नालंदा जिले के राजगीर में हुए दोहरे हत्याकांड पर भाकपा (माले) ने पुजारी, पुलिस और अपराधियों की मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर निवासी 20 वर्षीय श्रवण पासवान और 31 वर्षीय पिंटू पासवान को झुनकिया बाबा मंदिर परिसर में कथित चोरी के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला गया था। दोनों मृतक राजमिस्त्री मजदूर का काम करते थे, जिनमें श्रवण पासवान अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। भाकपा (माले) के अनुसार, दोनों युवक अपने अन्य साथियों के साथ मेला घूमने गए थे और शौच के लिए मंदिर के पीछे गए थे। इसी दौरान मंदिर से जुड़े लोगों ने उन्हें चोर बताकर पकड़ा और कथित रूप से उनके हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि उनकी जाति और पहचान पूछने के बाद उन्हें गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्टी ने आरोप लगाया कि घटना स्थल के समीप पुलिस कैंप होने के बावजूद समय पर हस्तक्षेप नहीं किया गया। घायल युवकों को बाद में पुलिस के हवाले किया गया, जिन्होंने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहां बाद में दोनों की मृत्यु हो गई। बुधवार को आरा के सांसद और भाकपा (माले) के केंद्रीय कमेटी सदस्य सुदामा प्रसाद ने गंजपर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उनके साथ भाकपा (माले) के जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा, इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष बिरेस कुमार, जिला कमेटी सदस्य अनिल पटेल, सुनील कुमार, फुटपाथ दुकानदार संघ के नेता किशोर साव और राजेश रविदास सहित कई नेता उपस्थित थे। सांसद सुदामा प्रसाद ने दोषियों को कठोर सजा दिलाने और पीड़ित परिवारों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन तेज करने की बात कही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में दलितों, गरीबों और महिलाओं पर हमले बढ़े हैं और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। भाकपा (माले) ने सरकार से मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सभी आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल, संबंधित थाना प्रभारी को बर्खास्त करने और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से कराने की भी मांग की गई है। भाकपा (माले) ने इस झुनकिया बाबा मंदिर दोहरे हत्याकांड के विरोध में 25 जून को बिहारशरीफ में प्रतिवाद मार्च और सभा आयोजित करने की घोषणा की है।
नालंदा जिले के राजगीर में हुए दोहरे हत्याकांड पर भाकपा (माले) ने पुजारी, पुलिस और अपराधियों की मिलीभगत का गंभीर आरोप लगाया है। दीपनगर थाना क्षेत्र के गंजपर निवासी 20 वर्षीय श्रवण पासवान और 31 वर्षीय पिंटू पासवान को झुनकिया बाबा मंदिर परिसर में कथित चोरी के आरोप में पीट-पीटकर मार डाला गया था। दोनों मृतक राजमिस्त्री मजदूर का काम करते थे, जिनमें श्रवण पासवान अपने परिवार का एकमात्र कमाने वाला सदस्य था। भाकपा (माले) के अनुसार, दोनों युवक अपने अन्य साथियों के साथ मेला घूमने गए थे और शौच के लिए मंदिर के पीछे गए थे। इसी दौरान मंदिर से जुड़े लोगों ने उन्हें चोर बताकर पकड़ा और कथित रूप से उनके हाथ-पैर बांधकर बेरहमी से पिटाई की। आरोप है कि उनकी जाति और पहचान पूछने के बाद उन्हें गंभीर रूप से प्रताड़ित किया गया, जिससे वे गंभीर रूप से घायल हो गए। पार्टी ने आरोप लगाया कि घटना स्थल के समीप पुलिस कैंप होने के बावजूद समय पर हस्तक्षेप नहीं किया गया। घायल युवकों को बाद में पुलिस के हवाले किया गया, जिन्होंने उन्हें इलाज के लिए अस्पताल भेजा, जहां बाद में दोनों की मृत्यु हो गई। बुधवार को आरा के सांसद और भाकपा (माले) के केंद्रीय कमेटी सदस्य सुदामा प्रसाद ने गंजपर पहुंचकर पीड़ित परिवारों से मुलाकात कर उन्हें सांत्वना दी। इस दौरान उनके साथ भाकपा (माले) के जिला सचिव श्रीनिवास शर्मा, इंकलाबी नौजवान सभा के जिलाध्यक्ष बिरेस कुमार, जिला कमेटी सदस्य अनिल पटेल, सुनील कुमार, फुटपाथ दुकानदार संघ के नेता किशोर साव और राजेश रविदास सहित कई नेता उपस्थित थे। सांसद सुदामा प्रसाद ने दोषियों को कठोर सजा दिलाने और पीड़ित परिवारों को न्याय सुनिश्चित करने के लिए आंदोलन तेज करने की बात कही। उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि राज्य में दलितों, गरीबों और महिलाओं पर हमले बढ़े हैं और अपराधियों का मनोबल बढ़ा हुआ है। भाकपा (माले) ने सरकार से मृतकों के परिजनों को 50-50 लाख रुपये का मुआवजा, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, सभी आरोपियों के खिलाफ स्पीडी ट्रायल, संबंधित थाना प्रभारी को बर्खास्त करने और पीड़ित परिवारों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की मांग की है। साथ ही, इस मामले की जांच उच्च न्यायालय के सिटिंग जज से कराने की भी मांग की गई है। भाकपा (माले) ने इस झुनकिया बाबा मंदिर दोहरे हत्याकांड के विरोध में 25 जून को बिहारशरीफ में प्रतिवाद मार्च और सभा आयोजित करने की घोषणा की है।
- प्रशांत किशोर ने भरत भूषण तिवारी के परिजनों से उनके घर पहुँचकर मुलाकात की और महापंचायत में भी शामिल हुए। उन्होंने भरत तिवारी के परिवार की ओर से यह मांग रखी कि हत्या करने वालों के साथ-साथ उन लोगों पर भी कार्रवाई हो जिनके कहने पर यह हत्या की गई है। इस दौरान प्रशांत किशोर ने मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी को उनके बयान को लेकर घेरा और उसे असंवेदनशील बताया। उन्होंने जोर देकर कहा कि पुलिसिंग का मतलब गोली चलाना नहीं होता, बल्कि पुलिस का काम समाज की रक्षा करना है। प्रशांत किशोर ने चेतावनी दी कि जब रक्षक ही भक्षक बन जाए तो समाज को खड़ा होना पड़ेगा।1
- प्रशांत किशोर (PK) ने भरत भूषण तिवारी के परिजनों से उनके आवास पर जाकर मुलाकात की और उसके बाद महापंचायत में शामिल हुए। इस दौरान उन्होंने भरत भूषण तिवारी के परिवार की ओर से यह मांग रखी कि इस हत्या को अंजाम देने वालों के साथ-साथ उन लोगों पर भी सख्त कार्रवाई होनी चाहिए, जिनके कहने पर यह हत्या की गई है। PK ने बिहार के मुख्यमंत्री सम्राट चौधरी के बयान पर सवाल उठाते हुए उन्हें घेरा और उनके बयान को असंवेदनशील करार दिया। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि पुलिसिंग का अर्थ गोली चलाना नहीं होता है, बल्कि पुलिस का मुख्य काम समाज और नागरिकों की रक्षा करना है। PK ने जोर देते हुए कहा कि जब रक्षक ही भक्षक का रूप ले लें, तो ऐसे में समाज को एकजुट होकर खड़ा होना पड़ेगा।1
- प्रशांत किशोर हाल ही में बिलौटी गांव स्थित भरत तिवारी के घर पहुंचे। इस दौरान उन्होंने "सीएम सम्राट" को लेकर अपनी तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त की है। उपलब्ध जानकारी के अनुसार, प्रशांत किशोर "सीएम सम्राट" पर काफी गरम हैं और उनके प्रति अपना कड़ा रुख दिखाया है।1
- अनिल पासवान को डॉ. भीमराव अंबेडकर संघर्ष विचार मंच का राष्ट्रीय अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।1
- राजगीर मलमास मेला कांड में दलित समाज के दो लोगों की मौत के मामले को लेकर बिहार शरीफ के अस्पताल मोड़ पर भीम आर्मी के नेतृत्व में एक बड़ा महा आंदोलन किया गया। इस प्रदर्शन में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया, जहाँ उन्होंने पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने, मामले की निष्पक्ष जांच कराने और दोषियों के विरुद्ध सख्त कानूनी कार्रवाई करने की मांग की। आंदोलन के दौरान, भीम आर्मी के नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवारों को जल्द न्याय नहीं मिला और दोषियों के खिलाफ प्रभावी कार्रवाई नहीं हुई, तो इस आंदोलन को पूरे बिहार में और अधिक व्यापक रूप दिया जाएगा। प्रदर्शनकारियों ने प्रशासन से निष्पक्ष जांच और त्वरित कार्रवाई की मांग करते हुए यह संकल्प दोहराया कि वे न्याय मिलने तक अपना संघर्ष जारी रखेंगे। फिलहाल, इस मामले की जांच जारी है और संबंधित अधिकारियों द्वारा कानूनी प्रक्रिया को आगे बढ़ाया जा रहा है।1
- भारत तिवारी मामले को लेकर बिहार की राजनीति में बयानबाज़ी तेज़ हो गई है। इस प्रकरण पर, पप्पू यादव ने सरकार पर सीधा निशाना साधते हुए ज़ोरदार माँग की है कि या तो सरकार अपना इस्तीफ़ा दे, या संबंधित मंत्री को इस मामले पर जवाब देना चाहिए। पप्पू यादव के इस बयान के बाद राजनीतिक गलियारों में एक नई बहस शुरू हो गई है, और इस मामले को लेकर विभिन्न दलों की प्रतिक्रियाएँ भी सामने आ रही हैं। स्रोत ने पाठकों से पूछा है कि क्या उन्हें लगता है कि इस मामले में सरकार को जवाब देना चाहिए।1
- बिहारशरीफ में एडवोकेट अमर आजाद (कांग्रेस नेता) के नेतृत्व में श्रम कल्याण मैदान से DM कार्यालय तक एक दलित अतिपिछड़ा न्याय मार्च निकाला गया। यह मार्च राजगीर में दलित वर्ग (पासवान समाज) के दो लड़कों की कथित निर्मम हत्या और अनुसूचित जाति एवं अतिपिछड़ा वर्ग के परिवारों से संबंधित अन्य गंभीर मामलों में न्याय की मांग को लेकर आयोजित किया गया था। इस विरोध प्रदर्शन में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने हिस्सा लेते हुए पीड़ित परिवारों के लिए न्याय सुनिश्चित करने की जोरदार मांग उठाई। मार्च के दौरान जिला प्रशासन को सौंपे गए मांग पत्र में नालंदा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अनुसूचित जाति एवं अतिपिछड़ा वर्ग के परिवारों के साथ हुई गंभीर घटनाओं पर चिंता व्यक्त की गई। इसमें मांग की गई कि पीड़ित परिवारों को तत्काल सुरक्षा, मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता (जिसमें ₹50 लाख का मुआवजा शामिल है), परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, मामलों की स्पीडी ट्रायल के माध्यम से सुनवाई, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, पुनर्वास की व्यवस्था और प्रभावित बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित की जाए। इस आंदोलन में सांसद पप्पू यादव और शकील अहमद खान भी शामिल हुए। अमर आजाद ने चेतावनी दी कि यदि पीड़ित परिवारों को न्याय नहीं मिला, तो राजगीर में एक दलित महापंचायत आयोजित की जाएगी और घटना स्थल वाले मंदिर परिसर में ताला लगा दिया जाएगा। उन्होंने प्रशासन से जल्द से जल्द इन मांगों पर कार्रवाई करने का आग्रह किया।1
- बिहारशरीफ में एडवोकेट अमर आजाद (कांग्रेस नेता) के नेतृत्व में राजगीर में दलित वर्ग (पासवान समाज) के दो लड़कों की कथित निर्मम हत्या और अन्य मामलों को लेकर 'दलित अतिपिछड़ न्याय मार्च' निकाला गया। श्रम कल्याण मैदान से जिलाधिकारी कार्यालय तक निकाले गए इस मार्च में बड़ी संख्या में सामाजिक कार्यकर्ताओं और स्थानीय लोगों ने भाग लिया, जिसमें पीड़ित परिवारों को न्याय दिलाने की सशक्त मांग उठाई गई। प्रदर्शनकारियों ने मृतकों के परिवार के लिए 50 लाख रुपये मुआवजे और दोषियों को फांसी दिए जाने की मांग की। इस आंदोलन में सांसद पप्पू यादव और शकील अहमद खान भी शामिल हुए। मार्च के दौरान जिला प्रशासन को एक मांग पत्र सौंपा गया, जिसमें बताया गया कि नालंदा जिले के विभिन्न थाना क्षेत्रों में अनुसूचित जाति और अतिपिछड़ा वर्ग के परिवारों के साथ गंभीर घटनाएं हुई हैं। मांग पत्र में पीड़ित परिवारों को तत्काल सुरक्षा, मृतकों के परिवार को आर्थिक सहायता, परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी, स्पीडी ट्रायल के माध्यम से मामलों की सुनवाई, दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई, पुनर्वास की व्यवस्था और प्रभावित बच्चों की शिक्षा सुनिश्चित करने की आवश्यकता पर जोर दिया गया। कांग्रेस नेता अमर आजाद ने चेतावनी दी है कि यदि पीड़ित परिवार को न्याय नहीं मिला, तो राजगीर में दलित महापंचायत की जाएगी और जिस मंदिर परिसर में घटना हुई है, उस पर ताला लगा दिया जाएगा।1
- बिहार के नगरनौसा में एक बड़ी घटना घटित हुई, लेकिन इस पर कोई भी पक्ष या विपक्ष का राजनीतिक नेता नहीं पहुँचा। इस स्थिति पर पप्पू यादव ने गहरा दुख व्यक्त किया है, उन्होंने नेताओं की अनुपस्थिति पर अपनी पीड़ा जताई।1