयोगी जानकारी भी प्रदान की गई। जेल अधीक्षक श्री रमेश चंद्र आर्य ने सामाजिक न्याय विभाग एवं एलिम्को जबलपुर की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे पुनर्वास एवं जनकल्याणकारी शिविर बंदियों के शारीरिक मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जेल सागर में भविष्य में भी बंदियों के स्वास्थ्य कल्याण एवं पुनर्वास हेतु इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
वृद्ध बंदियों के उत्थान हेतु केन्द्रीय जेल सागर में निःशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण एवं वितरण शिविर आयोजित वृद्ध बंदियों के उत्थान हेतु केन्द्रीय जेल सागर में निःशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण एवं वितरण शिविर आयोजित केन्द्रीय जेल सागर में दिनांक 01 अगस्त 2026 को सामाजिक न्याय एवं दिव्यांगजन सशक्तिकरण विभाग के संयुक्त संचालक श्री डी. एस. यादव के मार्गदर्शन तथा एलिम्को (आलिमको), जबलपुर के सहयोग से केंद्रीय जेल सागर में जेल अधीक्षक श्री रमेश चंद्र आर्य के निर्देशन में दिव्यांग एवं वृद्ध बंदियों के लिए निःशुल्क सहायक उपकरण परीक्षण एवं वितरण शिविर का आयोजन किया गया। शिविर के दौरान 02 दिव्यांग बंदियों को कृत्रिम पैर (आर्टिफिशियल लिंब) सफलतापूर्वक लगाए गए जिससे उन्हें सामान्य जीवन जीने एवं आत्मनिर्भर बनने की दिशा में महत्वपूर्ण सहायता प्राप्त हुई। इस दौरान 60 वर्ष से अधिक आयु के 25 वृद्ध बंदियों का विशेषज्ञ चिकित्सकों एवं तकनीकी दल द्वारा स्वास्थ्य परीक्षण किया गया। परीक्षण के दौरान श्रवण क्षमता में कमी चलने-फिरने में कठिनाई घुटनों के दर्द तथा अन्य आयुजनित समस्याओं का आकलन किया गया। परीक्षण के आधार पर पात्र बंदियों को आवश्यकतानुसार हियरिंग एड छड़ी बैसाखी एवं अन्य सहायक उपकरण उपलब्ध कराए जाने की कार्यवाही की जाएगी। इस अवसर पर विशेषज्ञों ने बंदियों को सहायक उपकरणों के उपयोग रखरखाव एवं उनके माध्यम से दैनिक जीवन को अधिक सहज बनाने संबंधी उपयोगी जानकारी भी प्रदान की गई। जेल अधीक्षक श्री रमेश चंद्र आर्य ने सामाजिक न्याय विभाग एवं एलिम्को जबलपुर की टीम का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे पुनर्वास एवं जनकल्याणकारी शिविर बंदियों के शारीरिक मानसिक एवं सामाजिक पुनर्वास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। उन्होंने कहा कि केंद्रीय जेल सागर में भविष्य में भी बंदियों के स्वास्थ्य कल्याण एवं पुनर्वास हेतु इस प्रकार के जनहितकारी कार्यक्रम निरंतर आयोजित किए जाते रहेंगे।
- खबर जिला सागर से। लोकेशन,,,, थाना खुरई शहर, जिला सागर दिनांक: 31 जुलाई 2026 *खुरई शहर पुलिस की बड़ी सफलता: अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी गिरोह का पर्दाफाश, तीन आरोपी गिरफ्तार, 21.20 लाख रुपये के चार चोरी के ट्रैक्टर एवं दो मोबाइल बरामद* संपत्ति संबंधी अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण एवं चोरी गए वाहनों की बरामदगी के लिए पुलिस अधीक्षक सागर श्री अनुराग सुजानिया के निर्देशन में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत थाना खुरई शहर पुलिस को एक बड़ी सफलता प्राप्त हुई है। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (बीना) श्री जयवीर सिंह भदौरिया, अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक (सागर) श्री नरेन्द्र सोलंकी तथा एसडीओपी खुरई श्री प्रवीण अष्ठाना के मार्गदर्शन में थाना खुरई शहर पुलिस ने अंतरजिला ट्रैक्टर चोरी करने वाले गिरोह का पर्दाफाश करते हुए तीन आरोपियों को गिरफ्तार कर चार चोरी के ट्रैक्टर एवं दो मोबाइल सहित कुल 21 लाख 20 हजार रुपये का मशरूका बरामद किया है। *घटना का विवरण* दिनांक 25 जुलाई 2026 को फरियादी अरविन्द यादव निवासी खुरई ने थाना खुरई शहर में रिपोर्ट दर्ज कराई कि उसका स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-सीए-2836) तथा पड़ोसी वीरेन्द्र यादव का स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एबी-6040), जिन्हें दोनों ने प्रतिदिन की तरह पॉलीटेक्निक कॉलेज के समीप अपने मकान के सामने खड़ा किया था, रात्रि में अज्ञात चोर चोरी कर ले गए। रिपोर्ट पर थाना खुरई शहर में अपराध क्रमांक 219/2026 धारा 303(2) भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत प्रकरण पंजीबद्ध कर विवेचना प्रारंभ की गई। *तकनीकी साक्ष्यों के आधार पर आरोपियों तक पहुंची पुलिस* थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह दांगी के नेतृत्व में विशेष टीम गठित कर घटनास्थल एवं आसपास के सीसीटीवी कैमरों की फुटेज, तकनीकी साक्ष्यों एवं मुखबिर सूचना के आधार पर आरोपियों की तलाश की गई। जांच के दौरान संदेही अंकुष उइके एवं संतोष उइके को अभिरक्षा में लेकर पूछताछ की गई, जिन्होंने अपने साथी अनुराग उर्फ अन्नू मालवीय के साथ मिलकर दोनों ट्रैक्टर चोरी करना स्वीकार किया। पूछताछ में आरोपियों ने बताया कि चोरी के ट्रैक्टर शिवपुरी निवासी मोहर सिंह गुर्जर को बेचने के लिए दिए थे। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए मोहर सिंह गुर्जर के कब्जे से चोरी गए दोनों ट्रैक्टर बरामद कर लिए। पूछताछ के दौरान यह भी खुलासा हुआ कि आरोपियों ने पूर्व में मई 2026 में गैरतगंज (जिला रायसेन) से एक स्वराज 735 ट्रैक्टर तथा जुलाई 2026 में खामखेड़ा (जिला विदिशा) से एक स्वराज 733 ट्रैक्टर भी चोरी किया था। पुलिस ने इन दोनों ट्रैक्टरों को भी बरामद कर लिया है। गिरोह के अन्य अपराधों के संबंध में पूछताछ जारी है। *गिरफ्तार आरोपी* 1. अंकुष पिता रमेश उइके (21 वर्ष), निवासी क्रेशर बस्ती, अयोध्या नगर, थाना सूखी सेवनिया, भोपाल। 2. संतोष पिता अशोक उइके (19 वर्ष), निवासी क्रेशर बस्ती, अयोध्या नगर, थाना सूखी सेवनिया, भोपाल। 3. मोहर सिंह गुर्जर पिता कल्याण उर्फ कल्लू गुर्जर (40 वर्ष), निवासी ग्राम गांगुली, थाना सुरवाया, हाल फक्कड़ कॉलोनी, थाना फिजिकल, जिला शिवपुरी। *बरामदगी* - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-सीए-2836) - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एबी-6040) - स्वराज 735 ट्रैक्टर (एमपी-40-एसी-7914) - स्वराज 733 ट्रैक्टर (एमपी-40-जेडजे-6595, लाल रंग) - दो मोबाइल फोन कुल मशरूका मूल्य: लगभग ₹21,20,000। *सराहनीय भूमिका* इस उल्लेखनीय कार्रवाई में थाना प्रभारी निरीक्षक योगेन्द्र सिंह दांगी, उप निरीक्षक अशोक उपाध्याय, उप निरीक्षक अरविन्द्र छारी (थाना कोतवाली, जिला शिवपुरी), सहायक उप निरीक्षक पदम सिंह दांगी, आरक्षक धरमदास कुशवाहा, धीरेन्द्र सिंह राजावत, साइबर सेल के सौरभ रैकवार, हेमेन्द्र सिंह, आरक्षक संजय जाट (थाना खुरई ग्रामीण), सीसीटीवी कंट्रोल रूम के आरक्षक प्रीतम शाक्य सहित समस्त पुलिस टीम की महत्वपूर्ण एवं सराहनीय भूमिका रही। पुलिस का संदेश सागर पुलिस संपत्ति संबंधी अपराधों, वाहन चोरी एवं अन्य अवैध गतिविधियों में संलिप्त अपराधियों के विरुद्ध लगातार कठोर एवं प्रभावी कार्रवाई कर रही है। आमजन से अपील है कि किसी भी संदिग्ध गतिविधि की सूचना तत्काल निकटतम पुलिस थाना अथवा डायल-112 पर दें, ताकि अपराधों पर प्रभावी नियंत्रण सुनिश्चित किया जा सके। रिपोर्ट,,,, हरिकृष्ण सोनी।समाचार एवं विज्ञापन के लिए संपर्क करें।7049459405, पर1
- बीना रेलवे स्टेशन का GM ने किया दौरा ट्रेनों की रफ्तार बढ़ेगी, तीसरी लाइन और नई सुविधाओं का मिलेगा तोहफा!बंद पड़ी बीना-दमोह पैसेंजर फिर होगी शुरू,1
- Abuses never solve anything. Let’s guide the misguided. Let’s work together. Let’s work for Bharat. Abuses never solve anything. Let’s guide the misguided. Let’s work together. Let’s work for Bharat.1
- लोकल न्यूज बीना रिपोर्ट लक्ष्मण राजपूत बीना शासकीय अस्पताल में मरीज की मौत पर विवाद, परिजनों ने लगाया इलाज में लापरवाही का आरोप मृतक के भाई ने निष्पक्ष जांच और कार्रवाई की मांग की, बीएमओ बोले—डॉक्टरों ने किया था प्राथमिक उपचार, पोस्टमार्टम रिपोर्ट के बाद ही होगी स्थिति स्पष्ट बीना के शासकीय अस्पताल में इलाज के बाद एक मरीज की मौत को लेकर विवाद खड़ा हो गया है। मृतक बबलू कुशवाहा के परिजनों ने अस्पताल के डॉक्टरों पर इलाज में लापरवाही का आरोप लगाते हुए मामले की निष्पक्ष जांच और दोषियों के विरुद्ध कार्रवाई की मांग की है। मृतक के भाई देवी कुशवाहा का आरोप है कि समय पर उचित उपचार नहीं मिलने के कारण बबलू कुशवाहा की मौत हुई। घटना के बाद परिजनों में आक्रोश है और स्थानीय लोगों ने भी सरकारी अस्पताल की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं पर सवाल उठाए हैं। लोगों का कहना है कि समय पर डॉक्टरों का उपलब्ध न होना और उचित इलाज न मिलना जैसी शिकायतें लगातार सामने आती रही हैं। वहीं, इस मामले में बीना सिविल अस्पताल के बीएमओ डॉ. संजीव अग्रवाल ने परिजनों के आरोपों को निराधार बताया है। उन्होंने कहा कि ड्यूटी पर मौजूद डॉ. दीपक तिवारी एवं डॉ. सौरभ जैन ने मरीज का प्राथमिक उपचार किया था। इसके बाद परिजन मरीज को अपने साथ घर ले गए, जहां उसकी मृत्यु हो गई। बीएमओ का कहना है कि मामले की वास्तविक स्थिति का पता पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने के बाद ही चल सकेगा। फिलहाल मामले की जांच और पोस्टमार्टम रिपोर्ट का इंतजार है। एम पी न्यूज़ 24 लाइव इस मामले में सामने आने वाले सभी तथ्यों और संबंधित पक्षों का पक्ष निष्पक्ष रूप से अपने दर्शकों तक पहुंचाता रहेगा।1
- लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत श्रुत धाम मंदिर से दर्शन कर लौट रहे बु लोकेशन बीना रिपोर्ट लक्ष्मण सिंह राजपूत श्रुत धाम मंदिर से दर्शन कर लौट रहे बुजुर्ग को कार ने मारी टक्कर, सागर रेफर 70 वर्षीय ज्ञान चंद जैन हादसे में घायल, कार चालक ने खुद पहुंचाया सिविल अस्पताल; प्राथमिक उपचार के बाद सागर रेफर बीना में स्वस्ति धाम मंदिर से दर्शन कर लौट रहे 70 वर्षीय बुजुर्ग को एक फोर व्हीलर वाहन ने टक्कर मार दी। हादसे में बुजुर्ग गंभीर रूप से घायल हो गए, जिन्हें वाहन चालक ने खुद सिविल अस्पताल बीना पहुंचाया। प्राथमिक उपचार के बाद चिकित्सकों ने उन्हें सागर रेफर कर दिया। जानकारी के अनुसार ज्ञान चंद जैन, पिता मौजी लाल जैन, उम्र 70 वर्ष, निवासी वार्ड क्रमांक 8, कुरवाई स्वस्ति धाम मंदिर से दर्शन कर वापस लौट रहे थे। इसी दौरान एमपी 16 सी 9102 नंबर की डिजायर कार ने उन्हें टक्कर मार दी। वाहन चालक की पहचान संदीप नाईक, निवासी लिधोरा खुर्द के रूप में हुई है। हादसे के बाद चालक संदीप नाईक ने घायल ज्ञान चंद जैन को स्वयं सिविल अस्पताल बीना पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उनका प्राथमिक उपचार किया। हालत को देखते हुए उन्हें आगे के उपचार के लिए सागर रेफर किया गया। घटना की सूचना मिलने पर बीना थाने से प्रधान आरक्षक संजय कुमार और प्रधान आरक्षक राजेश मौके पर पहुंचे और पंचनामा कार्रवाई की। पुलिस कार्रवाई के दौरान घायल के परिजनों ने कानूनी कार्रवाई कराने से इनकार कर दिया। परिजनों का कहना था कि वाहन चालक घायल का इलाज करवाने के लिए तैयार है, इसलिए वे फिलहाल पुलिस कार्रवाई नहीं चाहते हैं।1