शनिवार, 30 मई को दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी धाम में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत एक भव्य महाआरती और जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन ने उपस्थित होकर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बालाजी महाराज मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और सभी नागरिकों से जल बचाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को जल संकट की चुनौतियों का प्रभावी समाधान बताया। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रैला, जिला संयोजक महेंद्र पीलोडी, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश मीणा, महवा उपखंड अधिकारी मनीषा मीणा, विकास अधिकारी सिकराय देशवीर सिंह चौधरी, तहसीलदार सिकराय हेमेंद्र मीणा, थाना प्रभारी मेहंदीपुर बालाजी गौरव प्रधान, लेखराज कसाना, अनु नांदरी, हनुमान बैरवा, राजेश गौड़, नेतराम मीणा, रामभरोसी मीणा, सुबुद्धि मीणा, लोकेश शिमला, प्रशांत शिमला, सुभाष खटाना, गौरी देवी पाटन, घनश्याम योगी और भागीरथ सिंह केदार खदरपुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर वक्ताओं ने गंगा एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरण की आवश्यकता पर बल देते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए इस अभियान को गांव-गांव एवं घर-घर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। महाआरती के समापन पर बालाजी महाराज के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं तथा नागरिकों की उपस्थिति ने इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। उल्लेखनीय है कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले भर में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
शनिवार, 30 मई को दौसा जिले के मेहंदीपुर बालाजी धाम में वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत एक भव्य महाआरती और जन-जागरण कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस कार्यक्रम में कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जहाँ बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं, जनप्रतिनिधियों, सामाजिक कार्यकर्ताओं और आमजन ने उपस्थित होकर जल संरक्षण एवं पर्यावरण संरक्षण का महत्वपूर्ण संदेश दिया। कृषि मंत्री डॉ. किरोड़ी लाल मीणा ने बालाजी महाराज मंदिर में विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों के सुख, शांति एवं समृद्धि की कामना की। अपने संबोधन में उन्होंने जल संरक्षण को वर्तमान समय की सबसे बड़ी आवश्यकता बताया और सभी नागरिकों से जल बचाने के साथ-साथ आने वाली पीढ़ियों के लिए प्राकृतिक संसाधनों के संरक्षण का संकल्प लेने का आह्वान किया। डॉ. मीणा ने स्पष्ट किया कि जल संरक्षण केवल सरकारी प्रयासों से संभव नहीं है, बल्कि इसके लिए जनभागीदारी अत्यंत आवश्यक है। उन्होंने वर्षा जल संचयन, जल स्रोतों के संरक्षण और पर्यावरण संवर्धन को जल संकट की चुनौतियों का प्रभावी समाधान बताया। महाआरती के दौरान श्रद्धालुओं में विशेष उत्साह देखने को मिला, जिससे पूरा परिसर भक्तिमय वातावरण में सराबोर हो गया। कार्यक्रम में जिला अध्यक्ष लक्ष्मी रैला, जिला संयोजक महेंद्र पीलोडी, जिला परिषद के अतिरिक्त मुख्य कार्यकारी अधिकारी राजेश मीणा, महवा उपखंड अधिकारी मनीषा मीणा, विकास अधिकारी सिकराय देशवीर सिंह चौधरी, तहसीलदार सिकराय हेमेंद्र मीणा, थाना प्रभारी मेहंदीपुर बालाजी गौरव प्रधान, लेखराज कसाना, अनु नांदरी, हनुमान बैरवा, राजेश गौड़, नेतराम मीणा, रामभरोसी मीणा, सुबुद्धि मीणा, लोकेश शिमला, प्रशांत शिमला, सुभाष खटाना, गौरी देवी पाटन, घनश्याम योगी और भागीरथ सिंह केदार खदरपुर सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी एवं अनेक गणमान्य नागरिक उपस्थित थे। इस अवसर पर वक्ताओं ने गंगा एवं अन्य जल स्रोतों के संरक्षण, वर्षा जल संचयन तथा पर्यावरण संरक्षण के लिए जनजागरण की आवश्यकता पर बल देते हुए अभियान को जन-जन तक पहुंचाने का आह्वान किया। उपस्थित लोगों ने जल संरक्षण का संकल्प लेते हुए इस अभियान को गांव-गांव एवं घर-घर तक पहुंचाने की प्रतिबद्धता व्यक्त की। महाआरती के समापन पर बालाजी महाराज के जयकारों से पूरा वातावरण भक्तिमय हो उठा, और कार्यक्रम में बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं तथा नागरिकों की उपस्थिति ने इस अभियान को नई ऊर्जा प्रदान की। उल्लेखनीय है कि वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान के तहत जिले भर में जल संरक्षण के प्रति जागरूकता बढ़ाने के लिए विभिन्न कार्यक्रम लगातार आयोजित किए जा रहे हैं।
- राजस्थान के मेड़ता रोड़ में एक तूफान ने भारी तबाही मचाई है। जानकारी के अनुसार, मुखमली रेत की आंधी चलने के बाद तेज हवाओं के साथ ज़बरदस्त ओलावृष्टि भी हुई, जिससे क्षेत्र में व्यापक नुकसान हुआ।1
- लालसोट में ब्राह्मण समाज और श्री परशुराम सेना संघ के संयुक्त तत्वावधान में भगवान श्री परशुराम मंदिर परिसर में तृतीय विप्र बालक संस्कार शिविर का शुभारंभ हुआ है। शिविर के पहले दिन बालकों को सनातन संस्कृति, नित्यकर्म, पूजा-पाठ, योग, प्राणायाम, सूर्य नमस्कार और गायत्री मंत्र जप का गहन प्रशिक्षण प्रदान किया गया। इस दौरान, आचार्यों ने ब्राह्मण धर्म, संस्कारों और नैतिक मूल्यों की महत्ता पर प्रकाश डाला, साथ ही बच्चों को सदाचार और अनुशासन को अपने जीवन में अपनाने के लिए प्रेरित किया। इस महत्वपूर्ण शिविर में बड़ी संख्या में बालकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया, और समाज के कई गणमान्य व्यक्ति भी इस अवसर पर उपस्थित रहे।2
- लालसोट के परशुराम मंदिर में रविवार को एक भव्य संस्कार शिविर का शुभारंभ हुआ, जिसमें बड़ी संख्या में बच्चों, युवाओं और अभिभावकों ने उत्साहपूर्वक भाग लिया। इस शिविर के माध्यम से प्रतिभागियों को भारतीय संस्कृति, नैतिक शिक्षा, धार्मिक ज्ञान, योग, अनुशासन और जीवन मूल्यों की महत्वपूर्ण जानकारी दी जा रही है। आयोजकों ने बताया कि इस शिविर का मुख्य उद्देश्य वर्तमान समय में नई पीढ़ी को संस्कारों से जोड़ना है। इसमें बच्चों और युवाओं को व्यक्तित्व विकास, राष्ट्रभक्ति, सामाजिक जिम्मेदारियों तथा सनातन संस्कृति के महत्व के बारे में अवगत कराया जा रहा है। शिविर के शुभारंभ के अवसर पर वक्ताओं ने इस बात पर जोर दिया कि संस्कार ही व्यक्ति के जीवन की वास्तविक पूंजी हैं और ऐसे आयोजन युवाओं को सही दिशा देने के साथ-साथ समाज में एक सकारात्मक वातावरण का निर्माण करते हैं। शिविर में प्रतिदिन विभिन्न धार्मिक, सांस्कृतिक और प्रेरणादायक गतिविधियों का आयोजन किया जाएगा।1
- किसान महापंचायत के राष्ट्रीय अध्यक्ष रामपाल जाट के नेतृत्व में संगठन द्वारा "जल यात्रा" निकाली जा रही है, जिसका केंद्रीय नारा है: "घर-घर अलग जगायेंगे -नहर का पानी लायेंगे"। यह यात्रा निवाई उपखंड के गांवों में चौथे दिन भी जारी रही, जिसने भांवता, भावती, चैनपुरा, मूंडिया, गुन्सी, सजीया, चनानी, गोपालपुरा, हनूतिया, सुरिया, राहोली, सुनारा, सुनारी, प्रतापपुरा, और आकोडिया जैसे कई गांवों को कवर किया। दिन के अंत में चतुर्भुजपुरा में रात्रि सभा और रंगारंग तेजाजी गायन का आयोजन किया जाएगा। रामपाल जाट ने बताया कि बिसलपुर बांध का निर्माण सिंचाई के उद्देश्य से किया गया था और इसमें निवाई के लिए सिंचाई तंत्र विकसित किया जाना था। हालांकि, सिंचाई परियोजना विकसित करने के लिए आवाज नहीं उठाई गई, जिसके परिणामस्वरूप बिसलपुर बांध से पानी जयपुर को पेयजल के नाम पर उपलब्ध कराया गया। इससे रामगढ़ बांध के साथ-साथ हजारों तालाब, तलाई और कुएं खत्म हो गए, जिससे टोंक जिले के किसानों को नुकसान हुआ। इसी प्रकार, वर्ष 2015 में आरंभ हुए ईसरदा बांध के निर्माण के समय, लालसोट और सवाई माधोपुर जिले के चौथ का बरवाड़ा को 3.57 टीएमसी पेयजल दिया जाना तय था। लेकिन, वर्ष 2025 के बजट घोषणा के माध्यम से जयपुर को पेयजल के लिए 4 टीएमसी पानी दिए जाने का निर्णय हुआ। उन्होंने यह भी बताया कि 193 किलोमीटर दूर भरतपुर में एक सिंचाई परियोजना बनाई जा रही है। जाट ने कहावत का उल्लेख करते हुए अपनी पीड़ा व्यक्त की कि "घर का पूत कंवारा डोल पाडो़ंसी का फैरा", क्योंकि निवाई के दोनों तरफ से पानी निकाला जा रहा है, और मोरेल बांध तक बहड़ की ओर से पानी लिया जा रहा है, जबकि रामगढ़ बांध से जोधपुरिया बांध के ऊपर से नहरें निकाली जा रही हैं। उन्होंने आशंका जताई कि "गांव हमारे उठेंगे - ज़मीन हमारी खत्म होगीं, बेरोजगार हम होंगे-बे-घर टोंक निवासी होंगे", फिर भी उन्हें खेतों और पीने के लिए नहर का पानी नहीं मिलेगा। निवाई उपखंड में कोई सिंचाई परियोजना नहीं होने के कारण, जल संसाधन विभाग का एईएन कार्यालय भी नहीं है। वर्ष 2025 में पंचायत राज संस्थाओं से जल संसाधन विभाग को मिले 14 तालाबों की दयनीय स्थिति में भी सुधार नहीं हो सकेगा। किसान महापंचायत की इस जल यात्रा को गांव-गांव में जबरदस्त समर्थन मिल रहा है, और लोग तन, मन और धन से सहयोग करने का संकल्प ले रहे हैं। किसान महापंचायत ने मतदाताओं से अपील की कि सांसद, विधायक और जिला परिषद सदस्य के चुनाव में मतदान करते समय वे मटकी खरीदने से पहले उसे दस बार बजाकर देखने की तरह, नेताओं के 15 वर्षों के कार्यों, चरित्र, किसानों के लिए संघर्ष, और उनकी पीड़ाओं में योगदान को भली-भांति जांच-परखकर ही वोट करें। किसानों ने कहा कि "वोट किसान बनकर देंगे तों फिर 5 वर्षों तक पछताने की जरूरत नहीं रहेंगी", और इससे किसानों के खिलाफ कार्य करने की हिम्मत भी किसी में नहीं होगी। इस यात्रा में प्रदेशाध्यक्ष मुसद्दीलाल यादव, युवा प्रदेशाध्यक्ष रामेश्वर प्रसाद चौधरी, प्रदेश मंत्री बत्ती लाल बैरवा, गोपीराम डबास, जिला अध्यक्ष गोपीलाल डोड़वाडी सहित कई पदाधिकारी और ग्रामीण शामिल हैं, जिनका माला पहनाकर स्वागत भी किया जा रहा है। दशरथ सिंह चौहान जल यात्रा के संयोजक और किसान महापंचायत निवाई के तहसील अध्यक्ष हैं।4
- सवाई माधोपुर के समीप कुशालीपुरा तिराहे पर गुर्जर समाज का शहीदों को श्रद्धांजलि कार्यक्रम दूसरे दिन भी जारी रहा। इसी दौरान, विजय बैसला ने शहीदों की प्रतिमाएं स्थापित करने का ऐलान किया, जिससे कुशालीपुरा में गहमा-गहमी बढ़ गई है। विजय बैसला के इस ऐलान के बाद प्रशासन में हलचल तेज हो गई और वह अलर्ट मोड में आ गया। प्रदेश भर से भारी संख्या में गुर्जर नेता और युवा-बुजुर्ग कार्यक्रम स्थल पर पहुंच रहे हैं, जिससे लोगों का भारी जमावड़ा लगा हुआ है। इस भीड़ के कारण सवाई माधोपुर, खण्डार, फलौदी और मध्य प्रदेश के मार्गों पर कई घंटों तक जाम लगा रहा, जिससे यातायात प्रभावित हुआ। हालांकि, बाद में हालात सामान्य होने पर लोगों को राहत मिली। प्रतिमा स्थापना की घोषणा के बाद प्रशासन की चिंता बढ़ना स्वाभाविक है, जिसके मद्देनजर कार्यक्रम स्थल पर भारी पुलिस बल तैनात किया गया है और चप्पे-चप्पे पर नजर रखी जा रही है। जिला कलेक्टर और पुलिस अधीक्षक सहित प्रशासनिक एवं पुलिस अधिकारी लगातार स्थिति पर पैनी नजर बनाए हुए हैं। समाज के लोगों ने चेतावनी दी है कि यदि उनकी मांगों पर शीघ्र विचार कर समाधान नहीं किया गया, तो भविष्य में एक बड़ा आंदोलन हो सकता है।4
- नेपाल की अस्मिता तमांग नाम की कक्षा 9 की एक छात्रा बेहद चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में अपनी पढ़ाई जारी रख रही है। अपनी माँ के निधन के बाद, अस्मिता को अपने डेढ़ साल के छोटे भाई और अन्य छोटे भाई-बहनों की जिम्मेदारी संभालनी पड़ रही है। चूंकि उनके पिता काम पर चले जाते हैं और घर पर बच्चों की देखभाल के लिए कोई अन्य व्यक्ति नहीं होता, अस्मिता को अपने छोटे भाई को गोद में लेकर ही स्कूल जाना पड़ता है। इसी वजह से, वह कक्षा में भी अपने छोटे भाई को गोद में बैठाकर पढ़ती है। जब शिक्षक ने उससे इस स्थिति के बारे में पूछा, तो अस्मिता अपनी व्यथा व्यक्त करते हुए कक्षा में ही रो पड़ी। यह वीडियो अस्मिता के इस अनकहे संघर्ष और जुदाई की कहानी को दर्शाता है।1
- राजस्थान सरकार द्वारा जल संकट से निपटने और जल संरक्षण को जन-भागीदारी बनाने के उद्देश्य से शुरू किए गए 'वंदे गंगा जल संरक्षण जन अभियान' के तहत 30 मई 2026 को खण्डार ब्लॉक में एक जिला स्तरीय कार्यक्रम आयोजित किया गया। जलग्रहण एवं भू संरक्षण विभाग द्वारा यह कार्यक्रम ग्राम पंचायत सिंगोर कलां की श्री 108 नित्यानंद सरस्वती गौशाला, सिंगोर गांव में संपन्न हुआ। अभियान के अंतर्गत इस कार्यक्रम में जल पूजन, पीपल पूजन, 51 कलशों की कलश यात्रा, प्रतीकात्मक वृक्षारोपण और जल संरक्षण का संकल्प लिया गया। इस अवसर पर खण्डार के प्रधान नरेंद्र चौधरी ने मुख्य अतिथि के रूप में भाग लिया, जबकि भाजपा मण्डल अध्यक्ष खण्डार महावीर चौधरी, उपखंड अधिकारी उपखंड खण्डार वर्षा मीणा, अधीक्षण अभियंता जल ग्रहण विकास एवं भू - संरक्षण सवाई माधोपुर संजय माथुर, तथा विकास अधिकारी पंचायत समिति खण्डार जगदीश प्रसाद मित्तल सहित समस्त ब्लॉक स्तरीय अधिकारियों ने अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। कार्यक्रम में ग्राम सिंगार कलां का अथाह जन समूह भी मौजूद रहा।3
- शिव विधायक रविन्द्र सिंह भाटी ने श्रमिकों के अधिकारों के लिए चल रहे आंदोलन के संबंध में मीडिया से बातचीत की। उन्होंने इस आंदोलन से जुड़े विभिन्न पहलुओं पर अपने विचार साझा किए।1
- राजस्थान के अनूपगढ़ में किसान पानी की समस्या को लेकर सड़कों पर उतर आए हैं। अपनी मांगों को लेकर किसानों ने बीकानेर-श्रीगंगानगर हाईवे को जाम कर दिया है, जिसके चलते वे पाँच अलग-अलग जगहों पर धरने पर बैठ गए हैं। किसानों की प्रमुख मांग रबी की फसल के लिए 1000 क्यूसेक पानी उपलब्ध कराना और नहर की मरम्मत करवाना है।1