Shuru
Apke Nagar Ki App…
लखनऊ, उत्तर प्रदेश से लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति ने एक देशभक्ति गीत के माध्यम से अमर शहीद भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस गीत में भरत तिवारी को मातृभूमि का लाल और शौर्य की नई कहानी बताते हुए, उन्हें जन-जन की वाणी कहा गया है। कवयित्री ने उनके सर्वोच्च बलिदान का स्मरण करते हुए लिखा है कि उन्होंने सरहद पर भारत की आन और मर्यादा की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके लहू से इस माटी की हरियाली को सींचने और हँसते-हँसते तूफ़ानों की बेचैनी का सामना करने का जिक्र करते हुए, उन्हें सिंह सरीखा शूरवीर बताया गया है, जिनसे दुश्मन भी थर्राते थे। गीत में यह भी कहा गया है कि भरत तिवारी का नाम सदा ही इस वीर प्रसूता माटी में गूँजता रहेगा और उनकी अमर गाथा आने वाली हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी, उनका मान कभी कम नहीं होगा।
Soni Shukla Kranti Lucknow
लखनऊ, उत्तर प्रदेश से लेखिका कवयित्री सोनी शुक्ला क्रांति ने एक देशभक्ति गीत के माध्यम से अमर शहीद भरत तिवारी को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की है। इस गीत में भरत तिवारी को मातृभूमि का लाल और शौर्य की नई कहानी बताते हुए, उन्हें जन-जन की वाणी कहा गया है। कवयित्री ने उनके सर्वोच्च बलिदान का स्मरण करते हुए लिखा है कि उन्होंने सरहद पर भारत की आन और मर्यादा की रक्षा के लिए अपने प्राण न्योछावर कर दिए। उनके लहू से इस माटी की हरियाली को सींचने और हँसते-हँसते तूफ़ानों की बेचैनी का सामना करने का जिक्र करते हुए, उन्हें सिंह सरीखा शूरवीर बताया गया है, जिनसे दुश्मन भी थर्राते थे। गीत में यह भी कहा गया है कि भरत तिवारी का नाम सदा ही इस वीर प्रसूता माटी में गूँजता रहेगा और उनकी अमर गाथा आने वाली हर पीढ़ी को प्रेरित करती रहेगी, उनका मान कभी कम नहीं होगा।
More news from उत्तर प्रदेश and nearby areas
- चिकित्सकों को जीवन बचाने के उनके कार्य के लिए भगवान का दर्जा दिया जाता है, लेकिन जब सरकारी अस्पतालों में मरीज और उनके परिजन उपेक्षा, अभद्र व्यवहार या संवेदनहीनता का सामना करते हैं, तो यह विश्वास टूट जाता है। हालांकि सरकारी डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों पर काम का दबाव होता है, फिर भी मरीजों के साथ सम्मानजनक और मानवीय व्यवहार करना उनकी अहम जिम्मेदारी है। यह इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि सरकारी अस्पताल जनता के टैक्स से चलते हैं और वहां मिलने वाली हर सेवा नागरिक का अधिकार है, न कि कोई एहसान। स्वास्थ्य व्यवस्था को तभी बेहतर माना जाएगा जब इलाज के साथ-साथ मरीज को सम्मान और संवेदनशील व्यवहार भी प्राप्त हो।1
- उत्तर प्रदेश के झांसी में एक 21 वर्षीय युवती ने अपने माता-पिता और बहन के शादी में जाने के बाद घर में अकेला पाकर आत्महत्या कर ली। मौके से एक सुसाइड नोट भी बरामद हुआ है, जिसमें युवती ने लिखा था, "मम्मी-पापा बहुत जी लिया, अब मन भर गया"। नोट में यह भी स्पष्ट तौर पर कहा गया है कि "मेरी मौत के पीछे कोई नहीं है"।1
- कानपुर में पुलिस ने हिस्ट्रीशीटर अजय ठाकुर को गिरफ्तार कर लिया है। बताया गया है कि वह 'बाबा पर हुए हमले' के मामले के बाद से फरार चल रहा था और पुलिस उसकी तलाश में लगातार दबिश दे रही थी। सूत्रों के अनुसार, उसकी गिरफ्तारी रतनलाल नगर स्थित एक धुलाई केंद्र से की गई। गिरफ्तारी के दौरान, मौके पर मौजूद राहगीरों ने इस घटना का वीडियो बनाकर सोशल मीडिया पर वायरल कर दिया, जिसके बाद यह मामला चर्चा में आ गया। हालांकि, पुलिस की ओर से इस गिरफ्तारी और मामले के संबंध में एक विस्तृत आधिकारिक बयान का इंतजार किया जा रहा है।2
- राजधानी लखनऊ के थाना ठाकुरगंज क्षेत्र स्थित पंपिंग स्टेशन के पास शनिवार, 27 जून 2026 को सुबह लगभग 5:30 बजे एक स्प्लेंडर मोटरसाइकिल (UP 32 LL 9468) दुर्घटनाग्रस्त हो गई। इस हादसे में मोटरसाइकिल चालक गंभीर रूप से घायल हो गया, जिसे एक स्कूटी से तत्काल केजीएमयू ट्रॉमा सेंटर पहुंचाया गया। हालांकि, इलाज के दौरान घायल युवक की दुखद मृत्यु हो गई। इस घटना ने एक बार फिर समय पर आपातकालीन सहायता और एम्बुलेंस सेवाओं की उपलब्धता पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं।1