पाली में सोमवार को बांगड़ कॉलेज के बाहर छात्रों और लेक्चरर्स ने विधायक भीमराज भाटी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विधायक द्वारा हाल ही में कॉलेज प्राचार्य को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में था। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला भी फूंका, जिससे उनके प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक ने बिना किसी ठोस तथ्य के प्राचार्य पर टिप्पणी कर उनकी छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया है। एबीवीपी से जुड़े प्रियर्वत सिंह ने विधायक के बयान को निराधार और आपत्तिजनक बताते हुए स्पष्ट किया। उन्होंने पुरजोर मांग की कि विधायक भीमराज भाटी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भविष्य में ऐसे किसी भी बयान से बचें जो बिना तथ्यों के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाए। इस दौरान छात्र और शिक्षक बड़ी संख्या में एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
पाली में सोमवार को बांगड़ कॉलेज के बाहर छात्रों और लेक्चरर्स ने विधायक भीमराज भाटी के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया। यह प्रदर्शन विधायक द्वारा हाल ही में कॉलेज प्राचार्य को लेकर की गई कथित टिप्पणी के विरोध में था। प्रदर्शनकारियों ने विधायक के खिलाफ जमकर नारेबाजी करते हुए उनका पुतला
भी फूंका, जिससे उनके प्रति गहरा आक्रोश व्यक्त हुआ। प्रदर्शनकारियों का आरोप है कि विधायक ने बिना किसी ठोस तथ्य के प्राचार्य पर टिप्पणी कर उनकी छवि को जानबूझकर नुकसान पहुंचाया है। एबीवीपी से जुड़े प्रियर्वत सिंह ने विधायक के बयान को निराधार और आपत्तिजनक बताते हुए स्पष्ट किया। उन्होंने पुरजोर
मांग की कि विधायक भीमराज भाटी सार्वजनिक रूप से माफी मांगें और भविष्य में ऐसे किसी भी बयान से बचें जो बिना तथ्यों के किसी व्यक्ति की प्रतिष्ठा को ठेस पहुंचाए। इस दौरान छात्र और शिक्षक बड़ी संख्या में एकजुट होकर शांतिपूर्ण तरीके से अपना विरोध दर्ज कराया।
- Post by District.reporter.babulaljogaw1
- जोधपुर नगर निगम की अतिक्रमण टीम ने कृषि मंडी मंडोर रोड स्थित जगजीवनराम कॉलोनी में एक बड़ी कार्रवाई को अंजाम दिया है। इस रहवासीय क्षेत्र में अवैध रूप से संचालित की जा रही रंगाई, छपाई और धुलाई इकाई को निशाना बनाते हुए, टीम ने मौके पर उसकी होदी को ध्वस्त कर दिया। इसके अतिरिक्त, इकाई के परिसर में स्थित दो कमरों पर भी ताला लगाकर उन्हें सीज कर दिया गया।1
- जोधपुर में जनता पानी के लिए त्राहि-त्राहि कर रही है, लेकिन जल विभाग की लापरवाही और सरकार की चुप्पी बनी हुई है। ग्रामीणों को 15 से 25 दिनों में केवल एक बार पानी मिल रहा है, जिससे लोग भयंकर किल्लत का सामना कर रहे हैं। विशेष रूप से सालावास गांव में लोगों का गुस्सा फूट पड़ा है, जहाँ गांव में वाटर बॉक्स होने के बावजूद नियमित पानी की आपूर्ति नहीं हो रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि सर सरेंचा और सतलाना जैसे आस-पास के गाँवों को रोज़ाना पानी मिलता है, जबकि सालावास के लोगों को केवल पानी के इंतज़ार में रहना पड़ता है। यह असमानता और लंबे समय से चली आ रही अनियमित आपूर्ति ही ग्रामीणों के आक्रोश का मुख्य कारण है।1
- जोधपुर जिले की एक गौशाला में 415 गौमाता और नंदी महाराज के लिए पानी का गंभीर संकट उत्पन्न हो गया है। स्थानीय लोगों के अनुसार, हाल ही में एक पानी का टैंकर गौशाला पहुँचा था, लेकिन पानी डाले बिना ही वापस लौट गया, जिससे पशुओं के लिए जल आपूर्ति बाधित हो गई है। गौशाला प्रबंधन ने आरोप लगाया है कि टैंकर चालक ने यह कहकर पानी देने से इनकार कर दिया कि “गेट बड़ा करो, तभी टैंकर अंदर आएगा और पानी दिया जाएगा।” इस दौरान चालक ने कथित तौर पर यह भी कहा कि “जिससे शिकायत करनी है कर दो, मंत्री या कलेक्टर को कह दो, मुझे कोई फर्क नहीं पड़ता।” इस घटना के बाद गौशाला में मौजूद पशुओं के लिए पानी की आपूर्ति पूरी तरह बाधित हो गई है, जिससे गंभीर चिंता का माहौल बन गया है। स्थानीय लोगों और गौशाला संचालकों ने प्रशासन से इस मामले की तुरंत जांच करने और जिम्मेदार लोगों के खिलाफ कड़ी कार्रवाई करने की मांग की है, साथ ही गौशाला में नियमित और निर्बाध जल आपूर्ति सुनिश्चित करने की अपील भी की है। गौसेवा से जुड़े लोगों का कहना है कि यह केवल एक व्यवस्थागत समस्या नहीं, बल्कि पशु कल्याण से जुड़ा एक संवेदनशील मामला है, जिस पर तत्काल ध्यान दिया जाना आवश्यक है।2
- पंजाब के राज्यपाल और केंद्र शासित प्रदेश चंडीगढ़ के प्रशासक गुलाब चंद कटारिया ने अंतर्राष्ट्रीय नशा निषेध एवं अवैध तस्करी विरोधी दिवस-2026 के अवसर पर शनिवार को चंडीगढ़ नगर निगम के विशेष सत्र को संबोधित करते हुए एक कठोर रुख अपनाया। प्रशासक कटारिया ने नशे के विरुद्ध एक भावुक संदेश देते हुए, सत्र में मौजूद सभी राजनीतिक दलों के पार्षदों की 'क्लास' लगाई। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में पार्षदों से सवाल किया कि यदि उन्हें अपने वार्डों में चल रही गतिविधियां और हलचल अपनी आँखों के सामने दिखाई नहीं देती, तो वे किस प्रकार के जनप्रतिनिधि हैं। गवर्नर ने इस बात पर जोर दिया कि जनप्रतिनिधियों को अपने क्षेत्रों में होने वाली गतिविधियों के प्रति जागरूक होना चाहिए। गवर्नर ने सरकार और पुलिस को भी कठघरे में खड़ा करते हुए कहा कि ड्रग्स का धंधा सरकार और पुलिस के सहारे के बिना दस दिन भी नहीं चल सकता। उन्होंने नशा और अवैध तस्करी के खिलाफ एक एकजुट सामाजिक आंदोलन चलाने का भी आह्वान किया।1
- गुजरात एटीएस ने नशे के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए सादड़ी निवासी मेडिकल कारोबारी परेश पारसमल जैन को गिरफ्तार किया है। आरोपी पर मेडिकल लाइसेंस की आड़ में प्रतिबंधित ट्रामाडोल टैबलेट की अवैध तस्करी का आरोप है। एटीएस ने अहमदाबाद में यह कार्रवाई करते हुए 2,08,000 ट्रामाडोल टैबलेट जब्त की हैं, जिनकी कीमत करीब ₹8.32 करोड़ बताई गई है। जांच में यह सामने आया कि आरोपी दवाइयों की आड़ में राजस्थान सहित अन्य राज्यों में भी नशीली दवाओं की सप्लाई करता था। कार्रवाई की भनक लगते ही आरोपी राजस्थान भाग गया था, लेकिन गुजरात एटीएस ने उसे उदयपुर के गोगुंदा से गिरफ्तार कर लिया। पूछताछ के दौरान उसने मई 2026 से अब तक 25 खेपों में कुल 62.54 लाख ट्रामाडोल टैबलेट सप्लाई करने की बात कबूल की है। यह भी खुलासा हुआ है कि आरोपी पहले भी हरिद्वार और ठाणे में एनडीपीएस एक्ट के मामलों में गिरफ्तार हो चुका है। गुजरात एटीएस अब इस पूरे अंतरराज्यीय तस्करी नेटवर्क की गहन जांच में जुट गई है।3
- जोधपुर में दिनदहाड़े एक चोरी की घटना सामने आई है, जहाँ एक चोर स्प्लेंडर बाइक से आया और उसे वहीं छोड़कर घर के बाहर खड़ी एक बुलेट मोटरसाइकिल लेकर फरार हो गया। यह घटना ज्वाला विहार फर्स्ट पूलिया के पास बताई जा रही है, जिसकी पूरी वारदात सीसीटीवी में कैद हो गई है। बताया गया है कि बुलेट का मालिक युवक सिर्फ दो मिनट के लिए घर के अंदर गया था, और इतने ही समय में चोर मौका देखकर बुलेट लेकर निकल गया। जब युवक बाहर निकला, तो उसकी आँखों के सामने ही चोर उसकी बुलेट लेकर फरार हो गया।1
- राजस्थान के पाली जिले की बाली तहसील के दातीवाडा गाँव में स्थित दूंधेश्वर महादेव मंदिर भक्तों के लिए एक अत्यंत पसंदीदा और पुण्य स्थल है। ऐसी मान्यता है कि यहाँ सच्ची श्रद्धा और विश्वास के साथ की गई सभी मनोकामनाएँ अवश्य पूर्ण होती हैं।1
- खिंवसर में स्थित अचीना भायासा मंदिर से संबंधित एक घटना सामने आई है, जिसे 'बहुत गलत' बताया गया है।1