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पुस्तक विमोचन ..... world Book Fair New Delhi.
Shyam kumar Pokra
पुस्तक विमोचन ..... world Book Fair New Delhi.
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- किसान-विरोधी बिल रद्द करने की मांग: कोटा में भी किसान सभा और सीटू ने संयुक्त रूप से प्रतिरोध दिवस के तहत कोटा कलेक्ट्रेट पर बिल की प्रतियां जलाकर प्रदर्शन किया...1
- कोटा भामाशाह मंडी बाजार भाव देखिए रोजाना फॉलो जरूर करें।।1
- Post by Kalim khan1
- sabanam nisha 😥💔🥀 is my real feeling dard bhari koi hamara sath dene wala nahin lekin mujhe mere Allah per pura yakin Hai koi Na koi to jariya jarur banaega Jo ham maa beti ki madad Karega ameen summa Ameen 🕋😥🤲4
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- Rawat bhata1
- Post by Kalim khan1
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- किसान-विरोधी बिलों को रद्द करने की मांग -अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस के तहत प्रतियां जलाकर किया विरोध प्रदर्शन -2026 को विजय तक निरंतर, संयुक्त अखिल भारतीय संघर्ष का वर्ष बनाने की ली शपथ इटावा/ कोटा। अखिल भारतीय किसान सभा और सीटू के संयुक्त आह्वान पर आज कोटा जिले में अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस के रूप में बड़े पैमाने पर प्रदर्शन हुआ। किसानों, मजदूरों और आमजनता ने केंद्र सरकार द्वारा थोपे जा रहे विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025, विकसित भारत-ग्रामजी अधिनियम 2025 (VB-G RAM G Act), बीज विधेयक 2025 तथा चार श्रम संहिताओं की प्रतियां जला कर इनके तत्काल निरस्तीकरण की मांग की। किसान सभा इटावा के सदस्य मुरारीलाल बैरवा ने बताया कि संयुक्त किसान मोर्चा ने 16 जनवरी 2026 को अखिल भारतीय प्रतिरोध दिवस घोषित किया था। इस आह्वान पर कोटा जिले के उपखंड इटावा मुख्यालय सहित तहसील पीपल्दा क्षेत्र के कई गांवों बालूपा, गैंता, लुहावद, जलोदा खतियान, बीजावता आदि में जनसभाएं आयोजित की गईं।प्रदर्शन कारियों ने 2026 को विजय तक निरंतर, संयुक्त अखिल भारतीय संघर्ष का वर्ष बनाने की शपथ ली। इन मांगों को लेकर किया प्रदर्शन प्रदर्शन कारियों ने बिलों को तुरंत रद्द करने की मांग को लेकर बिलों की प्रतियां जलाई और इन्हें आमजन विरोधी बताते हुए रद्द करने की मांग की। साथ ही विद्युत (संशोधन) विधेयक 2025 बिजली क्षेत्र में निजीकरण और क्रॉस-सब्सिडी में बदलाव का आरोप लगाया। साथलही VB-G RAM G अधिनियम 2025 मनरेगा को प्रतिस्थापित करने वाले नए कानून को मजदूरों के अधिकारों पर हमला माना। इसी प्रकार बीज विधेयक 2025 को बीज गुणवत्ता नियमन के नाम पर किसानों की बीज संप्रभुता पर खतरा बताया। वहीं चारों श्रम संहिताओं पर श्रमिकों के अधिकारों में कटौती का आरोप लगाया। पुरजोर तरीके से उठाईं दीर्घकालिक मांगें प्रदर्शनकारियों ने दीर्घकालिक मांगों जैसे सभी फसलों पर एमएसपी @ C2+50% का कानूनी गारंटी और सुनिश्चित खरीद, किसान कर्जमाफी और आत्महत्याओं पर रोक लगाने के लिए समग्र ऋण माफी भूमि अधिग्रहण, पुनर्वास और पुनर्स्थापन में उचित प्रतिकर एवं पारदर्शिता का अधिकार अधिनियम, 2013 (LARR Act 2013) का सख्त क्रियान्वयन, जीएसटी में संशोधन कर राज्यों को विभाज्य पूल का 60% हिस्सा (वर्तमान 31% के बजाय) देना आदि को भी पुरजोर तरीके से उठाया। प्रदर्शन का नेतृत्व अखिल भारतीय किसान सभा तहसील कमेटी पीपल्दा के सचिव कामरेड बाबूलाल बलवानी ने किया। इटावा अंबेडकर सर्किल पर आयोजित मुख्य कार्यक्रम में सैकड़ों किसान-मजदूर शामिल हुए। विभिन्न गांवों में सक्रिय रहे ये प्रमुख कार्यकर्ता अखिल भारतीय प्रदर्शन के तहत बालूपा में कामरेड भवानी शंकर कुशवाह, गैंता में भोजराज नागर, कामरेड मुकुट बिहारी जंगम, मुरारीलाल बैरवा, बीजावता में हरिओम मीणा, लेखराज, लुहावद में तहसील अध्यक्ष सूरजमल मीणा, जलोदा खतियान में महावीर प्रसाद, कामरेड कमल बागड़ी, प्रेम पेंटर, चेतन प्रकाश, गोपाल लाल महावर, सूरजमल बैरवा, अमोलक चंद, रामचरण मीणा, रामहरि मीणा सहित सैकड़ों लोगों ने हिस्सा लिया। प्रदर्शन शांतिपूर्ण रहा और सरकार से मांग की गई कि वह किसानों-मजदूरों के हित में इन बिलों को वापस ले।4