औलियाश्वर महादेव मंदिर में समाजसेवी शिवम यादव ने साथियों संग किए दर्शन पत्रकार विपिन कानपुर। घाटमपुर तहसील के करचुलीपुर गांव स्थित प्राचीन औलियाश्वर महादेव मंदिर में समाजसेवी शिवम यादव ने अपने साथियों के साथ दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। औलियाश्वर महादेव मंदिर का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है और इसे गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा से जोड़कर देखा जाता है। स्थानीय कथाओं के अनुसार, यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है, जिसे एक चरवाहे ने खोजा था। यह भी कहा जाता है कि अश्वत्थामा आज भी इस शिवलिंग की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि एक चरवाहा अपनी गाय के चराने के लिए यहां आता था। यहां आने पर गाय करौली पौधे पर दूध देने लगती थीं। जब चरवाहे ने कई बार ऐसा होते देखा तो वहां से पौधा हटाकर खुदाई की। काफी खोदने के बाद वहां एक शिवलिंग मिला। इसके बाद अवलियों (बहेलिया भी कहा जाता है) ने इस शिवलिंग को मंदिर में स्थापित कर दिया। तभी से इस मंदिर को अवलेश्वर भी कहा जाने लगा। यह मंदिर अपनी प्राचीन ईंटों की अद्भुत स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है, जो भीतरगांव के ईंट मंदिर से मिलती-जुलती है। इतिहासकारों के अनुसार, गुप्त काल के बाद 10वीं–11वीं शताब्दी में इसका जीर्णोद्धार हुआ। वर्तमान में यह मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक है। इस अवसर पर गोविंद शुक्ला, साहिल अली, शोएब रज़ा, जिशान अली, अहमद अली, शोएब, ऋषभ पाल, शुभम यादव, यदुवेंद्र सिंह यादव, शिवाय यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
औलियाश्वर महादेव मंदिर में समाजसेवी शिवम यादव ने साथियों संग किए दर्शन पत्रकार विपिन कानपुर। घाटमपुर तहसील के करचुलीपुर गांव स्थित प्राचीन औलियाश्वर महादेव मंदिर में समाजसेवी शिवम यादव ने अपने साथियों के साथ दर्शन कर पूजा-अर्चना की। दर्शन के दौरान मंदिर परिसर में श्रद्धा और भक्ति का वातावरण बना रहा। औलियाश्वर महादेव मंदिर का ऐतिहासिक एवं पौराणिक महत्व अत्यंत विशेष माना जाता है। मान्यता है कि यह मंदिर महाभारत काल से जुड़ा हुआ है और इसे गुरु द्रोणाचार्य के पुत्र अश्वत्थामा से जोड़कर देखा जाता है। स्थानीय कथाओं के अनुसार, यहां स्थापित शिवलिंग स्वयंभू है, जिसे एक चरवाहे ने खोजा था। यह भी कहा जाता है कि अश्वत्थामा आज भी इस शिवलिंग की पूजा करते हैं। कहा जाता है कि एक चरवाहा अपनी गाय के चराने के लिए यहां आता था। यहां आने पर गाय करौली पौधे पर दूध देने लगती थीं। जब चरवाहे ने कई बार ऐसा होते देखा तो वहां से पौधा हटाकर खुदाई की। काफी खोदने के बाद वहां एक शिवलिंग मिला। इसके बाद अवलियों (बहेलिया भी कहा जाता है) ने इस शिवलिंग को मंदिर में स्थापित कर दिया। तभी से इस मंदिर को अवलेश्वर भी कहा जाने लगा। यह मंदिर अपनी प्राचीन ईंटों की अद्भुत स्थापत्य कला के लिए प्रसिद्ध है, जो भीतरगांव के ईंट मंदिर से मिलती-जुलती है। इतिहासकारों के अनुसार, गुप्त काल के बाद 10वीं–11वीं शताब्दी में इसका जीर्णोद्धार हुआ। वर्तमान में यह मंदिर भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (ASI) द्वारा संरक्षित स्मारक है। इस अवसर पर गोविंद शुक्ला, साहिल अली, शोएब रज़ा, जिशान अली, अहमद अली, शोएब, ऋषभ पाल, शुभम यादव, यदुवेंद्र सिंह यादव, शिवाय यादव आदि लोग उपस्थित रहे।
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- #Kanpur_News | सचेंडी गैंगरेप केस में बड़ा अपडेट, कानपुर के सचेंडी गैंगरेप मामले में अब एक नया मोड़ सामने आया है। पीड़िता का एक वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है, जिसमें वह पूछताछ के दौरान दरोगा अमित मौर्य को पहचानने से इनकार करती नजर आ रही है। इतना ही नहीं, पीड़िता के भाई ने भी चौकी इंचार्ज को पहचानने से मना किया है। वायरल वीडियो के अनुसार, पूछताछ के समय चौकी प्रभारी अमित मौर्य सहित अन्य पुलिसकर्मी मौके पर मौजूद थे, लेकिन उस दौरान न तो पीड़िता और न ही उसके भाई द्वारा कोई सीधा आरोप लगाया गया। अब सवाल यह उठ रहा है कि, ➡️ क्या पूरा मामला किसी साजिश की ओर इशारा करता है, ➡️ पहले आरोप न लगाना और बाद में नाम सामने आना—क्या इसकी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए, सोशल मीडिया पर वायरल इस वीडियो के बाद निष्पक्ष और पारदर्शी जांच की मांग तेज हो गई है। आम लोगों की एक ही मांग है कि दोषियों को सज़ा मिले, लेकिन कोई निर्दोष न फँसे। 👉 जांच एजेंसियों पर अब सच्चाई सामने लाने की बड़ी जिम्मेदारी है। #KanpurNews #Sachendiupdate #CrimeNews #UPPolice #ViralVideo #Justice #Investigation #UpdateNews1
- कानपुर रेपकांड में आया नया मोड़ #justiceforuniform .. 🚨 अपने समाज में किसी मर्द की जिंदगी बर्बाद करनी हो तो उसे किसी लड़की द्वारा झूठे आरोप लगाकर फंसा दो चाहे वो खुद पुलिसवाला ही क्यों न हो... कोई नहीं बचा सकता 🚨 🚨 क्या रात में चोरी रोकने के लिए दरोगा जी द्वारा गश्त करने की वजह ही से उन्हें साजिश के तहत फंसाया जा रहा है ? 🚨 🚨 क्या कैमरा के सामने रोकर कुछ भी फर्जी आरोप लगाकर किसी भी सम्मानित व्यक्ति का करियर बर्बाद करना इतना आसान हो गया है ?🚨 🚨 बिना सच्चाई का पता लगाए किस तरह से झूठी खबरें फैलाई गई जिससे एक पुलिसवाले व उनके परिवार की जिंदगी बर्बाद हो गई 🚨 🚨 क्या नए भर्ती हुए दरोगा जिसे महिला संबंधित हर कानून का बखूबी ज्ञान है, जो रोज ऐसे मामलों को देख रहा हो, जिसका पहला चार्ज हो वो अपने ही क्षेत्र में ऐसी करतूत करेगा?🚨 कुछ सवाल जिनका जवाब जनता को जानने का हक है दरोगा अमित अपनी गाड़ी से आरपीएफ इंस्पेक्टर से मिलने गए थे रात में। उसके बाद वो अपनी गाड़ी से और शिवबरन अपनी बाईक से वापस चला गया तो फिर लड़की को खेत में ले जाने का आरोप कैसे लगाया जा रहा है ? जब दरोगा अमित व शिवबरन खड़े थे तो लड़की का भाई शराब के नशे में लड़की को ढूंढते हुए आया और बहन को ढूंढने की बात कहकर दरोगा जी की गाड़ी में खुद टार्च मारकर चेक किया तब कोई लड़की नहीं थी फिर क्यों बाद में कैमरा के सामने झूठा आरोप लगा रहा था ? गांव के ही कुछ लोगों ने बताया कि *लड़की को किसी अन्य लड़के के साथ परिवारवालों ने देख लिया था। इसे दबाने के लिए और दरोगा अमित को पुरानी रंजिश के कारण फंसाने के लिए लड़की पर दबाव डालकर कहानी बनाई गई। रात में लड़की का भाई यह चेक करने आया था कि दरोगा जी और शिवबरन साथ में हैं या नहीं। जब उसे स्पष्ट हो गया तब जाकर उसने झूठी कहानी बनाई। लड़की खुद सुबह दरोगा जी को नहीं पहचान रही है !!!! तो बाद में फिर आरोप किसके दबाव में लगा रही है? पीड़िता यह तक नहीं बता पा रही कि वह किस जगह शौच करने गई हुई थी। और इतने कोहरे में रोड पर से खेत में किसी को देख पाना संभव नहीं है। यह भी संदेह पैदा करता है। जिस जगह से लड़की को उठाना बताया जा रहा है उसके आसपास घर हैं लेकिन किसी ने भी चीखने चिल्लाने की आवाज नहीं सुनी !!! जहां गाड़ी रोककर लड़की को रेलवे लाइन पर ले जाना बताया जा रहा है वहां कैमरा होने के बावजूद किसी भी गाड़ी के रुकने की कोई वीडियो नहीं है !!!! लड़की ने बार बार पूछताछ में अपने बयान बदले हैं जिससे स्पष्ट होता है कि झूठी कहानी बनाई गई है। बाकी आप सब समझदार हैं। लड़की द्वारा रोकर झूठे आरोप लगाकर कितनी ज़िंदगियों को बर्बाद होते देखा गया है लेकिन सच से किसी को मतलब नहीं। एक दरोगा की ज़िंदगी और सही। जब दरोगा नहीं बच पाए तो आम आदमी का क्या होगा1
- जंबूरी मैदान में किसानों का महाजुटान, ट्रैक्टर रैली और तकनीक से बदली खेती की तस्वीर . . .1
- Address: Kanpur Govind Nagar1
- Post by RANJEET KUMAR2
- dekho samjho aur is neta ke bare mein kuchh comment karo4
- ई रिक्शा चोरों को पकड़कर ग्रामीणों ने पीटकर पुलिस को सौंपा संवाददाता भीतरगांव, दैनिक स्वतंत्र निवेश l साढ़ थाना भीतरगांव चौकी क्षेत्र के गांव कंठीपुर निवासी सुशील कुरील ने पुलिस को प्रार्थना पत्र देते हुए बताया कि बीती रात घर के सामने ई रिक्शा खड़ा था, तभी लोडर से आए चोरों ने ई-रिक्शा को लेकर लोडर में लादने के लिए जैसे ही लोडर के पास ले जा रहे थे तभी मोहल्ले वालों को आहट मिली तो उन्होंने शोर मचाया। इसके बाद मौके में जुटे ग्रामीणों ने घेरकर दो चोरों को पकड़ कर जमकर पिटाई करने के बाद फोन कर चोरों को पुलिस के सुपुर्द किया। पुलिस चोरों को हिरासत में लेकर पूछताछ करने के बाद तहरीर के आधार पर आगे की कार्रवाई कर रही है l1