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पांढुर्णा में हाल ही में संपन्न हुए 'गोवंश सम्मान आह्वान अभियान' और राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए स्मरण पत्र के बाद मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। संत समाज और गोभक्त पांढुर्णा की सड़कों पर उतरकर गोवंश को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने और अवैध तस्करी रोकने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। जनता के बीच यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इन आंदोलनों से वास्तव में कोई बदलाव आ पाएगा या यह महज सियासी औपचारिकता बनकर रह जाएगा। राजनीतिक गलियारों और आम जनता में यह सवाल प्रमुखता से उठाया जा रहा है कि केंद्र और मध्य प्रदेश दोनों जगह भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली 'सनातनी सरकारें' हैं। जिन पार्टियों ने चुनावों के दौरान गौहत्या बंद कराने और भव्य राम मंदिर निर्माण के नाम पर बड़े-बड़े वादे कर सत्ता हासिल की थी, आज उनकी कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास डगमगाने लगा है। राम मंदिर का निर्माण तो हो गया, लेकिन उसके उद्घाटन और व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न विवादों ने जनता के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा, देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर मांस और बीफ निर्यात के आंकड़ों में भारत की मजबूत स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। आलोचकों और जानकारों का कहना है कि एक तरफ देश में गाय को पूजने और राष्ट्रमाता बनाने की मांग तेज है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांस निर्यात के मोर्चे पर देश की स्थिति शीर्ष देशों में शुमार बनी हुई है। आज की इस गौ-आह्वान रैली और ज्ञापन कार्यक्रमों में तमाम ऐसे चेहरे भी प्रमुखता से नजर आए जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सत्ताधारी दल यानी भाजपा से जुड़े हुए हैं। इसे लेकर क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या सत्ता पक्ष से जुड़े लोग ही अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं या यह आगामी राजनीतिक नफा-नुकसान को ध्यान में रखते हुए खेला जा रहा कोई नया राजनीतिक खेल है। जनता अब यह पूछने लगी है कि सत्ता में बैठे लोगों के समर्थन और सहभागिता के बिना क्या इस प्रकार के आंदोलन महज जनता की आंखों में धूल झोंकने और चुनावी जमीन तैयार करने का जरिया मात्र तो नहीं हैं? फिलहाल, गोवंश प्रेमियों की चेतावनी और प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन तीखे सवालों और चेतावनियों पर क्या रुख अपनाती है।

3 hrs ago
user_NILESH KALASKAR
NILESH KALASKAR
Farmer Pandhurna, Chhindwara•
3 hrs ago

पांढुर्णा में हाल ही में संपन्न हुए 'गोवंश सम्मान आह्वान अभियान' और राष्ट्रपति के नाम सौंपे गए स्मरण पत्र के बाद मध्य प्रदेश के पांढुर्णा में राजनीतिक और सामाजिक चर्चाओं का बाजार गर्म हो गया है। संत समाज और गोभक्त पांढुर्णा की सड़कों पर उतरकर गोवंश को 'राष्ट्रमाता' का दर्जा दिलाने और अवैध तस्करी रोकने की पुरजोर मांग कर रहे हैं। जनता के बीच यह सवाल उठने लगे हैं कि क्या इन आंदोलनों से वास्तव में कोई बदलाव आ पाएगा या यह महज सियासी औपचारिकता बनकर रह जाएगा। राजनीतिक गलियारों और आम जनता में यह सवाल प्रमुखता से उठाया जा रहा है कि केंद्र और मध्य प्रदेश दोनों जगह भाजपा की पूर्ण बहुमत वाली 'सनातनी सरकारें' हैं। जिन पार्टियों ने चुनावों के दौरान गौहत्या बंद कराने और भव्य राम मंदिर निर्माण के नाम पर बड़े-बड़े वादे कर सत्ता हासिल की थी, आज उनकी कार्यप्रणाली पर जनता का विश्वास डगमगाने लगा है। राम मंदिर का निर्माण तो हो गया, लेकिन उसके उद्घाटन और व्यवस्थाओं से जुड़े विभिन्न विवादों ने जनता के मन में सवाल खड़े कर दिए हैं। इसके अलावा, देश में गौहत्या पर पूर्ण प्रतिबंध के दावे अपनी जगह हैं, लेकिन वैश्विक स्तर पर मांस और बीफ निर्यात के आंकड़ों में भारत की मजबूत स्थिति इन दावों की पोल खोलती नजर आती है। आलोचकों और जानकारों का कहना है कि एक तरफ देश में गाय को पूजने और राष्ट्रमाता बनाने की मांग तेज है, वहीं दूसरी तरफ अंतरराष्ट्रीय बाजार में मांस निर्यात के मोर्चे पर देश की स्थिति शीर्ष देशों में शुमार बनी हुई है। आज की इस गौ-आह्वान रैली और ज्ञापन कार्यक्रमों में तमाम ऐसे चेहरे भी प्रमुखता से नजर आए जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से सत्ताधारी दल यानी भाजपा से जुड़े हुए हैं। इसे लेकर क्षेत्र में यह चर्चा जोरों पर है कि क्या सत्ता पक्ष से जुड़े लोग ही अपनी ही सरकार के खिलाफ मोर्चा खोल रहे हैं या यह आगामी राजनीतिक नफा-नुकसान को ध्यान में रखते हुए खेला जा रहा कोई नया राजनीतिक खेल है। जनता अब यह पूछने लगी है कि सत्ता में बैठे लोगों के समर्थन और सहभागिता के बिना क्या इस प्रकार के आंदोलन महज जनता की आंखों में धूल झोंकने और चुनावी जमीन तैयार करने का जरिया मात्र तो नहीं हैं? फिलहाल, गोवंश प्रेमियों की चेतावनी और प्रशासन को दिए गए अल्टीमेटम के बाद यह देखना दिलचस्प होगा कि सरकार इन तीखे सवालों और चेतावनियों पर क्या रुख अपनाती है।

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  • पांढुर्णा / तिगांव। तेली समाज संगठन एवं ब्राइट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल तिगांव के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक के पद से पदोन्नत होकर उप निरीक्षक बने श्री मोहनलाल गुप्ता का जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया गया। कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों और समाज के गणमान्य नागरिकों ने नवनियुक्त उप निरीक्षक श्री मोहनलाल गुप्ता का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। इसके पश्चात उन्हें शॉल ओढ़ाकर तथा श्रीफल भेंट किया गया। इस दौरान पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित सभी लोगों ने उनके इस मुकाम तक पहुंचने पर प्रसन्नता व्यक्त की। कार्यक्रम में मुख्य रूप से भवराव वानोडे, तुकाराम वानोडे, आनंद शेन्डे, संजय कालंबे, राजेश वानोडे, एकनाथ बरड़े एवं गौरव बावनकर सहित तेली समाज संगठन के तमाम पदाधिकारी और समाजजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा ब्राइट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं भी इस अवसर पर मौजूद रहे जिन्होंने श्री गुप्ता को अपनी शुभकामनाएं दीं। वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मोहनलाल गुप्ता की यह पदोन्नति न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी इस सफलता से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी कि वे अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर जीवन में ऊंचे मुकाम हासिल कर सकते हैं। उपस्थित सभी जनों ने उन्हें पदोन्नति पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं कीं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर अपनी खुशी साझा की और इस आयोजन को यादगार बनाया।
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    पांढुर्णा / तिगांव। तेली समाज संगठन एवं ब्राइट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल तिगांव के संयुक्त तत्वावधान में एक विशेष और गरिमामयी समारोह का आयोजन किया गया। इस समारोह में मध्यप्रदेश पुलिस विभाग में सहायक उप निरीक्षक के पद से पदोन्नत होकर उप निरीक्षक बने श्री मोहनलाल गुप्ता का जोरदार स्वागत एवं अभिनंदन किया गया।

कार्यक्रम की शुरुआत में अतिथियों और समाज के गणमान्य नागरिकों ने नवनियुक्त उप निरीक्षक श्री मोहनलाल गुप्ता का पुष्पमाला पहनाकर स्वागत किया। इसके पश्चात उन्हें शॉल ओढ़ाकर तथा श्रीफल भेंट किया गया। इस दौरान पूरा प्रांगण तालियों की गड़गड़ाहट से गूंज उठा और उपस्थित सभी लोगों ने उनके इस मुकाम तक पहुंचने पर प्रसन्नता व्यक्त की।

कार्यक्रम में मुख्य रूप से भवराव वानोडे, तुकाराम वानोडे, आनंद शेन्डे, संजय कालंबे, राजेश वानोडे, एकनाथ बरड़े एवं गौरव बावनकर सहित तेली समाज संगठन के तमाम पदाधिकारी और समाजजन विशेष रूप से उपस्थित रहे। इसके अलावा ब्राइट कॉन्वेंट हायर सेकेंडरी स्कूल के समस्त शिक्षक-शिक्षिकाएं और बड़ी संख्या में बालक-बालिकाएं भी इस अवसर पर मौजूद रहे जिन्होंने श्री गुप्ता को अपनी शुभकामनाएं दीं।

वक्ताओं ने अपने संबोधन में कहा कि मोहनलाल गुप्ता की यह पदोन्नति न केवल उनके परिवार के लिए बल्कि पूरे समाज और क्षेत्र के लिए गौरव की बात है। उनकी इस सफलता से युवाओं को प्रेरणा मिलेगी कि वे अपनी मेहनत और ईमानदारी के बल पर जीवन में ऊंचे मुकाम हासिल कर सकते हैं। उपस्थित सभी जनों ने उन्हें पदोन्नति पर हार्दिक शुभकामनाएं देते हुए उनके उत्तम स्वास्थ्य और उज्ज्वल भविष्य की मंगलकामनाएं कीं। कार्यक्रम के अंत में सभी ने एक-दूसरे का मुंह मीठा कराकर अपनी खुशी साझा की और इस आयोजन को यादगार बनाया।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    2 hrs ago
  • मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत मुलताई थाना पुलिस ने नगर के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराकर उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है। उप निरीक्षक मोनिका पटले एवं थाना स्टाफ ने नवीन स्कूल पहुंचकर छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्परिणाम, सामाजिक एवं पारिवारिक नुकसान तथा नशे से दूर रहने के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि नशा व्यक्ति के भविष्य, शिक्षा और जीवन को बर्बाद कर देता है, इसलिए सभी को इससे दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए। पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से किसी भी प्रकार के नशे के प्रलोभन से बचने, अपने मित्रों और परिवार को भी जागरूक करने तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया। मुलताई थाना पुलिस ने बताया कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत आगामी दिनों में भी क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके एवं समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
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    मध्यप्रदेश पुलिस मुख्यालय भोपाल द्वारा संचालित 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत मुलताई थाना पुलिस ने नगर के विभिन्न स्कूलों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए हैं। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य विद्यार्थियों को नशे के दुष्परिणामों से अवगत कराकर उन्हें नशामुक्त जीवन अपनाने के लिए प्रेरित करना है।

उप निरीक्षक मोनिका पटले एवं थाना स्टाफ ने नवीन स्कूल पहुंचकर छात्र-छात्राओं को नशे के दुष्प्रभाव, स्वास्थ्य पर पड़ने वाले दुष्परिणाम, सामाजिक एवं पारिवारिक नुकसान तथा नशे से दूर रहने के महत्व की जानकारी दी। उन्होंने विद्यार्थियों से कहा कि नशा व्यक्ति के भविष्य, शिक्षा और जीवन को बर्बाद कर देता है, इसलिए सभी को इससे दूर रहकर अपने लक्ष्य पर ध्यान केंद्रित करना चाहिए।

पुलिस अधिकारियों ने छात्रों से किसी भी प्रकार के नशे के प्रलोभन से बचने, अपने मित्रों और परिवार को भी जागरूक करने तथा संदिग्ध गतिविधियों की जानकारी पुलिस को देने की अपील की। कार्यक्रम के दौरान विद्यार्थियों ने भी नशामुक्त समाज बनाने का संकल्प लिया।

मुलताई थाना पुलिस ने बताया कि 'नशे से दूरी है ज़रूरी 2.0' अभियान के तहत आगामी दिनों में भी क्षेत्र के विभिन्न शैक्षणिक संस्थानों में जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किए जाएंगे, ताकि युवाओं को नशे की लत से बचाया जा सके एवं समाज में नशामुक्ति का संदेश प्रभावी ढंग से पहुंचाया जा सके।
    user_M. Afsar khan
    M. Afsar khan
    Local News Reporter Multai, Betul•
    33 min ago
  • मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर द्वारा 15 अगस्त तक मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) एवं मछलियों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद, आमला नगर सहित जिले के कई बाजारों में खुलेआम मछलियों की बिक्री जारी है। प्रशासनिक आदेशों की इस अनदेखी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं। बारिश का मौसम मछलियों के प्रजनन का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। मत्स्य संपदा के संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने और जलाशयों में मछलियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से शासन हर वर्ष इस अवधि में मत्स्याखेट और मछली विक्रय पर प्रतिबंध लागू करता है। इसके बावजूद, आमला के बाजारों में मछलियों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है, जिससे प्रतिबंध की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है। स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रतिबंध का सख्ती से पालन नहीं कराया गया तो शासन का संरक्षण अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा। लोगों ने मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि बाजारों में नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध रूप से मछली पकड़ने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। गौरतलब है कि बैतूल जिले में 15 अगस्त तक मत्स्याखेट एवं मछलियों के विक्रय पर प्रतिबंध प्रभावी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान भी है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं तथा प्रतिबंध का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
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    मध्य प्रदेश के बैतूल जिले में मछलियों के प्रजनन काल को ध्यान में रखते हुए कलेक्टर द्वारा 15 अगस्त तक मत्स्याखेट (मछली पकड़ने) एवं मछलियों के विक्रय पर प्रतिबंध लगाया गया है। इसके बावजूद, आमला नगर सहित जिले के कई बाजारों में खुलेआम मछलियों की बिक्री जारी है। प्रशासनिक आदेशों की इस अनदेखी और संबंधित विभाग की कार्यप्रणाली पर सवाल उठने लगे हैं।

बारिश का मौसम मछलियों के प्रजनन का सबसे महत्वपूर्ण समय माना जाता है। मत्स्य संपदा के संरक्षण, प्राकृतिक संतुलन बनाए रखने और जलाशयों में मछलियों की संख्या बढ़ाने के उद्देश्य से शासन हर वर्ष इस अवधि में मत्स्याखेट और मछली विक्रय पर प्रतिबंध लागू करता है। इसके बावजूद, आमला के बाजारों में मछलियों की बिक्री धड़ल्ले से जारी है, जिससे प्रतिबंध की प्रभावशीलता पर प्रश्नचिह्न लग रहा है।

स्थानीय नागरिकों का कहना है कि यदि प्रतिबंध का सख्ती से पालन नहीं कराया गया तो शासन का संरक्षण अभियान केवल कागजों तक ही सीमित रह जाएगा। लोगों ने मत्स्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि बाजारों में नियमित जांच अभियान चलाकर अवैध रूप से मछली पकड़ने और बेचने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए।

गौरतलब है कि बैतूल जिले में 15 अगस्त तक मत्स्याखेट एवं मछलियों के विक्रय पर प्रतिबंध प्रभावी है। नियमों का उल्लंघन करने वालों के विरुद्ध नियमानुसार कार्रवाई का प्रावधान भी है। अब यह देखना होगा कि संबंधित विभाग और प्रशासन इस मामले में कितनी गंभीरता दिखाते हैं तथा प्रतिबंध का प्रभावी पालन सुनिश्चित करने के लिए क्या कदम उठाते हैं।
    user_Dabang kesari amla mohd. asif
    Dabang kesari amla mohd. asif
    Local News Reporter आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास छिंदवाड़ा के सामने एकता परिसर में हुआ। इस अवसर पर आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों और इससे होने वाली हानियों के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नशा नहीं करने की शपथ भी दिलाई गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकना और लोगों को इसके खतरों के प्रति जागरूक करना है।
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    मध्य प्रदेश के छिंदवाड़ा जिले में 'नशे से दूरी है जरूरी 2.0' अभियान के तहत एक महत्वपूर्ण जागरूकता कार्यक्रम आयोजित किया गया। यह कार्यक्रम पिछड़ा वर्ग पोस्ट मैट्रिक बालक छात्रावास छिंदवाड़ा के सामने एकता परिसर में हुआ। इस अवसर पर आम जनता को नशे के दुष्प्रभावों और इससे होने वाली हानियों के बारे में विस्तार से बताया गया। कार्यक्रम के दौरान उपस्थित लोगों को नशा नहीं करने की शपथ भी दिलाई गई। इस अभियान का मुख्य उद्देश्य समाज में नशे की बढ़ती प्रवृत्ति को रोकना और लोगों को इसके खतरों के प्रति जागरूक करना है।
    user_यश भारत
    यश भारत
    Local News Reporter छिंदवाड़ा नगर, छिंदवाड़ा, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • भीमपुर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम पलस्या में लगने वाले साप्ताहिक हाट-बाजार में मध्यप्रदेश पुलिस विभाग के निर्देशन पर झल्लार पुलिस ने 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान चलाया। इस अभियान के तहत बाजार में आए आसपास के ग्रामीणों को नशे से होने वाले अपराध और मानवीय दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने लोगों को नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलाया। इस दौरान, गांव में इस अभियान को प्रत्येक घर तक पहुंचाने की अपील की गई। ग्राम पलस्या के हाट-बाजार में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना था। पुलिस ने न केवल नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया, बल्कि लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित भी किया।
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    भीमपुर विकासखण्ड क्षेत्र के ग्राम पलस्या में लगने वाले साप्ताहिक हाट-बाजार में मध्यप्रदेश पुलिस विभाग के निर्देशन पर झल्लार पुलिस ने 'नशे से दूरी है जरूरी' अभियान चलाया। इस अभियान के तहत बाजार में आए आसपास के ग्रामीणों को नशे से होने वाले अपराध और मानवीय दुष्परिणामों की विस्तार से जानकारी दी गई। पुलिस टीम ने लोगों को नशे से दूर रहने का संकल्प भी दिलाया। इस दौरान, गांव में इस अभियान को प्रत्येक घर तक पहुंचाने की अपील की गई।

ग्राम पलस्या के हाट-बाजार में आयोजित इस अभियान का उद्देश्य ग्रामीणों को नशे के खतरों के प्रति जागरूक करना था। पुलिस ने न केवल नशे के दुष्परिणामों के बारे में बताया, बल्कि लोगों को नशे से दूर रहने के लिए प्रेरित भी किया।
    user_आठनेर रिपोर्टर
    आठनेर रिपोर्टर
    पत्रकारिता आठनेर, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
  • Post by Namdev gujre Khabar bhart news
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    Post by Namdev gujre Khabar bhart news
    user_Namdev gujre Khabar bhart news
    Namdev gujre Khabar bhart news
    घोड़ा डोंगरी, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    1 hr ago
  • पांढुर्णा जिले के ग्राम भंदारगोंदी में स्वामी समर्थ ग्राम संगठन एवं पंचायत के अंतर्गत नवनिर्मित पैक हाउस का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिला पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ और जनपद पंचायत सीईओ ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान जनपद पंचायत के अधिकारी तथा समूह से संबंधित अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे, और ग्राम भंदारगोंदी के सभी स्वसहायता समूहों की बड़ी संख्या में दीदियां मौजूद रहीं। उद्घाटन समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा फीता काटकर, नारियल फोड़कर और दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके पश्चात स्वसहायता समूहों की दीदियों द्वारा सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। अतिथियों ने समूहों द्वारा बनाए गए विभिन्न व्यंजनों, बीजों और उनके द्वारा किए जा रहे अन्य उद्योग-धंधों का बारीकी से मुआयना किया। कार्यक्रम के दौरान स्वामी समर्थ ग्राम संगठन की अध्यक्ष योगिता डोंगरे ने कलेक्टर को स्वसहायता समूहों की संपूर्ण कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने समूहों की एकता, जैविक खेती और महिलाओं की आर्थिक प्रगति के बारे में विस्तार से बताया। कलेक्टर ने समूहों की दीदियों से कई सवाल भी पूछे, जिनके संतोषजनक उत्तर मिलने पर उन्होंने महिलाओं के कार्यों की खुलकर सराहना की। समारोह के बाद कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने समय निकालकर ग्राम के मुख्य चौराहे का दौरा किया। वहां उन्होंने आम ग्रामीणों से सीधे संवाद किया, उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याएं सुनीं। गांव के लोग कलेक्टर के इस सहज और मित्रवत व्यवहार से बेहद प्रसन्न नजर आए। ग्रामीणों ने चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा अधिकारी देखा है जो किसी बड़े पद पर होने के बावजूद आम नागरिक की तरह इतनी सरलता और शालीनता से बात करता है।
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    पांढुर्णा जिले के ग्राम भंदारगोंदी में स्वामी समर्थ ग्राम संगठन एवं पंचायत के अंतर्गत नवनिर्मित पैक हाउस का उद्घाटन समारोह आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम में जिला पांढुर्णा कलेक्टर श्री नीरज कुमार वशिष्ठ और जनपद पंचायत सीईओ ठाकुर मुख्य अतिथि के रूप में उपस्थित रहे। इस दौरान जनपद पंचायत के अधिकारी तथा समूह से संबंधित अधिकारी भी विशेष रूप से उपस्थित थे, और ग्राम भंदारगोंदी के सभी स्वसहायता समूहों की बड़ी संख्या में दीदियां मौजूद रहीं।

उद्घाटन समारोह का शुभारंभ अतिथियों द्वारा फीता काटकर, नारियल फोड़कर और दीप प्रज्वलित करके किया गया। इसके पश्चात स्वसहायता समूहों की दीदियों द्वारा सभी अतिथियों का पारंपरिक रूप से स्वागत किया गया। अतिथियों ने समूहों द्वारा बनाए गए विभिन्न व्यंजनों, बीजों और उनके द्वारा किए जा रहे अन्य उद्योग-धंधों का बारीकी से मुआयना किया।

कार्यक्रम के दौरान स्वामी समर्थ ग्राम संगठन की अध्यक्ष योगिता डोंगरे ने कलेक्टर को स्वसहायता समूहों की संपूर्ण कार्यप्रणाली की जानकारी दी। उन्होंने समूहों की एकता, जैविक खेती और महिलाओं की आर्थिक प्रगति के बारे में विस्तार से बताया। कलेक्टर ने समूहों की दीदियों से कई सवाल भी पूछे, जिनके संतोषजनक उत्तर मिलने पर उन्होंने महिलाओं के कार्यों की खुलकर सराहना की।

समारोह के बाद कलेक्टर श्री वशिष्ठ ने समय निकालकर ग्राम के मुख्य चौराहे का दौरा किया। वहां उन्होंने आम ग्रामीणों से सीधे संवाद किया, उनका हालचाल जाना और उनकी समस्याएं सुनीं। गांव के लोग कलेक्टर के इस सहज और मित्रवत व्यवहार से बेहद प्रसन्न नजर आए। ग्रामीणों ने चर्चा करते हुए कहा कि उन्होंने पहली बार ऐसा अधिकारी देखा है जो किसी बड़े पद पर होने के बावजूद आम नागरिक की तरह इतनी सरलता और शालीनता से बात करता है।
    user_NILESH KALASKAR
    NILESH KALASKAR
    Farmer Pandhurna, Chhindwara•
    2 hrs ago
  • बैतूल जिले के आमला विकासखंड की उप तहसील बोरदेही स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में पर्याप्त बेड नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों की संख्या के मुकाबले अस्पताल में बेड की व्यवस्था बेहद कम है। कई बार मरीजों को फर्श पर या अन्य अस्पतालों में रेफर होने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता। बारिश के मौसम में अस्पताल परिसर और भवन की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे सांप और बिच्छू निकलने का खतरा बना रहता है। ऐसे हालात में मरीजों और उनके परिजनों में हमेशा भय का माहौल रहता है। क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेडों की संख्या बढ़ाई जाए, आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा अस्पताल परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए। अब सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग समय रहते इस ओर ध्यान देगा, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा?
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    बैतूल जिले के आमला विकासखंड की उप तहसील बोरदेही स्थित प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र की स्वास्थ्य सेवाओं पर गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। अस्पताल में पर्याप्त बेड नहीं होने के कारण गर्भवती महिलाओं, प्रसूताओं और नवजात शिशुओं को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि मरीजों की संख्या के मुकाबले अस्पताल में बेड की व्यवस्था बेहद कम है। कई बार मरीजों को फर्श पर या अन्य अस्पतालों में रेफर होने के लिए मजबूर होना पड़ता है। इससे ग्रामीण क्षेत्र के लोगों को समय पर उपचार नहीं मिल पाता।

बारिश के मौसम में अस्पताल परिसर और भवन की स्थिति भी चिंता का विषय बनी हुई है। लोगों का आरोप है कि परिसर में साफ-सफाई और सुरक्षा के पर्याप्त इंतजाम नहीं हैं, जिससे सांप और बिच्छू निकलने का खतरा बना रहता है। ऐसे हालात में मरीजों और उनके परिजनों में हमेशा भय का माहौल रहता है।

क्षेत्रवासियों ने स्वास्थ्य विभाग और जिला प्रशासन से मांग की है कि प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र में बेडों की संख्या बढ़ाई जाए, आवश्यक स्वास्थ्य सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएं तथा अस्पताल परिसर की सुरक्षा और साफ-सफाई की समुचित व्यवस्था की जाए। अब सवाल यह है कि क्या स्वास्थ्य विभाग समय रहते इस ओर ध्यान देगा, या फिर किसी बड़े हादसे का इंतजार किया जाएगा?
    user_Sandeep waiker
    Sandeep waiker
    Mobile Phone Shop आमला, बैतूल, मध्य प्रदेश•
    4 hrs ago
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