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Looking to Buy Area (dimensions) : 2000 City / Locality : बीकानेर Property Type : Independent House / Villa Property Condition : New Bedrooms (BHK) : 2 BHK Furnishing : Unfurnished रहने के लिए
देवाराम
Looking to Buy Area (dimensions) : 2000 City / Locality : बीकानेर Property Type : Independent House / Villa Property Condition : New Bedrooms (BHK) : 2 BHK Furnishing : Unfurnished रहने के लिए
More news from Rajasthan and nearby areas
- भरत तिवारी के एनकाउंटर को लेकर गंभीर सवाल उठ खड़े हुए हैं, जिस पर उनके परिवार ने कड़ी आपत्ति जताई है। यह मुठभेड़ फेसबुक लाइव के दौरान हुई थी। परिवार के सदस्यों का रो-रोकर बुरा हाल है और वे प्रशासन से इस मामले की निष्पक्ष जांच कराकर पूरी सच्चाई सामने लाने की मांग कर रहे हैं।1
- बीकानेर लौट रही कुछ महिला यात्रियों ने नीलम ट्रेवल्स पर गंभीर आरोप लगाए हैं। यात्रियों का कहना है कि ऑनलाइन बुकिंग होने के बावजूद उन्हें सीटें नहीं दी गईं। उनकी शिकायत के अनुसार, बस में एक ही सीट पर दो-दो यात्रियों की बुकिंग की गई थी। जब यात्रियों ने इस अनियमितता का विरोध किया, तो उनके साथ अभद्र व्यवहार किया गया। इस पूरे मामले को लेकर महिला यात्रियों ने पुलिस प्रशासन से शिकायत दर्ज कराई है।1
- श्रीडूंगरगढ़ के बीदासर रोड पर निर्माणाधीन रेलवे ओवरब्रिज के काम में ठेकेदार की घोर लापरवाही सामने आई है, जिसके कारण आंधी-तूफान की वजह से लगातार दुर्घटना का खतरा बढ़ता जा रहा है। रेलवे पुल बनाने के लिए सड़क पर कई गहरे गड्ढे खोदे गए हैं, जिनमें कंक्रीट डालकर पिलर निर्माण का कार्य चल रहा है। इस व्यस्ततम इलाके में ट्रैफिक को डायवर्ट तो किया गया है, लेकिन गड्ढों के किनारे न तो पूरी तरह से फेंसिंग की गई है और न ही सही तरीके से बैरिकेड लगाकर रास्ते को बंद किया गया है। स्थानीय निवासी इंद्र सिंह ने बताया कि ठेकेदार को बार-बार शिकायत करने के बाद भी वह ध्यान नहीं दे रहा है। बैरिकेड के लिए लगाए गए लोहे के टीन आंधी-तूफान में उड़ रहे हैं, जिससे जान-माल के नुकसान का डर है। ठेकेदार रेलवे पुल बनाने के दौरान बरती जाने वाली आवश्यक सावधानियों का पालन नहीं कर रहा है, जिससे रात के समय दुर्घटना की आशंका और भी बढ़ जाती है। इन उड़ते हुए लोहे के टीन की वजह से स्थानीय दुकानदारों को भी डर सता रहा है कि कहीं ये उनकी दुकानों पर न गिर जाएं। उल्लेखनीय है कि कुछ दिन पहले आए आंधी-तूफान ने श्रीडूंगरगढ़ शहर के बीदासर रोड पर बड़े-बड़े गोदामों और वेयरहाउस को भारी नुकसान पहुंचाया था और उनके टीन शेड हवा में उड़ गए थे। यदि इस समस्या पर समय रहते ध्यान नहीं दिया गया, तो कभी भी एक बड़ा हादसा हो सकता है।1
- बीकानेर के छत्तरगढ़ सत्तासर क्षेत्र में पिछले एक माह से लगातार जारी विद्युत कटौती से ग्रामीण भीषण गर्मी में बेहाल हैं। पूरे दिन बिजली के बार-बार आने-जाने के कारण ग्रामीणों को भारी दिक्कतों का सामना करना पड़ रहा है। बिजली आधारित छोटे-बड़े सभी उद्योग ठप पड़े हैं, जिससे व्यापारियों का कारोबार पूरी तरह रुक गया है। विद्युत आपूर्ति के अभाव में पेयजल व्यवस्था भी बुरी तरह से प्रभावित हुई है। इस गंभीर समस्या के बावजूद विभाग द्वारा अब तक कोई कार्रवाई नहीं की गई है, और ग्रामीण इस आस में हैं कि आखिर कब तक बिजली की व्यवस्था सुचारू रूप से बहाल होगी।1
- नागौर जिले के पादूकलां कस्बे के श्री चारभुजानाथ मंदिर में आयोजित सात दिवसीय अखंड हरि कीर्तन एवं खड़ी सप्ताह महोत्सव का शनिवार को धार्मिक अनुष्ठानों, हवन-यज्ञ और भव्य शोभायात्रा के साथ श्रद्धापूर्वक समापन हुआ। समापन अवसर पर मंदिर परिसर हरिनाम संकीर्तन, वैदिक मंत्रोच्चार और चारभुजानाथ के जयकारों से गुंजायमान रहा। इस दौरान बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं ने भगवान चारभुजानाथ के दर्शन कर दान-पुण्य एवं गौसेवा का लाभ लिया। महोत्सव के तहत शुक्रवार रात्रि को साधु-संतों के सानिध्य में आयोजित ‘एक शाम चारभुजा के नाम’ विशाल भजन संध्या श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र रही। कार्यक्रम का शुभारंभ भगवान चारभुजानाथ की प्रतिमा के समक्ष दीप प्रज्वलन से हुआ, जिसमें रानाबाई मंदिर के महंत पांचारामजी महाराज एवं भजन कलाकारों का राजस्थानी परंपरा अनुसार माला व शॉल ओढ़ाकर स्वागत एवं सम्मान किया गया। भजन गायक सुशील भादू नथावड़ी ने गणपति वंदना से शुरुआत करते हुए गुरु महिमा, राम भक्ति एवं चारभुजानाथ की महिमा का गुणगान किया, जिसमें उन्होंने “मारा चारभुजा नाथ मांगू जो तो सगलो दीजो”, “सांवरिया री बड़ी अपार, कृपा बरस रही जी बरस रही, समझो तो बेड़ा पार” जैसे भजनों की प्रस्तुति देकर श्रद्धालुओं को मंत्रमुग्ध कर दिया। कैलाश वैष्णव ने ‘मायड़ थारो वो पूत कठे’ व ‘वाह-वाह रे मौज फकीरा की’ भजन की सुमधुर प्रस्तुति से श्रद्धालुओं को भावविभोर कर भक्तिमय माहौल बना दिया, और देर रात तक श्रद्धालु भक्ति रस में डूबे रहे। शनिवार को महोत्सव के अंतिम दिवस पंडित हस्तीमल उपाध्याय के सानिध्य में हवन-यज्ञ एवं पूर्णाहुति कार्यक्रम आयोजित हुआ। मुख्य यजमान मुकेश बोहरा एवं उनकी धर्मपत्नी ने गौरी-गणेश, श्री चारभुजानाथ एवं भगवान विष्णु का विधिवत पूजन कर यज्ञ में आहुतियां अर्पित की तथा गांव की सुख-समृद्धि, परिवार की खुशहाली और लोककल्याण की कामना की। इस अवसर पर संतों ने धर्म, संस्कार, गौसेवा एवं माता-पिता की सेवा का महत्व बताते हुए सत्कर्म और संतों के आशीर्वाद को जीवन की अमूल्य पूंजी बताया। कार्यक्रम में विद्वान पंडितों का सम्मान किया गया तथा महाआरती के बाद श्रद्धालुओं को प्रसाद वितरित किया गया। देर शाम निकली भव्य शोभायात्रा ने पूरे गांव को भक्तिमय बना दिया। डीजे पर बज रहे धार्मिक भजनों एवं राजस्थानी लोकगीतों की धुन पर महिला-पुरुष श्रद्धालु झूमते हुए शामिल हुए। गुलाल की रंगत और चारभुजानाथ के जयकारों के बीच शोभायात्रा गांव के प्रमुख मार्गों से होकर पुनः मंदिर पहुंची, जहां महाआरती के साथ सात दिवसीय अखंड हरि कीर्तन महोत्सव का विधिवत समापन हुआ। पूरे दिन पादूकलां गांव भक्ति और आस्था के रंग में सराबोर नजर आया।4
- बिहार के चर्चित भरत तिवारी एनकाउंटर मामले ने अब एक बड़ा राजनीतिक और सामाजिक रूप ले लिया है, जहाँ उनकी मौत के बाद लगातार नए सवाल खड़े हो रहे हैं और यह विवाद दिन-ब-दिन गहराता जा रहा है। परिजनों, विशेषकर उनकी बहनों, का गंभीर आरोप है कि भरत तिवारी को लंबे समय से पुलिस द्वारा मानसिक रूप से प्रताड़ित किया जा रहा था और उन पर लगातार दबाव बनाया जा रहा था। परिवार का दावा है कि घटना वाले दिन भरत तिवारी ने पुलिस को देखते ही फेसबुक लाइव शुरू कर दिया था, ताकि पूरी घटना रिकॉर्ड हो सके और उनके साथ किसी भी प्रकार की धोखाधड़ी न हो। परिजनों के अनुसार, उस फेसबुक लाइव वीडियो में भरत तिवारी अपने हाथ में मौजूद तमंचा फेंकते हुए दिखाई देते हैं। वे कहते हैं कि हथियार छोड़ने के बावजूद पुलिस ने उनका एनकाउंटर कर दिया, जिससे पूरे मामले की कार्रवाई पर गंभीर सवाल उठ गए हैं। मामले में संबंधित दरोगा को निलंबित किए जाने के बाद भी विवाद थमता नजर नहीं आ रहा है। भरत तिवारी के समर्थकों और परिजनों का कहना है कि यदि कार्रवाई में कोई गलती हुई है, तो केवल एक दरोगा को जिम्मेदार ठहराकर इस मामले को खत्म नहीं किया जा सकता। वे सवाल उठाते हैं कि इतनी बड़ी कार्रवाई किसी एक अधिकारी के स्तर पर कैसे हो सकती है और क्या इसके पीछे उच्च स्तर के निर्देश थे। भरत तिवारी की माँ और बहनों का रो-रो कर बुरा हाल है, और वे सीएम चौधरी पर भी गंभीर आरोप लगा रही हैं। परिजनों की मांग है कि मामले की निष्पक्ष और पारदर्शी जांच होनी चाहिए ताकि सच्चाई सामने आ सके। वहीं दूसरी ओर, पुलिस और प्रशासन का अपना पक्ष है, जिसके अनुसार यह कार्रवाई कानून और परिस्थितियों के अनुरूप की गई थी। भरत तिवारी की मौत के बाद बिहार सहित देश के कई हिस्सों में कथित फर्जी एनकाउंटरों को लेकर बहस एक बार फिर तेज हो गई है। सोशल मीडिया पर भी लोग इस मामले को लेकर अपनी-अपनी राय व्यक्त कर रहे हैं। कई सामाजिक संगठनों और राजनीतिक दलों ने मामले की निष्पक्ष जांच की मांग की है, जबकि कुछ लोगों का तर्क है कि जांच पूरी होने से पहले किसी निष्कर्ष पर पहुंचना उचित नहीं होगा। फिलहाल यह मामला न्यायिक जांच के दायरे में है, और सभी की निगाहें जांच रिपोर्ट पर टिकी हुई हैं। जांच पूरी होने के बाद ही यह स्पष्ट हो पाएगा कि एनकाउंटर किन परिस्थितियों में हुआ था।1
- बीकानेर के स्थानीय समाचारों का आज का नवीनतम अपडेट जारी कर दिया गया है।1