अभी तो कानूनन कुछ ऐसा हो चुका है कि घर पत्नी चाहे तो अपने बॉयफ्रेंड को घर बुला सकती है और पति से एक आत्मनिर्भर लड़की की शादी वाराणसी के एक व्यक्ति से होती है.. साल 2019.. शादी के 7 साल हो चुके है.. एक छः साल की बच्ची भी है। एक दिन पत्नी अचानक से गायब हो जाती है.. कहाँ गई पता नहीं.. पति बहुत खोजबीन किया जाता है तो पता लगता है कि उसकी पत्नी अपने एक सहकर्मी के साथ मुजफ्फरपुर में है.. वह अपनी बेटी को साथ ले के वाराणसी से मुजफ्फरपुर आता है .. पुलिस को इलतिल्लाह करता है.. पुलिस सर्च अभियान शुरू करती है और पत्नी को उसके प्रेमी मनीष के साथ एक होटेल से बरामद करती है। दोनों को थाने लाया जाता है... पति भी थाने पहुंचता है.. अब पुलिस मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को साथ में रहने को बहुत समझाती-बुझाती है लेकिन पत्नी समझने को तैयार नहीं। तकरीबन छः घंटे तक पुलिस हर तरीके हर संभव प्रयास करती है, काउंसिलिंग करती है लेकिन पत्नी फिर भी तैयार नहीं होती.. उनका यही कहना होता है कि मैं अपने पति के साथ नहीं रह सकती.. मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही रहूंगी.. यही मेरा सबकुछ है..। पुलिस भी अंतिम में हार मान कर यही कहती है कि दोनों बालिग है और स्वेच्छा से साथ रहे है तो हम इसे रोक नहीं सकते। पिता के गोद में छः साल की बच्ची रोते हुए कभी मां को देखती तो कभी पिता को.. और अंततः वह पिता के गोद में रोती रह गई और उसकी माँ अपने बॉयफ्रेंड के साथ चली गई। पिता अपनी बेटी को लिए वापिस वाराणसी लौट आया। पत्नी यहाँ कामकाजी है... पति को बच्ची पालना है.. बावजूद पत्नी बस यह बोल कर छोड़ गई कि मुझे इसके साथ नहीं रहना... क्या कोई पुरूष ऐसी ही बात कह सकता है ?? बिना एलिमोनी के वह ऐसा कुछ कर सकता है ?? अभी तो कानूनन कुछ ऐसा हो चुका है कि घर पत्नी चाहे तो अपने बॉयफ्रेंड को घर बुला सकती है और पति से चाय-पानी नाश्ता भी परोसवा सकती है। जय हो नारी.. जय हो नारी सिसकतीकरण।
अभी तो कानूनन कुछ ऐसा हो चुका है कि घर पत्नी चाहे तो अपने बॉयफ्रेंड को घर बुला सकती है और पति से एक आत्मनिर्भर लड़की की शादी वाराणसी के एक व्यक्ति से होती है.. साल 2019.. शादी के 7 साल हो चुके है.. एक छः साल की बच्ची भी है। एक दिन पत्नी अचानक से गायब हो जाती है.. कहाँ गई पता नहीं.. पति बहुत खोजबीन किया जाता है तो पता लगता है कि उसकी पत्नी अपने एक सहकर्मी के साथ मुजफ्फरपुर में है.. वह अपनी बेटी को साथ ले के वाराणसी से मुजफ्फरपुर आता है .. पुलिस को इलतिल्लाह करता है.. पुलिस सर्च अभियान शुरू करती है और पत्नी को उसके प्रेमी मनीष के साथ एक होटेल से बरामद करती है। दोनों को थाने लाया जाता है... पति भी थाने पहुंचता है.. अब पुलिस मध्यस्थता करते हुए पति-पत्नी को साथ में रहने को बहुत समझाती-बुझाती है लेकिन पत्नी समझने को तैयार नहीं। तकरीबन छः घंटे तक पुलिस हर तरीके हर संभव प्रयास करती है, काउंसिलिंग करती है लेकिन पत्नी फिर भी तैयार नहीं होती.. उनका यही कहना होता है कि मैं अपने पति के साथ नहीं रह सकती.. मैं अपने बॉयफ्रेंड के साथ ही रहूंगी.. यही मेरा सबकुछ है..। पुलिस भी अंतिम में हार मान कर यही कहती है कि दोनों बालिग है और स्वेच्छा से साथ रहे है तो हम इसे रोक नहीं सकते। पिता के गोद में छः साल की बच्ची रोते हुए कभी मां को देखती तो कभी पिता को.. और अंततः वह पिता के गोद में रोती रह गई और उसकी माँ अपने बॉयफ्रेंड के साथ चली गई। पिता अपनी बेटी को लिए वापिस वाराणसी लौट आया। पत्नी यहाँ कामकाजी है... पति को बच्ची पालना है.. बावजूद पत्नी बस यह बोल कर छोड़ गई कि मुझे इसके साथ नहीं रहना... क्या कोई पुरूष ऐसी ही बात कह सकता है ?? बिना एलिमोनी के वह ऐसा कुछ कर सकता है ?? अभी तो कानूनन कुछ ऐसा हो चुका है कि घर पत्नी चाहे तो अपने बॉयफ्रेंड को घर बुला सकती है और पति से चाय-पानी नाश्ता भी परोसवा सकती है। जय हो नारी.. जय हो नारी सिसकतीकरण।
- आदिवासी संस्कृति आज भी कितन विशाल दिखाई देती है,, नृत्य की शानदार कलाएं,,, मध्यप्रदेश के लिए गौरव की बात1
- गेहूं खरीदी में अव्यवस्थाओं के विरोध में किसान जागृति संगठन ने सलामतपुर के त्रिमूर्ति चौराहे पर चक्काजाम किया। इस प्रदर्शन के कारण इलाके में यातायात पूरी तरह से बाधित हो गया, जिससे लोगों को भारी परेशानी हुई।1
- गेहूं खरीदी में देरी, बारदाने की कमी और लंबी कतारों से परेशान होकर रायसेन में किसानों ने सड़क जाम कर दी। त्रिमूर्ति चौराहे पर 50 से अधिक गांवों के किसानों ने विरोध प्रदर्शन किया, जिससे भोपाल-विदिशा मार्ग एक घंटे तक बाधित रहा। अधिकारियों के आश्वासन के बाद जाम खोला गया।4
- मध्यप्रदेश के पत्रकार अम्बुज माहेश्वरी को प्रतिष्ठित देवर्षि नारद उत्कृष्ट पत्रकारिता पुरस्कार 2026 से नवाजा गया। उन्हें यह सम्मान इतिहास, पर्यटन और सामाजिक मुद्दों पर अपने निरंतर लेखन के लिए मिला है। उनकी लेखनी ने पत्रकारिता जगत में उच्च मानदंड स्थापित किए हैं।1
- विदिशा कल शाम एक युवक के सड़क हादसे में घायल होने और इलाज के दौरान मौत - भिवानी मोहल्ले में रहने वाले व्यक्ति की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत - परिजनों ने जताई हत्या की आशंका - परिजनों का आरोप सड़क हादसे का रूप देखकर भटकाने का आरोप विदिशा कल शाम एक युवक के सड़क हादसे में घायल होने और इलाज के दौरान मौत होने की घटना सामने आई थी। मृतक की पहचान 40 वर्षीय रवि अहिरवार निवासी लोहांगी मोहल्ला के रूप में की गई परिजनों ने बताया कि कल शाम को यह घटना हुई है वहीं परिजनों ने आरोप लगाए कि उन्हें आशंका है कि उसकी हत्या कर उसे एक्सीडेंट का रूप दिया गया हो मामले में निष्पक्ष जांच कर कार्रवाई की मांग परिजनों द्वारा की गई3
- हेडलाइन: रायसेन में AI का ‘डिजिटल शिकंजा’, खनिज माफियाओं में भगदड़ चेकपोस्ट ने खोली काली कमाई की पोल, 10 डंपरों पर 35 लाख से ज्यादा की मार सब-हेडलाइन: कलेक्टर के निर्देश पर खनिज विभाग की हाईटेक कार्रवाई, नंबर प्लेट स्कैन होते ही खुल गई अवैध परिवहन की पूरी कहानी रिपोर्टर रितिकजैन बाड़ी रायसेन। रायसेन जिले में अब खनिज माफियाओं की चालाकी पर आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस यानी AI भारी पड़ने लगा है। जिले में अवैध मुरम और गिट्टी परिवहन पर लगाम कसने के लिए खनिज विभाग ने एआई आधारित चेकपोस्ट सिस्टम का ऐसा डिजिटल जाल बिछाया कि नंबर प्लेट स्कैन होते ही कई वाहनों की पोल खुल गई। कलेक्टर के सख्त निर्देश पर हुई इस बड़ी कार्रवाई में खनिज विभाग ने 10 डंपरों को पकड़ते हुए करीब 35 लाख रुपए से अधिक की भारी पेनल्टी ठोक दी। कार्रवाई के बाद अवैध खनिज कारोबार से जुड़े लोगों में हड़कंप मच गया है। बताया जा रहा है कि कई वाहन संचालकों ने अपने वाहन छिपा दिए, जबकि कुछ ने आनन-फानन में दस्तावेज अपडेट कराने शुरू कर दिए। AI कैमरों से बच नहीं पाए माफिया खनिज विभाग द्वारा लगाए गए AI चेकगेट सिस्टम ने वाहनों के नंबर प्लेट स्कैन कर तुरंत ऑनलाइन रिकॉर्ड से मिलान किया। जांच में सामने आया कि कई वाहन या तो नियम विरुद्ध तरीके से खनिज परिवहन कर रहे थे या फिर दस्तावेजों में भारी गड़बड़ी थी। कुछ मामलों में रॉयल्टी और परिवहन अनुमति में भी अनियमितता पाई गई। जैसे ही सिस्टम ने संदिग्ध वाहनों को चिन्हित किया, विभाग की टीम हरकत में आ गई और तत्काल कार्रवाई करते हुए डिमांड नोट जारी कर दिए गए। कार्रवाई के बाद मचा हड़कंप खनिज विभाग की इस कार्रवाई ने पूरे जिले में खलबली मचा दी है। सूत्रों के मुताबिक, लंबे समय से जिले में अवैध मुरम और गिट्टी परिवहन का खेल चल रहा था, लेकिन अब AI तकनीक ने इस नेटवर्क की परतें खोलना शुरू कर दी हैं। विभागीय अधिकारियों का कहना है कि अब सिर्फ नाकों पर चेकिंग नहीं होगी, बल्कि हर वाहन की डिजिटल मॉनिटरिंग की जाएगी। बिना वैध अनुमति खनिज परिवहन करने वालों पर लगातार सख्त कार्रवाई जारी रहेगी। जिन वाहनों पर हुई भारी कार्रवाई: MP38H2173 (मुरम) – ₹2.11 लाख MP38ZD9073 (मुरम) – ₹4.20 लाख MP04HE9796 (गिट्टी) – ₹2.26 lakh MP07HB6217 (गिट्टी) – ₹4.26 लाख MP04ZW2453 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख MP04ZP8838 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख MP04HE4285 (गिट्टी) – ₹2.26 लाख MP04ZV5730 (गिट्टी) – ₹2.26 लाख MP38ZC5381 (गिट्टी) – ₹4.47 लाख CG10BM9450 (मुरम) – ₹4.20 लाख “अब तकनीक करेगी निगरानी” खनिज विभाग ने साफ संदेश दिया है कि रायसेन जिले में अब अवैध खनिज परिवहन पर तकनीक के जरिए चौबीसों घंटे नजर रखी जाएगी। विभाग ने वाहन संचालकों से वैध दस्तावेजों के साथ ही परिवहन करने की अपील की है। रायसेन में हुई यह हाईटेक कार्रवाई अब पूरे प्रदेश में चर्चा का विषय बन गई है। माना जा रहा है कि आने वाले दिनों में AI आधारित निगरानी सिस्टम खनिज माफियाओं की कमर तोड़ सकता है।4
- मां अंजनी लाल धाम में हनुमानजी को चमत्कार देखें सम्पर्क 94558921391
- छतरपुर में एक और पर्चा वाले बाबा चर्चा में हैं,,,लगातार कैंडी धाम पर श्रद्धा क का जश्न सैलाब लोगों की तकलीफें हो रही दूर,,1