करैरा नगर परिषद के गणेश घाट पर लगभग 71 लाख की लागत से बना रपटा पर सवाल करैरा नगर परिषद के गणेश घाट पर लगभग 71 लाख की लागत से बना रपटा पहली बारिश में सवालों के घेरे में करैरा। नगर परिषद द्वारा गणेश घाट पर लगभग 71 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित रपटा बनाया गया है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में हुई बारिश के बाद रपटे के किनारे लगाए गए बॉर्डर उखड़कर जमीन में धंसने लगे हैं। बताया जा रहा है कि पानी के बहाव के साथ किनारे लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर की मिलीभगत के चलते नियमों और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण लाखों रुपये की लागत से तैयार निर्माण पहली ही बारिश में कमजोर नजर आने लगा है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले को लेकर उच्च स्तर पर शिकायत लंबित होने की बात सामने आ रही है। हमारी टीम कि इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। निर्माण कार्य की शुरुआत से ही गुणवत्ता और नियमों को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन किया गया था या नहीं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर परिषद और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं? क्या निर्माण की तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदारी तय की जाएगी या फिर लाखों रुपये की लागत से बने इस निर्माण की स्थिति को नजरअंदाज कर दिया जाएगा? गजेन्द्र सिंह कुशवाह मो -9407053212 #करैरा #करैरा_नगर_परिषद #गणेश_घाट #रपटा #निर्माण_कार्य #निर्माण_की_गुणवत्ता #71_लाख_का_रपटा #पहली_बारिश #गुणवत्ता_पर_सवाल #तकनीकी_जांच #निष्पक्ष_जांच #नगर_परिषद #ठेकेदार #इंजीनियर #विकास_कार्य #भ्रष्टाचार #अनियमितता #जनता_की_आवाज #करैरा_फास्ट_न्यूज़ #KareraFastNews #ShivpuriNews #KareraNews #MadhyaPradeshNews
करैरा नगर परिषद के गणेश घाट पर लगभग 71 लाख की लागत से बना रपटा पर सवाल करैरा नगर परिषद के गणेश घाट पर लगभग 71 लाख की लागत से बना रपटा पहली बारिश में सवालों के घेरे में करैरा। नगर परिषद द्वारा गणेश घाट पर लगभग 71 लाख रुपये की लागत से नवनिर्मित रपटा बनाया गया है, लेकिन निर्माण की गुणवत्ता को लेकर अब गंभीर सवाल खड़े हो रहे हैं। हाल ही में हुई बारिश के बाद रपटे के किनारे लगाए गए बॉर्डर उखड़कर जमीन में धंसने लगे हैं। बताया जा रहा है कि पानी के बहाव के साथ किनारे लगातार क्षतिग्रस्त हो रहे हैं, जिससे निर्माण कार्य की गुणवत्ता पर सवाल उठना स्वाभाविक है। स्थानीय ग्रामीणों का आरोप है कि निर्माण कार्य में ठेकेदार और संबंधित इंजीनियर की मिलीभगत के चलते नियमों और गुणवत्ता मानकों की अनदेखी की गई, जिसके कारण लाखों रुपये की लागत से तैयार निर्माण पहली ही
बारिश में कमजोर नजर आने लगा है। सूत्रों के अनुसार, इस मामले को लेकर उच्च स्तर पर शिकायत लंबित होने की बात सामने आ रही है। हमारी टीम कि इस पूरे मामले पर लगातार नजर बनाए हुए है। निर्माण कार्य की शुरुआत से ही गुणवत्ता और नियमों को लेकर उठ रहे सवालों की निष्पक्ष जांच बेहद जरूरी है, ताकि यह स्पष्ट हो सके कि निर्माण में निर्धारित मापदंडों का पालन किया गया था या नहीं। अब सबसे बड़ा सवाल यह है कि नगर परिषद और संबंधित विभाग के जिम्मेदार अधिकारी इस मामले में क्या कार्रवाई करते हैं? क्या निर्माण की तकनीकी जांच कराकर जिम्मेदारी तय की जाएगी या फिर लाखों रुपये की लागत से बने इस निर्माण की स्थिति को नजरअंदाज कर दिया जाएगा? गजेन्द्र सिंह कुशवाह मो -9407053212 #करैरा #करैरा_नगर_परिषद #गणेश_घाट #रपटा #निर्माण_कार्य #निर्माण_की_गुणवत्ता #71_लाख_का_रपटा #पहली_बारिश #गुणवत्ता_पर_सवाल #तकनीकी_जांच #निष्पक्ष_जांच #नगर_परिषद #ठेकेदार #इंजीनियर #विकास_कार्य #भ्रष्टाचार #अनियमितता #जनता_की_आवाज #करैरा_फास्ट_न्यूज़ #KareraFastNews #ShivpuriNews #KareraNews #MadhyaPradeshNews
- शिवपुरी। स्कूल जाते समय हुई मुलाकात, कॉलेज जाते युवक से हुआ प्यार; ग्वालियर स्थित आर्य समाज संस्थान में दोनों ने विवाह कर लिया। शादी के बाद एसपी से मांगी सुरक्षा। शिवपुरी। स्कूल जाते समय हुई मुलाकात, कॉलेज जाते युवक से हुआ प्यार; ग्वालियर स्थित आर्य समाज संस्थान में दोनों ने विवाह कर लिया। शादी के बाद एसपी से मांगी सुरक्षा।1
- ग्राम बांसगढ़ प्राथमिक विद्यालय की जर्जर हालत बनी चिंता का कारण, खस्ताहाल भवन में पढ़ने को मजबूर नौनिहाल शिवपुरी। जिले के प्राथमिक विद्यालय बांसगढ़ में पढ़ने वाले नन्हे बच्चों का भविष्य इन दिनों जर्जर भवन और टूटी-फूटी दीवारों के बीच असुरक्षित नजर आ रहा है। जिस विद्यालय में बच्चे अपने उज्ज्वल भविष्य के सपने लेकर प्रतिदिन पढ़ने पहुंचते हैं, वहीं विद्यालय भवन की खराब स्थिति उनके लिए चिंता का कारण बनी हुई है। विद्यालय भवन की दीवारों में दरारें और छत की जर्जर स्थिति को देखकर कभी भी हादसे की आशंका से इनकार नहीं किया जा सकता। ऐसे में बच्चों की सुरक्षा को लेकर अभिभावकों और ग्रामीणों में चिंता बढ़ती जा रही है। ग्रामीणों का आरोप है कि कई बार जिम्मेदार अधिकारियों का ध्यान विद्यालय की बदहाल स्थिति की ओर आकर्षित कराया गया, लेकिन अभी तक समस्या का स्थायी समाधान नहीं किया गया। ग्रामीणों का कहना है कि बच्चों को सुरक्षित और बेहतर शैक्षणिक वातावरण उपलब्ध कराना प्रशासन की प्राथमिक जिम्मेदारी होनी चाहिए। अभिभावक भी असमंजस में हैं कि आखिर वे अपने बच्चों को ऐसी स्थिति में विद्यालय भेजें तो उनकी सुरक्षा की जिम्मेदारी कौन लेगा। ग्रामीणों ने मांग की है कि किसी अप्रिय घटना का इंतजार करने के बजाय विद्यालय भवन की तत्काल तकनीकी जांच कराई जाए। ग्रामीणों ने शासन-प्रशासन से मांग की है कि जांच के बाद भवन का शीघ्र जीर्णोद्धार अथवा नए भवन का निर्माण कराया जाए। साथ ही जब तक भवन सुरक्षित घोषित नहीं होता, तब तक बच्चों की कक्षाएं किसी सुरक्षित स्थान पर संचालित की जाएं। अब देखना यह होगा कि बच्चों की सुरक्षा से जुड़े इस मामले में जिम्मेदार विभाग कब तक ठोस कदम उठाता है। गजेन्द्र सिंह कुशवाह मो - 9407053212 #शिवपुरी #बांसगढ़ #प्राथमिकविद्यालय #स्कूलकीबदहाली #जर्जरविद्यालयभवन #बच्चोंकीसुरक्षा #शिक्षाव्यवस्था #स्कूलभवन #ग्रामीणशिक्षा #शिवपुरीन्यूज़ #मध्यप्रदेश #प्रशासन #शिक्षाविभाग #बच्चोंकाभविष्य #KareraFastNews #करैरा_फास्ट_न्यूज़ #BreakingNews #LocalNews1
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- #शिवजी_की_सत_साधना_करो आवागमन (जन्म-मृत्यु) के चक्र में भ्रमण करते रहते हैं। इसलिए जन्म-मृत्यु के चक्र से सदा के लिए मुक्ति दिलाने वाली भक्ति विधि जानने के लिए देखिए Sant Rampal Ji Maharaj YouTube Channel Gudda Guddi ka Khel Band Karo1
- Post by उमाशंकर कुशवाहा1
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