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जिला बाराबंकी की तहसील फतेहपुर और आसपास के इलाकों में 9 मुहर्रम यौमे आशूरा का मुख्य जुलूस कर्बला की शहादत की याद में शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से निकाला गया। इस दौरान अज़ादार काले कपड़े पहनकर 'या हुसैन' के नारे बुलंद करते हुए नज़र आए। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह जुलूस निकाला गया, जिसमें अलम और ताजिया उठाए गए। जुलूस में भारी भीड़ देखने को मिली, जो विभिन्न मार्गों से होकर गुज़रा। इस अवसर पर थाना फतेहपुर प्रभारी अमित कुमार सिंह, चौकी प्रभारी अजय पांडे और पुलिस बल मौजूद रहा।
शहनवाज असलम
जिला बाराबंकी की तहसील फतेहपुर और आसपास के इलाकों में 9 मुहर्रम यौमे आशूरा का मुख्य जुलूस कर्बला की शहादत की याद में शांतिपूर्ण और पारंपरिक तरीके से निकाला गया। इस दौरान अज़ादार काले कपड़े पहनकर 'या हुसैन' के नारे बुलंद करते हुए नज़र आए। पुलिस की कड़ी सुरक्षा व्यवस्था के बीच यह जुलूस निकाला गया, जिसमें अलम और ताजिया उठाए गए। जुलूस में भारी भीड़ देखने को मिली, जो विभिन्न मार्गों से होकर गुज़रा। इस अवसर पर थाना फतेहपुर प्रभारी अमित कुमार सिंह, चौकी प्रभारी अजय पांडे और पुलिस बल मौजूद रहा।
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- भारत समाचार के डिबेट कार्यक्रम में राम मंदिर से जुड़ी चोरी के मामले पर चर्चा की गई, जिसमें बताया गया कि इस घटना में 7 से 8 लोगों को गिरफ्तार कर जेल भेजा जा चुका है। इस दौरान, वीरेंद्र सिंह ने 'चंदा चोरी' के असली गुनहगारों को लेकर तीखे सवाल उठाए। उन्होंने पूछा कि आखिर किसने सोना, चांदी और पैसा लूटा है और इस 'चंदा चोरी' के पीछे असली दोषी कौन हैं।1
- उत्तर प्रदेश के बाराबंकी जनपद के रामनगर थाना क्षेत्र में करसा कला गांव के पास शुक्रवार दोपहर एक दर्दनाक हादसा हो गया। सुमली नदी में नहाने गए दो नाबालिग बच्चों की डूबने से मौत हो गई, जिससे पूरे गांव में चीख-पुकार मच गई और मातम पसर गया। जानकारी के अनुसार, पुरैना निवासी 11 वर्षीय अर्पित और रतनपुर निवासी 13 वर्षीय अतुल शुक्रवार को भैंस चराने के लिए घर से निकले थे। दोपहर की भीषण गर्मी में जब भैंस सुमली नदी में नहाने लगीं, तो दोनों बच्चे भी नदी में उतर गए। शुरुआत में वे कम पानी में नहा रहे थे, लेकिन धीरे-धीरे गहरे पानी की ओर चले गए और डूबने लगे। नदी में मौजूद अन्य बच्चों ने उन्हें डूबते देखा तो शोर मचाकर परिजनों और ग्रामीणों को सूचना दी। हादसे की खबर फैलते ही पूरे गांव में हड़कंप मच गया और कुछ ही देर में सैकड़ों ग्रामीण नदी किनारे जमा हो गए और बच्चों की तलाश शुरू कर दी। सूचना मिलने पर 112 पीआरबी और रामनगर थाने की पुलिस मौके पर पहुंची और राहत एवं बचाव कार्य शुरू किया। स्थानीय गोताखोरों ने काफी मशक्कत के बाद पहले एक बच्चे के शव को नदी से बाहर निकाला। करीब एक घंटे बाद दूसरे बच्चे का शव भी बरामद कर लिया गया। मौके पर उपजिलाधिकारी आनंद कुमार तिवारी, तहसीलदार विपुल सिंह, क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत, थाना प्रभारी अरुण प्रताप सिंह और चौकी इंचार्ज रजनीश कुमार पांडेय सहित कई पुलिसकर्मी मौजूद रहे। अधिकारियों ने पीड़ित परिवारों को हर संभव सहायता दिलाने का आश्वासन दिया है। तहसीलदार विपुल सिंह ने पुष्टि की कि दोनों बच्चों की मौत नदी में डूबने से हुई है और नियमानुसार सरकारी सहायता दिलाने की कार्रवाई की जाएगी। क्षेत्राधिकारी गरिमा पंत ने बताया कि दोनों शवों को पोस्टमार्टम के लिए भेज दिया गया है। इस दर्दनाक हादसे के बाद दोनों गांवों में शोक का माहौल छाया हुआ है।1
- बाराबंकी के रामसनेहीघाट स्थित रॉयल गैलेक्सी रेस्टोरेंट पर आम आदमी पार्टी द्वारा एक भव्य स्वागत समारोह आयोजित किया गया। इस दौरान दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल और राज्यसभा सांसद संजय सिंह का पार्टी कार्यकर्ताओं ने लखनऊ से अयोध्या जाते समय फूल-मालाएं और अंग वस्त्र भेंट कर जोरदार स्वागत किया। इस स्वागत समारोह की अगुवाई आम आदमी पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष अधिवक्ता अभिषेक प्रताप सिंह ने की, जिनके साथ सैकड़ों की संख्या में पार्टी कार्यकर्ता मौजूद रहे। पार्टी के शीर्ष नेताओं के आगमन को लेकर कार्यकर्ताओं में भारी उत्साह देखने को मिला, और बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं ने इस समारोह में हिस्सा लिया।1
- बृजभूषण शरण सिंह ने भारत तिवारी एनकाउंटर मामले पर अपनी बात रखी है।1
- बाराबंकी में इंडियन स्टूडेंट पॉवर ने लखनऊ के अलीगंज क्षेत्र स्थित एक निजी कोचिंग संस्थान में हुई हृदयविदारक अग्निकांड की घटना में असमय काल-कवलित हुए छात्रों की आत्मा की शांति तथा शोकाकुल परिजनों के प्रति संवेदना व्यक्त करने के उद्देश्य से एक श्रद्धांजलि सभा का आयोजन किया। डॉ. भीमराव अंबेडकर पार्क, सतरिख नाका, बाराबंकी में आयोजित इस सभा में उपस्थित लोगों ने दिवंगत विद्यार्थियों को श्रद्धासुमन अर्पित करते हुए दो मिनट का मौन रखकर उनकी आत्मा की शांति के लिए प्रार्थना की। संगठन के संरक्षक पंकज गुप्ता ‘पंकी’ ने अलीगंज की इस घटना को अत्यंत दुखद और चिंताजनक बताया। उन्होंने कहा कि प्रदेश एवं देश के विभिन्न हिस्सों में पूर्व में भी ऐसी दुर्घटनाएं हुई हैं, लेकिन समय बीतने के साथ सुरक्षा मानकों की अनदेखी फिर शुरू हो जाती है। ‘पंकी’ ने विद्यालयों, कोचिंग संस्थानों, अस्पतालों एवं अन्य सार्वजनिक स्थलों पर अग्नि सुरक्षा संबंधी व्यवस्थाओं की नियमित समीक्षा और निरीक्षण को अत्यंत आवश्यक बताया, यह कहते हुए कि केवल दुर्घटना के बाद कार्रवाई करना पर्याप्त नहीं है, बल्कि सुरक्षा मानकों का पालन निरंतर सुनिश्चित किया जाना चाहिए। इसी क्रम में, संगठन के अध्यक्ष सिद्धार्थ कनौजिया ने प्रशासन से उन स्थानों पर समय-समय पर सुरक्षा व्यवस्था, अग्निशमन उपकरणों की उपलब्धता एवं आपातकालीन निकास मार्गों का निरीक्षण करने का आग्रह किया, जहाँ बड़ी संख्या में लोग एकत्रित होते हैं, विशेषकर कोचिंग संस्थान, विद्यालय, अस्पताल एवं अन्य बहुमंजिला भवन। उन्होंने कहा कि ऐसी घटनाएं केवल संस्थानों की ही नहीं, बल्कि पूरे समाज की चिंता का विषय हैं और भविष्य में इनकी पुनरावृत्ति रोकने के लिए प्रभावी एवं स्थायी कदम उठाए जाने चाहिए। संगठन के जिला महासचिव विनीत वर्मा एवं हिमांशु सैनी ने कहा कि इस घटना में जान गंवाने वाले अधिकांश छात्र अपने उज्ज्वल भविष्य के सपनों को साकार करने के लिए घर से दूर रहकर अध्ययन कर रहे थे, लेकिन दुर्भाग्यवश संस्थान की लापरवाही और सुरक्षा मानकों की अनदेखी के कारण उन्हें असमय अपने प्राण गंवाने पड़े। उन्होंने इस पूरे प्रकरण की निष्पक्ष एवं उच्चस्तरीय जांच कराने तथा जो भी व्यक्ति या संस्था दोषी पाए जाएं, उनके विरुद्ध कठोरतम कानूनी कार्रवाई करने की मांग की, ताकि भविष्य में किसी अन्य परिवार को ऐसी पीड़ा का सामना न करना पड़े। श्रद्धांजलि सभा में उपस्थित सभी लोगों ने एक स्वर में दिवंगत विद्यार्थियों के प्रति अपनी गहरी संवेदना व्यक्त करते हुए उनके परिजनों को इस असहनीय दुःख को सहन करने की शक्ति प्रदान करने की प्रार्थना की। साथ ही, प्रशासन एवं शासन से मांग की गई कि प्रदेश भर में संचालित कोचिंग संस्थानों एवं अन्य शैक्षणिक प्रतिष्ठानों की सुरक्षा व्यवस्था की व्यापक समीक्षा कर आवश्यक सुधारात्मक कदम उठाए जाएं। इस अवसर पर केशव राम, मोनू वर्मा, अविनाश वर्मा, अभिषेक, दिलीप वर्मा, राघवेंद्र सुमन, अनुपम, अमित सूर्यवंशी, नेहा सिंह आनन्द, मालती यादव, जया श्रीवास्तव सहित संगठन के अनेक पदाधिकारी, कार्यकर्ता एवं गणमान्य नागरिक उपस्थित रहे।4
- बाराबंकी जिले के सिरौली गौसपुर क्षेत्र में स्थित बदोसराय थाने के अंतर्गत आने वाली किंतुर, सैदनपुर और मरकामऊ (बदोसराय) पंचायतों में मोहर्रम का त्योहार पूरी अकीदत और शांतिपूर्ण माहौल में संपन्न हो गया। इस अवसर पर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए थे, जिसकी कमान उप जिलाधिकारी सिरौली गौसपुर के कुशल संयोजन में स्वयं थाना प्रभारी रामऔतार सरोज ने संभाली थी। थाना प्रभारी रामऔतार सरोज और उनकी पूरी पुलिस टीम ने हर संवेदनशील पॉइंट पर मुस्तैदी से अपनी ड्यूटी निभाई, जिसके कारण यह पूरा आयोजन बिना किसी बाधा के और बेहद सौहार्दपूर्ण तरीके से संपन्न हुआ। इमाम हुसैन की शहादत के प्रतीक इस त्योहार में अकीदतमंदों ने नम आंखों से ताजियों को विदाई दी। स्थानीय नागरिकों ने पुलिस प्रशासन की इस सजगता और उत्कृष्ट सुरक्षा व्यवस्था की खुले दिल से प्रशंसा की है।1
- हजरत इमाम हुसैन की शहादत को सच्ची श्रद्धांजलि अर्पित करते हुए, टिकैतनगर में सेवा सदन हॉस्पिटल और रुदौली चैरिटेबल ब्लड सेंटर ने मिलकर एक भव्य रक्तदान शिविर का आयोजन किया। इस कार्यक्रम का शुभारंभ सेवा सदन हॉस्पिटल के एमडी रितेश जैन ने स्वयं रक्तदान करके किया, जिससे अन्य लोगों को भी प्रेरणा मिली। उनके इस प्रेरणादायी कदम के बाद अमृतलाल, निशांत, अशोक तिवारी, पवन कसेरा, अमित, दिलदार अहमद, अरुण कुमार, एरर अहमद और ग्राम पूर्वा निवासी बद्री सहित कई लोगों ने स्वेच्छा से रक्तदान कर मानवता और भाईचारे का संदेश दिया। रक्तदान करने वाले सभी 'रक्तवीरों' को रुदौली के प्रसिद्ध इमामबाड़े की आकर्षक प्रतिकृति (मोमेंटो) भेंट कर सम्मानित किया गया। इसी के साथ, सेवा सदन हॉस्पिटल ने जरूरतमंद मरीजों को दो दिनों की निःशुल्क दवाइयां भी वितरित कीं। इस अवसर पर मेदांता लखनऊ के हृदय रोग विशेषज्ञ डॉ. अब्दुल अजीज और स्त्री एवं प्रसूति रोग विशेषज्ञ डॉ. आयशा सिंह, साथ ही सेवा सदन हॉस्पिटल के समस्त चिकित्सक एवं स्टाफ उपस्थित रहे। इस पुण्य कार्य के माध्यम से यह संदेश दिया गया कि "एक यूनिट रक्त, किसी की पूरी जिंदगी बचा सकता है" और "रक्तदान महादान" है, क्योंकि मानव सेवा ही सबसे बड़ा धर्म है।4
- बाराबंकी जिले के बुढ़वल-शुगर मिल रेलखंड के बीच रेलवे ट्रैक किनारे एक व्यक्ति का क्षत-विक्षत शव मिलने से हड़कंप मच गया। आरपीएफ बुढ़वल को रात करीब 11:40 बजे किलोमीटर संख्या 4/28-4/30 के बीच ट्रेन से कटने की सूचना प्राप्त हुई थी, जिसके उपरांत मौके पर पहुंची आरपीएफ टीम को प्राथमिक तलाश में शव नहीं मिला। तत्पश्चात, किलोमीटर संख्या 5/02-5/06 के बीच डाउन लाइन के पास झाड़ियों में तलाशी के दौरान शव बरामद किया गया। मृतक का एक पैर कटा हुआ था और सिर सहित शरीर के कई हिस्से बुरी तरह क्षतिग्रस्त अवस्था में मिले। घटनास्थल पर खून के निशान और सिर के अवशेष भी पाए गए। रामनगर थाने की पुलिस ने पहुंचकर शव की जांच की और आवश्यक कार्रवाई प्रारंभ की। ग्रामीणों की सूचना पर, सिंह राज सिंह ने शव की पहचान अपने पिता मैनेजर सिंह (55), निवासी खेतौरा, के रूप में की। पुलिस के अनुसार, मृतक के पास से कोई यात्रा टिकट या पहचान पत्र बरामद नहीं हुआ है। आरपीएफ ने यह भी स्पष्ट किया कि इस घटना से किसी भी ट्रेन का संचालन बाधित नहीं हुआ है, और मामले की जांच अभी भी जारी है।1