मुरादाबाद पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 226 किलोग्राम अवैध गांजा नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग कमेटी की देखरेख में की गई, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय और गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, कुल 226 किलोग्राम अवैध गांजे को थाना छजलैट क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर विश्नोई स्थित सुशीला बायो मेडिकल वेस्टेज प्लांट में पूरी तरह से नष्ट किया गया। नष्ट किया गया गांजा जिले के दो अलग-अलग थानों में दर्ज दो मुकदमों से संबंधित था, जिनकी अपील अवधि अब समाप्त हो चुकी है। इस प्रक्रिया के दौरान, जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी के सदस्य मौजूद रहे, जिनमें पुलिस अधीक्षक अपराध सुभाष चन्द्र गंगवार और पुलिस उपाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता प्रमुख रूप से उपस्थित थे। छजलैट थाना अध्यक्ष रमेश कुमार सहरावत ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई जनपद स्तर से की गई।
मुरादाबाद पुलिस ने वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक के निर्देशों पर थाना क्षेत्र में नशीले पदार्थों की तस्करी के खिलाफ एक बड़ी कार्रवाई करते हुए 226 किलोग्राम अवैध गांजा नष्ट कर दिया है। यह कार्रवाई जिला स्तरीय ड्रग कमेटी की देखरेख में की गई, जिसमें सर्वोच्च न्यायालय और गृह मंत्रालय के दिशा-निर्देशों का पालन किया गया। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक सतपाल अंतिल के नेतृत्व में चलाए जा रहे विशेष अभियान के तहत, कुल 226 किलोग्राम अवैध गांजे को थाना छजलैट क्षेत्र के ग्राम फत्तेपुर विश्नोई स्थित सुशीला बायो मेडिकल वेस्टेज प्लांट में पूरी तरह से नष्ट किया गया। नष्ट किया गया गांजा जिले के दो अलग-अलग थानों में दर्ज दो मुकदमों से संबंधित था, जिनकी अपील अवधि अब समाप्त हो चुकी है। इस प्रक्रिया के दौरान, जिला स्तरीय ड्रग डिस्पोजल कमेटी के सदस्य मौजूद रहे, जिनमें पुलिस अधीक्षक अपराध सुभाष चन्द्र गंगवार और पुलिस उपाध्यक्ष कुलदीप गुप्ता प्रमुख रूप से उपस्थित थे। छजलैट थाना अध्यक्ष रमेश कुमार सहरावत ने पुष्टि की कि यह कार्रवाई जनपद स्तर से की गई।
- कांठ थाना क्षेत्र में पति-पत्नी के बीच चल रहे विवाद ने गंभीर मोड़ ले लिया है। न्याय की गुहार लेकर थाने पहुंचे एक युवक ने जहर खाकर आत्महत्या का प्रयास करने का आरोप लगाया है।1
- अब बिजली के बिलों पर भी लोगों को भारी मार का सामना करना पड़ रहा है। यह स्थिति आम जनता के लिए एक नई परेशानी बनकर सामने आई है।1
- एक बच्ची को उसके परिवार से मिलाने के लिए एक वीडियो को अधिक से अधिक साझा करने की अपील की जा रही है। लोगों से अनुरोध किया गया है कि वे इस लड़की को उसके माता-पिता तक पहुंचाने में सहयोग करें।1
- जानकारी सामने आई है कि नेहरू प्लेस इलाके में सक्रिय नकली भिखारी असली अभिनय का प्रदर्शन करते हुए लोगों को ठग रहे हैं। इन भिखारियों का एक निश्चित रूटीन है, जिसके तहत वे हर शाम 6 बजे के बाद ओखला मंडी रेलवे स्टेशन से ट्रेन पकड़कर फरीदाबाद चले जाते हैं।1
- मिली जानकारी के अनुसार, अब किसी को भी मोदी की सरकार नहीं चाहिए।1
- पश्चिम बंगाल के हुगली में तृणमूल सांसद कल्याण बनर्जी पर हमले की खबर सामने आई है। यह घटना चंडीतला पुलिस स्टेशन के सामने हुई, जहां टीएमसी सांसद ने आरोप लगाया है कि उन पर बीजेपी कार्यकर्ताओं ने हमला किया और उनके सिर पर पत्थर या गेंद जैसी किसी चीज़ से चोट पहुंचाई है। हालांकि, बीजेपी ने इन दावों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि कल्याण बनर्जी घायल नहीं हुए हैं, बल्कि केवल 'ड्रामा' कर रहे हैं। जानकारी के अनुसार, कल्याण बनर्जी अभिषेक बनर्जी पर हुए कथित हमले और गिरफ्तार किए गए टीएमसी नेताओं तथा कार्यकर्ताओं की रिहाई की मांग को लेकर चंडीतला थाना ज्ञापन देने पहुंचे थे। ज्ञापन सौंपने से पहले ही तृणमूल और बीजेपी कार्यकर्ताओं के बीच तीखी नारेबाजी शुरू हो गई। इस दौरान बीजेपी कार्यकर्ताओं ने कथित तौर पर तृणमूल समर्थकों के खिलाफ "चोर-चोर" के नारे लगाए, जिससे माहौल और तनावपूर्ण हो गया। किसी भी अप्रिय स्थिति से निपटने के लिए मौके पर भारी संख्या में पुलिस बल और केंद्रीय सुरक्षा बल तैनात किए गए थे। इसी गहमा-गहमी के दौरान किसी ने उन पर गेंद या पत्थर जैसी चीज़ से हमला कर दिया, जिससे उनके सिर में चोट लगने का दावा किया गया है। कल्याण बनर्जी को अपने सिर पर भीगा हुआ रुमाल रखे हुए देखा गया, और उन्होंने घटना पर नाराजगी व्यक्त करते हुए आरोप लगाया कि लोकतांत्रिक तरीके से विरोध दर्ज कराने जा रहे लोगों पर हमला किया गया। वहीं, बीजेपी ने कल्याण बनर्जी के चोट लगने के दावों को "झूठा" करार दिया। बीजेपी का कहना है कि कल्याण बनर्जी "ड्रामा" कर रहे हैं और उन्हें कोई चोट नहीं आई है। पार्टी ने यह भी कहा कि वह अभिषेक बनर्जी के मामले से लोगों का ध्यान भटकाना चाहते हैं।1