बांका में जिला पदाधिकारी के निर्देश पर नोडल शिक्षकों को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए डायट, बांका में सभी नोडल शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता और कुशल युवा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। इस नई पहल के तहत, अब हर नोडल शिक्षक अपने विद्यालय में छात्रों को इन योजनाओं के बारे में सूचित करेंगे। साथ ही, स्कूल के नोटिस बोर्ड पर योजनाओं के पंपलेट और नोडल शिक्षक का मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित किया जाएगा। पासआउट छात्रों की सूची डीआरसीसी को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक युवा इन सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि योजना के क्रियान्वयन की हर महीने समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा में यह देखा जाएगा कि किस स्कूल से कितने छात्र डीआरसीसी पहुंचे और कितने छात्रों ने योजनाओं का लाभ उठाया। इस पूरी रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
बांका में जिला पदाधिकारी के निर्देश पर नोडल शिक्षकों को एक बड़ी जिम्मेदारी सौंपी गई है। इसके लिए डायट, बांका में सभी नोडल शिक्षकों के लिए एक विशेष प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया गया, जिसमें उन्हें बिहार स्टूडेंट क्रेडिट कार्ड, मुख्यमंत्री निश्चय स्वयं सहायता भत्ता और कुशल युवा कार्यक्रम की विस्तृत जानकारी दी गई। इस नई पहल के तहत, अब हर नोडल शिक्षक अपने विद्यालय में छात्रों को इन योजनाओं के बारे में सूचित करेंगे। साथ ही, स्कूल के नोटिस बोर्ड पर योजनाओं के पंपलेट और नोडल शिक्षक का मोबाइल नंबर भी प्रदर्शित किया जाएगा। पासआउट छात्रों की सूची डीआरसीसी को उपलब्ध कराई जाएगी, जिससे अधिक से अधिक युवा इन सरकारी योजनाओं का लाभ ले सकें। जिला पदाधिकारी ने स्पष्ट किया है कि योजना के क्रियान्वयन की हर महीने समीक्षा की जाएगी। इस समीक्षा में यह देखा जाएगा कि किस स्कूल से कितने छात्र डीआरसीसी पहुंचे और कितने छात्रों ने योजनाओं का लाभ उठाया। इस पूरी रणनीति का मुख्य उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि कोई भी पात्र छात्र सरकारी योजनाओं के लाभ से वंचित न रहे।
- मुंगेर के तारापुर प्रखंड क्षेत्र में मंगलवार शाम करीब 6:30 बजे अचानक मौसम का मिजाज बदल गया। तेज आंधी के साथ हुई झमाझम बारिश ने भीषण गर्मी और उमस से परेशान लोगों को बड़ी राहत दी। इस बारिश के बाद तापमान में गिरावट आई और मौसम सुहावना हो गया। लंबे समय से अच्छी बारिश का इंतजार कर रहे किसानों के चेहरे भी खिल उठे। किसानों का कहना है कि इस वर्षा से खेतों में पर्याप्त नमी आ गई है, जिससे धान का बिचड़ा गिराने का काम शुरू किया जा सकेगा। किसान मनोरंजन चौधरी, विनोद चौधरी और संजय चौधरी ने बताया कि समय पर हुई यह बारिश धान की खेती के लिए काफी लाभदायक साबित होगी और यदि आगे भी मौसम अनुकूल रहा तो धान की रोपनी भी समय पर हो सकेगी। हालांकि, तेज आंधी के कारण कुछ स्थानों पर पेड़ों की टहनियां टूटकर सड़कों पर गिर गईं और बिजली आपूर्ति भी कुछ घंटों तक बाधित रही।1
- सरकार से यह मांग की गई है कि अश्लीलता वाली वीडियो पर रोक लगनी चाहिए, ताकि समाज...1
- लखीसराय के चानन प्रखंड के कछुआ में मंगलवार को आदिवासी किसान परिवारों की आय बढ़ाने और जैविक खेती को बढ़ावा देने के लिए एक विशेष कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस कार्यक्रम के तहत उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया और किसानों ने जैविक खेती की शपथ ली। यह आयोजन जिला प्रशासन लखीसराय के मार्गदर्शन में बिहार कृषि विश्वविद्यालय, कृषि विज्ञान केंद्र लखीसराय, जिला कृषि कार्यालय और जिला उद्यान कार्यालय के संयुक्त तत्वावधान में संपन्न हुआ। इस अवसर पर जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार, डीडीसी सुमित कुमार, प्रखंड विकास पदाधिकारी प्रिया कुमारी सहित कृषि विभाग और जीविका के कई अधिकारी एवं बड़ी संख्या में किसान उपस्थित रहे। किसानों के बीच राजेंद्र कृषि विश्वविद्यालय, भागलपुर द्वारा उपलब्ध कराए गए नींबू के उच्च मूल्य वाले उद्यानिक पौधों का वितरण किया गया। जिला पदाधिकारी शैलेंद्र कुमार ने किसानों को संबोधित करते हुए कहा कि स्वच्छ वातावरण और जलवायु स्वास्थ्य के लिए लाभदायक है और उन्होंने प्राकृतिक एवं जैविक खेती अपनाकर पर्यावरण व मानव स्वास्थ्य की रक्षा करने की अपील की। उन्होंने स्थानीय किसान ऋषुदेव बिंद का उदाहरण भी दिया, जो स्ट्रॉबेरी की खेती से प्रतिवर्ष लगभग दो लाख रुपये की आय अर्जित कर रहे हैं। अधिकारियों ने हरित क्रांति के बाद रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों के बढ़ते उपयोग से मिट्टी, केंचुओं और पर्यावरण को हुए नुकसान पर प्रकाश डालते हुए जैविक खेती की ओर लौटने का आह्वान किया, ताकि भूमि, जल और आने वाली पीढ़ियों को सुरक्षित रखा जा सके। कार्यक्रम में यह भी बताया गया कि जैविक प्रमाणन से जुड़ी संस्था किसानों की मिट्टी की जांच करेगी और उसके गुणवत्ता का आकलन करेगी। इसके अतिरिक्त, किसानों के बीज और जैविक उत्पादों के विपणन के लिए एक संगठन का गठन किया जाएगा, जिससे उन्हें बेहतर बाजार और उचित मूल्य मिल सके। कार्यक्रम के अंत में किसानों ने सामूहिक रूप से शपथ ली कि वे रासायनिक उर्वरकों और कीटनाशकों का उपयोग नहीं करेंगे, मिट्टी, जल, पर्यावरण और जैव विविधता का संरक्षण करेंगे तथा अन्य किसानों को भी जैविक खेती अपनाने के लिए प्रेरित करेंगे। इस पूरे कार्यक्रम का उद्देश्य आदिवासी किसान परिवारों को आत्मनिर्भर बनाते हुए उनकी आय में स्थायी वृद्धि सुनिश्चित करना रहा।4
- वायनाड में आई आपदा के बाद, मुख्यमंत्री वी.डी. सतीशन ने भूस्खलन से प्रभावित कल्लाडी क्षेत्र का दौरा किया है।1
- झारखंड के गोड्डा जिले में आयुर्वेदिक चिकित्सा के क्षेत्र में एक नई सुविधा का उद्घाटन किया गया है। सरकंडा मोड़, पाकुड़ रास्ते, जामा मस्जिद के निकट 'ओम साई आयुर्वेदिक सेंटर धाम' नाम से इस नए केंद्र का शुभारंभ किया गया है। इस सेंटर में डॉ. बी.के. झा विभिन्न बीमारियों का उपचार आयुर्वेदिक पद्धति से कर रहे हैं। सेंटर खुलने के बाद से ही दूर-दराज से मरीज यहाँ पहुँच रहे हैं और आयुर्वेदिक दवाओं से अपना इलाज करवा रहे हैं। गिरिडीह से आए एक मरीज ने बताया कि डॉ. बी.के. झा द्वारा दिया गया आयुर्वेदिक उपचार बहुत प्रभावी है और उन्हें यहाँ आने के बाद काफी राहत मिली है। ओम साई आयुर्वेदिक सेंटर धाम में जोड़ों का दर्द, बीपी, चर्म रोग, गुप्त रोग, गठिया और सभी प्रकार की अन्य बीमारियों का आयुर्वेदिक इलाज उपलब्ध है। यह केंद्र मरीजों को प्राकृतिक और बिना किसी साइड इफेक्ट वाली चिकित्सा प्रदान कर रहा है, जिससे आयुर्वेदिक उपचार में रुचि रखने वाले लोगों के लिए गोड्डा में एक नई उम्मीद जगी है।4
- ऑस्ट्रेलिया के मेलबर्न शहर में प्रधानमंत्री मोदी का बेहद ऐतिहासिक और भव्य स्वागत किया गया।1
- भागलपुर जिले के नौगछिया स्थित लत्तीपाकर से दरहरा तक की सड़क पूरी तरह से क्षतिग्रस्त हो चुकी है। विशेष रूप से बारिश के बाद इस सड़क की हालत बेहद खराब हो गई है। बताया गया है कि पिछली बार वीडियो बनाने के बाद भी सड़क की स्थिति में कोई सुधार नहीं आया है। इस समस्या को उजागर करने के लिए वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने का आग्रह किया गया है।1
- बंका नगर के मुख्य चौक से शिमरा मोड़ होते हुए लक्ष्मीपुर डैम पर्यटन स्थल तक जाने वाली डैम रोड की हालत लगातार बिगड़ती जा रही है, जिससे इस मार्ग पर सफर करना राहगीरों और वाहन चालकों के लिए बेहद जोखिम भरा हो गया है। सड़क पर जगह-जगह बने गहरे गड्ढों में बारिश का पानी भर जाने से वास्तविक स्थिति का अनुमान लगाना मुश्किल हो जाता है। स्थानीय लोगों के अनुसार, सड़क की इस जर्जर स्थिति के कारण लगभग प्रतिदिन छोटे-बड़े हादसे हो रहे हैं, बावजूद इसके संबंधित विभाग मरम्मत को लेकर गंभीर नहीं दिख रहा है। बारिश के कारण पानी से भरे गड्ढे दिखते नहीं हैं, जिससे बाइक, टोटो और अन्य छोटे वाहन चालक अक्सर संतुलन खोकर दुर्घटना का शिकार हो जाते हैं। कई राहगीर तो चोटिल भी हो चुके हैं। यह मार्ग बौंसी से लक्ष्मीपुर डैम जैसे महत्वपूर्ण पर्यटन स्थल को जोड़ता है और नए साल, छुट्टियों तथा पिकनिक सीजन में बड़ी संख्या में पर्यटक इसी रास्ते से डैम पहुंचते हैं। खराब सड़क के कारण पर्यटकों को भी भारी परेशानी का सामना करना पड़ता है, जिससे क्षेत्र की छवि पर नकारात्मक प्रभाव पड़ रहा है। डैम रोड के आसपास रहने वाले लोगों ने संबंधित विभाग से जल्द से जल्द सड़क की मरम्मत कराने की मांग की है। उन्होंने चेतावनी दी है कि यदि निर्माण और मरम्मत कार्य शीघ्र शुरू नहीं किया गया, तो वे जिला प्रशासन के समक्ष अपना विरोध दर्ज कराएंगे और आंदोलन शुरू करने के लिए विवश होंगे। स्थानीय निवासियों का मानना है कि समय पर सड़क की मरम्मत होने से दुर्घटनाओं में कमी आएगी, आवागमन सुरक्षित होगा और लक्ष्मीपुर डैम आने वाले पर्यटकों को बेहतर सुविधा मिलेगी।1